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KALAM HANDWRITTEN NOTES 📖👆🏻
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तक्षशिला और भीमरान किस कला शैली के केंद्र हैं?
प्राचीन भारत में बुद्ध की ऐसी मूर्तियाँ बनाई गईं, जिनमें भारतीय कला के साथ यूनानी कला का प्रभाव भी दिखाई देता है। घुंघराले बाल, सुडौल शरीर और आकर्षक बनावट इसकी खास पहचान थी।
🔥 यह है गांधार कला शैली!
- 🏛 प्रभाव: ग्रीक-रोमन (यूनानी) कला
- 🗿 विशेषता: यथार्थवादी बुद्ध एवं बोधिसत्व प्रतिमाएँ
- 📍 प्रमुख केंद्र: तक्षशिला, भीमरान, बामियान, जलालाबाद और पेशावर
- ✨ प्रसिद्धि: बामियान की विशाल बुद्ध प्रतिमाएँ
🧠 अन्य शैलियाँ याद रखें
- बेसर — दक्षिण भारतीय मंदिर स्थापत्य की मिश्रित शैली
- अमरावती — बौद्ध मूर्तिकला
- मथुरा — लाल बलुआ पत्थर की मूर्तियाँ
✅ एग्जाम ट्रिक: तक्षशिला + भीमरान + यूनानी प्रभाव = गांधार शैली!
प्राचीन भारत में बुद्ध की ऐसी मूर्तियाँ बनाई गईं, जिनमें भारतीय कला के साथ यूनानी कला का प्रभाव भी दिखाई देता है। घुंघराले बाल, सुडौल शरीर और आकर्षक बनावट इसकी खास पहचान थी।
🔥 यह है गांधार कला शैली!
- 🏛 प्रभाव: ग्रीक-रोमन (यूनानी) कला
- 🗿 विशेषता: यथार्थवादी बुद्ध एवं बोधिसत्व प्रतिमाएँ
- 📍 प्रमुख केंद्र: तक्षशिला, भीमरान, बामियान, जलालाबाद और पेशावर
- ✨ प्रसिद्धि: बामियान की विशाल बुद्ध प्रतिमाएँ
🧠 अन्य शैलियाँ याद रखें
- बेसर — दक्षिण भारतीय मंदिर स्थापत्य की मिश्रित शैली
- अमरावती — बौद्ध मूर्तिकला
- मथुरा — लाल बलुआ पत्थर की मूर्तियाँ
✅ एग्जाम ट्रिक: तक्षशिला + भीमरान + यूनानी प्रभाव = गांधार शैली!
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◽भारत में 2 नए रामसर स्थल घोषित
1. सुखना आर्द्रभूमि (चंडीगढ़)
2. सौज झील (उत्तर प्रदेश)
✓ अब भारत में कुल रामसर स्थल 103
Smart Fact ✍️
• देश का 101वा रामसर स्थल - अरुणाचल प्रदेश की ग्लॉ (Glaw)
• देश का 100वा रामसर स्थल - देश का 100वा रामसर स्थल (UP)
1. सुखना आर्द्रभूमि (चंडीगढ़)
2. सौज झील (उत्तर प्रदेश)
✓ अब भारत में कुल रामसर स्थल 103
Smart Fact ✍️
• देश का 101वा रामसर स्थल - अरुणाचल प्रदेश की ग्लॉ (Glaw)
• देश का 100वा रामसर स्थल - देश का 100वा रामसर स्थल (UP)
हजारों साल पहले भी ऐसे शहर! सिंधु घाटी सभ्यता की खासियत जानिए
कल्पना कीजिए, आज से हजारों साल पहले भी ऐसे शहर मौजूद थे, जहाँ सड़कें व्यवस्थित थीं, गलियाँ सुनियोजित थीं और गंदे पानी को बाहर निकालने के लिए शानदार व्यवस्था थी!
🏙 पहली खासियत — नगर योजना
हड़प्पा और मोहनजोदड़ो जैसे नगरों में सुनियोजित बसावट देखने को मिलती थी। सड़कें और गलियाँ ग्रिड पैटर्न में बनाई गई थीं।
🛣 दूसरी खासियत — व्यवस्थित सड़कें
सड़कें उत्तर-दक्षिण और पूर्व-पश्चिम दिशाओं में समकोण पर एक-दूसरे को काटती थीं। मुख्य सड़कें अपेक्षाकृत चौड़ी थीं।
💧 तीसरी खासियत — विकसित जल निकास प्रणाली
घरों और सड़कों से गंदे पानी की निकासी के लिए नालियों की व्यवस्था थी, जो इस सभ्यता के उन्नत नगर नियोजन को दर्शाती है।
🧠 एग्जाम ट्रिक!
नगर योजना + व्यवस्थित सड़कें + जल निकास प्रणाली = सिंधु घाटी सभ्यता की प्रमुख विशेषताएँ।
✅ याद रखें: सिंधु घाटी सभ्यता अपनी विकसित नगर योजना और जल निकास व्यवस्था के लिए प्रसिद्ध थी।
कल्पना कीजिए, आज से हजारों साल पहले भी ऐसे शहर मौजूद थे, जहाँ सड़कें व्यवस्थित थीं, गलियाँ सुनियोजित थीं और गंदे पानी को बाहर निकालने के लिए शानदार व्यवस्था थी!
🏙 पहली खासियत — नगर योजना
हड़प्पा और मोहनजोदड़ो जैसे नगरों में सुनियोजित बसावट देखने को मिलती थी। सड़कें और गलियाँ ग्रिड पैटर्न में बनाई गई थीं।
🛣 दूसरी खासियत — व्यवस्थित सड़कें
सड़कें उत्तर-दक्षिण और पूर्व-पश्चिम दिशाओं में समकोण पर एक-दूसरे को काटती थीं। मुख्य सड़कें अपेक्षाकृत चौड़ी थीं।
💧 तीसरी खासियत — विकसित जल निकास प्रणाली
घरों और सड़कों से गंदे पानी की निकासी के लिए नालियों की व्यवस्था थी, जो इस सभ्यता के उन्नत नगर नियोजन को दर्शाती है।
🧠 एग्जाम ट्रिक!
नगर योजना + व्यवस्थित सड़कें + जल निकास प्रणाली = सिंधु घाटी सभ्यता की प्रमुख विशेषताएँ।
✅ याद रखें: सिंधु घाटी सभ्यता अपनी विकसित नगर योजना और जल निकास व्यवस्था के लिए प्रसिद्ध थी।
*राजस्थान के महत्वपूर्ण परिषद/प्राधिकरण/संस्था (स्थापना)🔰*
*▪️कृषि विपणन निदेशालय - 1994*
*▪️पंचायती राज विभाग - 1 अप्रैल,1999*
*▪️राजीविका - अक्टूबर, 2010*
*▪️RUDA - नवंबर, 1995*
*▪️राज. निर्यात संवर्द्धन परिषद (REPC) - 8 Nov 2019*
*▪️B.I.P. - 1991*
*▪️राजस्थान वित्त निगम (R.F.C) - 17 जनवरी, 1955*
*▪️RIICO - 1 जनवरी, 1980*
*▪️RAJSICO - 3 जून, 1961*
*▪️RIDCO - 15 मार्च, 2022*
*▪️विशेष निवेश क्षेत्र अधि. - 26 अप्रैल, 2016*
*▪️ASMML (mining) - 30 अक्टूबर, 1974*
*▪️RSRTC - 1 अक्टूबर, 1964*
*▪️Raj. state highway auth. - 2 जून, 2015*
*▪️राज. आवासन मण्डल - 24 फरवरी, 1970*
*▪️आयुष सोसाइटी - मार्च 2015*
*▪️RSFCSCIL - 27 दिसंबर, 2010*
*▪️बाल अधिकारिता विभाग - 2013*
*▪️विशेष योग्यजन विभाग - 2011*
*▪️बालिका शिक्षा फांउडेशन - 30 मार्च 1995*
*▪️Raj state mineral Exploration Trust - सितंबर, 2020 (HQ - जयपुर)*
*▪️Rajasthan CSR auth. - 6 नवंबर, 2019*
*▪️खादी ग्रामोद्योग बोर्ड - 1985*
*▪️बायोफ्यूल प्राधिकरण - 2007*
*▪️कृषि विपणन निदेशालय - 1994*
*▪️पंचायती राज विभाग - 1 अप्रैल,1999*
*▪️राजीविका - अक्टूबर, 2010*
*▪️RUDA - नवंबर, 1995*
*▪️राज. निर्यात संवर्द्धन परिषद (REPC) - 8 Nov 2019*
*▪️B.I.P. - 1991*
*▪️राजस्थान वित्त निगम (R.F.C) - 17 जनवरी, 1955*
*▪️RIICO - 1 जनवरी, 1980*
*▪️RAJSICO - 3 जून, 1961*
*▪️RIDCO - 15 मार्च, 2022*
*▪️विशेष निवेश क्षेत्र अधि. - 26 अप्रैल, 2016*
*▪️ASMML (mining) - 30 अक्टूबर, 1974*
*▪️RSRTC - 1 अक्टूबर, 1964*
*▪️Raj. state highway auth. - 2 जून, 2015*
*▪️राज. आवासन मण्डल - 24 फरवरी, 1970*
*▪️आयुष सोसाइटी - मार्च 2015*
*▪️RSFCSCIL - 27 दिसंबर, 2010*
*▪️बाल अधिकारिता विभाग - 2013*
*▪️विशेष योग्यजन विभाग - 2011*
*▪️बालिका शिक्षा फांउडेशन - 30 मार्च 1995*
*▪️Raj state mineral Exploration Trust - सितंबर, 2020 (HQ - जयपुर)*
*▪️Rajasthan CSR auth. - 6 नवंबर, 2019*
*▪️खादी ग्रामोद्योग बोर्ड - 1985*
*▪️बायोफ्यूल प्राधिकरण - 2007*
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RPSC 2nd Grade भर्ती 2025 का रिजल्ट ओर कट ऑफ जारी : विषय - Science 💐💐
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