करमा पर्व (करम पर्व) मुख्य रूप से भारत के मध्य और पूर्वी राज्यों में आदिवासी समुदायों द्वारा मनाया जाता है।
करमा किन-किन राज्यों में मनाया जाता है?
* झारखंड – रांची, गुमला, सिमडेगा और आसपास के क्षेत्र।
* छत्तीसगढ़ – सरगुजा,बलरामपुर, सुरजपुर, जशपुर, कोरबा ,रायगढ़ , कोरिया, बस्तर संभाग और अन्य आदिवासी क्षेत्र।
* ओडिशा – सुंदरगढ़, राऊरकेला, झरसुगड़ा, मयूरभंज आदि।
* पश्चिम बंगाल – पुरुलिया, बांकुड़ा क्षेत्र और चाय बगान के आदिवासी समुहो के बीच
* बिहार – आदिवासी एवं कुछ अन्य समुदायों के बीच।
* मध्य प्रदेश – आदिवासी बहुल क्षेत्रों में।
* असम – चाय बागान क्षेत्रों में आदिवासी समुदायों के बीच।
इनके अतिरिक्त कुछ क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश और बांग्लादेश में भी करमा परंपरा देखने को मिलती है।
छत्तीसगढ़ में: सरगुजा और जशपुर क्षेत्र में करमा पर्व तथा करमा नाच विशेष सांस्कृतिक महत्व रखते हैं।
यह पर्व मुख्य रूप से प्रकृति, कृषि, अच्छी फसल और सामुदायिक समृद्धि से जुड़ा है।
करमा किन-किन राज्यों में मनाया जाता है?
* झारखंड – रांची, गुमला, सिमडेगा और आसपास के क्षेत्र।
* छत्तीसगढ़ – सरगुजा,बलरामपुर, सुरजपुर, जशपुर, कोरबा ,रायगढ़ , कोरिया, बस्तर संभाग और अन्य आदिवासी क्षेत्र।
* ओडिशा – सुंदरगढ़, राऊरकेला, झरसुगड़ा, मयूरभंज आदि।
* पश्चिम बंगाल – पुरुलिया, बांकुड़ा क्षेत्र और चाय बगान के आदिवासी समुहो के बीच
* बिहार – आदिवासी एवं कुछ अन्य समुदायों के बीच।
* मध्य प्रदेश – आदिवासी बहुल क्षेत्रों में।
* असम – चाय बागान क्षेत्रों में आदिवासी समुदायों के बीच।
इनके अतिरिक्त कुछ क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश और बांग्लादेश में भी करमा परंपरा देखने को मिलती है।
छत्तीसगढ़ में: सरगुजा और जशपुर क्षेत्र में करमा पर्व तथा करमा नाच विशेष सांस्कृतिक महत्व रखते हैं।
यह पर्व मुख्य रूप से प्रकृति, कृषि, अच्छी फसल और सामुदायिक समृद्धि से जुड़ा है।
भारत में वर्ष 2026 में बेटी दिवस (पुत्री दिवस) 27 सितंबर, रविवार को मनाया जाएगा, क्योंकि यह हर साल सितंबर के चौथे रविवार को होता है। वहीं वैश्विक स्तर पर राष्ट्रीय पुत्री दिवस (National Daughters Day) 25 सितंबर, 2026 को है।