This media is not supported in your browser
VIEW IN TELEGRAM
ये कौनसा तरीका है पढ़ाने का।
ओझा कट्टा चलाये
ये चप्पल चला रहा 😂
ओझा कट्टा चलाये
ये चप्पल चला रहा 😂
😁26❤3🌚3
PCS PMI
ये कौनसा तरीका है पढ़ाने का। ओझा कट्टा चलाये ये चप्पल चला रहा 😂
C है बच्चों को पीटना चाहिए उल्टा इसे😡
👍10
👍5
सेवा में,
माननीय प्रधान न्यायाधीश महोदय, भारतवर्ष,
सर्वोच्च न्यायालय,
नई दिल्ली - 110001
विषय: WRIT-A(WRIA)-[4381/2025], जो माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद के समक्ष विचाराधीन के संबंध में।
महोदय,
सविनय निवेदन यह है कि हम प्रार्थीगण उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के प्रवर अधीनस्थ सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2024, विज्ञापन सं0 A-1/E-1/2024 जो दिनांक 01.01.2024 को जारी हुआ था जिसकी प्रारंभिक परीक्षा दिनांक 22.12.2024 को आयोजित की गयी। प्रारंभिक परीक्षा सम्पन्न होने के उपरांत लोक सेवा आयोग, प्रयागराज, उ0 प्र0 ने प्रश्न पुस्तिका पर ही अपने विशेषज्ञों द्वारा मान्य प्रश्नों की उत्तर कुंजी जारी किया। इसके बाद माननीय आयोग ने प्रश्नों पर आपत्तियां, साक्ष्य सहित आमंत्रित की, जिसका प्रत्युत्तर में अभ्यर्थियों ने सम्यक साक्ष्य प्रस्तुत किये।
महोदय, लोक सेवा आयोग, प्रयागराज, उ0 प्र0 अभ्यर्थियों के आपत्तियों का निस्तारण किये बगैर और अंतिम उत्तर कुंजी जारी किये बिना प्रवर अधीनस्थ सेवा प्रारंभिक परीक्षा – 2024 के परिणाम जारी कर दिये। परीक्षा परिणाम के बाद, परिणाम में भारी अनियमितताएं एवं विसंगतियां पायी गईं, यथा:
लोक सेवा आयोग उ0 प्र0 द्वारा जारी उत्तर कुंजी के अनुसार अधिक प्राप्तांक वाले अभ्यर्थी प्रारंभिक परीक्षा परिणाम से बाहर तथा न्यूनतम प्राप्तांक वाले अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा के लिए सफल पाये गये।
लोक सेवा आयोग उ0 प्र0 द्वारा प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा 2024 की अंतिम उत्तर कुंजी जारी न करना।
माननीय आयोग द्वारा श्रेणीवार न्यूनतम प्राप्तांक जारी न करना।
माननीय आयोग द्वारा भारी संख्या में प्रश्नों के उत्तर को डिलीट करना एवं उत्तर परिवर्तन से परीक्षा परिणाम प्रभावित होना।
महोदय, उपरोक्त बिन्दुओं के आधार पर लोक सेवा आयोग, उ0प्र0 की सुसंगत कार्य प्रणाली, जवाबदेहिता, निष्पक्षता, पारदर्शिता आदि बिन्दुओं पर गंभीर प्रश्न खड़े होते हैं, जो अत्यन्त निराशाजनक एवं अभ्यर्थियों के भविष्य पर कुठाराघात है।
अतः महोदय आपसे विनम्र निवेदन है कि याचिका सं0 WRIT-A(WRIA)-[4381/2025], जो माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद के समक्ष विचाराधीन है, को संज्ञान में लेकर हम पीड़ित अभ्यर्थियों की पीड़ा को समझे और दिनांक 29.06.2025 से प्रस्तावित मुख्य परीक्षा पर तत्काल रोक लगानें की कृपा करें जिससे कि प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम में अनियमितता से वंचित अभ्यर्थियों को न्याय प्राप्त हो सके।
दिनांक: 02.06.2025
प्रार्थीगण
समस्त लोक सेवा आयोग, उ0 प्र0 के प्रारंभिक परीक्षा – 2024 के परिणाम से प्रभावित अभ्यर्थीगण।
साभार........
@pcspmi
माननीय प्रधान न्यायाधीश महोदय, भारतवर्ष,
सर्वोच्च न्यायालय,
नई दिल्ली - 110001
विषय: WRIT-A(WRIA)-[4381/2025], जो माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद के समक्ष विचाराधीन के संबंध में।
महोदय,
सविनय निवेदन यह है कि हम प्रार्थीगण उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के प्रवर अधीनस्थ सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2024, विज्ञापन सं0 A-1/E-1/2024 जो दिनांक 01.01.2024 को जारी हुआ था जिसकी प्रारंभिक परीक्षा दिनांक 22.12.2024 को आयोजित की गयी। प्रारंभिक परीक्षा सम्पन्न होने के उपरांत लोक सेवा आयोग, प्रयागराज, उ0 प्र0 ने प्रश्न पुस्तिका पर ही अपने विशेषज्ञों द्वारा मान्य प्रश्नों की उत्तर कुंजी जारी किया। इसके बाद माननीय आयोग ने प्रश्नों पर आपत्तियां, साक्ष्य सहित आमंत्रित की, जिसका प्रत्युत्तर में अभ्यर्थियों ने सम्यक साक्ष्य प्रस्तुत किये।
महोदय, लोक सेवा आयोग, प्रयागराज, उ0 प्र0 अभ्यर्थियों के आपत्तियों का निस्तारण किये बगैर और अंतिम उत्तर कुंजी जारी किये बिना प्रवर अधीनस्थ सेवा प्रारंभिक परीक्षा – 2024 के परिणाम जारी कर दिये। परीक्षा परिणाम के बाद, परिणाम में भारी अनियमितताएं एवं विसंगतियां पायी गईं, यथा:
लोक सेवा आयोग उ0 प्र0 द्वारा जारी उत्तर कुंजी के अनुसार अधिक प्राप्तांक वाले अभ्यर्थी प्रारंभिक परीक्षा परिणाम से बाहर तथा न्यूनतम प्राप्तांक वाले अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा के लिए सफल पाये गये।
लोक सेवा आयोग उ0 प्र0 द्वारा प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा 2024 की अंतिम उत्तर कुंजी जारी न करना।
माननीय आयोग द्वारा श्रेणीवार न्यूनतम प्राप्तांक जारी न करना।
माननीय आयोग द्वारा भारी संख्या में प्रश्नों के उत्तर को डिलीट करना एवं उत्तर परिवर्तन से परीक्षा परिणाम प्रभावित होना।
महोदय, उपरोक्त बिन्दुओं के आधार पर लोक सेवा आयोग, उ0प्र0 की सुसंगत कार्य प्रणाली, जवाबदेहिता, निष्पक्षता, पारदर्शिता आदि बिन्दुओं पर गंभीर प्रश्न खड़े होते हैं, जो अत्यन्त निराशाजनक एवं अभ्यर्थियों के भविष्य पर कुठाराघात है।
अतः महोदय आपसे विनम्र निवेदन है कि याचिका सं0 WRIT-A(WRIA)-[4381/2025], जो माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद के समक्ष विचाराधीन है, को संज्ञान में लेकर हम पीड़ित अभ्यर्थियों की पीड़ा को समझे और दिनांक 29.06.2025 से प्रस्तावित मुख्य परीक्षा पर तत्काल रोक लगानें की कृपा करें जिससे कि प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम में अनियमितता से वंचित अभ्यर्थियों को न्याय प्राप्त हो सके।
दिनांक: 02.06.2025
प्रार्थीगण
समस्त लोक सेवा आयोग, उ0 प्र0 के प्रारंभिक परीक्षा – 2024 के परिणाम से प्रभावित अभ्यर्थीगण।
साभार........
@pcspmi
👍4❤3
न्याय इतना आसानी से नहीं मिलता है इसके लिए संघर्ष करना पड़ेगा
आयोग हर स्तर पर पारदर्शिता खत्म करता जा रहा है यदि ऐसा ही चलता रहा तो आगे आयोग के खिलाफ कोई भी प्रयास करने लायक नहीं बचेगा
आखरी मौका है आयोग को सुधारने का
Supremecourt@nic.in
इस ईमेल आईडी पर कम से कम 10000 मेल करने पड़ेंगे तब जाकर CJI सुमोटो लेकर सुनवाई
कर सकते हैं
ईमेल में ऊपर दिए गए लेटर को पोस्ट करना है
इसको जन आंदोलन बनाने के लिए ज्यादा से ज्यादा संख्या में शेयर करें🙏
उच्च न्यायालय में writ किए लेकिन कोई सुनवाई नहीं ।
न्याय के नाम पर तारीख।
सभी लोग मिलकर आवाज उठाएंगे तो न्यायपालिका,, सरकार,,आयोग सब सुनेंगे।
आशुतोष पांडेय 🙏
@pcspmi
आयोग हर स्तर पर पारदर्शिता खत्म करता जा रहा है यदि ऐसा ही चलता रहा तो आगे आयोग के खिलाफ कोई भी प्रयास करने लायक नहीं बचेगा
आखरी मौका है आयोग को सुधारने का
Supremecourt@nic.in
इस ईमेल आईडी पर कम से कम 10000 मेल करने पड़ेंगे तब जाकर CJI सुमोटो लेकर सुनवाई
कर सकते हैं
ईमेल में ऊपर दिए गए लेटर को पोस्ट करना है
इसको जन आंदोलन बनाने के लिए ज्यादा से ज्यादा संख्या में शेयर करें🙏
उच्च न्यायालय में writ किए लेकिन कोई सुनवाई नहीं ।
न्याय के नाम पर तारीख।
सभी लोग मिलकर आवाज उठाएंगे तो न्यायपालिका,, सरकार,,आयोग सब सुनेंगे।
आशुतोष पांडेय 🙏
@pcspmi
❤14😁1
RCB को अग्रिम शुभकामनाएं😌💐
( 18 साल बाद IPL जीतने के लिए)☺️
PMI की भविष्यवाणी 😁😁
( 18 साल बाद IPL जीतने के लिए)☺️
PMI की भविष्यवाणी 😁😁
❤39😁10👍4🤡4🔥1🥰1🤔1🤯1🕊1
भाई IPL था ये हर साल होता है खिलाड़ी पैसे के लिए खेलते हैं
वर्ल्ड कप नहीं था जो देश के लिए खेला जाता है
वर्ल्ड कप नहीं था जो देश के लिए खेला जाता है
👍35💯2🌚1