बहुधा हमारे जीवन पर उन्हीं के हाथों कठोरतम आघात होता है, जो हमारे सच्चे हितैषी होते हैं।
प्रेमचंद
प्रेमचंद
❤27💯3🥰2💔2🎄1
कोई फ़िल्मी रोमांटिक गाना गुन-गुनाना तक दुष्कर प्रतीत हो रहा है।
एकदम से सोनम, मुस्कान, प्रगति इन सबकी तस्वीर आँखन नू दिख जा रही है
परवाज देखन नू गाना भी बर्बाद कर चुका हूँ।
पुरुष समाज मानसिक रूप से चोटिल है।
डर
विषाद
छोभ
अशांति
अधीरता
भीरूपना
शॉक
शोक
ये सब भाव आ रहे हैं।
तांत्रिक जैसे धैर्यवान पुरुष भी चिंतित हैं।
क्या करें।
एकदम से सोनम, मुस्कान, प्रगति इन सबकी तस्वीर आँखन नू दिख जा रही है
परवाज देखन नू गाना भी बर्बाद कर चुका हूँ।
पुरुष समाज मानसिक रूप से चोटिल है।
डर
विषाद
छोभ
अशांति
अधीरता
भीरूपना
शॉक
शोक
ये सब भाव आ रहे हैं।
तांत्रिक जैसे धैर्यवान पुरुष भी चिंतित हैं।
क्या करें।
😁21💔7🤯4
झरना और कुछ नहीं
वियोग में विस्थापित
हृदय के दो भागों को
जोड़ता हुआ प्रेम है
राहुल भास्करे
वियोग में विस्थापित
हृदय के दो भागों को
जोड़ता हुआ प्रेम है
राहुल भास्करे
🥰12❤1☃1
वे जो लंबी यात्राओं से
थककर चूर हैं उनसे कहो
कि सो जाएँ और सपने देखें
वे जो अभी-अभी
निकलने का मंसूबा ही
बांध रहे हैं
उनसे कहो कि
तुरंत निकल पड़ें
वे जो बंजर भूमि को
उपजाऊ बना रहे हैं
उनसे कहो कि
अपनी खुरदरी हथेलियाँ
छिपाएँ नहीं
इनसे खूबसूरत इस दुनिया में
कुछ नहीं है
केशव तिवारी
थककर चूर हैं उनसे कहो
कि सो जाएँ और सपने देखें
वे जो अभी-अभी
निकलने का मंसूबा ही
बांध रहे हैं
उनसे कहो कि
तुरंत निकल पड़ें
वे जो बंजर भूमि को
उपजाऊ बना रहे हैं
उनसे कहो कि
अपनी खुरदरी हथेलियाँ
छिपाएँ नहीं
इनसे खूबसूरत इस दुनिया में
कुछ नहीं है
केशव तिवारी
❤28🤣1🍾1
आडम्बर में
समाप्त न होने पाए
पवित्रता
और समाप्त न होने पाए
मित्रता
शिष्टाचार में
सम्भावना है
इतना-भर
अवधान-पूर्वक
प्राण-पूर्वक सहेजना है
मित्रता और
पवित्रता को !
भवानी प्रसाद मिश्र
समाप्त न होने पाए
पवित्रता
और समाप्त न होने पाए
मित्रता
शिष्टाचार में
सम्भावना है
इतना-भर
अवधान-पूर्वक
प्राण-पूर्वक सहेजना है
मित्रता और
पवित्रता को !
भवानी प्रसाद मिश्र
🔥21❤5
One impulse from a vernal wood
May teach you more of man,
Of moral evil and of good,
Than all the sages can.
Sweet is the lore which Nature brings;
Our meddling intellect
Mis-shapes the beauteous forms of things:—
We murder to dissect.
Enough of Science and of Art;
Close up those barren leaves;
Come forth, and bring with you a heart
That watches and receives.----------------------------------------------------------------------------William Wordsworth
May teach you more of man,
Of moral evil and of good,
Than all the sages can.
Sweet is the lore which Nature brings;
Our meddling intellect
Mis-shapes the beauteous forms of things:—
We murder to dissect.
Enough of Science and of Art;
Close up those barren leaves;
Come forth, and bring with you a heart
That watches and receives.----------------------------------------------------------------------------William Wordsworth
❤8