"जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान": यह उनका दिया गया नारा था, जिसने भारत को परमाणु शक्ति संपन्न बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और विज्ञान के क्षेत्र में देश की प्रगति का प्रतीक बना.
"हार नहीं मानूंगा, रार नहीं ठानूंगा": यह उनकी कविता 'मैं हूं अटल' से लिया गया है और विपरीत परिस्थितियों में भी अटल रहने का संदेश देता है.
"कदम मिलाकर चलना होगा": यह उनकी एक और प्रसिद्ध कविता का अंश है, जो चुनौतियों का सामना करते हुए आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है.
"न दैन्यं न पलायनम्। न झुकना, न पीछे हटना।।": यह उनके जीवन के सिद्धांतों को दर्शाता है, जो हर मुश्किल में अडिग रहने का संदेश देते हैं.
"हार नहीं मानूंगा, रार नहीं ठानूंगा": यह उनकी कविता 'मैं हूं अटल' से लिया गया है और विपरीत परिस्थितियों में भी अटल रहने का संदेश देता है.
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"न दैन्यं न पलायनम्। न झुकना, न पीछे हटना।।": यह उनके जीवन के सिद्धांतों को दर्शाता है, जो हर मुश्किल में अडिग रहने का संदेश देते हैं.
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