नर हो, न निराश करो मन को
कुछ काम करो, कुछ काम करो
जग में रह कर कुछ नाम करो
यह जन्म हुआ किस अर्थ अहो
समझो जिसमें यह व्यर्थ न हो
कुछ तो उपयुक्त करो तन को
नर हो, न निराश करो मन को।
'पद्मभूषण' से सम्मानित, ‘राष्ट्रकवि’ मैथिलीशरण गुप्त जी की पुण्यतिथि पर कोटि कोटि नमन 🙏
कुछ काम करो, कुछ काम करो
जग में रह कर कुछ नाम करो
यह जन्म हुआ किस अर्थ अहो
समझो जिसमें यह व्यर्थ न हो
कुछ तो उपयुक्त करो तन को
नर हो, न निराश करो मन को।
'पद्मभूषण' से सम्मानित, ‘राष्ट्रकवि’ मैथिलीशरण गुप्त जी की पुण्यतिथि पर कोटि कोटि नमन 🙏
🙏4❤2