1927 में 'अखिल भारतीय देशी राज्य लोक परिषद्' की स्थापना बॉम्बे में की गई।
इसके अध्यक्ष दीवान रामचन्द्रराव तथा उपाध्यक्ष विजयसिंह पथिक बने।
• रामनारायण चौधरी को राजपूताना एवं मध्यप्रान्त का सचिव बनाया गया।
1928 में 'राजपूताना देशी राज्य लोक परिषद' की स्थापना की गई। इसका प्रथम अधिवेशन 1931 (अजमेर में) में हुआ। इसके अध्यक्ष रामनारायण चौधरी थे।
• कांग्रेस ने 1938 में हरिपुरा सम्मेलन में प्रजामण्डल को समर्थन दिया। उस समय कांग्रेस अध्यक्ष सुभाष चन्द्र बोस थे।
बहुत बार रिपिट प्रश्न...❤️👆
इसके अध्यक्ष दीवान रामचन्द्रराव तथा उपाध्यक्ष विजयसिंह पथिक बने।
• रामनारायण चौधरी को राजपूताना एवं मध्यप्रान्त का सचिव बनाया गया।
1928 में 'राजपूताना देशी राज्य लोक परिषद' की स्थापना की गई। इसका प्रथम अधिवेशन 1931 (अजमेर में) में हुआ। इसके अध्यक्ष रामनारायण चौधरी थे।
• कांग्रेस ने 1938 में हरिपुरा सम्मेलन में प्रजामण्डल को समर्थन दिया। उस समय कांग्रेस अध्यक्ष सुभाष चन्द्र बोस थे।
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CURRENT AFFAIRS 🚀
Q1. भारतीय वायु सेना 'वीर गार्डियन' हवाई अभ्यास किस देश के साथ प्रारंभ करेगी?
Q2. रेबीज़ को एक सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या के तौर पर खत्म करने वाला दक्षिण-पूर्व एशियाई क्षेत्र का पहला देश कौन-सा है?
Q3. UN ने 'बाल विवाह खत्म करने का अंतर्राष्ट्रीय दिवस' किस दिन मनाने की घोषणा की है?
Q4. किस देश के माउंट अनाक क्राकाटाऊ ज्वालामुखी में विस्फोट हुआ है?
Q5. रुमेश थरंगा किस खेल में स्वर्ण पदक जीतकर श्रीलंका के पहले डायमंड लीग चैंपियन बने हैं?
Q6. 5वें 'स्वच्छ वायु सर्वेक्षण पुरस्कार' के तहत 10 लाख से ज़्यादा आबादी वाली श्रेणी में किसे शीर्ष स्थान मिला है?
Q7. भारत-चीन के बीच कोर कमांडर स्तर की बैठक कहाँ हुई है?
Q8. 9वें राष्ट्रीय पोषण माह की शुरुआत किस शहर से होगी?
Q9. सितंबर, 2026 में सात्विकसाईराज-चिराग ने पहली बार किस BWF सुपर 750 इवेंट का पुरुष युगल खिताब जीता है?
Q10. किस यूरोपीय देश में BAPS हिंदू मंदिर का उद्घाटन हुआ है?
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RAJASTHAN ECONOMY
FOR - RAS PRE / CET GRADUATION
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FOR - RAS PRE / CET GRADUATION
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KALAM HANDWRITTEN NOTES 📖👆🏻
CLASSROOM NOTES ❤️
For CET / VDO / RAS
CLASSROOM NOTES ❤️
तक्षशिला और भीमरान किस कला शैली के केंद्र हैं?
प्राचीन भारत में बुद्ध की ऐसी मूर्तियाँ बनाई गईं, जिनमें भारतीय कला के साथ यूनानी कला का प्रभाव भी दिखाई देता है। घुंघराले बाल, सुडौल शरीर और आकर्षक बनावट इसकी खास पहचान थी।
🔥 यह है गांधार कला शैली!
- 🏛 प्रभाव: ग्रीक-रोमन (यूनानी) कला
- 🗿 विशेषता: यथार्थवादी बुद्ध एवं बोधिसत्व प्रतिमाएँ
- 📍 प्रमुख केंद्र: तक्षशिला, भीमरान, बामियान, जलालाबाद और पेशावर
- ✨ प्रसिद्धि: बामियान की विशाल बुद्ध प्रतिमाएँ
🧠 अन्य शैलियाँ याद रखें
- बेसर — दक्षिण भारतीय मंदिर स्थापत्य की मिश्रित शैली
- अमरावती — बौद्ध मूर्तिकला
- मथुरा — लाल बलुआ पत्थर की मूर्तियाँ
✅ एग्जाम ट्रिक: तक्षशिला + भीमरान + यूनानी प्रभाव = गांधार शैली!
प्राचीन भारत में बुद्ध की ऐसी मूर्तियाँ बनाई गईं, जिनमें भारतीय कला के साथ यूनानी कला का प्रभाव भी दिखाई देता है। घुंघराले बाल, सुडौल शरीर और आकर्षक बनावट इसकी खास पहचान थी।
🔥 यह है गांधार कला शैली!
- 🏛 प्रभाव: ग्रीक-रोमन (यूनानी) कला
- 🗿 विशेषता: यथार्थवादी बुद्ध एवं बोधिसत्व प्रतिमाएँ
- 📍 प्रमुख केंद्र: तक्षशिला, भीमरान, बामियान, जलालाबाद और पेशावर
- ✨ प्रसिद्धि: बामियान की विशाल बुद्ध प्रतिमाएँ
🧠 अन्य शैलियाँ याद रखें
- बेसर — दक्षिण भारतीय मंदिर स्थापत्य की मिश्रित शैली
- अमरावती — बौद्ध मूर्तिकला
- मथुरा — लाल बलुआ पत्थर की मूर्तियाँ
✅ एग्जाम ट्रिक: तक्षशिला + भीमरान + यूनानी प्रभाव = गांधार शैली!
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