मीडिया के आगे भावुक हो गए अरविंद केजरीवाल
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल को शराब नीति से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने सभी आरोपों से बरी कर दिया है.
अदालत के फ़ैसले पर अरविंद केजरीवाल ने प्रतिक्रिया दी है.
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल को शराब नीति से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने सभी आरोपों से बरी कर दिया है.
अदालत के फ़ैसले पर अरविंद केजरीवाल ने प्रतिक्रिया दी है.
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दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट (Rouse Avenue Court) ने 27 फरवरी 2026 को शराब नीति (Excise Policy) केस में फैसला सुनाते हुए CBI के जांच अधिकारी (Investigating Officer) के खिलाफ विभागीय जांच (Departmental Action/Inquiry) का आदेश दिया है।
कोर्ट ने अधिकारी को कड़ी फटकार लगाते हुए मुख्य रूप से ये बातें कहीं:
बिना सबूत के केस बनाना: अधिकारी ने बिना किसी ठोस सबूत और तथ्यों की अनदेखी करते हुए लोगों (जैसे तत्कालीन अधिकारी कुलदीप सिंह) को आरोपी बनाया।
मनगढ़ंत और पहले से तय जांच: कोर्ट ने CBI की जांच को "Pre-meditated and choreographed" (पूर्व-नियोजित और रची हुई) बताया। कोर्ट के अनुसार, अधिकारी ने निष्पक्ष जांच करने के बजाय एक पहले से तय कहानी (narrative) को सही साबित करने की कोशिश की।
गवाहों के साथ खेल: जांच अधिकारी पर आरोप लगा कि उसने जानबूझकर ऐसे तरीके अपनाए जिससे सच सामने लाने के बजाय सिर्फ अपने केस को बचाया जा सके (जैसे कुछ लोगों को एक ही समय में 'संदिग्ध' और 'सरकारी गवाह' दोनों बनाकर रखना)।
इसी के साथ, सबूतों के अभाव और जांच में इन गंभीर खामियों को देखते हुए कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया समेत सभी 23 आरोपियों को CBI के इस केस से बरी (Discharge) कर दिया है।
कोर्ट ने अधिकारी को कड़ी फटकार लगाते हुए मुख्य रूप से ये बातें कहीं:
बिना सबूत के केस बनाना: अधिकारी ने बिना किसी ठोस सबूत और तथ्यों की अनदेखी करते हुए लोगों (जैसे तत्कालीन अधिकारी कुलदीप सिंह) को आरोपी बनाया।
मनगढ़ंत और पहले से तय जांच: कोर्ट ने CBI की जांच को "Pre-meditated and choreographed" (पूर्व-नियोजित और रची हुई) बताया। कोर्ट के अनुसार, अधिकारी ने निष्पक्ष जांच करने के बजाय एक पहले से तय कहानी (narrative) को सही साबित करने की कोशिश की।
गवाहों के साथ खेल: जांच अधिकारी पर आरोप लगा कि उसने जानबूझकर ऐसे तरीके अपनाए जिससे सच सामने लाने के बजाय सिर्फ अपने केस को बचाया जा सके (जैसे कुछ लोगों को एक ही समय में 'संदिग्ध' और 'सरकारी गवाह' दोनों बनाकर रखना)।
इसी के साथ, सबूतों के अभाव और जांच में इन गंभीर खामियों को देखते हुए कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया समेत सभी 23 आरोपियों को CBI के इस केस से बरी (Discharge) कर दिया है।
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