👉राज्यसभा द्विवार्षिक चुनाव- तीसरे दिन भी कोई नामांकन नहीं भरा गया
👉आइए जाने राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनाव की प्रक्रियागत जानकारी-
➡️ संसद के दो सदनों में राज्यसभा उच्च सदन है।
➡️ राज्यसभा के सदस्यों का कार्यकाल 6 वर्ष का होता है।
➡️ प्रति 2 वर्ष में इस सदन के एक तिहाई सदस्यों का कार्यकाल पूरा हो जाता है।
➡️ राज्यसभा कभी भंग नहीं होती है।
➡️ राजस्थान से राज्यसभा के लिए 10 सदस्य चुने जाते है, जिनमें से तीन का कार्यकाल 20 जून 2026 को समाप्त हो रहा है।
➡️ संविधान के अनुच्छेद 84 के अनुसार राज्यसभा सदस्य चुने जाने हेतु -
✅न्यूनतम आयु 30 वर्ष, भारतीय नागरिकता, संवैधानिक निष्ठा की शपथ तथा संसद द्वारा निर्धारित अन्य कानूनी योग्यताओं का होना अनिवार्य है।
➡️ भारत के संविधान का अनुच्छेद 102 उन परिस्थितियों को बताता है जिसके तहत कोई व्यक्ति इस चुनाव में भाग लेने के अयोग्य होगा। इन परिस्थितियों में लाभ का पद, अस्वस्थ मन, दिवालियापन, नागरिकता, वैधानिक कानून, राजनीतिक दलबदल सम्मिलित है।
➡️ राज्यसभा के संगठन एवं संरचना के लिए देखें संविधान का अनुच्छेद 80
👉आइए जाने राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनाव की प्रक्रियागत जानकारी-
➡️ संसद के दो सदनों में राज्यसभा उच्च सदन है।
➡️ राज्यसभा के सदस्यों का कार्यकाल 6 वर्ष का होता है।
➡️ प्रति 2 वर्ष में इस सदन के एक तिहाई सदस्यों का कार्यकाल पूरा हो जाता है।
➡️ राज्यसभा कभी भंग नहीं होती है।
➡️ राजस्थान से राज्यसभा के लिए 10 सदस्य चुने जाते है, जिनमें से तीन का कार्यकाल 20 जून 2026 को समाप्त हो रहा है।
➡️ संविधान के अनुच्छेद 84 के अनुसार राज्यसभा सदस्य चुने जाने हेतु -
✅न्यूनतम आयु 30 वर्ष, भारतीय नागरिकता, संवैधानिक निष्ठा की शपथ तथा संसद द्वारा निर्धारित अन्य कानूनी योग्यताओं का होना अनिवार्य है।
➡️ भारत के संविधान का अनुच्छेद 102 उन परिस्थितियों को बताता है जिसके तहत कोई व्यक्ति इस चुनाव में भाग लेने के अयोग्य होगा। इन परिस्थितियों में लाभ का पद, अस्वस्थ मन, दिवालियापन, नागरिकता, वैधानिक कानून, राजनीतिक दलबदल सम्मिलित है।
➡️ राज्यसभा के संगठन एवं संरचना के लिए देखें संविधान का अनुच्छेद 80
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संयुक्त राष्ट्र महासभा ने ऑस्ट्रिया, किर्गिस्तान, पुर्तगाल, त्रिनिदाद और टोबैगो तथा जिम्बाब्वे को सुरक्षा परिषद का अस्थायी सदस्य चुना है।
इन देशों का कार्यकाल दो वर्ष का होगा। वे एक जनवरी 2027 से परिषद में अपना कार्यभार संभालेंगे और 31 दिसंबर 2028 तक सदस्य बने रहेंगे।
इन देशों का कार्यकाल दो वर्ष का होगा। वे एक जनवरी 2027 से परिषद में अपना कार्यभार संभालेंगे और 31 दिसंबर 2028 तक सदस्य बने रहेंगे।
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RPSC 2nd Grade भर्ती 2025 में 4037 पदों की संख्या बढ़ा दी गई है अब पदों की संख्या 10 हजार 537 होगी (6500+4037)
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2nd_Grade_SST_Public_administration_answer_key_by_Pushpendra_Kasana.pdf
7.1 MB
🌸RPSC 2nd Grade SST PUBLIC ADMINISTRATION ANSWER KEY WITH BOOK proof ✌🏻
एक बार फिर छोटी पुस्तक का बड़ा धमाका🏆
एक बार फिर छोटी पुस्तक का बड़ा धमाका🏆
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#UK: लेबर पार्टी के नवनिर्वाचित नेता एंडी बर्नहम ने UK के नए प्रधानमंत्री के तौर पर पदभार संभाला।
कीर स्टारमर के इस्तीफे के बाद, किंग चार्ल्स तृतीय ने ग्रेटर मैनचेस्टर के 56 वर्षीय पूर्व मेयर को नई सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया।
कीर स्टारमर के इस्तीफे के बाद, किंग चार्ल्स तृतीय ने ग्रेटर मैनचेस्टर के 56 वर्षीय पूर्व मेयर को नई सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया।
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राष्ट्रीय ध्वज 🇮🇳अंगीकरण दिवस
22 जुलाई
22 जुलाई 1947 को भारत की संविधान सभा ने तिरंगे को भारत के आधिकारिक राष्ट्रीय ध्वज के रूप में स्वीकार किया था।
हमारे राष्ट्रीय ध्वज 'तिरंगे' की रूपरेखा (डिजाइन) महान स्वतंत्रता सेनानी पिंगली वैंकैया द्वारा तैयार की गई थी।
इसे 'तिरंगा' कहा जाता है क्योंकि इसमें तीन समान आकार की क्षैतिज पट्टियाँ (समान अनुपात में) हैं।
सबसे ऊपर केसरिया रंग देश की शक्ति, शौर्य और साहस का प्रतीक है।
बीच में स्थित सफेद रंग शांति, सत्य और पवित्रता को दर्शाता है।
सबसे नीचे हरा रंग देश की समृद्धि, विश्वास और उर्वरता का प्रतीक है।
सफेद पट्टी के केंद्र में गहरे नीले रंग का अशोक चक्र है, जिसमें 24 तीलियाँ हैं जो निरंतर प्रगति और धर्म चक्र का संदेश देती हैं।
यह दिवस हमें हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के अमूल्य बलिदानों और राष्ट्र के प्रति उनके योगदान की याद दिलाता है।
22 जुलाई
22 जुलाई 1947 को भारत की संविधान सभा ने तिरंगे को भारत के आधिकारिक राष्ट्रीय ध्वज के रूप में स्वीकार किया था।
हमारे राष्ट्रीय ध्वज 'तिरंगे' की रूपरेखा (डिजाइन) महान स्वतंत्रता सेनानी पिंगली वैंकैया द्वारा तैयार की गई थी।
इसे 'तिरंगा' कहा जाता है क्योंकि इसमें तीन समान आकार की क्षैतिज पट्टियाँ (समान अनुपात में) हैं।
सबसे ऊपर केसरिया रंग देश की शक्ति, शौर्य और साहस का प्रतीक है।
बीच में स्थित सफेद रंग शांति, सत्य और पवित्रता को दर्शाता है।
सबसे नीचे हरा रंग देश की समृद्धि, विश्वास और उर्वरता का प्रतीक है।
सफेद पट्टी के केंद्र में गहरे नीले रंग का अशोक चक्र है, जिसमें 24 तीलियाँ हैं जो निरंतर प्रगति और धर्म चक्र का संदेश देती हैं।
यह दिवस हमें हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के अमूल्य बलिदानों और राष्ट्र के प्रति उनके योगदान की याद दिलाता है।
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➤भारत के राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री परामर्श पर भारत के संविधान के अनुच्छेद 75 के खंड (2) के अंतर्गत धर्मेंद्र प्रधान का केंद्रीय मंत्रिपरिषद से तत्काल प्रभाव से त्यागपत्र स्वीकार कर लिया है।
➤इसके अलावा प्रधानमंत्री के परामर्श, राष्ट्रपति ने निर्देश दिया है कि मंत्रिमंडल मंत्री प्रहलाद जोशी को उनके मौजूदा मंत्रालय के प्रभार के अतिरिक्त शिक्षा मंत्रालय का प्रभार सौंपा जाए।
➤इसके अलावा प्रधानमंत्री के परामर्श, राष्ट्रपति ने निर्देश दिया है कि मंत्रिमंडल मंत्री प्रहलाद जोशी को उनके मौजूदा मंत्रालय के प्रभार के अतिरिक्त शिक्षा मंत्रालय का प्रभार सौंपा जाए।
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O_310726_a87ae84d-b57a-4853-a1b7-157999e76fca.pdf
2.3 MB
✍🏻राजस्थान समान सिविल संहिता, 2026 का विधेयक तैयार किए जाने के सम्बन्ध में समिति का गठन एवं सुझाव आमंत्रित
लोकसभा ने सर्वोच्च न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 पारित कर दिया है।
इस विधेयक का उद्देश्य सर्वोच्च न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) अधिनियम, 1956 में संशोधन करके न्यायाधीशों की संख्य 33 से बढ़ाकर 37 करना है। यह संख्या मुख्य न्यायाधीश के अतिरिक्त होगी।
इस वर्ष मई में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की संख्या 33 से बढ़ाकर 37 करने के लिए एक अध्यादेश जारी किया था।(37+01)
इस विधेयक का उद्देश्य सर्वोच्च न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) अधिनियम, 1956 में संशोधन करके न्यायाधीशों की संख्य 33 से बढ़ाकर 37 करना है। यह संख्या मुख्य न्यायाधीश के अतिरिक्त होगी।
इस वर्ष मई में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की संख्या 33 से बढ़ाकर 37 करने के लिए एक अध्यादेश जारी किया था।(37+01)
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