देश की प्रथम महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले ने महिला शिक्षा की अलख जगाई. छुआछूत, सतीप्रथा, बाल विवाह जैसी कुरीतियों के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई और विधवा विवाह की परंपरा भी शुरू की. उन्हें आधुनिक मराठी काव्य का अग्रदूत माना जाता है.
पुण्यतिथि पर सादर नमन🙏
पुण्यतिथि पर सादर नमन🙏
जल महोत्सव 2026
(8 मार्च 2026 - 22 मार्च 2026)
"गाँव का उत्सव, देश का महोत्सव"
जल महोत्सव 2026 की शुरुआत 8 मार्च 2026 को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर हुई।
इस अभियान का आयोजन जल शक्ति मंत्रालय के पेयजल और स्वच्छता विभाग (DDWS) द्वारा किया जा रहा है।
यह राष्ट्रव्यापी अभियान 8 मार्च से शुरू होकर 22 मार्च (विश्व जल दिवस) 2026 तक चलेगा।...
(8 मार्च 2026 - 22 मार्च 2026)
"गाँव का उत्सव, देश का महोत्सव"
जल महोत्सव 2026 की शुरुआत 8 मार्च 2026 को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर हुई।
इस अभियान का आयोजन जल शक्ति मंत्रालय के पेयजल और स्वच्छता विभाग (DDWS) द्वारा किया जा रहा है।
यह राष्ट्रव्यापी अभियान 8 मार्च से शुरू होकर 22 मार्च (विश्व जल दिवस) 2026 तक चलेगा।...
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दांडी मार्च कूच दिवस
12 मार्च
दांडी मार्च की शुरुआत महात्मा गाँधी ने 12 मार्च 1930 को की थी।
यह ऐतिहासिक यात्रा साबरमती आश्रम से गुजरात के तटीय गाँव दांडी तक निकाली गई थी।
इसका मुख्य उद्देश्य ब्रिटिश सरकार द्वारा नमक पर लगाए गए अन्यायपूर्ण कर का विरोध करना था।
गाँधी जी के साथ इस कूच में उनके 79 अनुयायी शामिल थे, जो बाद में एक बड़े जनसमूह में बदल गया।
यह पैदल यात्रा लगभग 390 किलोमीटर लंबी थी, जिसे पूरा करने में 24 दिन लगे।
गाँधी जी ने अहिंसा के मार्ग पर चलते हुए लोगों को ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ एकजुट किया।
6 अप्रैल 1930 को दांडी पहुँचकर गाँधी जी ने समुद्र किनारे नमक उठाकर अंग्रेजी कानून को चुनौती दी।
इस घटना ने पूरे भारत में 'सविनय अवज्ञा आंदोलन' (Civil Disobedience Movement) की शुरुआत की।
12 मार्च
दांडी मार्च की शुरुआत महात्मा गाँधी ने 12 मार्च 1930 को की थी।
यह ऐतिहासिक यात्रा साबरमती आश्रम से गुजरात के तटीय गाँव दांडी तक निकाली गई थी।
इसका मुख्य उद्देश्य ब्रिटिश सरकार द्वारा नमक पर लगाए गए अन्यायपूर्ण कर का विरोध करना था।
गाँधी जी के साथ इस कूच में उनके 79 अनुयायी शामिल थे, जो बाद में एक बड़े जनसमूह में बदल गया।
यह पैदल यात्रा लगभग 390 किलोमीटर लंबी थी, जिसे पूरा करने में 24 दिन लगे।
गाँधी जी ने अहिंसा के मार्ग पर चलते हुए लोगों को ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ एकजुट किया।
6 अप्रैल 1930 को दांडी पहुँचकर गाँधी जी ने समुद्र किनारे नमक उठाकर अंग्रेजी कानून को चुनौती दी।
इस घटना ने पूरे भारत में 'सविनय अवज्ञा आंदोलन' (Civil Disobedience Movement) की शुरुआत की।
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आँखें ईश्वर की दी हुई खूबसूरत नेमत है और स्वस्थ आँखों से ही इस दुनिया को निहारा जा सकता है। नियमित नेत्र जाँच कराएँ, लक्षणों को नज़रअंदाज़ न करें। ग्लूकोमा (काला मोतिया) एक ऐसी आँखों की बीमारी है जो धीरे-धीरे दृष्टि को नुकसान पहुँचा सकती है। जागरूक रहें, अपनी आँखों की नियमित जाँच करवाएं और ग्लूकोमा के लक्षणों को पहचानें।
#WorldGlaucomaDay
#EyeHealth
#VisionCare
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#EyeHealth
#VisionCare
21 वर्षों के इंतज़ार के बाद 13 मार्च 1940 को महान क्रांतिकारी और आज़ादी के दीवाने सरदार उधम सिंह ने जलियाँवाला बाग़ की घटना के समय पंजाब के लेफ़्टिनेंट गवर्नर रहे माइकल-ओ-ड्वाएर को गोली मार कर जलियाँवाला बाग़ हत्याकांड का बदला लिया था।