🎯जीवन की सबसे महंगी चीज है "हमारा वर्तमान" जो__
एक बार चला जाए तो फ़िर हम उसे नहीं ख़रीद सकते।⛳️
सुप्रभात 📚
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22 हजार से अधिक गानों को अपनी जादुई आवाज देने वाली मशहूर सिंगर अलका याग्निक का एक भावुक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। दिल्ली में आयोजित पद्म पुरस्कार समारोह के इस वीडियो में अलका याग्निक व्हीलचेयर पर बैठी बेहद कमजोर नजर आ रही हैं। हाल ही में देश के प्रतिष्ठित सम्मान 'पद्म भूषण' से नवाजी गईं अलका याग्निक पिछले दो वर्षों से 'सेंसरिन्यूरल हियरिंग लॉस' (SNHL) नामक एक दुर्लभ नसों की बीमारी (रेयर न्यूरो डिजीज) से जंग लड़ रही हैं। एक अचानक हुए वायरल अटैक के कारण उनकी सुनने की क्षमता गंभीर रूप से प्रभावित हुई है। इस स्वास्थ्य चुनौती के चलते वे रिकॉर्डिंग स्टूडियो से दूर हैं। उनका आखिरी गाना फिल्म 'अमर सिंह चमकीला' का 'नरम कालजा' था। इस वीडियो को देख दुनिया भर में उनके करोड़ों प्रशंसक उनकी सलामती और जल्द ठीक होने की दुआएं मांग रहे हैं।
#AlkaYagnik #PadmaBhushan2026 #SNHLBackground #BollywoodMusicIcon #PrayForAlkaYagnik #PlaybackSingerIndia
[Singer Alka Yagnik Wheelchair Video, Sensorineural Hearing Loss SNHL Disease, Padma Bhushan Award Delhi, Rare Neuro Illness Struggle, Bollywood Playback Icon Prayers]
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ख़बर: दिल्ली हाईकोर्ट का *राघव चड्ढा* को झटका — "नेताओं की चमड़ी इतनी पतली नहीं होनी चाहिए"
पार्टी बदलने के बाद बीजेपी नेता राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया पर अपने खिलाफ किए गए 52 हास्य-व्यंग्य और आलोचनात्मक पोस्ट्स को लेकर मानहानि की याचिका दायर की थी। उल्लेखनीय है कि भाजपा में आने के बाद वे आम जनता के मुद्दे अब नहीं उठाते। जिससे नाराज होकर जनता सोशल मीडिया मे राघव चड्ढा के मीम शेयर कर रही है।
कोर्ट का फैसला: कोर्ट ने उन्हें झटका देते हुए 46 पोस्ट्स को बरी कर दिया। अदालत ने स्पष्ट कहा कि राजनीतिक अदला-बदली पर हास्य और व्यंग्य राजनीति का हिस्सा है। आलोचना मात्र से कोई कंटेंट मानहानि वाला नहीं हो जाता।
कोर्ट के इस फैसले का सीधा मतलब यह है कि लोकतंत्र में जनता को पूरा अधिकार है कि वह स्वतंत्र रूप से और मर्यादा में रहकर किसी भी नेता (चाहे वह सत्ताधारी पार्टी का ही क्यों न हो) की आलोचना कर सकती है और उस पर व्यंग्य कर सकती है।
नेता होने के नाते हास्य-व्यंग्य सहना उनके पद की अनिवार्य स्थिति है। हालांकि, कोर्ट ने यह भी साफ किया कि एआई (AI) की मदद से बनाए गए अश्लील कंटेंट, डीपफेक या पैसों के लेन-देन के झूठे आरोप लगाना मर्यादा का उल्लंघन है और इस पर कार्रवाई होगी।
पार्टी बदलने के बाद बीजेपी नेता राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया पर अपने खिलाफ किए गए 52 हास्य-व्यंग्य और आलोचनात्मक पोस्ट्स को लेकर मानहानि की याचिका दायर की थी। उल्लेखनीय है कि भाजपा में आने के बाद वे आम जनता के मुद्दे अब नहीं उठाते। जिससे नाराज होकर जनता सोशल मीडिया मे राघव चड्ढा के मीम शेयर कर रही है।
कोर्ट का फैसला: कोर्ट ने उन्हें झटका देते हुए 46 पोस्ट्स को बरी कर दिया। अदालत ने स्पष्ट कहा कि राजनीतिक अदला-बदली पर हास्य और व्यंग्य राजनीति का हिस्सा है। आलोचना मात्र से कोई कंटेंट मानहानि वाला नहीं हो जाता।
कोर्ट के इस फैसले का सीधा मतलब यह है कि लोकतंत्र में जनता को पूरा अधिकार है कि वह स्वतंत्र रूप से और मर्यादा में रहकर किसी भी नेता (चाहे वह सत्ताधारी पार्टी का ही क्यों न हो) की आलोचना कर सकती है और उस पर व्यंग्य कर सकती है।
नेता होने के नाते हास्य-व्यंग्य सहना उनके पद की अनिवार्य स्थिति है। हालांकि, कोर्ट ने यह भी साफ किया कि एआई (AI) की मदद से बनाए गए अश्लील कंटेंट, डीपफेक या पैसों के लेन-देन के झूठे आरोप लगाना मर्यादा का उल्लंघन है और इस पर कार्रवाई होगी।
*School Prayer Controversy: स्कूलों में मंत्रोच्चार पर HC की बड़ी राहत, कहा- किसी पर नहीं थोपा जा सकता फैसला*
https://dainikchhattisgarhwatch.com/2026/07/02/school-prayer-controversy-hc-grants-major-relief-regarding-chanting-of
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Dainik Chhattisgarh watch
School Prayer Controversy: स्कूलों में मंत्रोच्चार पर HC की बड़ी राहत, कहा- किसी पर नहीं थोपा जा सकता फैसला - Dainik Chhattisgarh…
School Prayer Controversy: बिलासपुर। शासन की ओर से जवाब आने के बाद प्रदेश के स्कूलों में मंत्रोच्चार कराए जाने के खिलाफ लगाई गई याचिका को […]
हर फिल्म की सफलता पहले दिन तय नहीं होती, और 'Jaya Janaki Nayaka' इसकी सबसे बड़ी मिसाल बन गई है।
साल 2017 में रिलीज़ हुई इस फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिली। करीब ₹40 करोड़ के बजट में बनी यह फिल्म सिर्फ़ ₹20 करोड़ की कमाई कर सकी और जल्द ही सिनेमाघरों से उतर गई। उस समय इसे एक असफल फिल्म माना गया। लेकिन वक्त ने इसकी कहानी बदल दी।
कुछ वर्षों बाद इसका हिंदी डब वर्ज़न 'खूंखार' YouTube पर अपलोड किया गया। बिना किसी बड़े प्रमोशन के दर्शकों ने इसे पसंद करना शुरू किया। लोगों ने इसे दोस्तों के साथ शेयर किया, सोशल मीडिया पर इसकी चर्चा होने लगी और देखते ही देखते यह करोड़ों लोगों तक पहुंच गई।
अब रिलीज़ के लगभग 9 साल बाद, 'Jaya Janaki Nayaka (Khoonkhar)' ने YouTube पर एक ही फुल-लेंथ वीडियो पर 1 बिलियन (100 करोड़) व्यूज़ का ऐतिहासिक आंकड़ा पार कर लिया है। इस उपलब्धि के साथ यह ऐसा करने वाली पहली भारतीय फिल्म बन गई है।
यह सिर्फ़ एक रिकॉर्ड नहीं, बल्कि एक प्रेरणा भी है। कई बार शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं होती, लेकिन अगर काम में दम हो तो समय उसे उसकी सही पहचान जरूर दिलाता है। इसलिए अगर आज आपकी मेहनत को पहचान नहीं मिल रही, तो निराश मत होइए—क्योंकि सही समय आने पर वही मेहनत इतिहास भी बना सकती है।
साल 2017 में रिलीज़ हुई इस फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिली। करीब ₹40 करोड़ के बजट में बनी यह फिल्म सिर्फ़ ₹20 करोड़ की कमाई कर सकी और जल्द ही सिनेमाघरों से उतर गई। उस समय इसे एक असफल फिल्म माना गया। लेकिन वक्त ने इसकी कहानी बदल दी।
कुछ वर्षों बाद इसका हिंदी डब वर्ज़न 'खूंखार' YouTube पर अपलोड किया गया। बिना किसी बड़े प्रमोशन के दर्शकों ने इसे पसंद करना शुरू किया। लोगों ने इसे दोस्तों के साथ शेयर किया, सोशल मीडिया पर इसकी चर्चा होने लगी और देखते ही देखते यह करोड़ों लोगों तक पहुंच गई।
अब रिलीज़ के लगभग 9 साल बाद, 'Jaya Janaki Nayaka (Khoonkhar)' ने YouTube पर एक ही फुल-लेंथ वीडियो पर 1 बिलियन (100 करोड़) व्यूज़ का ऐतिहासिक आंकड़ा पार कर लिया है। इस उपलब्धि के साथ यह ऐसा करने वाली पहली भारतीय फिल्म बन गई है।
यह सिर्फ़ एक रिकॉर्ड नहीं, बल्कि एक प्रेरणा भी है। कई बार शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं होती, लेकिन अगर काम में दम हो तो समय उसे उसकी सही पहचान जरूर दिलाता है। इसलिए अगर आज आपकी मेहनत को पहचान नहीं मिल रही, तो निराश मत होइए—क्योंकि सही समय आने पर वही मेहनत इतिहास भी बना सकती है।
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