नर हो, न निराश करो मन को
कुछ काम करो, कुछ काम करो
जग में रह कर कुछ नाम करो
यह जन्म हुआ किस अर्थ अहो
समझो जिसमें यह व्यर्थ न हो
कुछ तो उपयुक्त करो तन को
नर हो, न निराश करो मन को।
'पद्मभूषण' से सम्मानित, ‘राष्ट्रकवि’ मैथिलीशरण गुप्त जी की पुण्यतिथि पर कोटि कोटि नमन 🙏
कुछ काम करो, कुछ काम करो
जग में रह कर कुछ नाम करो
यह जन्म हुआ किस अर्थ अहो
समझो जिसमें यह व्यर्थ न हो
कुछ तो उपयुक्त करो तन को
नर हो, न निराश करो मन को।
'पद्मभूषण' से सम्मानित, ‘राष्ट्रकवि’ मैथिलीशरण गुप्त जी की पुण्यतिथि पर कोटि कोटि नमन 🙏
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दैनिक उपयोग के कई विद्युत उपकरणों के अनावश्यक उपयोग को बंद या कम करके कुशलता से ऊर्जा की बचत की जा सकती है जो भविष्य के लिए ज़रूरी है. आईए, अपने बेहतर भविष्य के लिए ऊर्जा संरक्षण का संकल्प लें💡
#राष्ट्रीय_ऊर्जा_संरक्षण_दिवस
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