अंग्रेजी भाषा दिवस | SA News Chhattisgarh
23-04-2026: हर वर्ष 23 अप्रैल को English Language Day मनाया जाता है। यह दिन महान लेखक William Shakespeare की जयंती के रूप में प्रसिद्ध है। इस दिन का उद्देश्य अंग्रेज़ी भाषा के महत्व और उसके वैश्विक प्रभाव को समझाना है।
अंग्रेज़ी आज दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण भाषाओं में से एक बन चुकी है। यह शिक्षा, विज्ञान, व्यापार और अंतरराष्ट्रीय संचार का प्रमुख माध्यम है। United Nations ने इस दिन को मनाने की शुरुआत की, ताकि भाषा के माध्यम से विभिन्न संस्कृतियों को जोड़ा जा सके।
इस दिन हमें अंग्रेज़ी सीखने और उसे सही तरीके से उपयोग करने के लिए प्रेरित किया जाता है। यह भाषा न केवल ज्ञान का विस्तार करती है, बल्कि करियर के नए अवसर भी प्रदान करती है। इसलिए हमें इसे सीखने और अपनाने का प्रयास करना चाहिए।
23-04-2026: हर वर्ष 23 अप्रैल को English Language Day मनाया जाता है। यह दिन महान लेखक William Shakespeare की जयंती के रूप में प्रसिद्ध है। इस दिन का उद्देश्य अंग्रेज़ी भाषा के महत्व और उसके वैश्विक प्रभाव को समझाना है।
अंग्रेज़ी आज दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण भाषाओं में से एक बन चुकी है। यह शिक्षा, विज्ञान, व्यापार और अंतरराष्ट्रीय संचार का प्रमुख माध्यम है। United Nations ने इस दिन को मनाने की शुरुआत की, ताकि भाषा के माध्यम से विभिन्न संस्कृतियों को जोड़ा जा सके।
इस दिन हमें अंग्रेज़ी सीखने और उसे सही तरीके से उपयोग करने के लिए प्रेरित किया जाता है। यह भाषा न केवल ज्ञान का विस्तार करती है, बल्कि करियर के नए अवसर भी प्रदान करती है। इसलिए हमें इसे सीखने और अपनाने का प्रयास करना चाहिए।
1928 का साल था।
भारत अभी आज़ाद नहीं हुआ था… लेकिन भारत की आवाज़ दुनिया तक पहुँच चुकी थी।
उस आवाज़ का नाम था— सरोजिनी नायडू; जिन्हें प्यार से भारत कोकिला कहा जाता था। :dove_of_peace:
जब वह एक भारतीय प्रतिनिधि के रूप में अमेरिका गईं, तब वह सिर्फ एक नेता बनकर नहीं, बल्कि भारत की आत्मा बनकर वहाँ पहुँची थीं। उस समय भारत ब्रिटिश शासन के अधीन था, और विदेशों में भारत की छवि अक्सर एक “ग़रीब और पिछड़े देश” की तरह पेश की जाती थी।
लेकिन सरोजिनी नायडू ने मंच पर खड़े होकर जिस तरह भारत का परिचय दिया, उसने सबकी सोच बदल दी।
उन्होंने भारत को आँकड़ों या शिकायतों से नहीं, बल्कि अपने दृढ़ शब्दों और अपनी आत्मीयता से परिचित कराया।
वह कहा कि भारत सिर्फ एक भूगोल नहीं है— वह सभ्यता है, संस्कृति है, रंगों और भाषाओं की दुनिया है। वह देश जहाँ दुख भी है, संघर्ष भी है… लेकिन उम्मीद और आत्मसम्मान भी उतना ही गहरा है।
उनकी अंग्रेज़ी पर अद्भुत पकड़ थी, उनकी वाणी में संगीत था, और उनके शब्दों में सच्चाई।
अमेरिका के सभागारों में लोग सिर्फ एक नेता को नहीं सुन रहे थे, वे एक कवयित्री को सुन रहे थे, एक माँ को सुन रहे थे, एक ऐसे देश की बेटी को सुन रहे थे जो आज़ाद होना चाहता था, लेकिन नफ़रत नहीं, सम्मान माँग रहा था।
कहा जाता है कि उनके भाषणों के बाद कई विदेशी श्रोताओं ने पहली बार भारत को एक “आवाज़” के रूप में महसूस किया— एक ऐसी आवाज़ जो दृढ़ भी थी और विनम्र भी।
उनकी यही खासियत थी कि वो विरोध भी करती थीं, लेकिन गरिमा के साथ। वो अपने देश के लिए खड़ी भी होती थीं, लेकिन कटुता के बिना।
1928 की वह यात्रा सिर्फ एक कूटनीतिक दौरा नहीं थी। इसके दौरान सरोजिनी ने भारत और दुनिया के बीच एक पुल का काम किया था।
आज जब हम सरोजिनी नायडू को याद करते हैं, तो सिर्फ उनकी कविताएँ नहीं, बल्कि वह पल भी याद आते हैं जब उन्होंने विदेश की धरती पर खड़े होकर पूरी दुनिया से कहा कि भारत कमजोर नहीं है। :sparkles:
और सच में… उनकी आवाज़ में ऐसा जादू था कि विरोधी भी सम्मान करना सीख गए। अंग्रेज भी उनकी विनम्रता और प्रतिभा के कायल हो गए!
[Sarojini Naidu | Inspiring| Motivation| History]
भारत अभी आज़ाद नहीं हुआ था… लेकिन भारत की आवाज़ दुनिया तक पहुँच चुकी थी।
उस आवाज़ का नाम था— सरोजिनी नायडू; जिन्हें प्यार से भारत कोकिला कहा जाता था। :dove_of_peace:
जब वह एक भारतीय प्रतिनिधि के रूप में अमेरिका गईं, तब वह सिर्फ एक नेता बनकर नहीं, बल्कि भारत की आत्मा बनकर वहाँ पहुँची थीं। उस समय भारत ब्रिटिश शासन के अधीन था, और विदेशों में भारत की छवि अक्सर एक “ग़रीब और पिछड़े देश” की तरह पेश की जाती थी।
लेकिन सरोजिनी नायडू ने मंच पर खड़े होकर जिस तरह भारत का परिचय दिया, उसने सबकी सोच बदल दी।
उन्होंने भारत को आँकड़ों या शिकायतों से नहीं, बल्कि अपने दृढ़ शब्दों और अपनी आत्मीयता से परिचित कराया।
वह कहा कि भारत सिर्फ एक भूगोल नहीं है— वह सभ्यता है, संस्कृति है, रंगों और भाषाओं की दुनिया है। वह देश जहाँ दुख भी है, संघर्ष भी है… लेकिन उम्मीद और आत्मसम्मान भी उतना ही गहरा है।
उनकी अंग्रेज़ी पर अद्भुत पकड़ थी, उनकी वाणी में संगीत था, और उनके शब्दों में सच्चाई।
अमेरिका के सभागारों में लोग सिर्फ एक नेता को नहीं सुन रहे थे, वे एक कवयित्री को सुन रहे थे, एक माँ को सुन रहे थे, एक ऐसे देश की बेटी को सुन रहे थे जो आज़ाद होना चाहता था, लेकिन नफ़रत नहीं, सम्मान माँग रहा था।
कहा जाता है कि उनके भाषणों के बाद कई विदेशी श्रोताओं ने पहली बार भारत को एक “आवाज़” के रूप में महसूस किया— एक ऐसी आवाज़ जो दृढ़ भी थी और विनम्र भी।
उनकी यही खासियत थी कि वो विरोध भी करती थीं, लेकिन गरिमा के साथ। वो अपने देश के लिए खड़ी भी होती थीं, लेकिन कटुता के बिना।
1928 की वह यात्रा सिर्फ एक कूटनीतिक दौरा नहीं थी। इसके दौरान सरोजिनी ने भारत और दुनिया के बीच एक पुल का काम किया था।
आज जब हम सरोजिनी नायडू को याद करते हैं, तो सिर्फ उनकी कविताएँ नहीं, बल्कि वह पल भी याद आते हैं जब उन्होंने विदेश की धरती पर खड़े होकर पूरी दुनिया से कहा कि भारत कमजोर नहीं है। :sparkles:
और सच में… उनकी आवाज़ में ऐसा जादू था कि विरोधी भी सम्मान करना सीख गए। अंग्रेज भी उनकी विनम्रता और प्रतिभा के कायल हो गए!
[Sarojini Naidu | Inspiring| Motivation| History]
❤1
आम आदमी पार्टी (AAP) के लिए आज का दिन झटके वाला रहा है। पार्टी के दिग्गज नेता और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने 15 साल पुराना साथ छोड़ते हुए भाजपा (BJP) का दामन थामने का ऐलान कर दिया है। चड्ढा के नेतृत्व में AAP के कुल 10 राज्यसभा सांसदों में से 7 सांसदों (राघव चड्ढा, संदीप पाठक, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल, राजेंद्र गुप्ता और विक्रमजीत साहनी) ने भाजपा में विलय का फैसला किया है। यह संख्या कुल सांसदों का दो-तिहाई है, जिससे दल-बदल कानून के तहत उनकी सदस्यता पर कोई खतरा नहीं मंडराएगा। राघव चड्ढा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में 'आप' नेतृत्व पर भ्रष्टाचार और आवाज दबाने के आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विश्वास जताया है। इस घटनाक्रम ने राज्यसभा में शक्ति संतुलन को पूरी तरह बदल दिया है और अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली पार्टी के भविष्य पर एक सवालिया निशान खड़ा कर दिया है।
🎯कामयाबी कदमों में होगी तुम्हारे, शर्त बस इतनी है,
लक्ष्य का पीछा कोहली की तरह करना तुम!⛳️ 👑❤️
लक्ष्य का पीछा कोहली की तरह करना तुम!⛳️ 👑❤️
❤4
#history #gk
हड़प्पा सभ्यता की खोज: दयाराम साहनी (1921)
कांस्य नर्तकी की मूर्ति मिली: मोहनजोदड़ो से
सबसे पुराना वेद: ऋग्वेद
सत्यमेव जयते लिया गया: मुण्डकोपनिषद से
जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर: ऋषभदेव
जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर: महावीर स्वामी
बुद्ध का जन्म: लुम्बिनी (नेपाल)
बुद्ध की मृत्यु (महापरिनिर्वाण): कुशीनगर (UP)
अशोक के पिता का नाम: बिंदुसार
सांची का स्तूप बनवाया: अशोक ने
भारत का नेपोलियन: समुद्रगुप्त
चीनी यात्री फाहियान किसके समय आया: चंद्रगुप्त विक्रमादित्य
हर्षवर्धन की राजधानी: कन्नौज (UP)
मेगास्थनीज की पुस्तक: इंडिका
विक्रम संवत की शुरुआत: 57 ई.पू.
मध्यकालीन भारतीय इतिहास (Medieval History)
तराइन का प्रथम युद्ध (1191): पृथ्वीराज चौहान ने मोहम्मद गोरी को हराया
दिल्ली सल्तनत की पहली महिला शासिका: रजिया सुल्तान
बाजार नियंत्रण प्रणाली शुरू की: अलाउद्दीन खिलजी ने
पागल बादशाह कहा गया: मोहम्मद-बिन-तुगलक को
विजयनगर साम्राज्य की स्थापना: हरिहर और बुक्का ने
लोदी वंश का अंतिम शासक: इब्राहिम लोदी
बाबर और राणा सांगा के बीच युद्ध: खानवा का युद्ध (1527)
शेरशाह सूरी का मकबरा: सासाराम (बिहार)
अकबर ने 'दीन-ए-इलाही' चलाया: 1582 में
फतेहपुर सीकरी का निर्माण: अकबर ने (आगरा के पास)
चित्रकला का स्वर्ण युग: जहाँगीर का काल
स्थापत्य कला का स्वर्ण युग: शाहजहाँ का काल
शिवाजी का जन्म: शिवनेर दुर्ग में
गुरु नानक देव का जन्म: ननकाना साहिब (तलवंडी)
खालसा पंथ की स्थापना: गुरु गोविंद सिंह ने
आधुनिक भारतीय इतिहास (Modern History)
वास्कोडिगामा भारत आया: 1498 (कालीकट)
बक्सर का युद्ध: 1764
बंगाल का प्रथम गवर्नर जनरल: वारेन हेस्टिंग्स
सती प्रथा का अंत (1829): लॉर्ड विलियम बैंटिक (राजा राममोहन राय के सहयोग से)
1857 की क्रांति का नेतृत्व (लखनऊ): बेगम हजरत महल
1857 की क्रांति का नेतृत्व (कानपुर): नाना साहेब
1857 की क्रांति का नेतृत्व (झांसी): रानी लक्ष्मीबाई
कांग्रेस की पहली महिला अध्यक्ष: एनी बेसेंट
कांग्रेस की पहली 'भारतीय' महिला अध्यक्ष: सरोजिनी नायडू
बंगाल विभाजन (1905): लॉर्ड कर्जन द्वारा
मुस्लिम लीग की स्थापना: 1906 (ढाका)
गदर पार्टी के संस्थापक: लाला हरदयाल
चंपारण सत्याग्रह: 1917 (गांधी जी का पहला सत्याग्रह)
असहयोग आंदोलन शुरू हुआ: 1920
काकोरी ट्रेन एक्शन (1925): राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान
साइमन कमीशन भारत आया: 1928
पूर्ण स्वराज की मांग: 1929 (लाहौर अधिवेशन)
गांधी-इरविन समझौता: 1931
फॉरवर्ड ब्लॉक की स्थापना: सुभाष चंद्र बोस (1939)
भारत का लौह पुरुष: सरदार वल्लभभाई पटेल
उत्तर प्रदेश विशेष इतिहास (UP Specific History)
अशोक का प्रसिद्ध स्तूप जहाँ से 'सिंह शीर्ष' लिया गया: सारनाथ
मथुरा कला स्कूल का विकास: कुषाण काल में
संयुक्त प्रांत (UP) का नाम बदलकर उत्तर प्रदेश किया गया: 24 जनवरी 1950
बुद्ध ने सर्वाधिक उपदेश कहाँ दिए: श्रावस्ती में
प्रयाग प्रशस्ति का संबंध: समुद्रगुप्त से
प्राचीन भारत (Ancient History: 56-100)
हड़प्पा सभ्यता का पत्तन नगर (Port): लोथल
विशाल स्नानागार कहाँ मिला? मोहनजोदड़ो
आर्यों की भाषा क्या थी? संस्कृत
पुराणों की संख्या कितनी है? 18
नंद वंश का अंतिम शासक: घनानंद
सिकंदर ने भारत पर आक्रमण कब किया? 326 ई.पू.
मेगास्थनीज किसका राजदूत था? सेल्यूकस निकेटर
कलिंग युद्ध कब हुआ? 261 ई.पू.
चरक किसके राजवैद्य थे? कनिष्क
गुप्त वंश का संस्थापक: श्रीगुप्त
'कविराज' किसे कहा जाता था? समुद्रगुप्त
पंचतंत्र के लेखक: विष्णु शर्मा
अभिज्ञान शाकुन्तलम के रचयिता: कालिदास
एलोरा के कैलाश मंदिर का निर्माण किसने कराया? कृष्ण प्रथम (राष्ट्रकूट)
खजुराहो के मंदिर किसने बनवाए? चंदेल शासकों ने (मप्र)
कोणार्क का सूर्य मंदिर किसने बनवाया? नरसिंहदेव प्रथम
विक्रमशिला विश्वविद्यालय की स्थापना: धर्मपाल
अजंता की गुफाएं किससे संबंधित हैं? बौद्ध धर्म
त्रिपिटक किस धर्म का ग्रंथ है? बौद्ध धर्म
शून्य की खोज किसने की? आर्यभट्ट
महाभारत का पुराना नाम: जय संहिता
ऋग्वेद में 'अघन्या' शब्द किसके लिए है? गाय
अशोक ने किस बौद्ध भिक्षु से दीक्षा ली? उपगुप्त
नागार्जुन कौन थे? बौद्ध दार्शनिक (भारत का आइंस्टीन)
कांची के कैलाश मंदिर का निर्माण: पल्लव शासकों ने
कुतुब मीनार की नींव किसने रखी? कुतुबुद्दीन ऐबक
गुलाम वंश का वास्तविक संस्थापक: इल्तुतमिश
लौह एवं रक्त की नीति किसने अपनाई? बलवन
इब्नबतूता किसके शासनकाल में आया? मोहम्मद बिन तुगलक
हड़प्पा सभ्यता की खोज: दयाराम साहनी (1921)
कांस्य नर्तकी की मूर्ति मिली: मोहनजोदड़ो से
सबसे पुराना वेद: ऋग्वेद
सत्यमेव जयते लिया गया: मुण्डकोपनिषद से
जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर: ऋषभदेव
जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर: महावीर स्वामी
बुद्ध का जन्म: लुम्बिनी (नेपाल)
बुद्ध की मृत्यु (महापरिनिर्वाण): कुशीनगर (UP)
अशोक के पिता का नाम: बिंदुसार
सांची का स्तूप बनवाया: अशोक ने
भारत का नेपोलियन: समुद्रगुप्त
चीनी यात्री फाहियान किसके समय आया: चंद्रगुप्त विक्रमादित्य
हर्षवर्धन की राजधानी: कन्नौज (UP)
मेगास्थनीज की पुस्तक: इंडिका
विक्रम संवत की शुरुआत: 57 ई.पू.
मध्यकालीन भारतीय इतिहास (Medieval History)
तराइन का प्रथम युद्ध (1191): पृथ्वीराज चौहान ने मोहम्मद गोरी को हराया
दिल्ली सल्तनत की पहली महिला शासिका: रजिया सुल्तान
बाजार नियंत्रण प्रणाली शुरू की: अलाउद्दीन खिलजी ने
पागल बादशाह कहा गया: मोहम्मद-बिन-तुगलक को
विजयनगर साम्राज्य की स्थापना: हरिहर और बुक्का ने
लोदी वंश का अंतिम शासक: इब्राहिम लोदी
बाबर और राणा सांगा के बीच युद्ध: खानवा का युद्ध (1527)
शेरशाह सूरी का मकबरा: सासाराम (बिहार)
अकबर ने 'दीन-ए-इलाही' चलाया: 1582 में
फतेहपुर सीकरी का निर्माण: अकबर ने (आगरा के पास)
चित्रकला का स्वर्ण युग: जहाँगीर का काल
स्थापत्य कला का स्वर्ण युग: शाहजहाँ का काल
शिवाजी का जन्म: शिवनेर दुर्ग में
गुरु नानक देव का जन्म: ननकाना साहिब (तलवंडी)
खालसा पंथ की स्थापना: गुरु गोविंद सिंह ने
आधुनिक भारतीय इतिहास (Modern History)
वास्कोडिगामा भारत आया: 1498 (कालीकट)
बक्सर का युद्ध: 1764
बंगाल का प्रथम गवर्नर जनरल: वारेन हेस्टिंग्स
सती प्रथा का अंत (1829): लॉर्ड विलियम बैंटिक (राजा राममोहन राय के सहयोग से)
1857 की क्रांति का नेतृत्व (लखनऊ): बेगम हजरत महल
1857 की क्रांति का नेतृत्व (कानपुर): नाना साहेब
1857 की क्रांति का नेतृत्व (झांसी): रानी लक्ष्मीबाई
कांग्रेस की पहली महिला अध्यक्ष: एनी बेसेंट
कांग्रेस की पहली 'भारतीय' महिला अध्यक्ष: सरोजिनी नायडू
बंगाल विभाजन (1905): लॉर्ड कर्जन द्वारा
मुस्लिम लीग की स्थापना: 1906 (ढाका)
गदर पार्टी के संस्थापक: लाला हरदयाल
चंपारण सत्याग्रह: 1917 (गांधी जी का पहला सत्याग्रह)
असहयोग आंदोलन शुरू हुआ: 1920
काकोरी ट्रेन एक्शन (1925): राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान
साइमन कमीशन भारत आया: 1928
पूर्ण स्वराज की मांग: 1929 (लाहौर अधिवेशन)
गांधी-इरविन समझौता: 1931
फॉरवर्ड ब्लॉक की स्थापना: सुभाष चंद्र बोस (1939)
भारत का लौह पुरुष: सरदार वल्लभभाई पटेल
उत्तर प्रदेश विशेष इतिहास (UP Specific History)
अशोक का प्रसिद्ध स्तूप जहाँ से 'सिंह शीर्ष' लिया गया: सारनाथ
मथुरा कला स्कूल का विकास: कुषाण काल में
संयुक्त प्रांत (UP) का नाम बदलकर उत्तर प्रदेश किया गया: 24 जनवरी 1950
बुद्ध ने सर्वाधिक उपदेश कहाँ दिए: श्रावस्ती में
प्रयाग प्रशस्ति का संबंध: समुद्रगुप्त से
प्राचीन भारत (Ancient History: 56-100)
हड़प्पा सभ्यता का पत्तन नगर (Port): लोथल
विशाल स्नानागार कहाँ मिला? मोहनजोदड़ो
आर्यों की भाषा क्या थी? संस्कृत
पुराणों की संख्या कितनी है? 18
नंद वंश का अंतिम शासक: घनानंद
सिकंदर ने भारत पर आक्रमण कब किया? 326 ई.पू.
मेगास्थनीज किसका राजदूत था? सेल्यूकस निकेटर
कलिंग युद्ध कब हुआ? 261 ई.पू.
चरक किसके राजवैद्य थे? कनिष्क
गुप्त वंश का संस्थापक: श्रीगुप्त
'कविराज' किसे कहा जाता था? समुद्रगुप्त
पंचतंत्र के लेखक: विष्णु शर्मा
अभिज्ञान शाकुन्तलम के रचयिता: कालिदास
एलोरा के कैलाश मंदिर का निर्माण किसने कराया? कृष्ण प्रथम (राष्ट्रकूट)
खजुराहो के मंदिर किसने बनवाए? चंदेल शासकों ने (मप्र)
कोणार्क का सूर्य मंदिर किसने बनवाया? नरसिंहदेव प्रथम
विक्रमशिला विश्वविद्यालय की स्थापना: धर्मपाल
अजंता की गुफाएं किससे संबंधित हैं? बौद्ध धर्म
त्रिपिटक किस धर्म का ग्रंथ है? बौद्ध धर्म
शून्य की खोज किसने की? आर्यभट्ट
महाभारत का पुराना नाम: जय संहिता
ऋग्वेद में 'अघन्या' शब्द किसके लिए है? गाय
अशोक ने किस बौद्ध भिक्षु से दीक्षा ली? उपगुप्त
नागार्जुन कौन थे? बौद्ध दार्शनिक (भारत का आइंस्टीन)
कांची के कैलाश मंदिर का निर्माण: पल्लव शासकों ने
कुतुब मीनार की नींव किसने रखी? कुतुबुद्दीन ऐबक
गुलाम वंश का वास्तविक संस्थापक: इल्तुतमिश
लौह एवं रक्त की नीति किसने अपनाई? बलवन
इब्नबतूता किसके शासनकाल में आया? मोहम्मद बिन तुगलक
❤3