🌟चौथी औद्योगिक क्रांति के लिए तैयार भारत:-
वर्तमान में हमारा देश मध्यम आय वर्ग से उच्च आय वर्ग के परिवारों में तेजी से बदल रहा है..
एक रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2027 तक भारत का उपभोक्ता बाजार विश्व का तीसरा सबसे बड़ा बाजार होगा, साथ ही चौथी औद्योगिक क्रांति का हमारे समाज एवं मानवीय व्यवहार पर बहुत
अधिक प्रभाव पड़ने वाला है..
लिहाजा चौथी औद्योगिक क्रांति नौकरियों के स्वरूप में व्यापक परिवर्तन ला सकती है...
वर्तमान में हमारा देश मध्यम आय वर्ग से उच्च आय वर्ग के परिवारों में तेजी से बदल रहा है..
एक रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2027 तक भारत का उपभोक्ता बाजार विश्व का तीसरा सबसे बड़ा बाजार होगा, साथ ही चौथी औद्योगिक क्रांति का हमारे समाज एवं मानवीय व्यवहार पर बहुत
अधिक प्रभाव पड़ने वाला है..
लिहाजा चौथी औद्योगिक क्रांति नौकरियों के स्वरूप में व्यापक परिवर्तन ला सकती है...
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🌟राजस्थान राज्यसभा चुनाव 2024:-
📌राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनाव- 2024 के लिए तीन सीटों पर तीनों प्रत्याशियों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया है।
📌कांग्रेस को मिली एक सीट√
1⃣सोनिया गांधी।(राजस्थान से राज्यसभा सांसद चुनी गई हैं)
📌बीजेपी को मिलीं दो सीटें√
1⃣मदन राठौड़।(पाली की सुमेरपुर सीट से दो बार विधायक रहे)
2⃣चुन्नीलाल गरासिया।(भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष और मंत्री भी रह चुके हैं)
📌अब राजस्थान में कुल 10 राज्यसभा सांसद है..
📌राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनाव- 2024 के लिए तीन सीटों पर तीनों प्रत्याशियों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया है।
📌कांग्रेस को मिली एक सीट√
1⃣सोनिया गांधी।(राजस्थान से राज्यसभा सांसद चुनी गई हैं)
📌बीजेपी को मिलीं दो सीटें√
1⃣मदन राठौड़।(पाली की सुमेरपुर सीट से दो बार विधायक रहे)
2⃣चुन्नीलाल गरासिया।(भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष और मंत्री भी रह चुके हैं)
📌अब राजस्थान में कुल 10 राज्यसभा सांसद है..
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🌟राजस्थान विधानसभा:- मालवीय के इस्तीफे के बाद फिर 199 का फेर...
🌟राजस्थान विधानसभा में 199 सदस्य:-
➖कांग्रेस-69
➖भाजपा-115
🌟राजस्थान विधानसभा में 199 सदस्य:-
➖कांग्रेस-69
➖भाजपा-115
*भारत ने की संयुक्त राष्ट्र सामाजिक विकास आयोग के 62वें सत्र की अध्यक्षता*✨
✅ भारत की स्थायी प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज ने 5-14 फरवरी 2024 तक संयुक्त राष्ट्र सामाजिक विकास आयोग के 62वें सत्र की अध्यक्षता की।
✅ वर्ष 2025 में सामाजिक विकास आयोग के 63वें सत्र की अध्यक्षता पोलैंड करेगा।
✅ वहीं 2023 में 61वें सत्र का अध्यक्षता कतर ने की थी।
✅ वर्ष 1975 के बाद यह पहली बार था कि देश ने सामाजिक विकास आयोग की अध्यक्षता की है।
✅ यह सत्र "सतत विकास के लिए 2030 एजेंडा के कार्यान्वयन पर प्रगति में तेजी लाने और गरीबी उन्मूलन के व्यापक लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सामाजिक नीतियों के माध्यम से सामाजिक विकास और सामाजिक न्याय को बढ़ावा देना" की प्राथमिकता विषय के तहत आयोजित किया गया था।
*संयुक्त राष्ट्र सामाजिक विकास आयोग*
✅ यह आयोग वर्ष 1995 में कोपेनहेगन में सामाजिक विकास के लिए विश्व शिखर सम्मेलन के दौरान स्थापित हुआ। इसकी बैठक साल में एक बार न्यूयॉर्क में होती है, आमतौर पर फरवरी में।
✅सामाजिक विकास आयोग (CSocD) संयुक्त राष्ट्र की आर्थिक और सामाजिक परिषद (ECOSOC) का एक कार्यात्मक आयोग है।
✅ भारत की स्थायी प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज ने 5-14 फरवरी 2024 तक संयुक्त राष्ट्र सामाजिक विकास आयोग के 62वें सत्र की अध्यक्षता की।
✅ वर्ष 2025 में सामाजिक विकास आयोग के 63वें सत्र की अध्यक्षता पोलैंड करेगा।
✅ वहीं 2023 में 61वें सत्र का अध्यक्षता कतर ने की थी।
✅ वर्ष 1975 के बाद यह पहली बार था कि देश ने सामाजिक विकास आयोग की अध्यक्षता की है।
✅ यह सत्र "सतत विकास के लिए 2030 एजेंडा के कार्यान्वयन पर प्रगति में तेजी लाने और गरीबी उन्मूलन के व्यापक लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सामाजिक नीतियों के माध्यम से सामाजिक विकास और सामाजिक न्याय को बढ़ावा देना" की प्राथमिकता विषय के तहत आयोजित किया गया था।
*संयुक्त राष्ट्र सामाजिक विकास आयोग*
✅ यह आयोग वर्ष 1995 में कोपेनहेगन में सामाजिक विकास के लिए विश्व शिखर सम्मेलन के दौरान स्थापित हुआ। इसकी बैठक साल में एक बार न्यूयॉर्क में होती है, आमतौर पर फरवरी में।
✅सामाजिक विकास आयोग (CSocD) संयुक्त राष्ट्र की आर्थिक और सामाजिक परिषद (ECOSOC) का एक कार्यात्मक आयोग है।
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*इसरो ने अगली पीढ़ी के मौसम उपग्रह ‘INSAT-3DS’ को श्रीहरिकोटा से किया सफलतापूर्वक लॉन्च🚀*
✅ भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केन्द्र से मौसम उपग्रह- INSAT-3DS का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया।
✅ यह उपग्रह जीएसएलवी-एफ14 रॉकेट से अंतरिक्ष में भेजा गया।
✅ INSAT-3DS उपग्रह वर्तमान में संचालित INSAT-3D और INSAT-3DR इन-ऑर्बिट उपग्रहों के साथ मौसम संबंधी सेवाओं को बढ़ाएगा।
✅ विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र (वीएसएससी) के निदेशक एस. उन्नीकृष्णन नायर, जिनके केंद्र में जीएसएलवी-एफ14 विकसित किया गया था।
✅ ब्रुनेई और पोर्ट ब्लेयर स्थित नियंत्रण केन्द्रों से इस पर नजर रखी जा रही है।
*INSAT-3DS*
✅ उपग्रह एक विशेष मिशन है जिसे बेहतर मौसम संबंधी अवलोकन, मौसम की भविष्यवाणी के लिए भूमि और समुद्र की सतहों की निगरानी और आपदा चेतावनी के लिए डिज़ाइन किया गया है।
✅ इनसेट-थ्री डी एस भारत का ऐसा चौथा मौसम उपग्रह है जो दस वर्षों तक काम करेगा।
✅ भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केन्द्र से मौसम उपग्रह- INSAT-3DS का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया।
✅ यह उपग्रह जीएसएलवी-एफ14 रॉकेट से अंतरिक्ष में भेजा गया।
✅ INSAT-3DS उपग्रह वर्तमान में संचालित INSAT-3D और INSAT-3DR इन-ऑर्बिट उपग्रहों के साथ मौसम संबंधी सेवाओं को बढ़ाएगा।
✅ विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र (वीएसएससी) के निदेशक एस. उन्नीकृष्णन नायर, जिनके केंद्र में जीएसएलवी-एफ14 विकसित किया गया था।
✅ ब्रुनेई और पोर्ट ब्लेयर स्थित नियंत्रण केन्द्रों से इस पर नजर रखी जा रही है।
*INSAT-3DS*
✅ उपग्रह एक विशेष मिशन है जिसे बेहतर मौसम संबंधी अवलोकन, मौसम की भविष्यवाणी के लिए भूमि और समुद्र की सतहों की निगरानी और आपदा चेतावनी के लिए डिज़ाइन किया गया है।
✅ इनसेट-थ्री डी एस भारत का ऐसा चौथा मौसम उपग्रह है जो दस वर्षों तक काम करेगा।
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खाद्य सुरक्षा अधिकारी (FSO) भर्ती परीक्षा 2022 का रिजल्ट जारी
अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस
👉संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) द्वारा प्रतिवर्ष 21 फरवरी को मातृभाषा आधारित बहुभाषी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए ‘अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस’ का आयोजन किया जाता है।
👉यूनेस्को द्वारा 17 नवंबर, 1999 को ‘अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस’ की घोषणा की गई थी तथा वर्ष 2000 से संपूर्ण विश्व में इस दिवस का आयोजन किया जा रहा है।
👉दुनिया में 7,000 से अधिक भाषाएँ हैं जबकि अकेले भारत में लगभग 22 आधिकारिक रूप से मान्यता प्राप्त भाषाएँ हैं।
👉21 फरवरी को अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के रूप में मनाने का विचार कनाडा में रहने वाले बांग्लादेशी रफीकुल इस्लाम द्वारा सुझाया गया था।
👉उन्होंने बांग्ला भाषा आंदोलन के दौरान ढाका में वर्ष 1952 में हुई हिंसा की स्मृति में उक्त तिथि प्रस्तावित की थी।
👉यह दिवस बांग्लादेश की एक पहल है तथा इसके द्वारा अपनी मातृभाषा (बांग्ला) की रक्षा के लिए किये गए लंबे संघर्ष को भी रेखांकित करता है।
👉इस पहल का उद्देश्य विश्व के विभिन्न क्षेत्रों की विविध संस्कृति और बौद्धिक विरासत की रक्षा करना तथा मातृभाषाओं का संरक्षण करना एवं उन्हें बढ़ावा देना है।
👉संयुक्त राष्ट्र (UN) के अनुसार, प्रत्येक दो हफ्ते में एक भाषा लुप्त हो जाती है और मानव सभ्यता अपनी संपूर्ण सांस्कृतिक एवं बौद्धिक विरासत खो रही है।
👉वैश्वीकरण के कारण बेहतर रोज़गार के अवसरों के लिए विदेशी भाषा सीखने की होड़ मातृभाषाओं के लुप्त होने का एक प्रमुख कारण है।
👉संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) द्वारा प्रतिवर्ष 21 फरवरी को मातृभाषा आधारित बहुभाषी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए ‘अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस’ का आयोजन किया जाता है।
👉यूनेस्को द्वारा 17 नवंबर, 1999 को ‘अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस’ की घोषणा की गई थी तथा वर्ष 2000 से संपूर्ण विश्व में इस दिवस का आयोजन किया जा रहा है।
👉दुनिया में 7,000 से अधिक भाषाएँ हैं जबकि अकेले भारत में लगभग 22 आधिकारिक रूप से मान्यता प्राप्त भाषाएँ हैं।
👉21 फरवरी को अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के रूप में मनाने का विचार कनाडा में रहने वाले बांग्लादेशी रफीकुल इस्लाम द्वारा सुझाया गया था।
👉उन्होंने बांग्ला भाषा आंदोलन के दौरान ढाका में वर्ष 1952 में हुई हिंसा की स्मृति में उक्त तिथि प्रस्तावित की थी।
👉यह दिवस बांग्लादेश की एक पहल है तथा इसके द्वारा अपनी मातृभाषा (बांग्ला) की रक्षा के लिए किये गए लंबे संघर्ष को भी रेखांकित करता है।
👉इस पहल का उद्देश्य विश्व के विभिन्न क्षेत्रों की विविध संस्कृति और बौद्धिक विरासत की रक्षा करना तथा मातृभाषाओं का संरक्षण करना एवं उन्हें बढ़ावा देना है।
👉संयुक्त राष्ट्र (UN) के अनुसार, प्रत्येक दो हफ्ते में एक भाषा लुप्त हो जाती है और मानव सभ्यता अपनी संपूर्ण सांस्कृतिक एवं बौद्धिक विरासत खो रही है।
👉वैश्वीकरण के कारण बेहतर रोज़गार के अवसरों के लिए विदेशी भाषा सीखने की होड़ मातृभाषाओं के लुप्त होने का एक प्रमुख कारण है।
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क्यों आज ही के दिन मनाया जाता है अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस?
हर साल 21 फरवरी को अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस मनाया जाता है जिसका उद्देश्य विभिन्न भाषाओं का विकास और उनकी विविधता को बढ़ावा देना है।
21 फरवरी 1952 को तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) में बांग्ला भाषा आंदोलन के दौरान मारे गए छात्रों की याद में यूनेस्को ने साल 1999 में 21 फरवरी को अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस घोषित किया था।
हर साल 21 फरवरी को अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस मनाया जाता है जिसका उद्देश्य विभिन्न भाषाओं का विकास और उनकी विविधता को बढ़ावा देना है।
21 फरवरी 1952 को तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) में बांग्ला भाषा आंदोलन के दौरान मारे गए छात्रों की याद में यूनेस्को ने साल 1999 में 21 फरवरी को अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस घोषित किया था।
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