I.R Notes for school Lect Pol.Sci by Kasana sir.pdf
46.2 MB
✍🏻 नमस्कार साथियों मैं सोचता हूँ आप लोगों की तैयारी काफ़ी अच्छे से चल रही होगी स्कूल व्याख्याता राजनीति विज्ञान विषय से तैयारी करने वाले साथियों की सहायता के लिए मैंने अंतरराष्ट्रीय राजनीति के करेंट अफ़ेयर्स से संबंधित नोट्स तैयार किये है जो आपको अपनी तैयारी में सहायक होंगे इन नोट्स का प्रिंट निकाल कर अध्ययन करें मुझे विश्वास हैं I.R ka current issues से संबंधित कोई भी प्रश्न आयेगा वो आपका सही होगा और आप के जो भी साथी राजनीति विज्ञान विषय से तैयारी कर रहे है उनको भी सजेस्ट करे धन्यवाद 🙏🏻
✍🏻Asst Professor Political Science or Second grade SST से तैयारी करने बालो के लिए भी सहायक होंगे वो भी अध्ययन कर सकते हैं
पुष्पेंद्र कसाना
Lect.Political science
For more information Join my YouTube https://www.youtube.com/@PushpendraKasanaRes
Talegram https://t.me/pskasana12
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नाम: राजा राम मोहन राय
जन्म: 22 मई 1772, राधानगर, बंगाल (अब पश्चिम बंगाल में)
मृत्यु: 27 सितंबर 1833, ब्रिस्टल, इंग्लैंड
उपाधि: ‘राजा’ की उपाधि मुग़ल सम्राट अकबर द्वितीय ने दी थी।
⸻
मुख्य योगदान:
1. सती प्रथा का विरोध:
• सती प्रथा के खिलाफ आंदोलन चलाया।
• 1829 में लॉर्ड विलियम बेंटिक के सहयोग से सती प्रथा को कानूनन समाप्त करवाया।
2. ब्राह्मो समाज की स्थापना (1828):
• समाजिक और धार्मिक सुधार के लिए ब्राह्मो समाज की स्थापना की।
• मूर्तिपूजा, अंधविश्वास और पाखंड के खिलाफ आवाज उठाई।
3. शिक्षा के क्षेत्र में योगदान:
• आधुनिक पश्चिमी शिक्षा को बढ़ावा दिया।
• अंग्रेजी, विज्ञान और गणित की पढ़ाई को प्रोत्साहित किया।
• हिन्दू कॉलेज (1817) की स्थापना में मदद की।
• संस्कृत कॉलेज और इंग्लिश स्कूलों की स्थापना।
4. प्रकाशन और पत्रकारिता:
• ‘संवाद कौमुदी’ (हिंदी/बंगाली) और ‘मिरात-उल-अखबार’ (फारसी) जैसे समाचार पत्रों का संपादन किया।
• प्रेस की स्वतंत्रता के पक्षधर रहे।
5. धर्म और समाज में सुधार:
• एकेश्वरवाद (एक ईश्वर में विश्वास) का प्रचार।
• विधवा पुनर्विवाह, महिलाओं की शिक्षा, और जातिप्रथा के खिलाफ प्रयास।
⸻
अन्य तथ्य:
• पश्चिमी शिक्षा और विचारों के समर्थक थे, पर भारतीय मूल्यों को भी महत्व देते थे।
• भारत में आधुनिक पुनर्जागरण के अग्रदूत माने जाते हैं।
• उन्हें भारतीय नवजागरण का जनक कहा जाता है।
जन्म: 22 मई 1772, राधानगर, बंगाल (अब पश्चिम बंगाल में)
मृत्यु: 27 सितंबर 1833, ब्रिस्टल, इंग्लैंड
उपाधि: ‘राजा’ की उपाधि मुग़ल सम्राट अकबर द्वितीय ने दी थी।
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मुख्य योगदान:
1. सती प्रथा का विरोध:
• सती प्रथा के खिलाफ आंदोलन चलाया।
• 1829 में लॉर्ड विलियम बेंटिक के सहयोग से सती प्रथा को कानूनन समाप्त करवाया।
2. ब्राह्मो समाज की स्थापना (1828):
• समाजिक और धार्मिक सुधार के लिए ब्राह्मो समाज की स्थापना की।
• मूर्तिपूजा, अंधविश्वास और पाखंड के खिलाफ आवाज उठाई।
3. शिक्षा के क्षेत्र में योगदान:
• आधुनिक पश्चिमी शिक्षा को बढ़ावा दिया।
• अंग्रेजी, विज्ञान और गणित की पढ़ाई को प्रोत्साहित किया।
• हिन्दू कॉलेज (1817) की स्थापना में मदद की।
• संस्कृत कॉलेज और इंग्लिश स्कूलों की स्थापना।
4. प्रकाशन और पत्रकारिता:
• ‘संवाद कौमुदी’ (हिंदी/बंगाली) और ‘मिरात-उल-अखबार’ (फारसी) जैसे समाचार पत्रों का संपादन किया।
• प्रेस की स्वतंत्रता के पक्षधर रहे।
5. धर्म और समाज में सुधार:
• एकेश्वरवाद (एक ईश्वर में विश्वास) का प्रचार।
• विधवा पुनर्विवाह, महिलाओं की शिक्षा, और जातिप्रथा के खिलाफ प्रयास।
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अन्य तथ्य:
• पश्चिमी शिक्षा और विचारों के समर्थक थे, पर भारतीय मूल्यों को भी महत्व देते थे।
• भारत में आधुनिक पुनर्जागरण के अग्रदूत माने जाते हैं।
• उन्हें भारतीय नवजागरण का जनक कहा जाता है।
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✍🏻प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज नई दिल्ली में नीति आयोग की शासी परिषद की 10वीं बैठक की अध्यक्षता करेंगे।
🎯नीति आयोग की शासी परिषद (Governing Council) भारत सरकार की एक प्रमुख संस्था है, जो केंद्र और राज्यों के बीच सहयोगात्मक संघवाद (cooperative federalism) को बढ़ावा देती है। यह परिषद राष्ट्रीय प्राथमिकताओं और विकास रणनीतियों पर चर्चा और समन्वय के लिए एक मंच प्रदान करती है।
नीति आयोग की शासी परिषद की संरचना
नीति आयोग की शासी परिषद में निम्नलिखित सदस्य शामिल होते हैं:
• अध्यक्ष: भारत के प्रधानमंत्री।
• उपाध्यक्ष: प्रधानमंत्री द्वारा नियुक्त। वर्तमान में, सुमन बेरी इस पद पर हैं।
• पूर्णकालिक सदस्य: जैसे कि डॉ. वी.के. सारस्वत, प्रो. रमेश चंद, डॉ. वी.के. पॉल, और अरविंद विरमानी।
• पदेन सदस्य: केंद्र सरकार के चार मंत्री, जैसे कि अमित शाह, राजनाथ सिंह, निर्मला सीतारमण, और शिवराज सिंह चौहान।
• मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO): वर्तमान में बी.वी.आर. सुब्रह्मण्यम।
• सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री और उपराज्यपाल: जिनमें दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और पुडुचेरी के मुख्यमंत्री और अन्य केंद्रशासित प्रदेशों के उपराज्यपाल शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त, विशेष आमंत्रित सदस्य और विशेषज्ञ भी परिषद की बैठकों में भाग ले सकते हैं।
शासी परिषद की भूमिका
शासी परिषद का मुख्य उद्देश्य केंद्र और राज्यों के बीच सहयोग को बढ़ावा देना है, ताकि राष्ट्रीय विकास के लिए साझा दृष्टिकोण और रणनीतियाँ विकसित की जा सकें। यह परिषद अंतर-क्षेत्रीय, अंतर-विभागीय और संघीय मुद्दों पर चर्चा करने के लिए एक मंच प्रदान करती है।
हाल की बैठक
24 मई 2025 को, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीति आयोग की 10वीं शासी परिषद की बैठक की अध्यक्षता करेंगे ।इस बैठक का मुख्य विषय था: “विकसित राज्य के लिए विकसित भारत 2047”। बैठक में राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों और उपराज्यपालों भाग लेंगे , और भारत को 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए राज्य-आधारित विकास रणनीतियों पर चर्चा होगी ।
पुष्पेन्द्र कसाना
व्याख्याता (राजनीति विज्ञान)
🎯नीति आयोग की शासी परिषद (Governing Council) भारत सरकार की एक प्रमुख संस्था है, जो केंद्र और राज्यों के बीच सहयोगात्मक संघवाद (cooperative federalism) को बढ़ावा देती है। यह परिषद राष्ट्रीय प्राथमिकताओं और विकास रणनीतियों पर चर्चा और समन्वय के लिए एक मंच प्रदान करती है।
नीति आयोग की शासी परिषद की संरचना
नीति आयोग की शासी परिषद में निम्नलिखित सदस्य शामिल होते हैं:
• अध्यक्ष: भारत के प्रधानमंत्री।
• उपाध्यक्ष: प्रधानमंत्री द्वारा नियुक्त। वर्तमान में, सुमन बेरी इस पद पर हैं।
• पूर्णकालिक सदस्य: जैसे कि डॉ. वी.के. सारस्वत, प्रो. रमेश चंद, डॉ. वी.के. पॉल, और अरविंद विरमानी।
• पदेन सदस्य: केंद्र सरकार के चार मंत्री, जैसे कि अमित शाह, राजनाथ सिंह, निर्मला सीतारमण, और शिवराज सिंह चौहान।
• मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO): वर्तमान में बी.वी.आर. सुब्रह्मण्यम।
• सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री और उपराज्यपाल: जिनमें दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और पुडुचेरी के मुख्यमंत्री और अन्य केंद्रशासित प्रदेशों के उपराज्यपाल शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त, विशेष आमंत्रित सदस्य और विशेषज्ञ भी परिषद की बैठकों में भाग ले सकते हैं।
शासी परिषद की भूमिका
शासी परिषद का मुख्य उद्देश्य केंद्र और राज्यों के बीच सहयोग को बढ़ावा देना है, ताकि राष्ट्रीय विकास के लिए साझा दृष्टिकोण और रणनीतियाँ विकसित की जा सकें। यह परिषद अंतर-क्षेत्रीय, अंतर-विभागीय और संघीय मुद्दों पर चर्चा करने के लिए एक मंच प्रदान करती है।
हाल की बैठक
24 मई 2025 को, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीति आयोग की 10वीं शासी परिषद की बैठक की अध्यक्षता करेंगे ।इस बैठक का मुख्य विषय था: “विकसित राज्य के लिए विकसित भारत 2047”। बैठक में राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों और उपराज्यपालों भाग लेंगे , और भारत को 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए राज्य-आधारित विकास रणनीतियों पर चर्चा होगी ।
पुष्पेन्द्र कसाना
व्याख्याता (राजनीति विज्ञान)
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Political Objective Book [Demo].pdf
4.7 MB
✍🏻 जो विधार्थी अंतिम समय में अच्छे से रिवीजन करना चाहते हैं वो जो कंटेंट पढ़ रहे है उसके साथ आरपीएससी द्वारा विगत वर्षों में राजनीति विज्ञान से संबंधित जो प्रश्न पूछे हैं वो आपको उस टॉपिक के साथ पढ़े जिससे आपको उस टॉपिक से RPSC द्वारा पूछे जा रहे हैं प्रश्नों के स्तर का पता लग सके ,आपके पास यदि बिगत वर्षों में पूछे गए प्रश्न टॉपिक अनुसार नहीं हैं तो यह पुस्तक आप ख़रीद सकते हैं और इसमें से केवल RPSC द्वारा पूछे गए प्रश्न पढ़ सकते हैं साथ में इसमें रिवीज़न के लिए परीक्षा बूस्टर नोट्स दिए हैं जो आपको काफ़ी सहायक सिद्ध होंगे , धन्यवाद🙏🏻
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