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*🔥ॐ दुं दुर्गायै नमः।।🔥*
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*🔥होलिकाष्टक विचार-:🔥*
💫 💫💫💫💫💫💫 💫
*विपाशैरावतीतीरे शतुद्रयाश्च त्रिपुष्करे।*
*विवाहादि शुभे नेष्टं होलिकाप्राग् दिवाष्टकम्।।*
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*अथविवाहादिशुभकृत्येहोलिकाष्टकनिषेधंदेशपरत्वेनाह विपाशेति विपाशाइरावतीशतद्रुःएताःपश्चिम देशप्रसिद्धा नद्यस्तासांतीरेउभयतटवर्त्तिदेशेत्रिपुष्करदेशे च होलिकाष्टकं फाल्गुनशुक्लपौर्णिमातः प्राकादिनाष्टकं विवाहशुभकृत्ये नेष्टं निषिद्धं अर्थादन्येदेशे न निषिद्धम्।।*
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*व्यास (विपाशा), इरावती, शतद्रु (सतलज) के तीर प्रदेश अजमेरादि त्रिपुष्कर प्रदेश में होली से पहले के आठ दिन होलाष्टक कहलाते हैं। इनमें शुभ कार्य विवाहादि वर्जित हैं। ये नदियाँ पंजाब प्रांत व हिमाचल की हैं। अतः पंजाब, राजस्थान, हिमाचल आदि में ही होलाष्टक वर्जित हैं। अन्यत्र नहीं। विशेष सावधानी के लिए इनके आसपास के स्थानों (सीमावर्ती) में भी वर्जित कर सकते हैं। होलाष्टक की वर्जनीयता सार्वदेशिक नहीं हैं। फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा से होली तक के दिन होलाष्टक हैं बाद के १५ दिन सवंत्सर का अन्तिम पक्ष होने से वर्ज्य हैं। लेकिन आजकल समूचे उत्तर भारतीय मैदानी भाग में ही इन्हें वर्जित मानते हैं। यह लौकिक हैं।*
*ज्योतिषाचार्या मित महाकाल महादेव* ✍🏻
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*🔥ॐ दुं दुर्गायै नमः।।🔥*
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*🔥होलिकाष्टक विचार-:🔥*
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*विपाशैरावतीतीरे शतुद्रयाश्च त्रिपुष्करे।*
*विवाहादि शुभे नेष्टं होलिकाप्राग् दिवाष्टकम्।।*
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*अथविवाहादिशुभकृत्येहोलिकाष्टकनिषेधंदेशपरत्वेनाह विपाशेति विपाशाइरावतीशतद्रुःएताःपश्चिम देशप्रसिद्धा नद्यस्तासांतीरेउभयतटवर्त्तिदेशेत्रिपुष्करदेशे च होलिकाष्टकं फाल्गुनशुक्लपौर्णिमातः प्राकादिनाष्टकं विवाहशुभकृत्ये नेष्टं निषिद्धं अर्थादन्येदेशे न निषिद्धम्।।*
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*व्यास (विपाशा), इरावती, शतद्रु (सतलज) के तीर प्रदेश अजमेरादि त्रिपुष्कर प्रदेश में होली से पहले के आठ दिन होलाष्टक कहलाते हैं। इनमें शुभ कार्य विवाहादि वर्जित हैं। ये नदियाँ पंजाब प्रांत व हिमाचल की हैं। अतः पंजाब, राजस्थान, हिमाचल आदि में ही होलाष्टक वर्जित हैं। अन्यत्र नहीं। विशेष सावधानी के लिए इनके आसपास के स्थानों (सीमावर्ती) में भी वर्जित कर सकते हैं। होलाष्टक की वर्जनीयता सार्वदेशिक नहीं हैं। फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा से होली तक के दिन होलाष्टक हैं बाद के १५ दिन सवंत्सर का अन्तिम पक्ष होने से वर्ज्य हैं। लेकिन आजकल समूचे उत्तर भारतीय मैदानी भाग में ही इन्हें वर्जित मानते हैं। यह लौकिक हैं।*
*ज्योतिषाचार्या मित महाकाल महादेव* ✍🏻
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🙏🏻
🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
🌤️ *दिनांक - 24 फरवरी 2026*
🌤️ *दिन - मंगलवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2082*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन - उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु - वसंत ॠतु*
🌤️ *मास - फाल्गुन*
🌤️ *पक्ष - शुक्ल*
🌤️ *तिथि - अष्टमी 25 फरवरी प्रातः 04:51 तक तत्पश्चात नवमी*
🌤️ *नक्षत्र - कृत्तिका शाम 03:07 तक तत्पश्चात रोहिणी*
🌤️ *योग - इन्द्र सुबह 07:24 तक तत्पश्चात वैधृति*
🌤️*राहुकाल - शाम 03:46 से शाम 05:14 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 07:04*
🌤️ *सूर्यास्त - 06:39*
👉 *दिशाशूल - उत्तर दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण- अष्टमी क्षय तिथि*
💥 *विशेष - अष्टमी को नारियल का फल खाने से बुद्धि का नाश होता है (ब्रह्मवैवर्त पुराण ब्रह्म खण्ड: 27,29,34)*
🚩~*सनातन पंचांग* ~🚩
🌷 *कालसर्प योग से मुक्ति पाने* 🌷
🐍 *कालसर्प दोष बहुत भयंकर माना जाता है | और ये करो... ये करो... इतना खर्चा करो.....इतना जप करो.... कई लोग इनको ठग लेते हैं | फिर भी कालसर्प योग से उनका पीछा नहीं छूटता | लेकिन ज्योतिष के अनुसार उनका कालसर्प योग नहीं रहता जिनके ऊपर केसुड़े (पलाश ) के रंग - होली के रंग का फुवारा लग जाता है | फिर कालसर्प योग से मुक्ति हो गई | कालसर्प योग के भय से पैसा खर्चना नहीं है और अपने को ग्रह दोष है, कालसर्प है ऐसा मानकर डरना नहीं अपने को दुखी करना नहीं है |*
🙏🏻
🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞
🌷 *ब्रम्हवृक्ष पलाश* 🌷
🍂 *पलाश को हिंदी में ढ़ाक, टेसू, बंगाली में पलाश, मराठी में पळस, गुजराती में केसुडा कहते है | इसके पत्त्तों से बनी पत्तलों पर भोजन करने से चाँदी – पात्र में किये भोजन तुल्य लाभ मिलते हैं |*
🙏🏻 *‘लिंग पुराण’ में आता है कि पलाश की समिधा से ‘ॐ नम: शिवाय’ मंत्र द्वारा १० हजार आहुतियाँ दें तो सभी रोगों का शमन होता है |*
🥀 *पलाश के फूल : प्रेमह (मुत्रसंबंधी विकारों) में: पलाश-पुष्प का काढ़ा (५० मि.ली.) मिश्री मिलाकर पिलायें |*
🙏🏻 नवग्रह हिंदू ज्योतिष का मूल आधार हैं। जन्म-कुंडली में इन 9 ग्रहों की स्थिति, दृष्टि, राशि और भाव जीवन के हर क्षेत्र—स्वभाव, करियर, विवाह, स्वास्थ्य, धन और आध्यात्म—पर प्रभाव डालती है। नीचे हर ग्रह को और विस्तार से समझिए:
🌞 सूर्य (Sun)
कारक तत्व: आत्मा, अहं, मान-सम्मान, पिता, शासन
शुभ प्रभाव: आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, सरकारी सफलता
अशुभ प्रभाव: अहंकार, पिता से मतभेद, हृदय/नेत्र समस्या
मजबूत होने पर: व्यक्ति तेजस्वी, निर्णायक
उपाय: रविवार व्रत, सूर्य को अर्घ्य, आदित्य हृदय स्तोत्र
🌙 चंद्र (Moon)
कारक तत्व: मन, भावनाएँ, माता, जन-संपर्क
शुभ प्रभाव: शांति, लोकप्रियता, संवेदनशीलता
अशुभ प्रभाव: चंचल मन, तनाव, नींद की समस्या
मजबूत होने पर: करुणा, कल्पनाशीलता
उपाय: सोमवार व्रत, दूध/चावल दान, शिव पूजा
🔴 मंगल (Mars)
कारक तत्व: साहस, शक्ति, भूमि, भाई, रक्त
शुभ प्रभाव: ऊर्जा, खेल/सेना/तकनीक में सफलता
अशुभ प्रभाव: क्रोध, दुर्घटना, विवाद
मंगल दोष: विवाह में देरी/तनाव
उपाय: मंगलवार हनुमान पूजा, मसूर दाल दान
🟢 बुध (Mercury)
कारक तत्व: बुद्धि, वाणी, गणित, व्यापार
शुभ प्रभाव: तर्कशक्ति, संचार, लेखन
अशुभ प्रभाव: भ्रम, गलत निर्णय, वाणी दोष
मजबूत होने पर: व्यवसायिक चतुराई
उपाय: बुधवार गणेश पूजा, हरा चारा दान
🟡 गुरु / बृहस्पति (Jupiter)
कारक तत्व: ज्ञान, धर्म, शिक्षक, संतान, धन
शुभ प्रभाव: नैतिकता, भाग्य वृद्धि, विवाह सुख
अशुभ प्रभाव: गलत सलाह, शिक्षा में बाधा
मजबूत होने पर: सम्मान, आध्यात्मिक झुकाव
उपाय: गुरुवार पीली वस्तु दान, विष्णु पूजा
⚪ शुक्र (Venus)
कारक तत्व: प्रेम, विवाह, सौंदर्य, कला, विलास
शुभ प्रभाव: आकर्षण, वैवाहिक सुख, रचनात्मकता
अशुभ प्रभाव: भोग-विलास में अति, रिश्तों में भ्रम
मजबूत होने पर: कला/फैशन/मीडिया में सफलता
उपाय: शुक्रवार लक्ष्मी पूजा, सफेद मिठाई दान
⚫ शनि (Saturn)
कारक तत्व: कर्म, न्याय, अनुशासन, आयु
शुभ प्रभाव: धैर्य, दीर्घकालिक सफलता
अशुभ प्रभाव: देरी, संघर्ष, मानसिक दबाव
साढ़ेसाती/ढैय्या: जीवन में परीक्षा का समय
उपाय: शनिवार तेल दान, शनि मंत्र, सेवा
☊ राहु (North Node)
कारक तत्व: भ्रम, विदेश, तकनीक, अचानक परिवर्तन
शुभ प्रभाव: नवाचार, विदेशी अवसर
अशुभ प्रभाव: भ्रम, लत, छल
मजबूत होने पर: असाधारण उन्नति
उपाय: राहु मंत्र, नीला दान, दुर्गा पूजा
☋ केतु (South Node)
कारक तत्व: वैराग्य, मोक्ष, आध्यात्म
शुभ प्रभाव: अंतर्ज्ञान, साधना
अशुभ प्रभाव: एकाकीपन, अनिश्चितता
मजबूत होने पर: आध्यात्मिक प्रगति
🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
🌤️ *दिनांक - 24 फरवरी 2026*
🌤️ *दिन - मंगलवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2082*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन - उत्तरायण*
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🌤️ *पक्ष - शुक्ल*
🌤️ *तिथि - अष्टमी 25 फरवरी प्रातः 04:51 तक तत्पश्चात नवमी*
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🌤️ *योग - इन्द्र सुबह 07:24 तक तत्पश्चात वैधृति*
🌤️*राहुकाल - शाम 03:46 से शाम 05:14 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 07:04*
🌤️ *सूर्यास्त - 06:39*
👉 *दिशाशूल - उत्तर दिशा मे*
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🌷 *कालसर्प योग से मुक्ति पाने* 🌷
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🌷 *ब्रम्हवृक्ष पलाश* 🌷
🍂 *पलाश को हिंदी में ढ़ाक, टेसू, बंगाली में पलाश, मराठी में पळस, गुजराती में केसुडा कहते है | इसके पत्त्तों से बनी पत्तलों पर भोजन करने से चाँदी – पात्र में किये भोजन तुल्य लाभ मिलते हैं |*
🙏🏻 *‘लिंग पुराण’ में आता है कि पलाश की समिधा से ‘ॐ नम: शिवाय’ मंत्र द्वारा १० हजार आहुतियाँ दें तो सभी रोगों का शमन होता है |*
🥀 *पलाश के फूल : प्रेमह (मुत्रसंबंधी विकारों) में: पलाश-पुष्प का काढ़ा (५० मि.ली.) मिश्री मिलाकर पिलायें |*
🙏🏻 नवग्रह हिंदू ज्योतिष का मूल आधार हैं। जन्म-कुंडली में इन 9 ग्रहों की स्थिति, दृष्टि, राशि और भाव जीवन के हर क्षेत्र—स्वभाव, करियर, विवाह, स्वास्थ्य, धन और आध्यात्म—पर प्रभाव डालती है। नीचे हर ग्रह को और विस्तार से समझिए:
🌞 सूर्य (Sun)
कारक तत्व: आत्मा, अहं, मान-सम्मान, पिता, शासन
शुभ प्रभाव: आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, सरकारी सफलता
अशुभ प्रभाव: अहंकार, पिता से मतभेद, हृदय/नेत्र समस्या
मजबूत होने पर: व्यक्ति तेजस्वी, निर्णायक
उपाय: रविवार व्रत, सूर्य को अर्घ्य, आदित्य हृदय स्तोत्र
🌙 चंद्र (Moon)
कारक तत्व: मन, भावनाएँ, माता, जन-संपर्क
शुभ प्रभाव: शांति, लोकप्रियता, संवेदनशीलता
अशुभ प्रभाव: चंचल मन, तनाव, नींद की समस्या
मजबूत होने पर: करुणा, कल्पनाशीलता
उपाय: सोमवार व्रत, दूध/चावल दान, शिव पूजा
🔴 मंगल (Mars)
कारक तत्व: साहस, शक्ति, भूमि, भाई, रक्त
शुभ प्रभाव: ऊर्जा, खेल/सेना/तकनीक में सफलता
अशुभ प्रभाव: क्रोध, दुर्घटना, विवाद
मंगल दोष: विवाह में देरी/तनाव
उपाय: मंगलवार हनुमान पूजा, मसूर दाल दान
🟢 बुध (Mercury)
कारक तत्व: बुद्धि, वाणी, गणित, व्यापार
शुभ प्रभाव: तर्कशक्ति, संचार, लेखन
अशुभ प्रभाव: भ्रम, गलत निर्णय, वाणी दोष
मजबूत होने पर: व्यवसायिक चतुराई
उपाय: बुधवार गणेश पूजा, हरा चारा दान
🟡 गुरु / बृहस्पति (Jupiter)
कारक तत्व: ज्ञान, धर्म, शिक्षक, संतान, धन
शुभ प्रभाव: नैतिकता, भाग्य वृद्धि, विवाह सुख
अशुभ प्रभाव: गलत सलाह, शिक्षा में बाधा
मजबूत होने पर: सम्मान, आध्यात्मिक झुकाव
उपाय: गुरुवार पीली वस्तु दान, विष्णु पूजा
⚪ शुक्र (Venus)
कारक तत्व: प्रेम, विवाह, सौंदर्य, कला, विलास
शुभ प्रभाव: आकर्षण, वैवाहिक सुख, रचनात्मकता
अशुभ प्रभाव: भोग-विलास में अति, रिश्तों में भ्रम
मजबूत होने पर: कला/फैशन/मीडिया में सफलता
उपाय: शुक्रवार लक्ष्मी पूजा, सफेद मिठाई दान
⚫ शनि (Saturn)
कारक तत्व: कर्म, न्याय, अनुशासन, आयु
शुभ प्रभाव: धैर्य, दीर्घकालिक सफलता
अशुभ प्रभाव: देरी, संघर्ष, मानसिक दबाव
साढ़ेसाती/ढैय्या: जीवन में परीक्षा का समय
उपाय: शनिवार तेल दान, शनि मंत्र, सेवा
☊ राहु (North Node)
कारक तत्व: भ्रम, विदेश, तकनीक, अचानक परिवर्तन
शुभ प्रभाव: नवाचार, विदेशी अवसर
अशुभ प्रभाव: भ्रम, लत, छल
मजबूत होने पर: असाधारण उन्नति
उपाय: राहु मंत्र, नीला दान, दुर्गा पूजा
☋ केतु (South Node)
कारक तत्व: वैराग्य, मोक्ष, आध्यात्म
शुभ प्रभाव: अंतर्ज्ञान, साधना
अशुभ प्रभाव: एकाकीपन, अनिश्चितता
मजबूत होने पर: आध्यात्मिक प्रगति
उपाय: केतु मंत्र, गणेश पूजा, कंबल दान
🔯 कुंडली में नवग्रह कैसे काम करते हैं?
राशि: ग्रह किस राशि में है
भाव: जीवन का कौन-सा क्षेत्र प्रभावित
दृष्टि: ग्रह की नजर किन भावों पर
दशा/महादशा: समय के अनुसार फल
महत्वपूर्ण: राहु-केतु भौतिक ग्रह नहीं हैं, पर कर्म और समय को तीव्र गति से प्रभावित करते हैं—इसलिए इनका प्रभाव गहरा माना जाता है।
🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
🙏🏻🌷💐🌸🌼🌹🍀🌺💐🙏🏻
🌹 जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं बधाई और शुभ आशीष 🌹
आपका जन्मदिन: 24 फरवरी
दिनांक 24 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 6 होगा। आपमें गजब का आत्मविश्वास है। इसी आत्मविश्वास के कारण आप किसी भी परिस्थिति में डगमगाते नहीं है। आपको सुगंध का शौक होगा। इस अंक से प्रभावित व्यक्ति आकर्षक, विनोदी, कलाप्रेमी होते हैं। आप अपनी महत्वाकांक्षा के प्रति गंभीर होते हैं। अगर आप स्त्री हैं तो पुरुषों के प्रति आपकी दिलचस्पी होगी। लेकिन आप दिल के बुरे नहीं है। 6 मूलांक शुक्र ग्रह द्वारा संचालित होता है। अत: शुक्र से प्रभावित बुराई भी आपमें पाई जा सकती है। जैसे स्त्री जाति के प्रति आपमें सहज झुकाव होगा।
आपके लिए खास
शुभ दिनांक : 6, 15, 24
शुभ अंक : 6, 15, 24, 33, 42, 51, 69, 78
शुभ वर्ष : 2029
ईष्टदेव : मां सरस्वती, महालक्ष्मी
शुभ रंग : क्रीम, सफेद, लाल, बैंगनी
आपकी जन्मतिथि के अनुसार भविष्यफल
करियर: नौकरीपेशा व्यक्ति अपने परिश्रम के बल पर उन्नति के हकदार होंगे। बैक परीक्षाओं में भी सफलता अर्जित करेंगे। लेखन संबंधी मामलों के लिए उत्तम होती है। जो विद्यार्थी सीए की परीक्षा देंगे उनके लिए शुभ रहेगा।
परिवार: दाम्पत्य जीवन में मिली जुली स्थिति रहेगी। विवाह के योग भी बनेंगे। स्त्री पक्ष का सहयोग मिलने से प्रसन्नता रहेगी।
कारोबार: आर्थिक मामलों में सभंलकर चलना होगा। व्यापार-व्यवसाय में भी सफलता रहेगी।
मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज के दिन आपका व्यक्तित्त्व निखरा हुआ रहेगा लेकिन स्वभाव में जिद और अहम भी रहने से लोग आपकी बातो का गलत अर्थ ही निकालेंगे। मध्यान से पहले तक एकाग्रता अधिक रहेगी मानसिक रूप से शांत रहने के कारण दैनिक पूजा पाठ में आज अधिक मन लगेगा लेकिन दोपहर बाद कार्य भार बढ़ने से एकाग्रता भंग होगी जिस कार्य को करना है उसे छोड़ व्यर्थ के कार्यो में रुचि लेंगे। कार्य व्यवसाय में मेहनत से पीछे नही हटेंगे परन्तु तुरंत फल पाने की चाह मानसिक अशांति बढ़ाएगी धैर्य से काम ले आज आवश्यकता अनुसार आर्थिक लाभ अवश्य होगा भले थोड़ा विलंब से ही हो। पारिवारिक वातावरण अपने काम से काम रखने तक ही शांत रहेगा किसी को ताने मारना अथवा कार्य मे दखल देना परेशानी में डालेगा। सेहत छोटी मोटी व्याधि को छोड़ सामान्य रहेगी।
वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
आज के दिन भी आप अपने मन की ही सुनेंगे और करेंगे। व्यवहारिकता रहेगी फिर भी अपने मे ही मगन रहेंगे किसी का कार्यो में दखल देना आपको भायेगा नही। कार्य व्यवसाय में आज बुद्धि और धन दोनो लगाने पर ही लाभ कमाया जा सकता है। सहकर्मी आपके अड़ियल व्यवहार से परेशान रहेंगे कहासुनी भी हो सकती है फिर भी आज संध्या के समय धन की प्राप्ति किसी पुराने साधन के द्वारा हो ही जाएगी। मन मे लंबी यात्रा के विचार बनेंगे लेकिन आज करना केवल खर्च बढ़ाना मात्र रहेगा इससे लाभ की आशा ना रखें। घर का वातावरण भी आज ढुलमुल रहेगा वादा पूरा करने में आनाकानी करेंगे जिससे परिजनों के मन मे कड़वाहट आएगी। सेहत आज सामान्य रहेगी फिर भी लोहे के उपकरणों से सावधान रहें।
मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आज के दिन भी आपको घरेलू एवं सामाजिक क्षेत्र पर प्रतिकूल फल मिलने वाले है। दिन के आरंभ से ही आपका स्वभाव अत्यंत रूखा रहेगा लोगो की कमियां खोज खोज कर लड़ने के लिये तैयार रहेंगे घर के सदस्य भी पुरानी गलतियां गिना कर माहौल को अधिक अशांत बनाएंगे। मध्यान बाद स्थिति में थोड़ा सुधार आएगा कार्य क्षेत्र पर आकस्मिक धन लाभ होने से मन की कड़वाहट कम होगी लेकिन धन संबंधित विषयों को लेकर किसी न किसी से कलह भी हो सकती है। संध्या का समय व्यवसाय में वृद्धि करेगा लेकिन धन लाभ होने की जगह आश्वासन ही मिलेंगे। घर में भी वातावरण पहले से शांत बनेगा पर पूरी तरह शांत होने में समय लग सकता है। अनैतिक कार्यो से दूर रहे शारीरिक हानि के साथ मान भंग होने की संभावना है। मानसिक अशांति अन्य विकारों को जन्म देगी शान्त रहने का प्रयास करें।
कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
🔯 कुंडली में नवग्रह कैसे काम करते हैं?
राशि: ग्रह किस राशि में है
भाव: जीवन का कौन-सा क्षेत्र प्रभावित
दृष्टि: ग्रह की नजर किन भावों पर
दशा/महादशा: समय के अनुसार फल
महत्वपूर्ण: राहु-केतु भौतिक ग्रह नहीं हैं, पर कर्म और समय को तीव्र गति से प्रभावित करते हैं—इसलिए इनका प्रभाव गहरा माना जाता है।
🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
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🌹 जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं बधाई और शुभ आशीष 🌹
आपका जन्मदिन: 24 फरवरी
दिनांक 24 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 6 होगा। आपमें गजब का आत्मविश्वास है। इसी आत्मविश्वास के कारण आप किसी भी परिस्थिति में डगमगाते नहीं है। आपको सुगंध का शौक होगा। इस अंक से प्रभावित व्यक्ति आकर्षक, विनोदी, कलाप्रेमी होते हैं। आप अपनी महत्वाकांक्षा के प्रति गंभीर होते हैं। अगर आप स्त्री हैं तो पुरुषों के प्रति आपकी दिलचस्पी होगी। लेकिन आप दिल के बुरे नहीं है। 6 मूलांक शुक्र ग्रह द्वारा संचालित होता है। अत: शुक्र से प्रभावित बुराई भी आपमें पाई जा सकती है। जैसे स्त्री जाति के प्रति आपमें सहज झुकाव होगा।
आपके लिए खास
शुभ दिनांक : 6, 15, 24
शुभ अंक : 6, 15, 24, 33, 42, 51, 69, 78
शुभ वर्ष : 2029
ईष्टदेव : मां सरस्वती, महालक्ष्मी
शुभ रंग : क्रीम, सफेद, लाल, बैंगनी
आपकी जन्मतिथि के अनुसार भविष्यफल
करियर: नौकरीपेशा व्यक्ति अपने परिश्रम के बल पर उन्नति के हकदार होंगे। बैक परीक्षाओं में भी सफलता अर्जित करेंगे। लेखन संबंधी मामलों के लिए उत्तम होती है। जो विद्यार्थी सीए की परीक्षा देंगे उनके लिए शुभ रहेगा।
परिवार: दाम्पत्य जीवन में मिली जुली स्थिति रहेगी। विवाह के योग भी बनेंगे। स्त्री पक्ष का सहयोग मिलने से प्रसन्नता रहेगी।
कारोबार: आर्थिक मामलों में सभंलकर चलना होगा। व्यापार-व्यवसाय में भी सफलता रहेगी।
मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज के दिन आपका व्यक्तित्त्व निखरा हुआ रहेगा लेकिन स्वभाव में जिद और अहम भी रहने से लोग आपकी बातो का गलत अर्थ ही निकालेंगे। मध्यान से पहले तक एकाग्रता अधिक रहेगी मानसिक रूप से शांत रहने के कारण दैनिक पूजा पाठ में आज अधिक मन लगेगा लेकिन दोपहर बाद कार्य भार बढ़ने से एकाग्रता भंग होगी जिस कार्य को करना है उसे छोड़ व्यर्थ के कार्यो में रुचि लेंगे। कार्य व्यवसाय में मेहनत से पीछे नही हटेंगे परन्तु तुरंत फल पाने की चाह मानसिक अशांति बढ़ाएगी धैर्य से काम ले आज आवश्यकता अनुसार आर्थिक लाभ अवश्य होगा भले थोड़ा विलंब से ही हो। पारिवारिक वातावरण अपने काम से काम रखने तक ही शांत रहेगा किसी को ताने मारना अथवा कार्य मे दखल देना परेशानी में डालेगा। सेहत छोटी मोटी व्याधि को छोड़ सामान्य रहेगी।
वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
आज के दिन भी आप अपने मन की ही सुनेंगे और करेंगे। व्यवहारिकता रहेगी फिर भी अपने मे ही मगन रहेंगे किसी का कार्यो में दखल देना आपको भायेगा नही। कार्य व्यवसाय में आज बुद्धि और धन दोनो लगाने पर ही लाभ कमाया जा सकता है। सहकर्मी आपके अड़ियल व्यवहार से परेशान रहेंगे कहासुनी भी हो सकती है फिर भी आज संध्या के समय धन की प्राप्ति किसी पुराने साधन के द्वारा हो ही जाएगी। मन मे लंबी यात्रा के विचार बनेंगे लेकिन आज करना केवल खर्च बढ़ाना मात्र रहेगा इससे लाभ की आशा ना रखें। घर का वातावरण भी आज ढुलमुल रहेगा वादा पूरा करने में आनाकानी करेंगे जिससे परिजनों के मन मे कड़वाहट आएगी। सेहत आज सामान्य रहेगी फिर भी लोहे के उपकरणों से सावधान रहें।
मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आज के दिन भी आपको घरेलू एवं सामाजिक क्षेत्र पर प्रतिकूल फल मिलने वाले है। दिन के आरंभ से ही आपका स्वभाव अत्यंत रूखा रहेगा लोगो की कमियां खोज खोज कर लड़ने के लिये तैयार रहेंगे घर के सदस्य भी पुरानी गलतियां गिना कर माहौल को अधिक अशांत बनाएंगे। मध्यान बाद स्थिति में थोड़ा सुधार आएगा कार्य क्षेत्र पर आकस्मिक धन लाभ होने से मन की कड़वाहट कम होगी लेकिन धन संबंधित विषयों को लेकर किसी न किसी से कलह भी हो सकती है। संध्या का समय व्यवसाय में वृद्धि करेगा लेकिन धन लाभ होने की जगह आश्वासन ही मिलेंगे। घर में भी वातावरण पहले से शांत बनेगा पर पूरी तरह शांत होने में समय लग सकता है। अनैतिक कार्यो से दूर रहे शारीरिक हानि के साथ मान भंग होने की संभावना है। मानसिक अशांति अन्य विकारों को जन्म देगी शान्त रहने का प्रयास करें।
कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज का दिन लाभदायक है आज आप जिस भी कार्य को करने का मन बनाएंगे परिस्थितियां पहले से ही इसके अनुकूल बनने लगे जाएंगी। कार्य क्षेत्र पर प्रतिस्पर्धा रहने पर भी आपके व्यवसाय को प्रभावित नही कर पायेगी। नौकरी पेशाओ को अपने कार्य मे विजय मिलने से अधिकारी वर्ग से निकटता बढ़ेगी लेकिन बच कर भी रहे आज जिससे भी प्रेम संबंधों में घनिष्ठता बढ़ेगी वही कुछ ना कुछ भार आपके ऊपर डालेगा जिससे अपने कार्यो अथवा हितों की हानि हो सकती है। धन लाभ के लिये ज्यादा भागदौड़ नही करनी पड़ेगा सहज रूप से होने पर निश्चिन्त रहेंगे। गृहस्थी में सुख शांति बनी रहेगी पैतृक साधनों में वृद्धि करने से घर के बड़े बुजुर्ग प्रसन्न रहेंगे लेकिन महिलाए किसी बात को लेकर मुह फुलायेंगी सेहत मामूली बातो को छोड़ ठीक ही रहेगी।
सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आज का दिन भी कार्य सफलता दायक रहेगा लेकिन आज आपको गलत मार्गदर्शन करने वाले भी मिलेंगे जो आपके हितैषी बनकर बेवजह ही उटपटांग सलाह देकर मार्गभ्रमित करेंगे। किसी भी कार्य को करने से पहले घर मे बुजुर्गों की सलाह अवश्य लें सफलता निश्चत होगी। व्यावसायिक क्षेत्र पर आज अन्य दिनों की तुलना में अधिक माथापच्ची करनी पड़ेगी धन लाभ के कई अवसर मिलेंगे लेकिन बेवजह के खर्च भी आज अधिक रहेंगे जिससे थोड़ा बहुत लाभ ही हाथ लगेगा। आज जोखिम वाले कार्यो में निवेश से बचे अन्यथा धन फंस सकता है। आध्यात्म के क्षेत्र से जुड़े जातको को साधना में नई अनुभूति होगी। गूढ़ विषयो को जानने की लालसा बढ़ेगी। सेहत में कुछ विकार भी आ सकता है। पेट से ऊपर के भाग संबंधित परेशानी की संभावना है।
कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज का दिन भी आपकी आशा के अनुकूल रहेगा लेकिन आज आप लाभ पाने के लिये गलत हथकंडे अपनाएंगे जिससे सामाजिक क्षेत्र पर आलोचना हो सकती है। पुराने कार्य से धन की आमद निश्चित रहेगी फिर भी ज्यादा पाने की लालसा में चैन से ना खुद बैठेंगे ना ही कार्य क्षेत्र पर अन्य सहयोगियों को बैठने देंगे। सहकर्मी मन ही मन आपको बुराभला कहेंगे पर आर्थिक रूप से मदद मिलने पर व्यवहार बदल जायेगा। व्यवसाय में नए प्रतिद्वन्दी उभरेंगे लेकिन आज आपका चाहकर भी अहित नही कर पाएंगे। भागीदारी के कार्यो में निवेश से बचें। घर मे किसी के ऊपर नाजायज दबाव डालने से कलह हो सकती है। नेत्र, हड्डी, मूत्र संबंधित समस्या होने की संभावना है।
तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आज भी दिन आपके लिये प्रतिकूल रहने वाला है सेहत में आज भी कुछ ना कुछ विकार रहने से कार्य करने का मन नही करेगा आज आपको ज्यादा भाग दौड़ अथवा मेहनत के कार्य से बचना चाहिये अन्यथा स्थिति गंभीर भी हो सकती है। मध्यान के समय कार्यो को जबरदस्ती करेंगे जिससे थकान बढ़ेंगी और काम मे भी कुछ ना कुछ नुक्स रह जायेगा। दोपहर बाद का समय थोड़ा राहत वाला रहेगा किसी स्वजन की सहायता से धन अथवा अन्य प्रकार से लाभ होगा सेहत में सुधार तो आएगा परन्तु विपरीत लिंगीय आकर्षण भी बढ़ने से अपमान जैसी स्थिति बनेगी। घर के सदस्यों का सहयोग आज कम ही मिलेगा पति पत्नी एकदूसरे को शंका की दृष्टि से देखेंगे। यात्रा ना करें।
वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आज का दिन आपकी आशाओं पर खरा उतरेगा दिनचर्या भी आज व्यवस्थित रहने का फायदा मिलेगा। दिन के आरंभ में कार्य करने की गति थोड़ी धीमी रहेगी लेकिन मध्यान से धीरे धीरे गति आने लगेगी एक बार सफ़लता का स्वाद चखने के बाद अधिक निष्ठा से कार्यो में तल्लीन हो जाएंगे। धन की आमद रुक रुक कर पर एकसाथ कई मार्ग से होने पर उत्साहित रहेंगे। जोखिम आज बेजीझक ले सकते है लाभ ही होगा। मध्यान बाद आपका ध्यान कार्य क्षेत्र पर कम मनोरंजन पर अधिक रहेगा जल्दबाजी में कार्य करेंगे जिससे कुछ त्रुटि होने की संभावना है सतर्क होकर कार्य करें। पारिवारिक वातावरण लगभग शांत ही रहेगा किसी की जिद के आगे झुकना पड़ेगा। जोड़ो में तकलीफ हो सकती है।
धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज के दिन आपको घर और कारोबार में तालमेल बैठाने में परेशानी आएगी। दिमाग मे व्यवसाय सम्बंधित उलझने दिन के आरंभ से ही लगी रहेंगी उपर से घरेलू कार्य का बोझ आने से दुविधा में रहेंगे घर के बुजुर्गों का सहयोग भी कम रहने से स्वयं को ही अधिकांश कार्य निपटाने पड़ेंगे। दोपहर बाद भागदौड़ से निजात मिलेगी लेकिन व्यावसायिक कारणों से व्यस्तता बढ़ेगी कार्य क्षेत्र का माहौल अकस्मात बदलने से थोड़ी असहजता होगी फिर भी सहयोगियों की मदद से इससे पर पा लेंगे धन की आमद टलते टलते संध्या के समय अचानक होगी। घर मे आज किसी के नाराज होने से वातावरण कुछ समय के लिये उदासीन बनेगा बात मानने पर सामान्य हो जाएगा संचित धन में कमी आएगी सेहत में भी कुछ न कुछ विकार रहेगा पर कार्य रुकने नही देंगे।
सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आज का दिन भी कार्य सफलता दायक रहेगा लेकिन आज आपको गलत मार्गदर्शन करने वाले भी मिलेंगे जो आपके हितैषी बनकर बेवजह ही उटपटांग सलाह देकर मार्गभ्रमित करेंगे। किसी भी कार्य को करने से पहले घर मे बुजुर्गों की सलाह अवश्य लें सफलता निश्चत होगी। व्यावसायिक क्षेत्र पर आज अन्य दिनों की तुलना में अधिक माथापच्ची करनी पड़ेगी धन लाभ के कई अवसर मिलेंगे लेकिन बेवजह के खर्च भी आज अधिक रहेंगे जिससे थोड़ा बहुत लाभ ही हाथ लगेगा। आज जोखिम वाले कार्यो में निवेश से बचे अन्यथा धन फंस सकता है। आध्यात्म के क्षेत्र से जुड़े जातको को साधना में नई अनुभूति होगी। गूढ़ विषयो को जानने की लालसा बढ़ेगी। सेहत में कुछ विकार भी आ सकता है। पेट से ऊपर के भाग संबंधित परेशानी की संभावना है।
कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज का दिन भी आपकी आशा के अनुकूल रहेगा लेकिन आज आप लाभ पाने के लिये गलत हथकंडे अपनाएंगे जिससे सामाजिक क्षेत्र पर आलोचना हो सकती है। पुराने कार्य से धन की आमद निश्चित रहेगी फिर भी ज्यादा पाने की लालसा में चैन से ना खुद बैठेंगे ना ही कार्य क्षेत्र पर अन्य सहयोगियों को बैठने देंगे। सहकर्मी मन ही मन आपको बुराभला कहेंगे पर आर्थिक रूप से मदद मिलने पर व्यवहार बदल जायेगा। व्यवसाय में नए प्रतिद्वन्दी उभरेंगे लेकिन आज आपका चाहकर भी अहित नही कर पाएंगे। भागीदारी के कार्यो में निवेश से बचें। घर मे किसी के ऊपर नाजायज दबाव डालने से कलह हो सकती है। नेत्र, हड्डी, मूत्र संबंधित समस्या होने की संभावना है।
तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आज भी दिन आपके लिये प्रतिकूल रहने वाला है सेहत में आज भी कुछ ना कुछ विकार रहने से कार्य करने का मन नही करेगा आज आपको ज्यादा भाग दौड़ अथवा मेहनत के कार्य से बचना चाहिये अन्यथा स्थिति गंभीर भी हो सकती है। मध्यान के समय कार्यो को जबरदस्ती करेंगे जिससे थकान बढ़ेंगी और काम मे भी कुछ ना कुछ नुक्स रह जायेगा। दोपहर बाद का समय थोड़ा राहत वाला रहेगा किसी स्वजन की सहायता से धन अथवा अन्य प्रकार से लाभ होगा सेहत में सुधार तो आएगा परन्तु विपरीत लिंगीय आकर्षण भी बढ़ने से अपमान जैसी स्थिति बनेगी। घर के सदस्यों का सहयोग आज कम ही मिलेगा पति पत्नी एकदूसरे को शंका की दृष्टि से देखेंगे। यात्रा ना करें।
वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आज का दिन आपकी आशाओं पर खरा उतरेगा दिनचर्या भी आज व्यवस्थित रहने का फायदा मिलेगा। दिन के आरंभ में कार्य करने की गति थोड़ी धीमी रहेगी लेकिन मध्यान से धीरे धीरे गति आने लगेगी एक बार सफ़लता का स्वाद चखने के बाद अधिक निष्ठा से कार्यो में तल्लीन हो जाएंगे। धन की आमद रुक रुक कर पर एकसाथ कई मार्ग से होने पर उत्साहित रहेंगे। जोखिम आज बेजीझक ले सकते है लाभ ही होगा। मध्यान बाद आपका ध्यान कार्य क्षेत्र पर कम मनोरंजन पर अधिक रहेगा जल्दबाजी में कार्य करेंगे जिससे कुछ त्रुटि होने की संभावना है सतर्क होकर कार्य करें। पारिवारिक वातावरण लगभग शांत ही रहेगा किसी की जिद के आगे झुकना पड़ेगा। जोड़ो में तकलीफ हो सकती है।
धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज के दिन आपको घर और कारोबार में तालमेल बैठाने में परेशानी आएगी। दिमाग मे व्यवसाय सम्बंधित उलझने दिन के आरंभ से ही लगी रहेंगी उपर से घरेलू कार्य का बोझ आने से दुविधा में रहेंगे घर के बुजुर्गों का सहयोग भी कम रहने से स्वयं को ही अधिकांश कार्य निपटाने पड़ेंगे। दोपहर बाद भागदौड़ से निजात मिलेगी लेकिन व्यावसायिक कारणों से व्यस्तता बढ़ेगी कार्य क्षेत्र का माहौल अकस्मात बदलने से थोड़ी असहजता होगी फिर भी सहयोगियों की मदद से इससे पर पा लेंगे धन की आमद टलते टलते संध्या के समय अचानक होगी। घर मे आज किसी के नाराज होने से वातावरण कुछ समय के लिये उदासीन बनेगा बात मानने पर सामान्य हो जाएगा संचित धन में कमी आएगी सेहत में भी कुछ न कुछ विकार रहेगा पर कार्य रुकने नही देंगे।
मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आज के दिन बीते दिन की अपेक्षा आपका स्वभाव एकदम विपरीत रहेगा आज आपके अंदर व्यवहारिकता अधिक रहेगी सार्वजिक क्षेत्र पर मीठी वाणी के बल पर वरिष्ठ लोगो से नए संबंध बनेंगे इसने भविष्य में कुछ न कुछ लाभ अवश्य होगा। पराक्रम शक्ति प्रबल रहने पर भी काम-धंधे से मध्यान तक दौड़धूप के बाद भी सकारात्मक परिणाम ना मिलने से मायूसी आएगी लेकिन संध्या के समय मेहनत का फल धन लाभ के रूप में मिलने से मन को राहत पहुचेगी। संध्या के समय भी व्यवसाय में गति रहेगी लेकिन खर्च बढ़ने से संचय नही कर पाएंगे। घर मे मातृ शक्ति की अधिक चलेगी काम निकालने के लिये खुशामद करनी पड़ेगी। भूमि वाहन सुख आज उत्तम रहेगा। व्यावसायिक चिंता को छोड़ सेहत ठीक ही रहेगी।
कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज के दिन से आपको ज्यादा लाभ की उम्मीद नही रहेगी। दिन के आरम्भ से ही मौसमी बीमारियों का प्रकोप कार्य करने का उत्साह खत्म करेगा। व्यवसाय में भी डर का वातावरण महत्तवपूर्ण निर्णय लेने से रोकेगा लेकिन आज आप मन की सुनने की अपेक्षा दिमाग का प्रयोग करें जहां हानि कि सम्भवना रहेगी वहां से आकस्मिक लाभ मिल सकता है। माता की भी सेहत खराब होने से दौड़धूप करनी पड़ेगी घर मे किसी न किसी की बीमारी पर खर्च बढ़ेगा। मध्यान से स्थिति में सुधार आने लगेगा बीमारी में थोड़ा सुधार आने पर व्यवसाय की चिंता सताएगी फिर भी ज्यादा भागदौड़ से बचे अन्यथा संध्या बाद तबियत फिर से खराब होने पर थोड़े बहुत कार्य भी नही कर पाएंगे। संतोषी वृति अपनाए सुखी रहेंगे।
मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आज का दिन भी आपको आर्थिक समृद्धि प्रदान करेगा लेकिन आज खर्च करते समय सोच विचार अवश्य करें ठगे जाने अथवा अन्य कारणों से हानि हो सकती है घर के बड़े परिजन भी आपकी फिजूल खर्ची से नाराज होंगे इसके बाद ही मितव्ययी बनेंगे। कार्य क्षेत्र से दिन के पूर्वार्द्ध में ही अनुकूल वातावरण मिलेगा धन की आमद असमय होने से आश्चर्य में पढ़ेंगे। दूर रहने वाले स्वयंजन से कोई अप्रिय सूचना मिलने से कुछ समय के लिये उदासी छाएगी फिर भी अन्य क्षेत्रों से उत्साहित करने वाले प्रसंग बनते रहेंगे। वाहन चलाते समय विशेष सावधानी रखें अकस्मात दुर्घटना में चोटादि का भय है शरीर मे दुखन एवं मूत्राशय संबंधित संमस्या होगी।🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🍂🍂🍂🍂🍂🍂🍂🍂🍂🍂🍂🍂🍂🍂🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺
आज के दिन बीते दिन की अपेक्षा आपका स्वभाव एकदम विपरीत रहेगा आज आपके अंदर व्यवहारिकता अधिक रहेगी सार्वजिक क्षेत्र पर मीठी वाणी के बल पर वरिष्ठ लोगो से नए संबंध बनेंगे इसने भविष्य में कुछ न कुछ लाभ अवश्य होगा। पराक्रम शक्ति प्रबल रहने पर भी काम-धंधे से मध्यान तक दौड़धूप के बाद भी सकारात्मक परिणाम ना मिलने से मायूसी आएगी लेकिन संध्या के समय मेहनत का फल धन लाभ के रूप में मिलने से मन को राहत पहुचेगी। संध्या के समय भी व्यवसाय में गति रहेगी लेकिन खर्च बढ़ने से संचय नही कर पाएंगे। घर मे मातृ शक्ति की अधिक चलेगी काम निकालने के लिये खुशामद करनी पड़ेगी। भूमि वाहन सुख आज उत्तम रहेगा। व्यावसायिक चिंता को छोड़ सेहत ठीक ही रहेगी।
कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज के दिन से आपको ज्यादा लाभ की उम्मीद नही रहेगी। दिन के आरम्भ से ही मौसमी बीमारियों का प्रकोप कार्य करने का उत्साह खत्म करेगा। व्यवसाय में भी डर का वातावरण महत्तवपूर्ण निर्णय लेने से रोकेगा लेकिन आज आप मन की सुनने की अपेक्षा दिमाग का प्रयोग करें जहां हानि कि सम्भवना रहेगी वहां से आकस्मिक लाभ मिल सकता है। माता की भी सेहत खराब होने से दौड़धूप करनी पड़ेगी घर मे किसी न किसी की बीमारी पर खर्च बढ़ेगा। मध्यान से स्थिति में सुधार आने लगेगा बीमारी में थोड़ा सुधार आने पर व्यवसाय की चिंता सताएगी फिर भी ज्यादा भागदौड़ से बचे अन्यथा संध्या बाद तबियत फिर से खराब होने पर थोड़े बहुत कार्य भी नही कर पाएंगे। संतोषी वृति अपनाए सुखी रहेंगे।
मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आज का दिन भी आपको आर्थिक समृद्धि प्रदान करेगा लेकिन आज खर्च करते समय सोच विचार अवश्य करें ठगे जाने अथवा अन्य कारणों से हानि हो सकती है घर के बड़े परिजन भी आपकी फिजूल खर्ची से नाराज होंगे इसके बाद ही मितव्ययी बनेंगे। कार्य क्षेत्र से दिन के पूर्वार्द्ध में ही अनुकूल वातावरण मिलेगा धन की आमद असमय होने से आश्चर्य में पढ़ेंगे। दूर रहने वाले स्वयंजन से कोई अप्रिय सूचना मिलने से कुछ समय के लिये उदासी छाएगी फिर भी अन्य क्षेत्रों से उत्साहित करने वाले प्रसंग बनते रहेंगे। वाहन चलाते समय विशेष सावधानी रखें अकस्मात दुर्घटना में चोटादि का भय है शरीर मे दुखन एवं मूत्राशय संबंधित संमस्या होगी।🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🍂🍂🍂🍂🍂🍂🍂🍂🍂🍂🍂🍂🍂🍂🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺
आज से *होलाष्टक* शुरु हो रहे हैं
*होलाष्टक* का तंत्र जगत मे काफी मेहत्व है
बीते कुछ वर्षों में होली पर तंत्र-मंत्र और टोने-टोटके का प्रचलन आत्याधिक बढ़ गया है। होलाष्टक की समयावधि को तांत्रिक सिद्ध मानते हैं। शास्त्रों में होलिकादहन के महत्वपूर्ण दिन को दारुण रात्रि कहा गया है।
*होली पर बचें तंत्र-मंत्र व टोटकों के वार से*
होलिका दहन वाले पूरे दिन काले कपड़े में काले तिल बांधकर अपनी जेब में रखें। रात को जलती होली में उन्हें डाल दें।
टोटके का प्रयोग सिर पर जल्दी होता है, इसलिए सिर को टोपी आदि से ढके रहें।
टोने-टोटके हेतु सफेद खाद्य पदार्थों का उपयोग किया जाता है। होलिका दहन वाले दिन सफेद खाद्य पदार्थों के सेवन से बचें।
*होलाष्टक* का तंत्र जगत मे काफी मेहत्व है
बीते कुछ वर्षों में होली पर तंत्र-मंत्र और टोने-टोटके का प्रचलन आत्याधिक बढ़ गया है। होलाष्टक की समयावधि को तांत्रिक सिद्ध मानते हैं। शास्त्रों में होलिकादहन के महत्वपूर्ण दिन को दारुण रात्रि कहा गया है।
*होली पर बचें तंत्र-मंत्र व टोटकों के वार से*
होलिका दहन वाले पूरे दिन काले कपड़े में काले तिल बांधकर अपनी जेब में रखें। रात को जलती होली में उन्हें डाल दें।
टोटके का प्रयोग सिर पर जल्दी होता है, इसलिए सिर को टोपी आदि से ढके रहें।
टोने-टोटके हेतु सफेद खाद्य पदार्थों का उपयोग किया जाता है। होलिका दहन वाले दिन सफेद खाद्य पदार्थों के सेवन से बचें।
🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
🌤️ *दिनांक - 28 फरवरी 2026*
🌤️ *दिन - शनिवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2082*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन - उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु - वसंत ॠतु*
🌤️ *मास - फाल्गुन*
🌤️ *पक्ष - शुक्ल*
🌤️ *तिथि - द्वादशी रात्रि 08:43 तक तत्पश्चात त्रयोदशी*
🌤️ *नक्षत्र - पुनर्वसु सुबह 09:35 तक तत्पश्चात पुष्य*
🌤️ *योग - सौभाग्य शाम 05:02 तक तत्पश्चात शोभन*
🌤️*राहुकाल - सुबह 09:56 से सुबह 11:24 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 07:01*
🌤️ *सूर्यास्त - 06:41*
👉 *दिशाशूल - पूर्व दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण- श्री गोविंद द्वादशी*
💥 *विशेष - द्वादशी को पूतिका(पोई) अथवा त्रयोदशी को बैंगन खाने से पुत्र का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
🚩~*सनातन पंचांग* ~🚩
🌷 *कैसे बदले दुर्भाग्य को सौभाग्य में* 🌷
➡️ *01 मार्च 2026 रविवार को रविपुष्यामृत योग है।*
🌳 *बरगद के पत्ते पर गुरुपुष्य या रविपुष्य योग में हल्दी से स्वस्तिक बनाकर घर में रखें |*
🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
🌷 *प्रदोष व्रत* 🌷
🙏🏻 *हिंदू पंचांग के अनुसार, प्रत्येक महिने की दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत किया जाता है। ये व्रत भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है। इस बार 01 मार्च, रविवार को प्रदोष व्रत है। इस दिन भगवान शिव की विशेष पूजा की जाती है।*
🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
🌷 *होली में क्या करें* 🌷
🙏🏻 *होली की रात्रि चार पुण्यप्रद महारात्रियों में आती है। होली की रात्रि का जागरण और जप बहुत ही फलदायी होता है।*
➡ *ऋतु-परिवर्तन के 10-20 दिनों में नीम के 15 से 20 कोमल पत्तों के साथ 2 काली मिर्च चबाकर खाने से वर्ष भर आरोग्य दृढ़ रहता है। बिना नमक का भोजन 15 दिन लेने वाले की आयु और प्रसन्नता में बढ़ोतरी होती है।*
💥 *होली के बाद खजूर खाना मना है।*
👉🏻 *बाजारू केमिकलों से युक्त रंगों के बदले पलाश के फूलों के रंग से अथवा अन्य प्राकृतिक रंगों से होली खेलनी चाहिए। इससे सप्तरंगों व सप्तधातुओं का संतुलन बना रहता है।*
👉🏻 *अन्य कुछ प्राकृतिक रंगः मेंहदी पाऊडर के साथ आँवले का पाऊडर मिलाने से भूरा रंग। चार चम्मच बेसन में दो चम्मच हल्दी पाऊडर मिलाने से अच्छा पीला रंग बनता है। बेसन के स्थान पर आटा, मैदा, चावल का आटा, आरारोट या मुलतानी मिट्टी का भी उपयोग किया जा सकता है।*
👉🏻 *दो चम्मच हल्दी पाउडर दो लीटर पानी में डालकर अच्छी तरह उबालने से गहरा पीला रंग प्राप्त होता है।*
🍏 *आँवला चूर्ण लोहे के बर्तन में रात भर भिगोने से काला रंग तैयार होता है।*
🙏🏻
🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
🙏🏻🌷💐🌸🌼🌹🍀🌺💐🙏🏻 जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं बधाई और शुभ आशीष
दिनांक 28 को जन्मे व्यक्ति राजसी प्रवृत्ति के व्यक्ति हैं। 2 और 8 आपस में मिलकर 10 होते हैं। इस तरह आपका मूलांक 1 होगा। आपको अपने ऊपर किसी का शासन पसंद नहीं है। आप साहसी और जिज्ञासु हैं। आपका मूलांक सूर्य ग्रह के द्वारा संचालित होता है। आप अत्यंत महत्वाकांक्षी हैं।
आप आशावादी होने के कारण हर स्थिति का सामना करने में सक्षम होते हैं। आप सौन्दर्यप्रेमी हैं। आपमें सबसे ज्यादा प्रभावित करने वाला आपका आत्मविश्वास है। इसकी वजह से आप सहज ही महफिलों में छा जाते हैं। आपकी मानसिक शक्ति प्रबल है। आपको समझ पाना बेहद मुश्किल है।
आपके लिए खास
शुभ दिनांक : 1, 10, 20, 28
शुभ अंक : 1, 10, 20, 28, 37, 46, 55, 64, 73, 82
शुभ वर्ष : 2044, 2053, 2062
ईष्टदेव : सूर्य उपासना तथा मां गायत्री
शुभ रंग : लाल, केसरिया, क्रीम,
आपकी जन्मतिथि के अनुसार भविष्यफल
करिया: नौकरीपेशा के लिए समय उत्तम हैं। पदोन्नति के योग हैं। यह वर्ष आपके लिए अत्यंत सुखद रहेगा। अधूरे कार्यों में सफलता मिलेगी। बेरोजगारों के लिए भी खुशखबर है इस वर्ष आपकी मनोकामना पूरी होगी।
परिवार: पारिवारिक मामलों में महत्वपूर्ण कार्य होंगे। अविवाहितों के लिए सुखद स्थिति बन रही है। विवाह के योग बनेंगे।
सेहत: स्वास्थ्य की दृष्टि से यह वर्ष उत्तम रहेगा।
मेष
आज का दिन आपके लिए उम्मीदों से भरा और बाकी दिनों से कहीं ज्यादा सकारात्मक रहने वाला है। कार्यक्षेत्र में कोई नया पद या जिम्मेदारी मिलने की संभावना है, जिससे आपका मन उत्साह से भर जाएगा और आत्मविश्वास भी मजबूत होगा। विद्यार्थियों को सफलता पाने के लिए एकाग्र होकर मेहनत करनी होगी, क्योंकि यही समय उनकी दिशा तय करेगा। किसी विरोधी की बातों में आकर अपने फैसले कमजोर न करें, क्योंकि आपकी समझ ही आपकी ताकत है। छोटी-छोटी योजनाओं से भी लाभ के अवसर मिलेंगे, जो आगे चलकर बड़े फायदे का आधार बन सकते हैं। व्यवसाय में प्रगति के संकेत हैं, हालांकि प्रॉपर्टी से जुड़ा कोई मुद्दा हल्की चिंता दे सकता है, जिसे धैर्य से संभालना बेहतर रहेगा।
🌤️ *दिनांक - 28 फरवरी 2026*
🌤️ *दिन - शनिवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2082*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन - उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु - वसंत ॠतु*
🌤️ *मास - फाल्गुन*
🌤️ *पक्ष - शुक्ल*
🌤️ *तिथि - द्वादशी रात्रि 08:43 तक तत्पश्चात त्रयोदशी*
🌤️ *नक्षत्र - पुनर्वसु सुबह 09:35 तक तत्पश्चात पुष्य*
🌤️ *योग - सौभाग्य शाम 05:02 तक तत्पश्चात शोभन*
🌤️*राहुकाल - सुबह 09:56 से सुबह 11:24 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 07:01*
🌤️ *सूर्यास्त - 06:41*
👉 *दिशाशूल - पूर्व दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण- श्री गोविंद द्वादशी*
💥 *विशेष - द्वादशी को पूतिका(पोई) अथवा त्रयोदशी को बैंगन खाने से पुत्र का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
🚩~*सनातन पंचांग* ~🚩
🌷 *कैसे बदले दुर्भाग्य को सौभाग्य में* 🌷
➡️ *01 मार्च 2026 रविवार को रविपुष्यामृत योग है।*
🌳 *बरगद के पत्ते पर गुरुपुष्य या रविपुष्य योग में हल्दी से स्वस्तिक बनाकर घर में रखें |*
🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
🌷 *प्रदोष व्रत* 🌷
🙏🏻 *हिंदू पंचांग के अनुसार, प्रत्येक महिने की दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत किया जाता है। ये व्रत भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है। इस बार 01 मार्च, रविवार को प्रदोष व्रत है। इस दिन भगवान शिव की विशेष पूजा की जाती है।*
🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
🌷 *होली में क्या करें* 🌷
🙏🏻 *होली की रात्रि चार पुण्यप्रद महारात्रियों में आती है। होली की रात्रि का जागरण और जप बहुत ही फलदायी होता है।*
➡ *ऋतु-परिवर्तन के 10-20 दिनों में नीम के 15 से 20 कोमल पत्तों के साथ 2 काली मिर्च चबाकर खाने से वर्ष भर आरोग्य दृढ़ रहता है। बिना नमक का भोजन 15 दिन लेने वाले की आयु और प्रसन्नता में बढ़ोतरी होती है।*
💥 *होली के बाद खजूर खाना मना है।*
👉🏻 *बाजारू केमिकलों से युक्त रंगों के बदले पलाश के फूलों के रंग से अथवा अन्य प्राकृतिक रंगों से होली खेलनी चाहिए। इससे सप्तरंगों व सप्तधातुओं का संतुलन बना रहता है।*
👉🏻 *अन्य कुछ प्राकृतिक रंगः मेंहदी पाऊडर के साथ आँवले का पाऊडर मिलाने से भूरा रंग। चार चम्मच बेसन में दो चम्मच हल्दी पाऊडर मिलाने से अच्छा पीला रंग बनता है। बेसन के स्थान पर आटा, मैदा, चावल का आटा, आरारोट या मुलतानी मिट्टी का भी उपयोग किया जा सकता है।*
👉🏻 *दो चम्मच हल्दी पाउडर दो लीटर पानी में डालकर अच्छी तरह उबालने से गहरा पीला रंग प्राप्त होता है।*
🍏 *आँवला चूर्ण लोहे के बर्तन में रात भर भिगोने से काला रंग तैयार होता है।*
🙏🏻
🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
🙏🏻🌷💐🌸🌼🌹🍀🌺💐🙏🏻 जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं बधाई और शुभ आशीष
दिनांक 28 को जन्मे व्यक्ति राजसी प्रवृत्ति के व्यक्ति हैं। 2 और 8 आपस में मिलकर 10 होते हैं। इस तरह आपका मूलांक 1 होगा। आपको अपने ऊपर किसी का शासन पसंद नहीं है। आप साहसी और जिज्ञासु हैं। आपका मूलांक सूर्य ग्रह के द्वारा संचालित होता है। आप अत्यंत महत्वाकांक्षी हैं।
आप आशावादी होने के कारण हर स्थिति का सामना करने में सक्षम होते हैं। आप सौन्दर्यप्रेमी हैं। आपमें सबसे ज्यादा प्रभावित करने वाला आपका आत्मविश्वास है। इसकी वजह से आप सहज ही महफिलों में छा जाते हैं। आपकी मानसिक शक्ति प्रबल है। आपको समझ पाना बेहद मुश्किल है।
आपके लिए खास
शुभ दिनांक : 1, 10, 20, 28
शुभ अंक : 1, 10, 20, 28, 37, 46, 55, 64, 73, 82
शुभ वर्ष : 2044, 2053, 2062
ईष्टदेव : सूर्य उपासना तथा मां गायत्री
शुभ रंग : लाल, केसरिया, क्रीम,
आपकी जन्मतिथि के अनुसार भविष्यफल
करिया: नौकरीपेशा के लिए समय उत्तम हैं। पदोन्नति के योग हैं। यह वर्ष आपके लिए अत्यंत सुखद रहेगा। अधूरे कार्यों में सफलता मिलेगी। बेरोजगारों के लिए भी खुशखबर है इस वर्ष आपकी मनोकामना पूरी होगी।
परिवार: पारिवारिक मामलों में महत्वपूर्ण कार्य होंगे। अविवाहितों के लिए सुखद स्थिति बन रही है। विवाह के योग बनेंगे।
सेहत: स्वास्थ्य की दृष्टि से यह वर्ष उत्तम रहेगा।
मेष
आज का दिन आपके लिए उम्मीदों से भरा और बाकी दिनों से कहीं ज्यादा सकारात्मक रहने वाला है। कार्यक्षेत्र में कोई नया पद या जिम्मेदारी मिलने की संभावना है, जिससे आपका मन उत्साह से भर जाएगा और आत्मविश्वास भी मजबूत होगा। विद्यार्थियों को सफलता पाने के लिए एकाग्र होकर मेहनत करनी होगी, क्योंकि यही समय उनकी दिशा तय करेगा। किसी विरोधी की बातों में आकर अपने फैसले कमजोर न करें, क्योंकि आपकी समझ ही आपकी ताकत है। छोटी-छोटी योजनाओं से भी लाभ के अवसर मिलेंगे, जो आगे चलकर बड़े फायदे का आधार बन सकते हैं। व्यवसाय में प्रगति के संकेत हैं, हालांकि प्रॉपर्टी से जुड़ा कोई मुद्दा हल्की चिंता दे सकता है, जिसे धैर्य से संभालना बेहतर रहेगा।
वृषभ
आज आपके अंदर आगे बढ़ने और खुद को साबित करने की प्रबल इच्छा रहेगी। प्रतिस्पर्धा का भाव आपको मेहनत करने के लिए प्रेरित करेगा और आपकी मधुर वाणी लोगों के दिलों में जगह बनाएगी। सामाजिक गतिविधियों में भाग लेने से आपकी पहचान और सम्मान दोनों बढ़ेंगे। किसी राजनीतिक या प्रशासनिक विषय से जुड़ी हल्की परेशानी आ सकती है, इसलिए सतर्क रहें। लंबी दूरी की यात्रा का विचार बन सकता है, जो आपके लिए नए अनुभव लेकर आएगा। विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा के रास्ते खुलते दिख रहे हैं और दिन का अंत किसी मनोरंजक गतिविधि के साथ सुकून देगा।
मिथुन
आज आपको हर काम में धैर्य और संतुलन बनाए रखने की जरूरत होगी। व्यवसाय में बड़ा जोखिम उठाने से बचना ही समझदारी होगी, क्योंकि धीरे-धीरे बढ़ना ज्यादा सुरक्षित रहेगा। अपने कामों में स्पष्टता बनाए रखने से आप उलझनों से दूर रहेंगे। सरकारी योजनाओं या सुविधाओं से लाभ मिलने के संकेत हैं। यदि काम से जुड़ी कोई परेशानी चल रही थी, तो वह अब हल होती नजर आएगी। माता-पिता की सेवा और उनके साथ समय बिताने से मन को शांति मिलेगी और आपके कार्यों में भी सकारात्मकता आएगी।
कर्क
आज आपके नेतृत्व गुण खुलकर सामने आएंगे और टीम के साथ मिलकर काम करने का अवसर आपको नई पहचान देगा। वैवाहिक जीवन में प्रेम और तालमेल बना रहेगा, जिससे मन संतुष्ट रहेगा। छोटे बच्चों की खुशी के लिए आप कोई उपहार ला सकते हैं, जिससे घर का माहौल और खुशनुमा होगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होने से मन में संतोष रहेगा और धन-धान्य में वृद्धि के योग हैं। खोई हुई कोई प्रिय वस्तु मिलने की संभावना भी है। साथ ही, नए वाहन की खरीदारी का विचार भी साकार हो सकता है।
सिंह
आज नौकरीपेशा लोगों के लिए दिन खास रहने वाला है, क्योंकि उन्हें मनपसंद काम मिलने से उत्साह बढ़ेगा और मेहनत का फल भी मिलेगा। नए लोगों से मुलाकात भविष्य में लाभदायक साबित हो सकती है। अपने कामों में स्पष्टता रखना जरूरी होगा, क्योंकि यही आपकी सफलता का आधार बनेगा। विरोधियों की बातों में न आएं और अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखें। कोई सरकारी मामला थोड़ी चिंता दे सकता है, इसलिए उसे समय रहते सुलझाने का प्रयास करें।
कन्या
आज का दिन सफलता और संतोष लेकर आएगा। आपके मन में प्रेम और सहयोग की भावना बनी रहेगी, जिससे रिश्तों में मधुरता बढ़ेगी। पुराने लेन-देन को निपटाने का समय आ सकता है, इसलिए आर्थिक योजना बनाकर आगे बढ़ना बेहतर रहेगा। परिवार में किसी शुभ या मांगलिक कार्यक्रम की तैयारी शुरू हो सकती है, जिससे घर में उत्साह का माहौल रहेगा। लंबे समय से मन में छिपी कोई इच्छा पूरी होने से आपका मन बेहद प्रसन्न रहेगा।
तुला
करियर के लिहाज से आज का दिन आपके लिए शुभ संकेत दे रहा है। रुका हुआ या डूबा धन वापस मिलने से मानसिक राहत और खुशी दोनों मिलेंगी। आपकी कोई बड़ी इच्छा पूरी हो सकती है, जिससे आत्मविश्वास बढ़ेगा। जरूरतों के अनुसार योजनाबद्ध तरीके से काम करना आपको सफलता दिलाएगा। परिवार में चल रही अनबन बातचीत से सुलझ जाएगी और रिश्तों में फिर से अपनापन महसूस होगा।
वृश्चिक
आज आपके आसपास का माहौल सकारात्मक और आनंदमय रहेगा। आप सबको साथ लेकर चलने की कला से लोगों का विश्वास जीतेंगे। हालांकि किसी की सलाह पर आंख बंद करके चलना ठीक नहीं होगा, अपने निर्णय खुद लें। कोई सहयोगी समय पर आपकी मदद के लिए आगे आ सकता है। सेहत के मामले में पुरानी समस्या थोड़ी परेशान कर सकती है, इसलिए ध्यान रखें। कुछ अनचाहे खर्च सामने आ सकते हैं, लेकिन आप परिवार के साथ बैठकर हर समस्या का हल निकाल लेंगे।
धनु
आज का दिन प्रगति और उपलब्धियों का संकेत दे रहा है। कार्यक्षेत्र में बड़ी जिम्मेदारी मिलने से आपकी पहचान और पद दोनों मजबूत हो सकते हैं, साथ ही वेतन वृद्धि की संभावना भी है। हालांकि कोई मित्र अनजाने में आपके काम में बाधा डाल सकता है, इसलिए सतर्क रहें। नया काम शुरू करने का विचार अच्छा रहेगा, लेकिन परिवार और भाई-बहनों से सलाह लेना समझदारी होगी। अविवाहित लोगों के जीवन में नए रिश्ते की शुरुआत के संकेत हैं।
मकर
आज का दिन रचनात्मकता और आत्मविश्वास से भरा रहेगा। आप नई योजनाओं और सृजनात्मक कार्यों में उत्साह से भाग लेंगे। जरूरतमंद की मदद करने से मन को सुकून मिलेगा। यदि आप राजनीति या सामाजिक क्षेत्र से जुड़े हैं, तो सम्मान मिलने की संभावना है। पुरानी गलतियों से सीख लेकर आगे बढ़ना ही आपको सफलता दिलाएगा। परिवार के साथ समय बिताने और खुलकर बातचीत करने से रिश्तों में चल रही उलझने दूर होंगी।
कुंभ
आज आपको अपने खर्चों पर नियंत्रण रखने और आर्थिक संतुलन बनाए रखने की जरूरत होगी। आसपास के लोगों को पहचानना जरूरी होगा, क्योंकि कुछ विरोधी आपके रास्ते में रुकावट डाल सकते हैं। किसी अजनबी की सलाह पर निवेश करने से बचें। संतान की ओर से कोई खुशखबरी मिल सकती है, जिससे मन प्रसन्न होगा। लंबे समय से अटका सरकारी काम
आज आपके अंदर आगे बढ़ने और खुद को साबित करने की प्रबल इच्छा रहेगी। प्रतिस्पर्धा का भाव आपको मेहनत करने के लिए प्रेरित करेगा और आपकी मधुर वाणी लोगों के दिलों में जगह बनाएगी। सामाजिक गतिविधियों में भाग लेने से आपकी पहचान और सम्मान दोनों बढ़ेंगे। किसी राजनीतिक या प्रशासनिक विषय से जुड़ी हल्की परेशानी आ सकती है, इसलिए सतर्क रहें। लंबी दूरी की यात्रा का विचार बन सकता है, जो आपके लिए नए अनुभव लेकर आएगा। विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा के रास्ते खुलते दिख रहे हैं और दिन का अंत किसी मनोरंजक गतिविधि के साथ सुकून देगा।
मिथुन
आज आपको हर काम में धैर्य और संतुलन बनाए रखने की जरूरत होगी। व्यवसाय में बड़ा जोखिम उठाने से बचना ही समझदारी होगी, क्योंकि धीरे-धीरे बढ़ना ज्यादा सुरक्षित रहेगा। अपने कामों में स्पष्टता बनाए रखने से आप उलझनों से दूर रहेंगे। सरकारी योजनाओं या सुविधाओं से लाभ मिलने के संकेत हैं। यदि काम से जुड़ी कोई परेशानी चल रही थी, तो वह अब हल होती नजर आएगी। माता-पिता की सेवा और उनके साथ समय बिताने से मन को शांति मिलेगी और आपके कार्यों में भी सकारात्मकता आएगी।
कर्क
आज आपके नेतृत्व गुण खुलकर सामने आएंगे और टीम के साथ मिलकर काम करने का अवसर आपको नई पहचान देगा। वैवाहिक जीवन में प्रेम और तालमेल बना रहेगा, जिससे मन संतुष्ट रहेगा। छोटे बच्चों की खुशी के लिए आप कोई उपहार ला सकते हैं, जिससे घर का माहौल और खुशनुमा होगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होने से मन में संतोष रहेगा और धन-धान्य में वृद्धि के योग हैं। खोई हुई कोई प्रिय वस्तु मिलने की संभावना भी है। साथ ही, नए वाहन की खरीदारी का विचार भी साकार हो सकता है।
सिंह
आज नौकरीपेशा लोगों के लिए दिन खास रहने वाला है, क्योंकि उन्हें मनपसंद काम मिलने से उत्साह बढ़ेगा और मेहनत का फल भी मिलेगा। नए लोगों से मुलाकात भविष्य में लाभदायक साबित हो सकती है। अपने कामों में स्पष्टता रखना जरूरी होगा, क्योंकि यही आपकी सफलता का आधार बनेगा। विरोधियों की बातों में न आएं और अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखें। कोई सरकारी मामला थोड़ी चिंता दे सकता है, इसलिए उसे समय रहते सुलझाने का प्रयास करें।
कन्या
आज का दिन सफलता और संतोष लेकर आएगा। आपके मन में प्रेम और सहयोग की भावना बनी रहेगी, जिससे रिश्तों में मधुरता बढ़ेगी। पुराने लेन-देन को निपटाने का समय आ सकता है, इसलिए आर्थिक योजना बनाकर आगे बढ़ना बेहतर रहेगा। परिवार में किसी शुभ या मांगलिक कार्यक्रम की तैयारी शुरू हो सकती है, जिससे घर में उत्साह का माहौल रहेगा। लंबे समय से मन में छिपी कोई इच्छा पूरी होने से आपका मन बेहद प्रसन्न रहेगा।
तुला
करियर के लिहाज से आज का दिन आपके लिए शुभ संकेत दे रहा है। रुका हुआ या डूबा धन वापस मिलने से मानसिक राहत और खुशी दोनों मिलेंगी। आपकी कोई बड़ी इच्छा पूरी हो सकती है, जिससे आत्मविश्वास बढ़ेगा। जरूरतों के अनुसार योजनाबद्ध तरीके से काम करना आपको सफलता दिलाएगा। परिवार में चल रही अनबन बातचीत से सुलझ जाएगी और रिश्तों में फिर से अपनापन महसूस होगा।
वृश्चिक
आज आपके आसपास का माहौल सकारात्मक और आनंदमय रहेगा। आप सबको साथ लेकर चलने की कला से लोगों का विश्वास जीतेंगे। हालांकि किसी की सलाह पर आंख बंद करके चलना ठीक नहीं होगा, अपने निर्णय खुद लें। कोई सहयोगी समय पर आपकी मदद के लिए आगे आ सकता है। सेहत के मामले में पुरानी समस्या थोड़ी परेशान कर सकती है, इसलिए ध्यान रखें। कुछ अनचाहे खर्च सामने आ सकते हैं, लेकिन आप परिवार के साथ बैठकर हर समस्या का हल निकाल लेंगे।
धनु
आज का दिन प्रगति और उपलब्धियों का संकेत दे रहा है। कार्यक्षेत्र में बड़ी जिम्मेदारी मिलने से आपकी पहचान और पद दोनों मजबूत हो सकते हैं, साथ ही वेतन वृद्धि की संभावना भी है। हालांकि कोई मित्र अनजाने में आपके काम में बाधा डाल सकता है, इसलिए सतर्क रहें। नया काम शुरू करने का विचार अच्छा रहेगा, लेकिन परिवार और भाई-बहनों से सलाह लेना समझदारी होगी। अविवाहित लोगों के जीवन में नए रिश्ते की शुरुआत के संकेत हैं।
मकर
आज का दिन रचनात्मकता और आत्मविश्वास से भरा रहेगा। आप नई योजनाओं और सृजनात्मक कार्यों में उत्साह से भाग लेंगे। जरूरतमंद की मदद करने से मन को सुकून मिलेगा। यदि आप राजनीति या सामाजिक क्षेत्र से जुड़े हैं, तो सम्मान मिलने की संभावना है। पुरानी गलतियों से सीख लेकर आगे बढ़ना ही आपको सफलता दिलाएगा। परिवार के साथ समय बिताने और खुलकर बातचीत करने से रिश्तों में चल रही उलझने दूर होंगी।
कुंभ
आज आपको अपने खर्चों पर नियंत्रण रखने और आर्थिक संतुलन बनाए रखने की जरूरत होगी। आसपास के लोगों को पहचानना जरूरी होगा, क्योंकि कुछ विरोधी आपके रास्ते में रुकावट डाल सकते हैं। किसी अजनबी की सलाह पर निवेश करने से बचें। संतान की ओर से कोई खुशखबरी मिल सकती है, जिससे मन प्रसन्न होगा। लंबे समय से अटका सरकारी काम
पूरा होने के संकेत हैं और माता-पिता का आशीर्वाद आपके लिए सौभाग्य का कारण बनेगा।
मीन
आज का दिन उपलब्धियों और सम्मान का संकेत दे रहा है। कार्यक्षेत्र में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी और नए अवसर आपके सामने आएंगे। सहकर्मियों का सहयोग आपको हर काम में मजबूती देगा। हालांकि अपनी वाणी पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा, क्योंकि छोटी बात भी गलतफहमी पैदा कर सकती है। सुनी-सुनाई बातों पर भरोसा करने से बचें। परिवार में किसी सदस्य के विवाह से जुड़ी बाधा दूर होने से खुशियों का माहौल बनेगा और वैवाहिक जीवन में भी मधुरता बनी रहेगी।
*ज्योतिषाचार्या मित महाकाल महादेव और योगाचार्य प्रशांत सैनी ज़ी* ✍🏻
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मीन
आज का दिन उपलब्धियों और सम्मान का संकेत दे रहा है। कार्यक्षेत्र में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी और नए अवसर आपके सामने आएंगे। सहकर्मियों का सहयोग आपको हर काम में मजबूती देगा। हालांकि अपनी वाणी पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा, क्योंकि छोटी बात भी गलतफहमी पैदा कर सकती है। सुनी-सुनाई बातों पर भरोसा करने से बचें। परिवार में किसी सदस्य के विवाह से जुड़ी बाधा दूर होने से खुशियों का माहौल बनेगा और वैवाहिक जीवन में भी मधुरता बनी रहेगी।
*ज्योतिषाचार्या मित महाकाल महादेव और योगाचार्य प्रशांत सैनी ज़ी* ✍🏻
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🙏1
🌕 *साल का पहला चंद्र ग्रहण 03 मार्च को*
साल का पहला चंद्र ग्रहण 03 मार्च को लगेगा। ग्रहण की शुरुआत दोपहर 03:20 मिनट से होगी और समाप्ति शाम 06:47 मिनट पर होगी। चन्द्रोदय शाम 06:26 बजे होगा।
🌗 *ग्रहण का प्रभाव:*
यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देगा, जिसके कारण सूतक काल मान्य होगा। सूतक सुबह 06:20 मिनट से शुरू होगा।
- सूतक के दौरान मंदिर बंद रहेंगे और मूर्तियों को स्पर्श नहीं किया जाएगा।
- शुभ कार्य, विवाह, गृह प्रवेश वर्जित माने गए हैं।
- गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी रखने की सलाह दी जाती है।
🌟 *ग्रहण के दौरान क्या करें:*
- भगवान विष्णु या शिव का नाम जप करें।
- "ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय" या "महामृत्युंजय मंत्र" का जाप करें।
- गीता, रामायण या विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।
🌟 *ग्रहण के बाद क्या करें:*
- स्नान करें और घर में गंगाजल छिड़कें।
- मूर्तियों को स्नान कराकर पूजा करें।
- दान-पुण्य करें, जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या धन दें।
ज्योतिषाचार्या मित महाकाल महादेव और योगाचार्य प्रशांत सैनी ज़ी ✍🏻
साल का पहला चंद्र ग्रहण 03 मार्च को लगेगा। ग्रहण की शुरुआत दोपहर 03:20 मिनट से होगी और समाप्ति शाम 06:47 मिनट पर होगी। चन्द्रोदय शाम 06:26 बजे होगा।
🌗 *ग्रहण का प्रभाव:*
यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देगा, जिसके कारण सूतक काल मान्य होगा। सूतक सुबह 06:20 मिनट से शुरू होगा।
- सूतक के दौरान मंदिर बंद रहेंगे और मूर्तियों को स्पर्श नहीं किया जाएगा।
- शुभ कार्य, विवाह, गृह प्रवेश वर्जित माने गए हैं।
- गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी रखने की सलाह दी जाती है।
🌟 *ग्रहण के दौरान क्या करें:*
- भगवान विष्णु या शिव का नाम जप करें।
- "ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय" या "महामृत्युंजय मंत्र" का जाप करें।
- गीता, रामायण या विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।
🌟 *ग्रहण के बाद क्या करें:*
- स्नान करें और घर में गंगाजल छिड़कें।
- मूर्तियों को स्नान कराकर पूजा करें।
- दान-पुण्य करें, जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या धन दें।
ज्योतिषाचार्या मित महाकाल महादेव और योगाचार्य प्रशांत सैनी ज़ी ✍🏻
होली वाले दीन शाम को
आप एक कागज मे 7 लोंग
7 काली मिर्च दो चुटकी राई
दो चुटकि पीली सरसो एक का लोहे वाला सिक्का
आधि चुटकी नमक एक सुखी लाल मिर्च छोटे टुकडे करके
एक सब एक पेपर की पुडया बना कर कम से कम दो घन्टे अपने पास रखो सर्ट की जेब मे उपर रखो तो बहुत अच्छा होगा
जब होली दहन हो रहा हो तब अपने उपर से एन्टी क्लोक 7 बार उसार कर पुडिया को दहकती होलिका मे डाल आओ
होलीका की तीन परिक्रमा करना लास्ट मे यह प्रार्थना करना बही खडे होकर
हे होलिका माता हे अग्नि माता मेरे शरिर से परिवार से व्यापार से बुरी नजर तंत्र मन्त्र के असर को भस्म करो मेरी और मेरी परिवार की रक्षा करो
जय माँ कुल देवी
जय कुल देवता
जय इष्ट देवता
सारे देवी देवताओ को होली का प्रणाम स्विकार हो
यह कहकर घर आजाओ
पीछे मुड़कर नही देखना
घर आने से पहले बहार हाथ मुह घो कर कुल्ला करके घर मे प्रवेश करना
घर मे सभी देवी देवताओ को प्रणाम करके अपने काम मे लगाना
आप एक कागज मे 7 लोंग
7 काली मिर्च दो चुटकी राई
दो चुटकि पीली सरसो एक का लोहे वाला सिक्का
आधि चुटकी नमक एक सुखी लाल मिर्च छोटे टुकडे करके
एक सब एक पेपर की पुडया बना कर कम से कम दो घन्टे अपने पास रखो सर्ट की जेब मे उपर रखो तो बहुत अच्छा होगा
जब होली दहन हो रहा हो तब अपने उपर से एन्टी क्लोक 7 बार उसार कर पुडिया को दहकती होलिका मे डाल आओ
होलीका की तीन परिक्रमा करना लास्ट मे यह प्रार्थना करना बही खडे होकर
हे होलिका माता हे अग्नि माता मेरे शरिर से परिवार से व्यापार से बुरी नजर तंत्र मन्त्र के असर को भस्म करो मेरी और मेरी परिवार की रक्षा करो
जय माँ कुल देवी
जय कुल देवता
जय इष्ट देवता
सारे देवी देवताओ को होली का प्रणाम स्विकार हो
यह कहकर घर आजाओ
पीछे मुड़कर नही देखना
घर आने से पहले बहार हाथ मुह घो कर कुल्ला करके घर मे प्रवेश करना
घर मे सभी देवी देवताओ को प्रणाम करके अपने काम मे लगाना
हिन्दू क्यों घट रहा है?
ऋग्वेद में १० पुत्र उत्तपन्न करने का निर्देश है। यहां हम दो हमारे दो, हम दो हमारा एक, और अब तो ब्याह करे बिना कथित सिंगल रहने का फैशन चल पड़ा है। अब के २५ वर्ष में यह वर्तमान पीढ़ी बूढ़ी होगी और हिन्दू युवा कम होंगे। फिर क्या बटेंगे और क्या कटेंगे। यह सोचो आज से कुछ माह या वर्ष के बाद युद्ध की परिस्थिति हुई तो कितने बचेंगे? अगर युद्ध नहीं हुआ तो भी हिंदुओ जनसंख्या प्रजा उत्तपन्न करने में दिखा रही उदासीनता से घटनी ही घटनी है। 1939/1978 से पहले तो कन्या रजस्वला होने से पहले ही उसका ब्रह्मविवाह विधि से सुपात्र को कन्यादान कर देते थे सभी अपने धर्म में स्थित रहकर उत्तम लोकों की प्राप्ति करनेवाले धर्म का पालन करते थे। आजकल आधुनिक शिक्षा प्रणाली और ब्रह्माकुमारी जैसी इसाई संस्थाओं ने कन्याओ को दूषित करने में कोइ कमी नहीं रखी- भीमराव अम्बेडकर ने भी हिंदूओ के पवित्र वैदिक विवाह संस्कार और उसकी आयु सीमा में कोइ छेड़छाड़ नहीं करी थी जितना 1978 में किया गया इसके दुष्परिणाम स्वरुप आज वैदिक विवाह परंपरा ही नहीं रही केवल लौकिक व्यवस्था बची है और वेदों में कहीं भी लौकिक व्यवस्था उपलब्ध नहीं है। इस विषय में भीमराव अम्बेडकर एवं बी एन राव को दाद देनी चाहिए
पू० गुरुदेव ठीक ही कहते हैं कि सज्जन ही दूर्जन को जन्म देने वाले होते हैं और दूर्जन यदि सज्जन को जन्म दे तो यह तो धर्म की वृद्धि ही होगी - जिनको अपने वैदिक धर्म का पालन करना ही है उसे दुनिया की कोइ शक्ति परास्त नहीं कर सकती एसा लेखक का स्पष्ट मानना है -
સાચા જતી સતી સંતાણા કલિયુગ મા પાખંડવાળા પૂજાણા --
प्रश्न नहीं विचार करो। नारायण
ऋग्वेद में १० पुत्र उत्तपन्न करने का निर्देश है। यहां हम दो हमारे दो, हम दो हमारा एक, और अब तो ब्याह करे बिना कथित सिंगल रहने का फैशन चल पड़ा है। अब के २५ वर्ष में यह वर्तमान पीढ़ी बूढ़ी होगी और हिन्दू युवा कम होंगे। फिर क्या बटेंगे और क्या कटेंगे। यह सोचो आज से कुछ माह या वर्ष के बाद युद्ध की परिस्थिति हुई तो कितने बचेंगे? अगर युद्ध नहीं हुआ तो भी हिंदुओ जनसंख्या प्रजा उत्तपन्न करने में दिखा रही उदासीनता से घटनी ही घटनी है। 1939/1978 से पहले तो कन्या रजस्वला होने से पहले ही उसका ब्रह्मविवाह विधि से सुपात्र को कन्यादान कर देते थे सभी अपने धर्म में स्थित रहकर उत्तम लोकों की प्राप्ति करनेवाले धर्म का पालन करते थे। आजकल आधुनिक शिक्षा प्रणाली और ब्रह्माकुमारी जैसी इसाई संस्थाओं ने कन्याओ को दूषित करने में कोइ कमी नहीं रखी- भीमराव अम्बेडकर ने भी हिंदूओ के पवित्र वैदिक विवाह संस्कार और उसकी आयु सीमा में कोइ छेड़छाड़ नहीं करी थी जितना 1978 में किया गया इसके दुष्परिणाम स्वरुप आज वैदिक विवाह परंपरा ही नहीं रही केवल लौकिक व्यवस्था बची है और वेदों में कहीं भी लौकिक व्यवस्था उपलब्ध नहीं है। इस विषय में भीमराव अम्बेडकर एवं बी एन राव को दाद देनी चाहिए
पू० गुरुदेव ठीक ही कहते हैं कि सज्जन ही दूर्जन को जन्म देने वाले होते हैं और दूर्जन यदि सज्जन को जन्म दे तो यह तो धर्म की वृद्धि ही होगी - जिनको अपने वैदिक धर्म का पालन करना ही है उसे दुनिया की कोइ शक्ति परास्त नहीं कर सकती एसा लेखक का स्पष्ट मानना है -
સાચા જતી સતી સંતાણા કલિયુગ મા પાખંડવાળા પૂજાણા --
प्रश्न नहीं विचार करो। नारायण
🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
🌤️ *दिनांक - 12 मार्च 2026*
🌤️ *दिन - गुरूवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2082*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन - उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु - वसंत ॠतु*
🌤️ *मास - चैत्र ( गुजरात-महाराष्ट्र-फाल्गुन)*
🌤️ *पक्ष - कृष्ण*
🌤️ *तिथि - नवमी 13 मार्च सुबह 06:28 तक तत्पश्चात दशमी*
🌤️ *नक्षत्र - मूल रात्रि 12:43 तक तत्पश्चात पूर्वाषाढा*
🌤️ *योग - सिद्धि सुबह 09:59 तक तत्पश्चात व्यतीपात*
🌤️*राहुकाल - दोपहर 02:17 से शाम 03:46 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 06:51*
🌤️ *सूर्यास्त - 06:45*
👉 *दिशाशूल - दक्षिण दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण- व्यतीपात योग (सुबह 09:59 से 13 मार्च सुबह 10:32 तक*
💥 *विशेष - नवमी को लौकी खाना गोमांस के समान त्याज्य है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
🚩~*सनातन पंचांग* ~🚩
🌷 *अशांति मिटाने का उपाय* 🌷
🐄 *गाय के गोबर के कंडे लें, उसके ऊपर घी में भीगे हुए चावल डालकर जलाएं l घर में शांति आएगी व वास्तु दोष दूर होंगे l*🙏🏻
🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
🌷 *दरिद्रता दूर करने का उपाय* 🌷
🌞 *सूर्य नारायण को प्रार्थना करें, जल चढ़ायें।*
🐄 *चावल और गाय के दूध की खीर बनायें और सूर्य देव को भोग लगायें ।*
👉🏻 *इतवार को बिना नमक के भोजन करने को कहा गया है ।*
👉🏻 *ऐसा कुछ समय तक करने से दरिद्रता दूर होती है, इसमें शंका नही ।*🙏🏻
🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
🌷 *घर के झगड़े शांत करने का उपाय* 🌷
🏡 *घर में झगड़े होते तो एक लोटा पानी लेकर रात को सोते समय पलंग के नीचे रखो और दूसरे दिन सुबह वो पानी घर में छाँटो और पीपल को सींच दो, घर के झगड़े खत्म होगे ।*
📒 *सनातन पंचांग प्रकाशित स्थल ~ (गुजरात)*
🚩 *~ सनातन पंचाग ~* 🚩
🙏🍀🌻🌹🌸💐🍁🌷🌺🙏
🌤️ *दिनांक - 12 मार्च 2026*
🌤️ *दिन - गुरूवार*
🌤️ *विक्रम संवत 2082*
🌤️ *शक संवत -1947*
🌤️ *अयन - उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु - वसंत ॠतु*
🌤️ *मास - चैत्र ( गुजरात-महाराष्ट्र-फाल्गुन)*
🌤️ *पक्ष - कृष्ण*
🌤️ *तिथि - नवमी 13 मार्च सुबह 06:28 तक तत्पश्चात दशमी*
🌤️ *नक्षत्र - मूल रात्रि 12:43 तक तत्पश्चात पूर्वाषाढा*
🌤️ *योग - सिद्धि सुबह 09:59 तक तत्पश्चात व्यतीपात*
🌤️*राहुकाल - दोपहर 02:17 से शाम 03:46 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 06:51*
🌤️ *सूर्यास्त - 06:45*
👉 *दिशाशूल - दक्षिण दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण- व्यतीपात योग (सुबह 09:59 से 13 मार्च सुबह 10:32 तक*
💥 *विशेष - नवमी को लौकी खाना गोमांस के समान त्याज्य है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
🚩~*सनातन पंचांग* ~🚩
🌷 *अशांति मिटाने का उपाय* 🌷
🐄 *गाय के गोबर के कंडे लें, उसके ऊपर घी में भीगे हुए चावल डालकर जलाएं l घर में शांति आएगी व वास्तु दोष दूर होंगे l*🙏🏻
🚩 *~ सनातन पंचांग ~* 🚩
🌷 *दरिद्रता दूर करने का उपाय* 🌷
🌞 *सूर्य नारायण को प्रार्थना करें, जल चढ़ायें।*
🐄 *चावल और गाय के दूध की खीर बनायें और सूर्य देव को भोग लगायें ।*
👉🏻 *इतवार को बिना नमक के भोजन करने को कहा गया है ।*
👉🏻 *ऐसा कुछ समय तक करने से दरिद्रता दूर होती है, इसमें शंका नही ।*🙏🏻
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🌷 *घर के झगड़े शांत करने का उपाय* 🌷
🏡 *घर में झगड़े होते तो एक लोटा पानी लेकर रात को सोते समय पलंग के नीचे रखो और दूसरे दिन सुबह वो पानी घर में छाँटो और पीपल को सींच दो, घर के झगड़े खत्म होगे ।*
📒 *सनातन पंचांग प्रकाशित स्थल ~ (गुजरात)*
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Forwarded from कैलाश के निवासी (Meett Meett)
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Forwarded from कैलाश के निवासी (Meett Meett)
भ्रष्टाचार किस हद्द से बाहर निकल गया है
*कमादा एकादशी व्रत कथा*
श्रीकृष्ण के प्रिय सखा अर्जुन ने कहा - "हे कमलनयन! मैं आपको कोटि-कोटि नमन करता हूँ। हे जगदीश्वर! मैं आपसे प्रार्थना करता हूँ कि आप कृपा कर चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी कथा का भी वर्णन सुनाइये। इस एकादशी का क्या नाम है? इस व्रत को पहले किसने किया और इसके करने से किस फल की प्राप्ति होती है?"
श्रीकृष्ण ने कहा - "हे अर्जुन! एक बार यही प्रश्न राजा दिलीप ने गुरु वशिष्ठ से किया था, वह वृत्तान्त मैं तुम्हें सुनाता हूँ। राजा दिलीप ने गुरु वशिष्ठ से पूँछा - 'हे गुरुदेव! चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी का क्या नाम है? उसमें किस देवता का पूजन होता है तथा उसका क्या विधान है? वह आप कृपापूर्वक बताइये।'
मुनि वशिष्ठ ने कहा - 'हे राजन! चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी का नाम कामदा एकादशी है। यह समस्त पापों को नष्ट करने वाली है। जैसे अग्नि काष्ठ को जलाकर राख कर देती है, वैसे ही कामदा एकादशी के पुण्य के प्रभाव से समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं और तेजस्वी पुत्र की प्राप्ति होती है। इसके उपवास से मनुष्य निकृष्ट योनि से मुक्त हो जाता है और अन्ततः उसे स्वर्ग की प्राप्ति होती है। अब मैं इस एकादशी का माहात्म्य सुनाता हूँ, ध्यानपूर्वक श्रवण करो- प्राचीन समय में भागीपुर नामक एक नगर था। जिस पर पुण्डरीक नाम का राजा राज्य करता था। राजा पुण्डरीक अनेक ऐश्वर्यों से युक्त था। उसके राज्य में अनेक अप्सराएँ, गन्धर्व, किन्नर आदि वास करते थे। उसी नगर में ललित और ललिता नाम के गायन विद्या में पारन्गत गन्धर्व स्त्री-पुरुष अति सम्पन्न घर में निवास करते हुए विहार किया करते थे। उन दोनों में इतना प्रेम था कि वे अलग हो जाने की कल्पना मात्र से ही व्यथित हो उठते थे। एक बार राजा पुण्डरीक गन्धर्वों सहित सभा में विराजमान थे। वहाँ गन्धर्वों के साथ ललित भी गायन कर रहा था। उस समय उसकी प्रियतमा ललिता वहाँ उपस्थित नहीं थी। गायन करते-करते अचानक उसे उसका ख्याल आ गया, जिसके कारण वह अशुद्ध गायन करने लगा। नागराज कर्कोटक ने राजा पुण्डरीक से उसकी शिकायत की। इस पर राजा को भयंकर क्रोध आया और उन्होंने क्रोधवश ललित को शाप (श्राप) दे दिया - 'अरे नीच! तू मेरे सम्मुख गायन करते हुए भी अपनी स्त्री का स्मरण कर रहा है, इससे तू नरभक्षी दैत्य बनकर अपने कर्म का फल भोग।'
ललित गन्धर्व उसी समय राजा पुण्डरीक के शाप (श्राप) से एक भयंकर दैत्य में बदल गया। उसका मुख विकराल हो गया। उसके नेत्र सूर्य, चन्द्र के समान प्रदीप्त होने लगे। मुँह से आग की भयंकर ज्वालाएँ निकलने लगीं, उसकी नाक पर्वत की कन्दरा के समान विशाल हो गई और गर्दन पहाड़ के समान दिखायी देने लगी। उसकी भुजाएँ दो-दो योजन लम्बी हो गईं। इस प्रकार उसका शरीर आठ योजन का हो गया। इस तरह राक्षस बन जाने पर वह अनेक दुःख भोगने लगा। अपने प्रियतम ललित का ऐसा हाल होने पर ललिता अथाह दुःख से व्यथित हो उठी। वह अपने पति के उद्धार के लिए विचार करने लगी कि मैं कहाँ जाऊँ और क्या करूँ? किस जतन से अपने पति को इस नरक तुल्य कष्ट से मुक्त कराऊँ?
राक्षस बना ललित घोर वनों में रहते हुए अनेक प्रकार के पाप करने लगा। उसकी स्त्री ललिता भी उसके पीछे-पीछे जाती और उसकी हालत देखकर विलाप करने लगती।
एक बार वह अपने पति के पीछे-पीछे चलते हुए विन्ध्याचल पर्वत पर पहुँच गई। उस स्थान पर उसने श्रृंगी मुनि का आश्रम देखा। वह शीघ्रता से उस आश्रम में गई और मुनि के सामने पहुँचकर दण्डवत् प्रणाम कर विनीत भाव से प्रार्थना करने लगी - 'हे महर्षि! मैं वीरधन्वा नामक गन्धर्व की पुत्री ललिता हूँ, मेरा पति राजा पुण्डरीक के शाप (श्राप) से एक भयंकर दैत्य बन गया है। उससे मुझे अपार दुःख हो रहा है। अपने पति के कष्ट के कारण मैं बहुत दुखी हूँ। हे मुनिश्रेष्ठ! कृपा करके आप उसे राक्षस योनि से मुक्ति का कोई उत्तम उपाय बताएँ।'
समस्त वृत्तान्त सुनकर मुनि श्रृंगी ने कहा - 'हे पुत्री! चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी का नाम कामदा एकादशी है। उसके व्रत करने से प्राणी के सभी मनोरथ शीघ्र ही पूर्ण हो जाते हैं।
यदि तू उसके व्रत के पुण्य को अपने पति को देगी तो वह सहज ही राक्षस योनि से मुक्त हो जाएगा और राजा का शाप (श्राप) शान्त हो जाएगा।'
ऋषि के कहे अनुसार ललिता ने श्रद्धापूर्वक व्रत किया और द्वादशी के दिन ब्राह्मणों के समक्ष अपने व्रत का फल अपने पति को दे दिया और ईश्वर से प्रार्थना करने लगी - 'हे प्रभु! मैंने जो यह उपवास किया है, उसका फल मेरे पतिदेव को मिले, जिससे उनकी राक्षस योनि से शीघ्र ही मुक्ति हो।'
एकादशी का फल देते ही उसका पति राक्षस योनि से मुक्त हो गया और अपने दिव्य स्वरूप को प्राप्त हुआ। वह अनेक सुन्दर वस्त्रों तथा आभूषणों से अलंकृत होकर पहले की भाँति ललिता के साथ विहार करने लगा।
श्रीकृष्ण के प्रिय सखा अर्जुन ने कहा - "हे कमलनयन! मैं आपको कोटि-कोटि नमन करता हूँ। हे जगदीश्वर! मैं आपसे प्रार्थना करता हूँ कि आप कृपा कर चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी कथा का भी वर्णन सुनाइये। इस एकादशी का क्या नाम है? इस व्रत को पहले किसने किया और इसके करने से किस फल की प्राप्ति होती है?"
श्रीकृष्ण ने कहा - "हे अर्जुन! एक बार यही प्रश्न राजा दिलीप ने गुरु वशिष्ठ से किया था, वह वृत्तान्त मैं तुम्हें सुनाता हूँ। राजा दिलीप ने गुरु वशिष्ठ से पूँछा - 'हे गुरुदेव! चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी का क्या नाम है? उसमें किस देवता का पूजन होता है तथा उसका क्या विधान है? वह आप कृपापूर्वक बताइये।'
मुनि वशिष्ठ ने कहा - 'हे राजन! चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी का नाम कामदा एकादशी है। यह समस्त पापों को नष्ट करने वाली है। जैसे अग्नि काष्ठ को जलाकर राख कर देती है, वैसे ही कामदा एकादशी के पुण्य के प्रभाव से समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं और तेजस्वी पुत्र की प्राप्ति होती है। इसके उपवास से मनुष्य निकृष्ट योनि से मुक्त हो जाता है और अन्ततः उसे स्वर्ग की प्राप्ति होती है। अब मैं इस एकादशी का माहात्म्य सुनाता हूँ, ध्यानपूर्वक श्रवण करो- प्राचीन समय में भागीपुर नामक एक नगर था। जिस पर पुण्डरीक नाम का राजा राज्य करता था। राजा पुण्डरीक अनेक ऐश्वर्यों से युक्त था। उसके राज्य में अनेक अप्सराएँ, गन्धर्व, किन्नर आदि वास करते थे। उसी नगर में ललित और ललिता नाम के गायन विद्या में पारन्गत गन्धर्व स्त्री-पुरुष अति सम्पन्न घर में निवास करते हुए विहार किया करते थे। उन दोनों में इतना प्रेम था कि वे अलग हो जाने की कल्पना मात्र से ही व्यथित हो उठते थे। एक बार राजा पुण्डरीक गन्धर्वों सहित सभा में विराजमान थे। वहाँ गन्धर्वों के साथ ललित भी गायन कर रहा था। उस समय उसकी प्रियतमा ललिता वहाँ उपस्थित नहीं थी। गायन करते-करते अचानक उसे उसका ख्याल आ गया, जिसके कारण वह अशुद्ध गायन करने लगा। नागराज कर्कोटक ने राजा पुण्डरीक से उसकी शिकायत की। इस पर राजा को भयंकर क्रोध आया और उन्होंने क्रोधवश ललित को शाप (श्राप) दे दिया - 'अरे नीच! तू मेरे सम्मुख गायन करते हुए भी अपनी स्त्री का स्मरण कर रहा है, इससे तू नरभक्षी दैत्य बनकर अपने कर्म का फल भोग।'
ललित गन्धर्व उसी समय राजा पुण्डरीक के शाप (श्राप) से एक भयंकर दैत्य में बदल गया। उसका मुख विकराल हो गया। उसके नेत्र सूर्य, चन्द्र के समान प्रदीप्त होने लगे। मुँह से आग की भयंकर ज्वालाएँ निकलने लगीं, उसकी नाक पर्वत की कन्दरा के समान विशाल हो गई और गर्दन पहाड़ के समान दिखायी देने लगी। उसकी भुजाएँ दो-दो योजन लम्बी हो गईं। इस प्रकार उसका शरीर आठ योजन का हो गया। इस तरह राक्षस बन जाने पर वह अनेक दुःख भोगने लगा। अपने प्रियतम ललित का ऐसा हाल होने पर ललिता अथाह दुःख से व्यथित हो उठी। वह अपने पति के उद्धार के लिए विचार करने लगी कि मैं कहाँ जाऊँ और क्या करूँ? किस जतन से अपने पति को इस नरक तुल्य कष्ट से मुक्त कराऊँ?
राक्षस बना ललित घोर वनों में रहते हुए अनेक प्रकार के पाप करने लगा। उसकी स्त्री ललिता भी उसके पीछे-पीछे जाती और उसकी हालत देखकर विलाप करने लगती।
एक बार वह अपने पति के पीछे-पीछे चलते हुए विन्ध्याचल पर्वत पर पहुँच गई। उस स्थान पर उसने श्रृंगी मुनि का आश्रम देखा। वह शीघ्रता से उस आश्रम में गई और मुनि के सामने पहुँचकर दण्डवत् प्रणाम कर विनीत भाव से प्रार्थना करने लगी - 'हे महर्षि! मैं वीरधन्वा नामक गन्धर्व की पुत्री ललिता हूँ, मेरा पति राजा पुण्डरीक के शाप (श्राप) से एक भयंकर दैत्य बन गया है। उससे मुझे अपार दुःख हो रहा है। अपने पति के कष्ट के कारण मैं बहुत दुखी हूँ। हे मुनिश्रेष्ठ! कृपा करके आप उसे राक्षस योनि से मुक्ति का कोई उत्तम उपाय बताएँ।'
समस्त वृत्तान्त सुनकर मुनि श्रृंगी ने कहा - 'हे पुत्री! चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी का नाम कामदा एकादशी है। उसके व्रत करने से प्राणी के सभी मनोरथ शीघ्र ही पूर्ण हो जाते हैं।
यदि तू उसके व्रत के पुण्य को अपने पति को देगी तो वह सहज ही राक्षस योनि से मुक्त हो जाएगा और राजा का शाप (श्राप) शान्त हो जाएगा।'
ऋषि के कहे अनुसार ललिता ने श्रद्धापूर्वक व्रत किया और द्वादशी के दिन ब्राह्मणों के समक्ष अपने व्रत का फल अपने पति को दे दिया और ईश्वर से प्रार्थना करने लगी - 'हे प्रभु! मैंने जो यह उपवास किया है, उसका फल मेरे पतिदेव को मिले, जिससे उनकी राक्षस योनि से शीघ्र ही मुक्ति हो।'
एकादशी का फल देते ही उसका पति राक्षस योनि से मुक्त हो गया और अपने दिव्य स्वरूप को प्राप्त हुआ। वह अनेक सुन्दर वस्त्रों तथा आभूषणों से अलंकृत होकर पहले की भाँति ललिता के साथ विहार करने लगा।
कामदा एकादशी के प्रभाव से वह पहले की भाँति सुन्दर हो गया और मृत्यु के बाद दोनों पुष्पक विमान पर बैठकर विष्णुलोक को चले गये।
हे अर्जुन! इस उपवास को विधानपूर्वक करने से सभी पाप नष्ट हो जाते हैं। इस व्रत के पुण्य से मनुष्य ब्रह्महत्यादि के पाप और राक्षस आदि योनि से मुक्त हो जाते हैं। संसार में इससे उत्तम दूसरा कोई व्रत नहीं है। इसकी कथा व माहात्म्य के श्रवण व पठन से अनन्त फलों की प्राप्ति होती है।
कथा-सार
प्राणी अपने सुखों का चिन्तन करे, यह बुरा नहीं है, किन्तु समय-असमय ऐसा चिन्तन प्राणी को उसके दायित्वों से विमुख कर देता है, जिससे उसे भयंकर कष्ट भोगने पड़ते हैं। गन्धर्व ललित ने भी राक्षस होकर निन्दित कर्म किये और कष्ट भोगे, परन्तु भगवान श्रीहरि की अनुकम्पा का कोई अन्त नहीं है।
ज्योतिषाचार्या मित महाकाल महादेव और योगाचार्य प्रशांत सैनी ज़ी ✍🏻
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हे अर्जुन! इस उपवास को विधानपूर्वक करने से सभी पाप नष्ट हो जाते हैं। इस व्रत के पुण्य से मनुष्य ब्रह्महत्यादि के पाप और राक्षस आदि योनि से मुक्त हो जाते हैं। संसार में इससे उत्तम दूसरा कोई व्रत नहीं है। इसकी कथा व माहात्म्य के श्रवण व पठन से अनन्त फलों की प्राप्ति होती है।
कथा-सार
प्राणी अपने सुखों का चिन्तन करे, यह बुरा नहीं है, किन्तु समय-असमय ऐसा चिन्तन प्राणी को उसके दायित्वों से विमुख कर देता है, जिससे उसे भयंकर कष्ट भोगने पड़ते हैं। गन्धर्व ललित ने भी राक्षस होकर निन्दित कर्म किये और कष्ट भोगे, परन्तु भगवान श्रीहरि की अनुकम्पा का कोई अन्त नहीं है।
ज्योतिषाचार्या मित महाकाल महादेव और योगाचार्य प्रशांत सैनी ज़ी ✍🏻
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