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ताकि लोगों से बहस नहीं तर्क कर सकें✍✌️⛳️
अंग्रेजी भाषा दिवस | SA News Chhattisgarh

23-04-2026: हर वर्ष 23 अप्रैल को English Language Day मनाया जाता है। यह दिन महान लेखक William Shakespeare की जयंती के रूप में प्रसिद्ध है। इस दिन का उद्देश्य अंग्रेज़ी भाषा के महत्व और उसके वैश्विक प्रभाव को समझाना है।

अंग्रेज़ी आज दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण भाषाओं में से एक बन चुकी है। यह शिक्षा, विज्ञान, व्यापार और अंतरराष्ट्रीय संचार का प्रमुख माध्यम है। United Nations ने इस दिन को मनाने की शुरुआत की, ताकि भाषा के माध्यम से विभिन्न संस्कृतियों को जोड़ा जा सके।

इस दिन हमें अंग्रेज़ी सीखने और उसे सही तरीके से उपयोग करने के लिए प्रेरित किया जाता है। यह भाषा न केवल ज्ञान का विस्तार करती है, बल्कि करियर के नए अवसर भी प्रदान करती है। इसलिए हमें इसे सीखने और अपनाने का प्रयास करना चाहिए।
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🎯पंचायती राज दिवस@24अप्रैल⛳️
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राघव चड्डा राज्यसभा के 6 आप सांसदो समेत bjp में शामिल🔥
1928 का साल था।
भारत अभी आज़ाद नहीं हुआ था… लेकिन भारत की आवाज़ दुनिया तक पहुँच चुकी थी।

उस आवाज़ का नाम था— सरोजिनी नायडू; जिन्हें प्यार से भारत कोकिला कहा जाता था। :dove_of_peace:

जब वह एक भारतीय प्रतिनिधि के रूप में अमेरिका गईं, तब वह सिर्फ एक नेता बनकर नहीं, बल्कि भारत की आत्मा बनकर वहाँ पहुँची थीं। उस समय भारत ब्रिटिश शासन के अधीन था, और विदेशों में भारत की छवि अक्सर एक “ग़रीब और पिछड़े देश” की तरह पेश की जाती थी।

लेकिन सरोजिनी नायडू ने मंच पर खड़े होकर जिस तरह भारत का परिचय दिया, उसने सबकी सोच बदल दी।

उन्होंने भारत को आँकड़ों या शिकायतों से नहीं, बल्कि अपने दृढ़ शब्दों और अपनी आत्मीयता से परिचित कराया।

वह कहा कि भारत सिर्फ एक भूगोल नहीं है— वह सभ्यता है, संस्कृति है, रंगों और भाषाओं की दुनिया है। वह देश जहाँ दुख भी है, संघर्ष भी है… लेकिन उम्मीद और आत्मसम्मान भी उतना ही गहरा है।

उनकी अंग्रेज़ी पर अद्भुत पकड़ थी, उनकी वाणी में संगीत था, और उनके शब्दों में सच्चाई।

अमेरिका के सभागारों में लोग सिर्फ एक नेता को नहीं सुन रहे थे, वे एक कवयित्री को सुन रहे थे, एक माँ को सुन रहे थे, एक ऐसे देश की बेटी को सुन रहे थे जो आज़ाद होना चाहता था, लेकिन नफ़रत नहीं, सम्मान माँग रहा था।

कहा जाता है कि उनके भाषणों के बाद कई विदेशी श्रोताओं ने पहली बार भारत को एक “आवाज़” के रूप में महसूस किया— एक ऐसी आवाज़ जो दृढ़ भी थी और विनम्र भी।

उनकी यही खासियत थी कि वो विरोध भी करती थीं, लेकिन गरिमा के साथ। वो अपने देश के लिए खड़ी भी होती थीं, लेकिन कटुता के बिना।

1928 की वह यात्रा सिर्फ एक कूटनीतिक दौरा नहीं थी। इसके दौरान सरोजिनी ने भारत और दुनिया के बीच एक पुल का काम किया था।

आज जब हम सरोजिनी नायडू को याद करते हैं, तो सिर्फ उनकी कविताएँ नहीं, बल्कि वह पल भी याद आते हैं जब उन्होंने विदेश की धरती पर खड़े होकर पूरी दुनिया से कहा कि भारत कमजोर नहीं है। :sparkles:

और सच में… उनकी आवाज़ में ऐसा जादू था कि विरोधी भी सम्मान करना सीख गए। अंग्रेज भी उनकी विनम्रता और प्रतिभा के कायल हो गए!

[Sarojini Naidu | Inspiring| Motivation| History]
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आम आदमी पार्टी (AAP) के लिए आज का दिन झटके वाला रहा है। पार्टी के दिग्गज नेता और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने 15 साल पुराना साथ छोड़ते हुए भाजपा (BJP) का दामन थामने का ऐलान कर दिया है। चड्ढा के नेतृत्व में AAP के कुल 10 राज्यसभा सांसदों में से 7 सांसदों (राघव चड्ढा, संदीप पाठक, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल, राजेंद्र गुप्ता और विक्रमजीत साहनी) ने भाजपा में विलय का फैसला किया है। यह संख्या कुल सांसदों का दो-तिहाई है, जिससे दल-बदल कानून के तहत उनकी सदस्यता पर कोई खतरा नहीं मंडराएगा। राघव चड्ढा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में 'आप' नेतृत्व पर भ्रष्टाचार और आवाज दबाने के आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विश्वास जताया है। इस घटनाक्रम ने राज्यसभा में शक्ति संतुलन को पूरी तरह बदल दिया है और अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली पार्टी के भविष्य पर एक सवालिया निशान खड़ा कर दिया है।
🎯कामयाबी कदमों में होगी तुम्हारे, शर्त बस इतनी है,
लक्ष्य का पीछा कोहली की तरह करना तुम!⛳️ 👑❤️
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