PCS PMI
6.41K subscribers
4.79K photos
508 videos
635 files
327 links
यह ग्रुप विशेषतः PCS प्री, मेन्स, इंटरव्यू और यूपी के अन्य एग्जाम के संबंध में सभी अपडेट यानी अधिसूचना, प्रश्न पत्र, उत्तर कुंजी, कोर्ट के जजमेंट, रिजल्ट आदि के लिए समर्पित है। @pcspmi
Download Telegram
शुभ संध्या मेरे परिवारजनों
😁33💯6🤔4👍2
PCS PMI
PET @pcspmi
पेट की तैयारी तेज कर दीजिए मेरे परिवारजनों

भयंकर वेकेंसी आने वाली है😌

अखबारों में
😁37😈1
😁13👍1
👍11
पथ पर
चलते रहो निरंतर

सूनापन हो
या निर्जन हो

पथ पुकारता है
गत-स्वप्न हो

पथिक,
चरण-ध्वनि से

दो उत्तर
पथ पर

चलते रहो निरंतर
❤22👍2
UPSSSC_PET_2025 New.pdf
7 MB
PET 2025


@pcspmi
👍7😁1
इस पेट को सभी लोग दीजिए तीन साल की वैधता रहेगी

@pcspmi
👍27😁10😈4❤2🤔2
👏1
शुभ प्रभात मेरे परिवारजनों ❤️
😁8❤3
आज भारतीय कृषि के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ा है...

पूसा, नई दिल्ली में विश्व की पहली जीनोम-संपादित धान की दो किस्मों ‘DRR Dhan 100 (Kamala)’ और ‘Pusa Rice DST1’ का लोकार्पण किसानों को आत्मनिर्भर तथा समृद्ध बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। धान की ये दोनों नई किस्में 30% अधिक उत्पादन देने में सक्षम हैं और 20 दिन पहले तैयार हो जाती हैं। इसका लाभ यह होगा कि किसानों को अगली फसल की तैयारी के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी और उत्पादन लागत में कमी आएगी।
🥰23👍14🔥5
भीड़ के इस समन्दर में हम अजनबी
एक अदृश्य बंधन में बंध कर रहे
जंगलों में रहे, पर्वतों में रहे
हम जहाँ भी रहे कोरे कागज रहे

तुमने छोड़ा शहर
नाव तट से खुली
शंख देखा किए रेत की प्यास को....
❤16🔥3👍1
शुभ प्रभात मेरे परिवारजनों ❤️
❤6
हिंदी का शोधार्थी, ‘शादी नहीं हो रही है और सर गंजा हो रहा है’—की हालत में होता है। वह कुंठा-गणित में अव्वल और त्रिफ़ला-चूर्ण-सेवी होता है। वह ढेंकरते (डकारते) हुए बोलता है और ख़राश मिटाते हुए हस्तक्षेप करता है। वह संबंधों के प्रति हमेशा नियोजित दृष्टि रखता है।
हिंदी का शोधार्थी कोई ऐसा काम नहीं करता, जिससे अगले पाँच-छह सालों में उसका कोई नुक़सान हो।-अखिलेश सिंह 04 मई 2025
😁15👍5🤣4
ऑपरेशन के बाद
डॉक्टर कहते हैं :
ऑपरेशन की जगह पर
दर्द बिलकुल न होता हो
तो वह किसी ख़तरनाक
बीमारी का लक्षण है
वह कैंसर भी
हो सकता है

दर्द है इस समाज को
बहुत है
पर उस दुख के
कारणों पर कोई
रैडिकल बहस नहीं है
न उसके पीछे छिपी
ताक़तों को पहचानने
और उनका प्रतिकार करने जितनी
युयुत्सा है

सिर्फ़ फ़ौरी समाधान
और इलाज हैं
और वे ही इतने महँगे
और जटिल हैं
कि उनमें एक भूलभुलैया है
जिसमें चलते हुए हमें लगता है
कि हम वस्तुतः
संघर्ष कर रहे हैं

पर वह संघर्ष नहीं
उसका मिथ होता है
वह इतना निजी होता है
कि कैंसर होता है..


पंकज चतुर्वेदी
जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय
👏14👍3
👍5
👍9
क्या लगता है मेरे परिवारजनों
😁48🌚6
❤5