30वां संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन यानी #COP30, आज से ब्राज़ील के बेलेम में ।
🗓️10 नवंबर - 21 नवंबर
सम्मेलन की वार्ता पेरिस समझौते के क्रियान्वयन, जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए आवश्यक धन उपलब्ध कराने तथा अनुकूलन योजनाओं पर केंद्रित होगी।
🗓️10 नवंबर - 21 नवंबर
सम्मेलन की वार्ता पेरिस समझौते के क्रियान्वयन, जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए आवश्यक धन उपलब्ध कराने तथा अनुकूलन योजनाओं पर केंद्रित होगी।
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भारत और भूटान ने स्वास्थ्य एवं चिकित्सा क्षेत्र में MoU पर हस्ताक्षर किए।
संचारी व गैर-संचारी रोगों की रोकथाम, डिजिटल हेल्थ समाधान व टेलीमेडिसिन, तकनीकी सहयोग और संयुक्त शोध को मिलेगा बढ़ावा।
संचारी व गैर-संचारी रोगों की रोकथाम, डिजिटल हेल्थ समाधान व टेलीमेडिसिन, तकनीकी सहयोग और संयुक्त शोध को मिलेगा बढ़ावा।
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भाजपा सांसद @अपराजिता सारंगी को संविधान (130वां संशोधन) विधेयक, 2025, जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2025 और केंद्र शासित प्रदेश सरकार (संशोधन) विधेयक, 2025 की जाँच हेतु संसद की संयुक्त समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
31 सदस्यीय इस समिति में 15 भाजपा सांसद, एनडीए सहयोगियों के 11, विपक्ष के 4 और 1 मनोनीत सदस्य शामिल हैं।
31 सदस्यीय इस समिति में 15 भाजपा सांसद, एनडीए सहयोगियों के 11, विपक्ष के 4 और 1 मनोनीत सदस्य शामिल हैं।
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भारत-ब्रिटेन संयुक्त सैन्य प्रशिक्षण अभ्यास 'अजेय वारियर-25' राजस्थान में शुरू
भारत-ब्रिटेन संयुक्त सैन्य अभ्यास "अजेय वारियर-25" का आठवाँ संस्करण आज राजस्थान स्थित फॉरेन ट्रेनिंग नोड, महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में शुरू हुआ। यह 14 - दिवसीय द्विपक्षीय अभ्यास 17 से 30 नवंबर 2025 तक आयोजित किया जा रहा है
भारत-ब्रिटेन संयुक्त सैन्य अभ्यास "अजेय वारियर-25" का आठवाँ संस्करण आज राजस्थान स्थित फॉरेन ट्रेनिंग नोड, महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में शुरू हुआ। यह 14 - दिवसीय द्विपक्षीय अभ्यास 17 से 30 नवंबर 2025 तक आयोजित किया जा रहा है
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✨रामगढ़–विशधारी टाइगर रिज़र्व, जिसे 2022 में भारत के 52वें टाइगर रिज़र्व के रूप में अधिसूचित किया गया, अपना नाम रामगढ़ क्षेत्र और इसके कोर क्षेत्र बने विशधारी वन्यजीव अभयारण्य से प्राप्त करता है। राजस्थान के अरावली परिदृश्य में फैला यह रिज़र्व मुख्यतः उष्णकटिबंधीय शुष्क पर्णपाती वन, काँटेदार झाड़-झंखाड़, और रैवाइन (खड्डीदार) भू-आकृतियों से बना है। यह रणथंभौर और मुकुंदरा हिल्स के बीच एक अत्यंत महत्वपूर्ण वन्यजीव गलियारे के रूप में कार्य करता है। पारिस्थितिक रूप से, यह क्षेत्र तेंदुआ, लकड़बग्घा, भालू, और अनेक प्रकार की पक्षी प्रजातियों का सुरक्षित आवास है। सांस्कृतिक दृष्टि से भी यह क्षेत्र समृद्ध है- यहाँ फैले प्राचीन मंदिर, पारंपरिक पशुपालक समुदाय, और ऊबड़-खाबड़ अरावली भू-दृश्य में बिखरे ऐतिहासिक स्थल इस रिज़र्व की सांस्कृतिक विरासत और क्षेत्रीय महत्त्व को दर्शाते
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