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आयोग, परीक्षा ,तैयारी के चक्कर में ये जरूरी बात न भूल जाइएगा मित्रो 😊😊 🌺
🤣53😁3❤1
PCS PMI
सुनवाई के बाद हो सकता है आज जारी कर दे मैंस की डेट वही है लेकिन 26 प्रीलिम्स😢😢 @pcspmi
Isiliye rone wala banaya tha😭😭😭
😭16❤1
आयोग 26 में प्री क्यों करवा रहा
26 और 27 का एक साथ मार्च 27 में करवा लें न😒
26 और 27 का एक साथ मार्च 27 में करवा लें न😒
😭8😁7🤯3❤2💯2
PCS PMI
24 का 2026 25 का 2027 26 का 2028
जब मैने ये लिखा था 20 जनवरी को तब सब कह रहे थे एडमिन डिमोटिवेट कर रहा
अब मिल गया मोटिवेशन😒😒😒
अब मिल गया मोटिवेशन😒😒😒
🤣25🤡3❤1
सबसे ज्यादा फायदा कोर्स बेचने वाले को होगा
अब कहेंगे बहुत टाइम है सब प्री पास होंगे बस मेरा बैच ज्वाइन करिए जल्द से जल्द मौका हाथ से निकल न जाए🙂↔️🙂↔️
अब कहेंगे बहुत टाइम है सब प्री पास होंगे बस मेरा बैच ज्वाइन करिए जल्द से जल्द मौका हाथ से निकल न जाए🙂↔️🙂↔️
🤣40
आयोग अभ्यर्थीयों से -
तुझ को बर्बाद तो होना था बहर-हाल 'ख़ुमार'
नाज़ कर नाज़ कि मैंने तुझे बर्बाद किया
🤣
तुझ को बर्बाद तो होना था बहर-हाल 'ख़ुमार'
नाज़ कर नाज़ कि मैंने तुझे बर्बाद किया
🤣
🤣23❤8😈3
**“आयोग इस भ्रम के लिए खेद व्यक्त करता है कि उसके भीतर तर्क, बुद्धि या समयबद्धता जैसे पुराने औपनिवेशिक विचार अब भी प्रचलन में हैं।
आयोग स्पष्ट करना चाहता है कि प्रारंभिक परीक्षा जून–सितंबर के बीच कराना एक तार्किक निर्णय नहीं बल्कि एक प्रशासनिक रोमांच है, जिसमें अनिश्चितता ही हमारी पहचान है।
सरकारी सिस्टम की ‘फुटी टांग’ को दोष देना अनुचित है, क्योंकि उसी टांग पर पूरी व्यवस्था वर्षों से सफलतापूर्वक लंगड़ाती आ रही है।
जहाँ तक भ्रष्टाचार का प्रश्न है, आयोग इसे ‘सांस्कृतिक निरंतरता’ मानता है, न कि समस्या।
आयोग यह भी स्वीकार करता है कि कुछ अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा एक प्रतियोगिता है, परन्तु अधिकांश के लिए यह धैर्य, बेरोज़गारी और मानसिक सहनशक्ति की दीर्घकालिक प्रशिक्षण योजना है।
पारदर्शिता के नाम पर आयोग जनता को आश्वस्त करता है कि सभी निर्णय अत्यंत गोपनीय ढंग से लिए जाते हैं, ताकि किसी को समय से समझ न आ सके।
आयोग को आपकी चिंता प्राप्त हुई — और उसे नियमानुसार ‘विचाराधीन’ फ़ाइल में डाल दिया गया है, जहाँ वह अन्य महत्वपूर्ण फ़ाइलों के साथ अनंत विश्राम करेगी।”**
— आयोग (जनसेवा में रत, तर्क से विरत) FOR DEAR TANTRIK
आयोग स्पष्ट करना चाहता है कि प्रारंभिक परीक्षा जून–सितंबर के बीच कराना एक तार्किक निर्णय नहीं बल्कि एक प्रशासनिक रोमांच है, जिसमें अनिश्चितता ही हमारी पहचान है।
सरकारी सिस्टम की ‘फुटी टांग’ को दोष देना अनुचित है, क्योंकि उसी टांग पर पूरी व्यवस्था वर्षों से सफलतापूर्वक लंगड़ाती आ रही है।
जहाँ तक भ्रष्टाचार का प्रश्न है, आयोग इसे ‘सांस्कृतिक निरंतरता’ मानता है, न कि समस्या।
आयोग यह भी स्वीकार करता है कि कुछ अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा एक प्रतियोगिता है, परन्तु अधिकांश के लिए यह धैर्य, बेरोज़गारी और मानसिक सहनशक्ति की दीर्घकालिक प्रशिक्षण योजना है।
पारदर्शिता के नाम पर आयोग जनता को आश्वस्त करता है कि सभी निर्णय अत्यंत गोपनीय ढंग से लिए जाते हैं, ताकि किसी को समय से समझ न आ सके।
आयोग को आपकी चिंता प्राप्त हुई — और उसे नियमानुसार ‘विचाराधीन’ फ़ाइल में डाल दिया गया है, जहाँ वह अन्य महत्वपूर्ण फ़ाइलों के साथ अनंत विश्राम करेगी।”**
— आयोग (जनसेवा में रत, तर्क से विरत) FOR DEAR TANTRIK
😁14✍5❤5
Good night
कैलेंडर का प्रिंट निकाल लो...
और अब बस चिंतन करो..
धन्यवाद आयोग
छात्र अभी तक ज़िंदा हैं।
कैलेंडर का प्रिंट निकाल लो...
और अब बस चिंतन करो..
धन्यवाद आयोग
छात्र अभी तक ज़िंदा हैं।
🤣31👍7❤1💯1
What is the moral basis of the work performance in the system of governance? Discuss in the light of result contingent and result non-contingent karma. UP-PCS 2024 GS IV. (contingent-non contingent , javed Akhtar)
😁22💯2
PCS PMI
शुभ प्रभात मेरे परिवारजनों ❤️ समय कम है, पढ़ाई लिखाई तेज कर दीजिए।😐
समीक्षा अधिकारी मैंस में😐😐
😁20💊2
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मैंस में हिंदी मीडियम से इंग्लिश मीडियम स्विच करने के बाद मैं 😐😐
🤣55❤1😁1😈1