🎯कौन थे नेहरू🔥
जेल के 9 साल देश बनाने के 17 साल और वो सब कुछ जो आज भुलाया जा रहा है...
15 अगस्त 2026 आजादी का 80वां साल लाल किले से नारे लग रहे हैं झंडे फहर रहे हैं लेकिन आज के दिन सबसे बड़ा सवाल ये है भारत देश के असली फाउंडर आधुनिक भारत के निर्माता जवाहरलाल नेहरू जी ने इस देश के लिए क्या किया...? कितने साल जेल काटी...? और आज जो लोग उन्हें कमजोर, गलतियों का पिटारा बताकर मजाक उड़ाते हैं वो इतिहास के कौन से पन्ने फाड़ रहे हैं...?
तथ्यों से सुनो, भावनाओं से नहीं...
जेल के 3259 दिन लगभग 9 साल
1921 से 1945 तक नेहरू को 9 बार ब्रिटिश जेल में डाला गया कुल 3259 से 3262 दिन लगभग 9 साल सबसे लंबी कैद अहमदनगर किले में1040 दिन, क्विट इंडिया के बाद नानी, लखनऊ, बरेली, देहरादून, अल्मोड़ा… हर जेल में उन्होंने किताबें लिखीं डिस्कवरी ऑफ इंडिया, ग्लिम्प्सेस ऑफ वर्ल्ड हिस्ट्री, आत्मकथा जेल में बैठकर देश का भविष्य सोचा गांधी के बाद सबसे ज्यादा जेल काटने वाले बड़े नेताओं में से एक ये कोई आराम की कैद नहीं थी सजा, यातना, परिवार से जुदाई, आज जो लोग नेहरू जी ने कुछ नहीं किया चिल्लाते हैं वो खुद एक दिन भी जेल की दीवार नहीं देखे,
आजादी की लड़ाई में उनकी भूमिका
1929 लाहौर कांग्रेस नेहरू अध्यक्ष पहली बार पूर्ण स्वराज का प्रस्ताव पास रावी नदी किनारे तिरंगा फहराया नॉन-कोऑपरेशन, सविनय अवज्ञा, नमक सत्याग्रह, क्विट इंडिया हर आंदोलन में आगे 1942 में खुद क्विट इंडिया प्रस्ताव पेश किया आजादी की बातचीत में कांग्रेस के मुख्य चेहरे 14-15 अगस्त 1947 की आधी रात को ट्रिस्ट विद डेस्टिनी भाषण लंबे वर्षों पहले हमने नियति से एक वादा किया था…ये भाषण सिर्फ शब्द नहीं, नए भारत का घोषणापत्र था उसी रात पहले प्रधानमंत्री बने लाल किले पर तिरंगा फहराया,
देश बनाने का असली काम 1947 से 1964
ब्रिटिशों ने लूटा-पिटा, बंटवारा, 10 लाख मौतें, 1.4 करोड़ शरणार्थी, 12% साक्षरता, 60-70% गरीबी, टूटी अर्थव्यवस्था छोड़कर गए नेहरू ने 16 साल 286 दिन प्रधानमंत्री रहकर नींव डाली...
लोकतंत्र और संविधान...
बहुदलीय संसदीय लोकतंत्र धर्मनिरपेक्षता अल्पसंख्यकों को जगह हिंदू कोड बिल विधवाओं को संपत्ति का हक, महिलाओं की समानता रियासतों का एकीकरण पटेल के साथ इंटीग्रेट ऑर पेरिश
विज्ञान और शिक्षा...
IIT, AIIMS, BARC, परमाणु ऊर्जा आयोग, वैज्ञानिक सोच का प्रचार स्पेस और परमाणु कार्यक्रम की नींव साक्षरता 12% से 28% योजना आयोग, पंचवर्षीय योजनाएं,
उद्योग और बुनियादी ढांचा...
भिलाई, राउरकेला, दुर्गापुर स्टील प्लांट भाखड़ा-नंगल जैसे बांध मिश्रित अर्थव्यवस्था पब्लिक सेक्टर की नींव औद्योगिक उत्पादन बढ़ा, स्टील 1 लाख टन से 30 लाख टन GDP ग्रोथ औसतन 4.4% औपनिवेशिक काल के 0.1% के मुकाबले,
विदेश नीति...
गुटनिरपेक्ष आंदोलन (NAM) के संस्थापक ठंडे युद्ध में भारत की स्वतंत्र आवाज एशिया-अफ्रीका के देशों की आजादी में प्रेरणा,
सामाजिक सुधार...
गरीबी कम करने की दिशा, किसान और मजदूरों पर फोकस, वैज्ञानिक दृष्टि से समाज निर्माण,
ये सब कुछ नहीं है...? आज के IIT, ISRO, परमाणु शक्ति, लोकतंत्र की जड़ें—सब नेहरू युग की नींव पर खड़ी हैं जो लोग आज “नेहरू जी ने गलतियां कीं” कहते हैं, वो सही हैं,1962 चीन युद्ध में चूक हुई, लाइसेंस राज बाद में बोझ बना, समाजवाद की अति कुछ क्षेत्रों में रुकावट बनी लेकिन नींव रखने वाले को सिर्फ गलतियों से याद करना इतिहास की हत्या है गांधी के बाद आधुनिक भारत के सबसे बड़े आर्किटेक्ट नेहरू जी ही थे,
आज स्वतंत्रता दिवस पर जो लोग फाउंडर शब्द से चिढ़ते हैं, वो भूल जाते हैं, नेहरू जी ने देश को टूटने से बचाया, संस्थाएं दीं, विज्ञान सिखाया, लोकतंत्र बचाया जेल के 9 साल और सत्ता के 17 साल दोनों में एक ही जुनून: भारत को मजबूत, आधुनिक, आधुनिक बनाना,
🇮🇳🇮🇳🔥🇮🇳🇮🇳
जेल के 9 साल देश बनाने के 17 साल और वो सब कुछ जो आज भुलाया जा रहा है...
15 अगस्त 2026 आजादी का 80वां साल लाल किले से नारे लग रहे हैं झंडे फहर रहे हैं लेकिन आज के दिन सबसे बड़ा सवाल ये है भारत देश के असली फाउंडर आधुनिक भारत के निर्माता जवाहरलाल नेहरू जी ने इस देश के लिए क्या किया...? कितने साल जेल काटी...? और आज जो लोग उन्हें कमजोर, गलतियों का पिटारा बताकर मजाक उड़ाते हैं वो इतिहास के कौन से पन्ने फाड़ रहे हैं...?
तथ्यों से सुनो, भावनाओं से नहीं...
जेल के 3259 दिन लगभग 9 साल
1921 से 1945 तक नेहरू को 9 बार ब्रिटिश जेल में डाला गया कुल 3259 से 3262 दिन लगभग 9 साल सबसे लंबी कैद अहमदनगर किले में1040 दिन, क्विट इंडिया के बाद नानी, लखनऊ, बरेली, देहरादून, अल्मोड़ा… हर जेल में उन्होंने किताबें लिखीं डिस्कवरी ऑफ इंडिया, ग्लिम्प्सेस ऑफ वर्ल्ड हिस्ट्री, आत्मकथा जेल में बैठकर देश का भविष्य सोचा गांधी के बाद सबसे ज्यादा जेल काटने वाले बड़े नेताओं में से एक ये कोई आराम की कैद नहीं थी सजा, यातना, परिवार से जुदाई, आज जो लोग नेहरू जी ने कुछ नहीं किया चिल्लाते हैं वो खुद एक दिन भी जेल की दीवार नहीं देखे,
आजादी की लड़ाई में उनकी भूमिका
1929 लाहौर कांग्रेस नेहरू अध्यक्ष पहली बार पूर्ण स्वराज का प्रस्ताव पास रावी नदी किनारे तिरंगा फहराया नॉन-कोऑपरेशन, सविनय अवज्ञा, नमक सत्याग्रह, क्विट इंडिया हर आंदोलन में आगे 1942 में खुद क्विट इंडिया प्रस्ताव पेश किया आजादी की बातचीत में कांग्रेस के मुख्य चेहरे 14-15 अगस्त 1947 की आधी रात को ट्रिस्ट विद डेस्टिनी भाषण लंबे वर्षों पहले हमने नियति से एक वादा किया था…ये भाषण सिर्फ शब्द नहीं, नए भारत का घोषणापत्र था उसी रात पहले प्रधानमंत्री बने लाल किले पर तिरंगा फहराया,
देश बनाने का असली काम 1947 से 1964
ब्रिटिशों ने लूटा-पिटा, बंटवारा, 10 लाख मौतें, 1.4 करोड़ शरणार्थी, 12% साक्षरता, 60-70% गरीबी, टूटी अर्थव्यवस्था छोड़कर गए नेहरू ने 16 साल 286 दिन प्रधानमंत्री रहकर नींव डाली...
लोकतंत्र और संविधान...
बहुदलीय संसदीय लोकतंत्र धर्मनिरपेक्षता अल्पसंख्यकों को जगह हिंदू कोड बिल विधवाओं को संपत्ति का हक, महिलाओं की समानता रियासतों का एकीकरण पटेल के साथ इंटीग्रेट ऑर पेरिश
विज्ञान और शिक्षा...
IIT, AIIMS, BARC, परमाणु ऊर्जा आयोग, वैज्ञानिक सोच का प्रचार स्पेस और परमाणु कार्यक्रम की नींव साक्षरता 12% से 28% योजना आयोग, पंचवर्षीय योजनाएं,
उद्योग और बुनियादी ढांचा...
भिलाई, राउरकेला, दुर्गापुर स्टील प्लांट भाखड़ा-नंगल जैसे बांध मिश्रित अर्थव्यवस्था पब्लिक सेक्टर की नींव औद्योगिक उत्पादन बढ़ा, स्टील 1 लाख टन से 30 लाख टन GDP ग्रोथ औसतन 4.4% औपनिवेशिक काल के 0.1% के मुकाबले,
विदेश नीति...
गुटनिरपेक्ष आंदोलन (NAM) के संस्थापक ठंडे युद्ध में भारत की स्वतंत्र आवाज एशिया-अफ्रीका के देशों की आजादी में प्रेरणा,
सामाजिक सुधार...
गरीबी कम करने की दिशा, किसान और मजदूरों पर फोकस, वैज्ञानिक दृष्टि से समाज निर्माण,
ये सब कुछ नहीं है...? आज के IIT, ISRO, परमाणु शक्ति, लोकतंत्र की जड़ें—सब नेहरू युग की नींव पर खड़ी हैं जो लोग आज “नेहरू जी ने गलतियां कीं” कहते हैं, वो सही हैं,1962 चीन युद्ध में चूक हुई, लाइसेंस राज बाद में बोझ बना, समाजवाद की अति कुछ क्षेत्रों में रुकावट बनी लेकिन नींव रखने वाले को सिर्फ गलतियों से याद करना इतिहास की हत्या है गांधी के बाद आधुनिक भारत के सबसे बड़े आर्किटेक्ट नेहरू जी ही थे,
आज स्वतंत्रता दिवस पर जो लोग फाउंडर शब्द से चिढ़ते हैं, वो भूल जाते हैं, नेहरू जी ने देश को टूटने से बचाया, संस्थाएं दीं, विज्ञान सिखाया, लोकतंत्र बचाया जेल के 9 साल और सत्ता के 17 साल दोनों में एक ही जुनून: भारत को मजबूत, आधुनिक, आधुनिक बनाना,
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18 अगस्त 1934 को दीना में जन्मे सम्पूर्ण सिंह कालरा, जिन्हें दुनिया आज गुलज़ार के नाम से जानती है, ने जिंदगी में संघर्ष बहुत करीब से देखा। बंटवारे के बाद उनका परिवार भारत आया और आगे चलकर मुंबई में उन्होंने अपनी रोजी-रोटी के लिए garage में भी काम किया।
लेकिन मुश्किलों के बीच भी किताबों और लिखने से उनका रिश्ता नहीं टूटा।
उनकी जिंदगी का बड़ा मोड़ तब आया, जब उनका संपर्क शैलेन्द्र और फिर महान फिल्मकार बिमल रॉय से हुआ। 1963 की बंदिनी से बतौर गीतकार उनकी पहचान मजबूत हुई। इसके बाद उन्होंने गीतकार, कवि, लेखक और निर्देशक के रूप में हिंदी सिनेमा को एक अलग भाषा दी।
मेरे अपने, कोशिश, आंधी, अंगूर, इजाज़त और माचिस जैसी फिल्मों ने उनकी रचनात्मक पहचान को और मजबूत किया। 2009 में Slumdog Millionaire के ‘Jai Ho’ के लिए उन्हें Oscar मिला और 2010 में इसी गीत के लिए Grammy भी मिला।
लेकिन मुश्किलों के बीच भी किताबों और लिखने से उनका रिश्ता नहीं टूटा।
उनकी जिंदगी का बड़ा मोड़ तब आया, जब उनका संपर्क शैलेन्द्र और फिर महान फिल्मकार बिमल रॉय से हुआ। 1963 की बंदिनी से बतौर गीतकार उनकी पहचान मजबूत हुई। इसके बाद उन्होंने गीतकार, कवि, लेखक और निर्देशक के रूप में हिंदी सिनेमा को एक अलग भाषा दी।
मेरे अपने, कोशिश, आंधी, अंगूर, इजाज़त और माचिस जैसी फिल्मों ने उनकी रचनात्मक पहचान को और मजबूत किया। 2009 में Slumdog Millionaire के ‘Jai Ho’ के लिए उन्हें Oscar मिला और 2010 में इसी गीत के लिए Grammy भी मिला।
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🎯"जिन्दगी" में संघर्ष कठिन ज़रूर होता है लेकिन__
यहीं संघर्ष हमें वो बनाता है जो हम बनना चाहते हैं⛳️
सुप्रभात🔥
यहीं संघर्ष हमें वो बनाता है जो हम बनना चाहते हैं⛳️
सुप्रभात🔥
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बॉलीवुड फिल्म 'फूल और कांटे' के मशहूर निर्देशक कुकू कोहली का मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में निधन हो गया है। एक दिन पहले ही उनकी सफल स्टेंट प्रक्रिया हुई थी, जिसके बाद उन्हें अचानक हार्ट अटैक आया।
कुकू कोहली को भारतीय सिनेमा में अजय देवगन का गॉडफादर माना जाता था, क्योंकि उन्होंने 1991 में 'फूल और कांटे' फिल्म से अजय को बॉलीवुड में लॉन्च किया था। इसके अलावा उन्होंने 'सुहाग', 'हकीकत' और 'अनाड़ी नंबर वन' जैसी कई हिट फिल्मों का निर्देशन किया था। उनके निधन की पुष्टि फिल्ममेकर अशोक पंडित ने की। साल 1990 में उन्होंने अभिनेत्री अरुणा ईरानी से शादी की थी।
कुकू कोहली को भारतीय सिनेमा में अजय देवगन का गॉडफादर माना जाता था, क्योंकि उन्होंने 1991 में 'फूल और कांटे' फिल्म से अजय को बॉलीवुड में लॉन्च किया था। इसके अलावा उन्होंने 'सुहाग', 'हकीकत' और 'अनाड़ी नंबर वन' जैसी कई हिट फिल्मों का निर्देशन किया था। उनके निधन की पुष्टि फिल्ममेकर अशोक पंडित ने की। साल 1990 में उन्होंने अभिनेत्री अरुणा ईरानी से शादी की थी।