Press Note Details- Press Information Bureau.pdf
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RPSC 2nd Grade 1st Paper,SST Pol.Sci or School Lecturer Political science ke students Is pdf ka print out lekar ek baar jarur padhe
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Press Release- Press Information Bureau.pdf
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💠राष्ट्रपति ने विकसित भारत - रोज़गार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) : वीबी–जी राम जी (विकसित भारत- जी राम जी) विधेयक, 2025 को अपनी स्वीकृति प्रदान की
💠अधिनियम से रोज़गार की वैधानिक गारंटी 125 दिनों तक बढ़ी
💠भविष्य की अगुवाई पंचायतें करेंगी - योजना बनाने की शक्ति ग्राम सभा और पंचायतों के पास
💠विकसित भारत–जी राम जी विधेयक, विकसित भारत2047 के विज़न के अनुरूप
💠अधिनियम से रोज़गार की वैधानिक गारंटी 125 दिनों तक बढ़ी
💠भविष्य की अगुवाई पंचायतें करेंगी - योजना बनाने की शक्ति ग्राम सभा और पंचायतों के पास
💠विकसित भारत–जी राम जी विधेयक, विकसित भारत2047 के विज़न के अनुरूप
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पेसा महोत्सव 2025, 23-24 दिसंबर, विशाखापत्तनम, आंध्रप्रदेश
पंचायती राज मंत्रालय 23-24 दिसंबर 2025 कोविशाखापत्तनम में पेसा महोत्सव का आयोजन करेगा, जोपेसा अधिनियम, 1996 की वर्षगांठ के अवसर पर आयोजितहो रहा है। इस महोत्सव को एक ऐतिहासिक पहल के रूप मेंदेखा जा रहा है, जिसमें चक्की खेल, उप्पन्ना बारेलू, चोलोऔर पुली मेका, मल्लखंबा, पिठूल, गेडी दौड और सिकोर जैसेपारंपरिक खेलों के साथ-साथ सांस्कृतिक विरासत औरआदिवासी व्यंजनों का प्रदर्शन किया जाएगा। इसका उद्देश्यजनजातीय समुदायों को उनकी समृद्ध परंपराओं का जश्नमनाने, उन्हें संरक्षित करने और बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय स्तरपर मान्यता प्राप्त मंच प्रदान करके उन्हें सशक्त बनाना है।
भारत में पंचायती राज — 73वां संवैधानिक संशोधन (1993)
73वें संवैधानिक संशोधन (1993) ने संविधान में भाग 9 और11वीं अनुसूची को जोड़ा। संविधान का भाग 9 ग्राम और जिलास्तर पर स्थित संस्थाओं को शक्तियां प्रदान करता है जिन्हेंपंचायत के नाम से भी जाना जाता है। ग्यारहवीं अनुसूची में 29 विषय सूचीबद्ध हैं जिन पर इन स्थानीय संस्थाओं को निर्णयलेने का अधिकार प्राप्त है। इस संशोधन ने अधिक विकेंद्रीकृतलोकतंत्र का मार्ग प्रशस्त किया।
संविधान संशोधन के भाग 9 ने पंचायती राज संस्थाओं कीत्रिस्तरीय ढांचा स्थापित किया – ग्राम स्तर पर ग्राम पंचायतें, मध्यवर्ती या ब्लॉक स्तर पर पंचायत समितियां (ग्रामों के समूहका प्रतिनिधित्व करने वाली) और जिला स्तर पर जिलापरिषदें। इन तीनों निकायों के सभी सदस्य निर्वाचित होते हैं।इसके अलावा, मध्यवर्ती और जिला स्तर पर पंचायतों केअध्यक्ष निर्वाचित सदस्यों में से अप्रत्यक्ष रूप से चुने जाते हैं।लेकिन ग्राम स्तर पर, पंचायत सरपंच का चुनाव प्रत्यक्ष याअप्रत्यक्ष तरीके से हो सकता है।
पंचायत के प्रत्येक स्तर पर अनुसूचित जाति और अनुसूचितजनजाति के लिए उनकी जनसंख्या के अनुपात में सीटेंआरक्षित होती हैं।
ग्राम सभा ग्राम पंचायत क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले किसी भीगांव की मतदाता सूची में पंजीकृत सभी व्यक्तियों सेमिलकर बनी एक संस्था है। ग्राम सभाओं की शक्तियां औरकार्य राज्य विधानमंडलों द्वारा तय कानून के माध्यम सेनिर्धारित किए जाते हैं।
1996 का पेसा अधिनियम
पेसा अधिनियम पंचायती राज व्यवस्था या 73वें संवैधानिकसंशोधन के प्रावधानों का आदिवासी बहुल पांचवींअनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार करता है।
यह अधिनियम इन क्षेत्रों में ग्राम सभाओं और पंचायतों कोउनकी पारंपरिक शासन प्रणाली को बनाए रखने के लिएअतिरिक्त शक्तियां प्रदान करता है।
🌸पेसा दिवस
पंचायती राज मंत्रालय ने 24 दिसंबर, 2024 को सभी दस पेसाराज्यों से पेसा दिवस के रूप में मनाने का अनुरोध किया।इसका उद्देश्य पेसा अधिनियम के बारे में जागरूकता बढ़ानाऔर ग्राम सभाओं को सशक्त बनाकर तथा अनुसूचित क्षेत्रों मेंग्राम पंचायतों में सुधार करके शासन व्यवस्था को मजबूतकरना था। राष्ट्रीय कार्यक्रम रांची में आयोजित किया गयाऔर इसकी अध्यक्षता पंचायती राज मंत्रालय के सचिव नेकी।
पंचायती राज मंत्रालय 23-24 दिसंबर 2025 कोविशाखापत्तनम में पेसा महोत्सव का आयोजन करेगा, जोपेसा अधिनियम, 1996 की वर्षगांठ के अवसर पर आयोजितहो रहा है। इस महोत्सव को एक ऐतिहासिक पहल के रूप मेंदेखा जा रहा है, जिसमें चक्की खेल, उप्पन्ना बारेलू, चोलोऔर पुली मेका, मल्लखंबा, पिठूल, गेडी दौड और सिकोर जैसेपारंपरिक खेलों के साथ-साथ सांस्कृतिक विरासत औरआदिवासी व्यंजनों का प्रदर्शन किया जाएगा। इसका उद्देश्यजनजातीय समुदायों को उनकी समृद्ध परंपराओं का जश्नमनाने, उन्हें संरक्षित करने और बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय स्तरपर मान्यता प्राप्त मंच प्रदान करके उन्हें सशक्त बनाना है।
भारत में पंचायती राज — 73वां संवैधानिक संशोधन (1993)
73वें संवैधानिक संशोधन (1993) ने संविधान में भाग 9 और11वीं अनुसूची को जोड़ा। संविधान का भाग 9 ग्राम और जिलास्तर पर स्थित संस्थाओं को शक्तियां प्रदान करता है जिन्हेंपंचायत के नाम से भी जाना जाता है। ग्यारहवीं अनुसूची में 29 विषय सूचीबद्ध हैं जिन पर इन स्थानीय संस्थाओं को निर्णयलेने का अधिकार प्राप्त है। इस संशोधन ने अधिक विकेंद्रीकृतलोकतंत्र का मार्ग प्रशस्त किया।
संविधान संशोधन के भाग 9 ने पंचायती राज संस्थाओं कीत्रिस्तरीय ढांचा स्थापित किया – ग्राम स्तर पर ग्राम पंचायतें, मध्यवर्ती या ब्लॉक स्तर पर पंचायत समितियां (ग्रामों के समूहका प्रतिनिधित्व करने वाली) और जिला स्तर पर जिलापरिषदें। इन तीनों निकायों के सभी सदस्य निर्वाचित होते हैं।इसके अलावा, मध्यवर्ती और जिला स्तर पर पंचायतों केअध्यक्ष निर्वाचित सदस्यों में से अप्रत्यक्ष रूप से चुने जाते हैं।लेकिन ग्राम स्तर पर, पंचायत सरपंच का चुनाव प्रत्यक्ष याअप्रत्यक्ष तरीके से हो सकता है।
पंचायत के प्रत्येक स्तर पर अनुसूचित जाति और अनुसूचितजनजाति के लिए उनकी जनसंख्या के अनुपात में सीटेंआरक्षित होती हैं।
ग्राम सभा ग्राम पंचायत क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले किसी भीगांव की मतदाता सूची में पंजीकृत सभी व्यक्तियों सेमिलकर बनी एक संस्था है। ग्राम सभाओं की शक्तियां औरकार्य राज्य विधानमंडलों द्वारा तय कानून के माध्यम सेनिर्धारित किए जाते हैं।
1996 का पेसा अधिनियम
पेसा अधिनियम पंचायती राज व्यवस्था या 73वें संवैधानिकसंशोधन के प्रावधानों का आदिवासी बहुल पांचवींअनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार करता है।
यह अधिनियम इन क्षेत्रों में ग्राम सभाओं और पंचायतों कोउनकी पारंपरिक शासन प्रणाली को बनाए रखने के लिएअतिरिक्त शक्तियां प्रदान करता है।
🌸पेसा दिवस
पंचायती राज मंत्रालय ने 24 दिसंबर, 2024 को सभी दस पेसाराज्यों से पेसा दिवस के रूप में मनाने का अनुरोध किया।इसका उद्देश्य पेसा अधिनियम के बारे में जागरूकता बढ़ानाऔर ग्राम सभाओं को सशक्त बनाकर तथा अनुसूचित क्षेत्रों मेंग्राम पंचायतों में सुधार करके शासन व्यवस्था को मजबूतकरना था। राष्ट्रीय कार्यक्रम रांची में आयोजित किया गयाऔर इसकी अध्यक्षता पंचायती राज मंत्रालय के सचिव नेकी।
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🇮🇳🤝🇳🇿: भारत–न्यूज़ीलैंड FTA समझौता
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राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री राजेश्वर सिंह ने बताया कि आयोग द्वारा, समय-समय पर पंचायतीराज एवं नगरीय निकाय चुनावों में अभ्यर्थियों के लिए, अधिकतम चुनाव व्यय सीमा में संशोधन किया जाता रहा है। वर्ष 2014 में नगर निगम चुनाव में अभ्यर्थियों के लिए, अधिकतम 80 हजार रुपये खर्च करने की अनुमति थी, जिसे वर्ष 2019 में बढ़ाकर 2 लाख 50 हजार रुपये किया गया।
🎯अब वर्ष 2025 के लिए यह सीमा और बढ़ाकर, 3 लाख 50 हजार रुपये निर्धारित की गई है।
🎯अब वर्ष 2025 के लिए यह सीमा और बढ़ाकर, 3 लाख 50 हजार रुपये निर्धारित की गई है।
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विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी द्वारा, लिखित पुस्तक 'सनातन संस्कृति की अटल दृष्टि' का भव्य लोकार्पण उपराष्ट्रपति एनक्लेव, नई दिल्ली में संपन्न हुआ। इस अवसर पर उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी, केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री श्री भागीरथ चौधरी सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
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✍🏻राजस्थान लोकायुक्त का लोगो
ʻन्यायो नीति: च शासनम्ʼ
मुख्य सचिव ने किया राजस्थान के लोकायुक्त सचिवालय के ʻलोगोʼ का अनावरण
लोकायुक्त की मूल भावना का प्रतीक ʻलोगोʼ, जनविश्वास को करेगा और अधिक सशक्त- लोकायुक्त श्री लोहरा
✍🏻सभी अपनी बुक में आज ही ऐड कर लें 🎯
ʻन्यायो नीति: च शासनम्ʼ
मुख्य सचिव ने किया राजस्थान के लोकायुक्त सचिवालय के ʻलोगोʼ का अनावरण
लोकायुक्त की मूल भावना का प्रतीक ʻलोगोʼ, जनविश्वास को करेगा और अधिक सशक्त- लोकायुक्त श्री लोहरा
✍🏻सभी अपनी बुक में आज ही ऐड कर लें 🎯
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दिसम्बर 2025 मे राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री राजेश्वर सिंह ने द्वारा पंचायतीराज एवं नगरीय निकाय चुनावों में अभ्यर्थियों के लिए, अधिकतम चुनाव व्यय सीमा में संशोधन कर कितना कर दिया है?
Anonymous Quiz
21%
2.50 लाख
61%
3.50 लाख
11%
4.50 लाख
7%
1.50 लाख
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ʻन्यायो नीति: च शासनम्ʼ ʻलोगोʼ किसका है
Anonymous Quiz
15%
राजस्थान उच्च न्यायालय
71%
राजस्थान लोकायुक्त
9%
राजस्थान मानवाधिकार
5%
राजस्थान निर्वाचन आयोग
❤3