स्कूल शिक्षा विभाग, राजस्थान की ओर से राज्य के समस्त राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालयों के कक्षा 9 से 12 में अध्ययनरत विद्यार्थियों में 21 वीं सदी के कौशलों के विकास हेतु ‘प्रबल कार्यक्रम’ (PRABAL - Program to Recognize Abilities and Build up Adaptive Life Skills of 21st Century) संचालित किया जा रहा है।
प्रबल कार्यक्रम 2025 के तहत 15 दिसम्बर को राजस्थान विधानसभा में आयोजित किया जा रहा है कार्यक्रम ‘‘राजस्थान युवा सभा’’।
प्रबल कार्यक्रम 2025 के तहत 15 दिसम्बर को राजस्थान विधानसभा में आयोजित किया जा रहा है कार्यक्रम ‘‘राजस्थान युवा सभा’’।
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अम्मान में भव्य स्वागत, भारत–जॉर्डन मित्रता की गूंज।। 🇮🇳🤝🇯🇴
प्रधानमंत्री @narendramodi के अम्मान इंटरनेशनल एयरपोर्ट आगमन पर जॉर्डन के प्रधानमंत्री जाफ़र हसन द्वारा किया गया औपचारिक एवं गर्मजोशी भरा स्वागत, दोनों देशों के मजबूत, विश्वासपूर्ण और ऐतिहासिक संबंधों का प्रतीक है।
प्रधानमंत्री @narendramodi के अम्मान इंटरनेशनल एयरपोर्ट आगमन पर जॉर्डन के प्रधानमंत्री जाफ़र हसन द्वारा किया गया औपचारिक एवं गर्मजोशी भरा स्वागत, दोनों देशों के मजबूत, विश्वासपूर्ण और ऐतिहासिक संबंधों का प्रतीक है।
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3 दिसंबर 1971 को जनरल मानेक शॉ के नेतृत्व में शुरू हुए भारत-पाकिस्तान युद्ध में भारत और बांग्लादेश की संयुक्त सेना (मुक्ति वाहिनी) ने 16 दिसंबर 1971 को पाकिस्तान को पराजित कर एक नए राष्ट्र, बांग्लादेश का निर्माण हुआ। इस युद्ध में ढाका में 93,000 से अधिक पाकिस्तानी सैनिकों ने आत्मसमर्पण किया जो द्वितीय विश्व युद्ध के बाद का सबसे बड़ा सैन्य आत्मसमर्पण था जिसमे पाकिस्तानी के सेना कमांडर Lt. Gen. A.A.K. Niazi ने भारतीय कमांडर Lt. Gen. जगजीत सिंह अरोड़ा के समक्ष आत्मसमर्पण के दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर किए। इसे #विजय_दिवस के रूप में मनाया जाता है🇮🇳
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प्रधानमंत्री narendramodi को मिले अंतरराष्ट्रीय सम्मान भारत की मजबूत नेतृत्व क्षमता, निरंतर प्रगति और बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा का प्रमाण हैं।
इथियोपिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान के साथ यह संख्या 28 शीर्ष सम्मानों तक पहुँच चुकी है, जो न केवल प्रधानमंत्री का, बल्कि हर भारतीय का गौरव है। यह सम्मान भारत की निरंतर आगे बढ़ती वैश्विक यात्रा का प्रतीक है।
इथियोपिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान के साथ यह संख्या 28 शीर्ष सम्मानों तक पहुँच चुकी है, जो न केवल प्रधानमंत्री का, बल्कि हर भारतीय का गौरव है। यह सम्मान भारत की निरंतर आगे बढ़ती वैश्विक यात्रा का प्रतीक है।
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भारत–ओमान व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौता (CEPA) पर हस्ताक्षर!
द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग में एक नया अध्याय
💠 भारत–ओमान CEPA के तहत ओमान की 98.08% टैरिफ लाइनों पर शून्य-शुल्क (Zero Duty) पहुंच मिलेगी, जिससे भारत के 99.38% निर्यात को लाभ होगा
💠 यह समझौता लागू होते ही पहले दिन से 97.96% उत्पादों पर शून्य-शुल्क रियायतें प्रदान करता है
द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग में एक नया अध्याय
💠 भारत–ओमान CEPA के तहत ओमान की 98.08% टैरिफ लाइनों पर शून्य-शुल्क (Zero Duty) पहुंच मिलेगी, जिससे भारत के 99.38% निर्यात को लाभ होगा
💠 यह समझौता लागू होते ही पहले दिन से 97.96% उत्पादों पर शून्य-शुल्क रियायतें प्रदान करता है
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✍🏻प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 16-17 दिसंबर 2025 को अपनी पहली द्विपक्षीय यात्रा पर इथियोपिया का दौरा किया।
अदीस अबाबा यात्रा के दौरान उन्हें इथियोपिया के सर्वोच्च सम्मान 'ग्रेट ऑनर निशान ऑफ इथियोपिया' से सम्मानित किया गया।
🎯भारत और इथियोपिया ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक साझेदारी तक बढ़ाया है, जो सहयोग के एक नए चरण की शुरुआत है।
🎯भारत और इथियोपिया ने आठ समझौता ज्ञापनों और समझौतों पर हस्ताक्षर किए, जिसमें इथियोपिया के विदेश मंत्रालय में डेटा सेंटर स्थापित करने और जी20 कॉमन फ्रेमवर्क के तहत कर्ज पुनर्गठन के लिए समझौते शामिल हैं।
675 से ज्यादा भारतीय कंपनियां इथियोपियन इन्वेस्टमेंट कमीशन में पंजीकृत हैं, जिनका कुल निवेश खासकर विनिर्माण और फार्मास्यूटिकल्स जैसे मुख्य सेक्टरों में 6.5 बिलियन डॉलर से ज्यादा है, जिससे 75,000 से ज्यादा स्थानीय नौकरियां पैदा हुई हैं।
द्विपक्षीय संबंधों को विदेशी कार्यालय परामर्श और संयुक्त व्यापार (ट्रेड) समिति बैठक जैसे व्यवस्थित डायलॉग से समर्थन मिलता है।
🎯जी20 और ब्रिक्स समिट के मौके पर प्रधानमंत्री स्तर की बैठक और विदेश मंत्री की नियमित बातचीत के जरिए उच्च-स्तरीय राजनीतिक जुड़ाव भी बना हुआ है।
🎯वित्त वर्ष 2024-25 में भारत-इथियोपिया का कुल व्यापार 550.19 मिलियन डॉलर रहा। भारतीय निर्यात 476.81 मिलियन डॉलर और आयात 73.38 मिलियन डॉलर रहा, जिससे यह रिश्ता मजबूती से निर्यात-आधारित बन गया है।
अदीस अबाबा यात्रा के दौरान उन्हें इथियोपिया के सर्वोच्च सम्मान 'ग्रेट ऑनर निशान ऑफ इथियोपिया' से सम्मानित किया गया।
🎯भारत और इथियोपिया ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक साझेदारी तक बढ़ाया है, जो सहयोग के एक नए चरण की शुरुआत है।
🎯भारत और इथियोपिया ने आठ समझौता ज्ञापनों और समझौतों पर हस्ताक्षर किए, जिसमें इथियोपिया के विदेश मंत्रालय में डेटा सेंटर स्थापित करने और जी20 कॉमन फ्रेमवर्क के तहत कर्ज पुनर्गठन के लिए समझौते शामिल हैं।
675 से ज्यादा भारतीय कंपनियां इथियोपियन इन्वेस्टमेंट कमीशन में पंजीकृत हैं, जिनका कुल निवेश खासकर विनिर्माण और फार्मास्यूटिकल्स जैसे मुख्य सेक्टरों में 6.5 बिलियन डॉलर से ज्यादा है, जिससे 75,000 से ज्यादा स्थानीय नौकरियां पैदा हुई हैं।
द्विपक्षीय संबंधों को विदेशी कार्यालय परामर्श और संयुक्त व्यापार (ट्रेड) समिति बैठक जैसे व्यवस्थित डायलॉग से समर्थन मिलता है।
🎯जी20 और ब्रिक्स समिट के मौके पर प्रधानमंत्री स्तर की बैठक और विदेश मंत्री की नियमित बातचीत के जरिए उच्च-स्तरीय राजनीतिक जुड़ाव भी बना हुआ है।
🎯वित्त वर्ष 2024-25 में भारत-इथियोपिया का कुल व्यापार 550.19 मिलियन डॉलर रहा। भारतीय निर्यात 476.81 मिलियन डॉलर और आयात 73.38 मिलियन डॉलर रहा, जिससे यह रिश्ता मजबूती से निर्यात-आधारित बन गया है।
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Press Note Details- Press Information Bureau.pdf
686.2 KB
RPSC 2nd Grade 1st Paper,SST Pol.Sci or School Lecturer Political science ke students Is pdf ka print out lekar ek baar jarur padhe
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Press Release- Press Information Bureau.pdf
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💠राष्ट्रपति ने विकसित भारत - रोज़गार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) : वीबी–जी राम जी (विकसित भारत- जी राम जी) विधेयक, 2025 को अपनी स्वीकृति प्रदान की
💠अधिनियम से रोज़गार की वैधानिक गारंटी 125 दिनों तक बढ़ी
💠भविष्य की अगुवाई पंचायतें करेंगी - योजना बनाने की शक्ति ग्राम सभा और पंचायतों के पास
💠विकसित भारत–जी राम जी विधेयक, विकसित भारत2047 के विज़न के अनुरूप
💠अधिनियम से रोज़गार की वैधानिक गारंटी 125 दिनों तक बढ़ी
💠भविष्य की अगुवाई पंचायतें करेंगी - योजना बनाने की शक्ति ग्राम सभा और पंचायतों के पास
💠विकसित भारत–जी राम जी विधेयक, विकसित भारत2047 के विज़न के अनुरूप
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पेसा महोत्सव 2025, 23-24 दिसंबर, विशाखापत्तनम, आंध्रप्रदेश
पंचायती राज मंत्रालय 23-24 दिसंबर 2025 कोविशाखापत्तनम में पेसा महोत्सव का आयोजन करेगा, जोपेसा अधिनियम, 1996 की वर्षगांठ के अवसर पर आयोजितहो रहा है। इस महोत्सव को एक ऐतिहासिक पहल के रूप मेंदेखा जा रहा है, जिसमें चक्की खेल, उप्पन्ना बारेलू, चोलोऔर पुली मेका, मल्लखंबा, पिठूल, गेडी दौड और सिकोर जैसेपारंपरिक खेलों के साथ-साथ सांस्कृतिक विरासत औरआदिवासी व्यंजनों का प्रदर्शन किया जाएगा। इसका उद्देश्यजनजातीय समुदायों को उनकी समृद्ध परंपराओं का जश्नमनाने, उन्हें संरक्षित करने और बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय स्तरपर मान्यता प्राप्त मंच प्रदान करके उन्हें सशक्त बनाना है।
भारत में पंचायती राज — 73वां संवैधानिक संशोधन (1993)
73वें संवैधानिक संशोधन (1993) ने संविधान में भाग 9 और11वीं अनुसूची को जोड़ा। संविधान का भाग 9 ग्राम और जिलास्तर पर स्थित संस्थाओं को शक्तियां प्रदान करता है जिन्हेंपंचायत के नाम से भी जाना जाता है। ग्यारहवीं अनुसूची में 29 विषय सूचीबद्ध हैं जिन पर इन स्थानीय संस्थाओं को निर्णयलेने का अधिकार प्राप्त है। इस संशोधन ने अधिक विकेंद्रीकृतलोकतंत्र का मार्ग प्रशस्त किया।
संविधान संशोधन के भाग 9 ने पंचायती राज संस्थाओं कीत्रिस्तरीय ढांचा स्थापित किया – ग्राम स्तर पर ग्राम पंचायतें, मध्यवर्ती या ब्लॉक स्तर पर पंचायत समितियां (ग्रामों के समूहका प्रतिनिधित्व करने वाली) और जिला स्तर पर जिलापरिषदें। इन तीनों निकायों के सभी सदस्य निर्वाचित होते हैं।इसके अलावा, मध्यवर्ती और जिला स्तर पर पंचायतों केअध्यक्ष निर्वाचित सदस्यों में से अप्रत्यक्ष रूप से चुने जाते हैं।लेकिन ग्राम स्तर पर, पंचायत सरपंच का चुनाव प्रत्यक्ष याअप्रत्यक्ष तरीके से हो सकता है।
पंचायत के प्रत्येक स्तर पर अनुसूचित जाति और अनुसूचितजनजाति के लिए उनकी जनसंख्या के अनुपात में सीटेंआरक्षित होती हैं।
ग्राम सभा ग्राम पंचायत क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले किसी भीगांव की मतदाता सूची में पंजीकृत सभी व्यक्तियों सेमिलकर बनी एक संस्था है। ग्राम सभाओं की शक्तियां औरकार्य राज्य विधानमंडलों द्वारा तय कानून के माध्यम सेनिर्धारित किए जाते हैं।
1996 का पेसा अधिनियम
पेसा अधिनियम पंचायती राज व्यवस्था या 73वें संवैधानिकसंशोधन के प्रावधानों का आदिवासी बहुल पांचवींअनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार करता है।
यह अधिनियम इन क्षेत्रों में ग्राम सभाओं और पंचायतों कोउनकी पारंपरिक शासन प्रणाली को बनाए रखने के लिएअतिरिक्त शक्तियां प्रदान करता है।
🌸पेसा दिवस
पंचायती राज मंत्रालय ने 24 दिसंबर, 2024 को सभी दस पेसाराज्यों से पेसा दिवस के रूप में मनाने का अनुरोध किया।इसका उद्देश्य पेसा अधिनियम के बारे में जागरूकता बढ़ानाऔर ग्राम सभाओं को सशक्त बनाकर तथा अनुसूचित क्षेत्रों मेंग्राम पंचायतों में सुधार करके शासन व्यवस्था को मजबूतकरना था। राष्ट्रीय कार्यक्रम रांची में आयोजित किया गयाऔर इसकी अध्यक्षता पंचायती राज मंत्रालय के सचिव नेकी।
पंचायती राज मंत्रालय 23-24 दिसंबर 2025 कोविशाखापत्तनम में पेसा महोत्सव का आयोजन करेगा, जोपेसा अधिनियम, 1996 की वर्षगांठ के अवसर पर आयोजितहो रहा है। इस महोत्सव को एक ऐतिहासिक पहल के रूप मेंदेखा जा रहा है, जिसमें चक्की खेल, उप्पन्ना बारेलू, चोलोऔर पुली मेका, मल्लखंबा, पिठूल, गेडी दौड और सिकोर जैसेपारंपरिक खेलों के साथ-साथ सांस्कृतिक विरासत औरआदिवासी व्यंजनों का प्रदर्शन किया जाएगा। इसका उद्देश्यजनजातीय समुदायों को उनकी समृद्ध परंपराओं का जश्नमनाने, उन्हें संरक्षित करने और बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय स्तरपर मान्यता प्राप्त मंच प्रदान करके उन्हें सशक्त बनाना है।
भारत में पंचायती राज — 73वां संवैधानिक संशोधन (1993)
73वें संवैधानिक संशोधन (1993) ने संविधान में भाग 9 और11वीं अनुसूची को जोड़ा। संविधान का भाग 9 ग्राम और जिलास्तर पर स्थित संस्थाओं को शक्तियां प्रदान करता है जिन्हेंपंचायत के नाम से भी जाना जाता है। ग्यारहवीं अनुसूची में 29 विषय सूचीबद्ध हैं जिन पर इन स्थानीय संस्थाओं को निर्णयलेने का अधिकार प्राप्त है। इस संशोधन ने अधिक विकेंद्रीकृतलोकतंत्र का मार्ग प्रशस्त किया।
संविधान संशोधन के भाग 9 ने पंचायती राज संस्थाओं कीत्रिस्तरीय ढांचा स्थापित किया – ग्राम स्तर पर ग्राम पंचायतें, मध्यवर्ती या ब्लॉक स्तर पर पंचायत समितियां (ग्रामों के समूहका प्रतिनिधित्व करने वाली) और जिला स्तर पर जिलापरिषदें। इन तीनों निकायों के सभी सदस्य निर्वाचित होते हैं।इसके अलावा, मध्यवर्ती और जिला स्तर पर पंचायतों केअध्यक्ष निर्वाचित सदस्यों में से अप्रत्यक्ष रूप से चुने जाते हैं।लेकिन ग्राम स्तर पर, पंचायत सरपंच का चुनाव प्रत्यक्ष याअप्रत्यक्ष तरीके से हो सकता है।
पंचायत के प्रत्येक स्तर पर अनुसूचित जाति और अनुसूचितजनजाति के लिए उनकी जनसंख्या के अनुपात में सीटेंआरक्षित होती हैं।
ग्राम सभा ग्राम पंचायत क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले किसी भीगांव की मतदाता सूची में पंजीकृत सभी व्यक्तियों सेमिलकर बनी एक संस्था है। ग्राम सभाओं की शक्तियां औरकार्य राज्य विधानमंडलों द्वारा तय कानून के माध्यम सेनिर्धारित किए जाते हैं।
1996 का पेसा अधिनियम
पेसा अधिनियम पंचायती राज व्यवस्था या 73वें संवैधानिकसंशोधन के प्रावधानों का आदिवासी बहुल पांचवींअनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार करता है।
यह अधिनियम इन क्षेत्रों में ग्राम सभाओं और पंचायतों कोउनकी पारंपरिक शासन प्रणाली को बनाए रखने के लिएअतिरिक्त शक्तियां प्रदान करता है।
🌸पेसा दिवस
पंचायती राज मंत्रालय ने 24 दिसंबर, 2024 को सभी दस पेसाराज्यों से पेसा दिवस के रूप में मनाने का अनुरोध किया।इसका उद्देश्य पेसा अधिनियम के बारे में जागरूकता बढ़ानाऔर ग्राम सभाओं को सशक्त बनाकर तथा अनुसूचित क्षेत्रों मेंग्राम पंचायतों में सुधार करके शासन व्यवस्था को मजबूतकरना था। राष्ट्रीय कार्यक्रम रांची में आयोजित किया गयाऔर इसकी अध्यक्षता पंचायती राज मंत्रालय के सचिव नेकी।
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