पद्म विभूषण व चिकित्सा के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित सुप्रसिद्ध वैज्ञानिक डॉ. हरगोविंद खुराना ने डीएनए के रहस्यों का पता लगाया . कृत्रिम जीन के निर्माण का श्रेय भी उन्हें दिया जाता है
पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि💐🙏
पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि💐🙏
अलविदा डाक्टर जेम्स वाटसन!
डॉ. फ़्रांसिस क्रिक और मॉरिस विल्किंस के साथ डी.एन.ए. की संरचना की खोज करने वाले वैज्ञानिक, ह्यूमन जीनोम प्रोजेक्ट के पहले निदेशक और नोबेल पुरस्कार विजेता डॉ. जेम्स वॉटसन का देहांत हो गया है। डी.एन.ए. की संरचना की खोज इंसानी इतिहास की सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण खोजों में से एक है। इस खोज के महत्त्व की तुलना कर पाना संभव नहीं है।
डॉ. जेम्स वॉटसन एक अमेरिकी आणविक जीवविज्ञानी, आनुवंशिकीविद् और प्राणीविद् थे, जिन्होंने फ्रांसिस क्रिक के साथ मिलकर 1953 में डीएनए (DNA) की डबल हेलिक्स संरचना की खोज की थी। इस महत्वपूर्ण खोज के लिए उन्हें 1962 में क्रिक और मॉरिस विल्किंस के साथ चिकित्सा या फिजियोलॉजी में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
डीएनए की खोज: वॉटसन और क्रिक ने डीएनए की दोहरी कुंडली संरचना को प्रस्तावित किया था, जो आनुवंशिक जानकारी को संग्रहीत और हस्तांतरित करने के लिए मौलिक है।
नोबेल पुरस्कार: इस खोज के लिए, वॉटसन, क्रिक और विल्किंस को 1962 में फिजियोलॉजी या मेडिसिन में नोबेल पुरस्कार मिला।
अन्य योगदान: वॉटसन ने कोल्ड स्प्रिंग हार्बर प्रयोगशाला के निदेशक के रूप में भी काम किया और मानव जीनोम परियोजना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
जन्म की तारीख और समय: 6 अप्रैल 1928, शिकागो, इलिनॉयस, संयुक्त राज्य अमेरिका
मृत्यु की जगह और तारीख: 6 नवंबर 2025, संयुक्त राज्य अमेरिका
पत्नी: एलिजाबेथ वॉटसन (विवा. 1968)
इनाम: नोबेल पुरस्कार - शरीर विज्ञान या औषधि
शिक्षा: शिकागो विश्वविद्यालय (1943–1947), Horace Mann Grammar School
राष्ट्रीयता: संयुक्त राज्य अमेरिका
डॉ. फ़्रांसिस क्रिक और मॉरिस विल्किंस के साथ डी.एन.ए. की संरचना की खोज करने वाले वैज्ञानिक, ह्यूमन जीनोम प्रोजेक्ट के पहले निदेशक और नोबेल पुरस्कार विजेता डॉ. जेम्स वॉटसन का देहांत हो गया है। डी.एन.ए. की संरचना की खोज इंसानी इतिहास की सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण खोजों में से एक है। इस खोज के महत्त्व की तुलना कर पाना संभव नहीं है।
डॉ. जेम्स वॉटसन एक अमेरिकी आणविक जीवविज्ञानी, आनुवंशिकीविद् और प्राणीविद् थे, जिन्होंने फ्रांसिस क्रिक के साथ मिलकर 1953 में डीएनए (DNA) की डबल हेलिक्स संरचना की खोज की थी। इस महत्वपूर्ण खोज के लिए उन्हें 1962 में क्रिक और मॉरिस विल्किंस के साथ चिकित्सा या फिजियोलॉजी में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
डीएनए की खोज: वॉटसन और क्रिक ने डीएनए की दोहरी कुंडली संरचना को प्रस्तावित किया था, जो आनुवंशिक जानकारी को संग्रहीत और हस्तांतरित करने के लिए मौलिक है।
नोबेल पुरस्कार: इस खोज के लिए, वॉटसन, क्रिक और विल्किंस को 1962 में फिजियोलॉजी या मेडिसिन में नोबेल पुरस्कार मिला।
अन्य योगदान: वॉटसन ने कोल्ड स्प्रिंग हार्बर प्रयोगशाला के निदेशक के रूप में भी काम किया और मानव जीनोम परियोजना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
जन्म की तारीख और समय: 6 अप्रैल 1928, शिकागो, इलिनॉयस, संयुक्त राज्य अमेरिका
मृत्यु की जगह और तारीख: 6 नवंबर 2025, संयुक्त राज्य अमेरिका
पत्नी: एलिजाबेथ वॉटसन (विवा. 1968)
इनाम: नोबेल पुरस्कार - शरीर विज्ञान या औषधि
शिक्षा: शिकागो विश्वविद्यालय (1943–1947), Horace Mann Grammar School
राष्ट्रीयता: संयुक्त राज्य अमेरिका
🔥 वंदे मातरम् @ 150
📍07 नवंबर से उत्सव की शुरुआत
• राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' को लिखे हुए 150 वर्ष पूर्ण हो गए हैं।
• राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' बंकिम चंद्र चटर्जी ने 1875 में लिखा, जो उनके उपन्यास 'आनंदमठ' में प्रकाशित हुआ।
• इस गीत को 24 जनवरी 1950 को संविधान सभा द्वारा राष्ट्रगीत के रूप में अपनाया गया था।
📍07 नवंबर से उत्सव की शुरुआत
• राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' को लिखे हुए 150 वर्ष पूर्ण हो गए हैं।
• राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' बंकिम चंद्र चटर्जी ने 1875 में लिखा, जो उनके उपन्यास 'आनंदमठ' में प्रकाशित हुआ।
• इस गीत को 24 जनवरी 1950 को संविधान सभा द्वारा राष्ट्रगीत के रूप में अपनाया गया था।
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