ये खबर भी आज सुर्खियों में है। तस्वीर में साड़ी पहनकर दौड़ती हुई महिला का नाम कविता देवी है। रामगढ़ के दुलमी की रहने वाली है। पति गुजरात में मजदूरी करते थे लम्बी बीमारी के बाद उनका निधन हो गया, कुछ दिन बाद इनके भैसुर का भी निधन हो गया उसके बाद इसके कंधों पर बहुत बड़ा बोझ आ गया। ईट भट्ठे में मजदूरी कर अपने दो बच्चे और सास ससुर को किसी तरह पाल पोस रही है।
सोचिए..आज के दौर में जहां जिम जाने का अलग कपड़ा, रात में सोने का नाइट सूट होता है लोगों के पास, वहीं ये अपने भविष्य को किसी तरह सवारने के लिए कड़ी धूप में साड़ी और खाली पैर ही होमगार्ड बहाली का ट्रायल दे रही है और वो भी रेतीली जमीन पर खाली पैर। इस समाचार ने अंदर तक झकझोर दिया।
जी भी हो इस बहन की हिम्मत और जज्बे की दाद देनी पड़ेगी कि इतनी कठिन परिस्थितियों में भी इनका हौसला बुलंद है।
सोचिए..आज के दौर में जहां जिम जाने का अलग कपड़ा, रात में सोने का नाइट सूट होता है लोगों के पास, वहीं ये अपने भविष्य को किसी तरह सवारने के लिए कड़ी धूप में साड़ी और खाली पैर ही होमगार्ड बहाली का ट्रायल दे रही है और वो भी रेतीली जमीन पर खाली पैर। इस समाचार ने अंदर तक झकझोर दिया।
जी भी हो इस बहन की हिम्मत और जज्बे की दाद देनी पड़ेगी कि इतनी कठिन परिस्थितियों में भी इनका हौसला बुलंद है।
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2026 का साहित्य का नोबेल सम्मान कनाडाई कवयित्री, निबंधकार और अनुवादक ऐन कार्सन के नाम। उनकी रचनाएँ भाषा, स्मृति और मानवीय अनुभव को नए आयाम देती हैं।