https://youtube.com/shorts/z_ZHxf6JN2k?si=8bOzKrVAMg-karI4
नए इनकम टैक्स बिल में आयकर विभाग को सोशल मीडिया पर आपके निजी जानकारी जांच करने का भी पूर्ण अधिकार, निजता के अधिकार को खतरा
मेंस हेतु उपयोगी
नए इनकम टैक्स बिल में आयकर विभाग को सोशल मीडिया पर आपके निजी जानकारी जांच करने का भी पूर्ण अधिकार, निजता के अधिकार को खतरा
मेंस हेतु उपयोगी
YouTube
⚠️ New Income Tax Bill 2025 Explained | Govt Can Read Your WhatsApp, Emails & DMs?
India’s new Income Tax Bill 2025 (effective April 2026) has raised serious concerns about privacy and digital rights.Under Section 132, tax officials will ge...
❤1
जब सत्ताधारी दल का सबसे वरिष्ठ सदस्य ऐसा कहने लगे जाये की अगले चुनाव में 15 सीट भी मिलना मुश्किल तो सरकार को चिंतन अवश्य करना चाहिए. क्योंकि वे वही जनता हैं जो 71 सीट वाली सरकार को 35 में ला के रख दी और 15 सीट पर बैठी विपक्ष को 54 तो काम ऐसा करे की फिर से 54 का 15 न हो जाये समय रहते सरकार को चिंतन अवश्य करना चाहिए की जमीनी हकीकत क्या हैं.
जिस प्रकार हर बार झूठी माफ़ी का पैतरा काम नहीं आता ठीक उसी प्रकार महतारी वंदना भी हर बार काम नहीं आएगा. बाकि सरकार से जुड़े IAS लोगो से भी आग्रह हैं योजना ऐसे बनायें जो जमीनी हकीकत बन सके ना की सिर्फ कागजों में ही योजना बने. बाकि यहाँ की जनता सब देख रही हैं. नौकरियां ठेका सिस्टम के कारण कम हो रही हैं और बेरोजगारों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है.
जिस प्रकार हर बार झूठी माफ़ी का पैतरा काम नहीं आता ठीक उसी प्रकार महतारी वंदना भी हर बार काम नहीं आएगा. बाकि सरकार से जुड़े IAS लोगो से भी आग्रह हैं योजना ऐसे बनायें जो जमीनी हकीकत बन सके ना की सिर्फ कागजों में ही योजना बने. बाकि यहाँ की जनता सब देख रही हैं. नौकरियां ठेका सिस्टम के कारण कम हो रही हैं और बेरोजगारों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है.
❤4
व्हाट्सएप (WhatsApp) को टक्कर देने के लिए भारत का एक ऐप, जिसका नाम अरट्टाई (Arattai) है, बहुत मशहूर हो रहा है।
इस ऐप को जोहो (Zoho) नाम की एक कंपनी ने बनाया है, जिसके संस्थापक (Founder) श्रीधर वेम्बु हैं।
इन्होंने अमेरिका की नौकरी छोड़कर भारत के एक गाँव में अपनी टेक कंपनी शुरू की।
इस ऐप को जोहो (Zoho) नाम की एक कंपनी ने बनाया है, जिसके संस्थापक (Founder) श्रीधर वेम्बु हैं।
इन्होंने अमेरिका की नौकरी छोड़कर भारत के एक गाँव में अपनी टेक कंपनी शुरू की।
चीफ जस्टिस पर किसी वकील ने जूता फेंका है। ये सरासर गलत कृत्य हैं। क्योंकि आप उस व्यक्ति को नहीं उस कुर्सी और न्यायपालिका का अपमान कर रहे हो। जहां लाखों करोड़ों सताए हुए लोगों को न्याय मिलता है। कुछेक मौकों पर मुझे भी इस न्याय व्यवस्था और जजों द्वारा दिए फैसले या इनके द्वारा दिए गए स्टेटमेंट से सहमति नहीं रही। फिर भी हिंसा करने का विचार कभी नहीं आया मन में इनके खिलाफ। आज जूता फेंक कर शुरुआत की गई हैं कल को कोई बॉम्ब मारकर इस सिलसिले को आगे बढ़ा देगा।