Forwarded from हम सब इतिहास के .. (गोरखपुर विश्वविद्यालय गोरखपुर)
बंगाल का अकाल (1769–1770 ई.) / 'छियात्तर का मन्वन्तर'
शासक: ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी (द्वैध शासन काल)
क्षेत्र: बंगाल, बिहार, ओडिशा
यह आधुनिक भारत का पहला सबसे बड़ा अकाल था, जिसमें बंगाल की एक-तिहाई आबादी (लगभग 1 करोड़ लोग) खत्म हो गई थी।
"ऐतिहासिक साक्ष्य: यद्यपि इसमें 'नरभक्षण' (Cannibalism) के आधिकारिक सरकारी दस्तावेज़ कम हैं, लेकिन समकालीन साहित्य और स्थानीय रिपोर्टों में यह ज़िक्र मिलता है" कि "जीवित लोग मरे हुओं को खा रहे थे और नदियाँ लाशों से पट गई थीं।"
बंकिम चंद्र चटर्जी का उपन्यास 'आनंदमठ' इसी अकाल की पृष्ठभूमि पर लिखा गया है, जिसमें भुखमरी की भयावहता का चित्रण है।
शासक: ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी (द्वैध शासन काल)
क्षेत्र: बंगाल, बिहार, ओडिशा
यह आधुनिक भारत का पहला सबसे बड़ा अकाल था, जिसमें बंगाल की एक-तिहाई आबादी (लगभग 1 करोड़ लोग) खत्म हो गई थी।
"ऐतिहासिक साक्ष्य: यद्यपि इसमें 'नरभक्षण' (Cannibalism) के आधिकारिक सरकारी दस्तावेज़ कम हैं, लेकिन समकालीन साहित्य और स्थानीय रिपोर्टों में यह ज़िक्र मिलता है" कि "जीवित लोग मरे हुओं को खा रहे थे और नदियाँ लाशों से पट गई थीं।"
बंकिम चंद्र चटर्जी का उपन्यास 'आनंदमठ' इसी अकाल की पृष्ठभूमि पर लिखा गया है, जिसमें भुखमरी की भयावहता का चित्रण है।
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Forwarded from ITIHAS_JUNCTION (🇮🇳♖𝐃𝐞𝐬𝐡𝐛𝐡𝐚𝐤𝐭♖🇮🇳)
विषय: हड़प्पा के 'बाट' (Weights) – इतने सटीक कैसे?
⚖️ हड़प्पा सभ्यता की इंजीनियरिंग का नमूना
हम अक्सर हड़प्पा की ईंटों की बात करते हैं, लेकिन उनके तोलने के बाट (Weights) उनकी गणितीय समझ का सबसे बड़ा सबूत हैं।
📘 NCERT (कक्षा 12, ईंटें, मनके और अस्थियाँ) से ज्ञान:
➜ पदार्थ: ये बाट सामान्यतः चर्ट (Chert) नामक पत्थर से बनाए जाते थे।
➜ आकार: ये घनाकार (Cubical) होते थे और इन पर कोई निशान नहीं होता था।
➜ द्विआधारी प्रणाली (Binary System): छोटे बाटों का मान 1, 2, 4, 8, 16, 32... (12,800 तक) के अनुपात में होता था। यानी वे 2 के गुणांक में चलते थे!
➜ दशमलव प्रणाली: भारी बाटों के लिए वे दशमलव प्रणाली का उपयोग करते थे।
🤔 सोचने वाली बात: आज से 4500 साल पहले इतनी मानकीकृत (Standardized) व्यवस्था कैसे लागू की गई होगी?
Source:- NCERT 12th class
✍️ Join: @Itihaas_Junction
🚩 NCERT 'फैक्ट' ऑफ द डे 🚩
⚖️ हड़प्पा सभ्यता की इंजीनियरिंग का नमूना
हम अक्सर हड़प्पा की ईंटों की बात करते हैं, लेकिन उनके तोलने के बाट (Weights) उनकी गणितीय समझ का सबसे बड़ा सबूत हैं।
📘 NCERT (कक्षा 12, ईंटें, मनके और अस्थियाँ) से ज्ञान:
➜ पदार्थ: ये बाट सामान्यतः चर्ट (Chert) नामक पत्थर से बनाए जाते थे।
➜ आकार: ये घनाकार (Cubical) होते थे और इन पर कोई निशान नहीं होता था।
➜ द्विआधारी प्रणाली (Binary System): छोटे बाटों का मान 1, 2, 4, 8, 16, 32... (12,800 तक) के अनुपात में होता था। यानी वे 2 के गुणांक में चलते थे!
➜ दशमलव प्रणाली: भारी बाटों के लिए वे दशमलव प्रणाली का उपयोग करते थे।
🤔 सोचने वाली बात: आज से 4500 साल पहले इतनी मानकीकृत (Standardized) व्यवस्था कैसे लागू की गई होगी?
Source:- NCERT 12th class
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Forwarded from ऐतिहासिक तथ्य 📖✍️ (Roshni Pareek)
“History is not meant to be read from one side. This dialogue reminds us why understanding both perspectives matters more than choosing sides.”🇮🇳
राष्ट्रवाद, धर्म और एकता पर टकराव: सावरकर–शौकत अली संवाद (1925)📖✍🏻
Source:- वी डी सावरकर, सावरकर समग्र, नई दिल्ली, प्रभात प्रकाशन,2000, खंड 7, पृ. 316-24
पेज नंबर के साथ है
Must Read with an Open Mind.🙂
https://t.me/historyfact00
राष्ट्रवाद, धर्म और एकता पर टकराव: सावरकर–शौकत अली संवाद (1925)📖✍🏻
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विश्व आद्रभूमि दिवस (World Wetlands Day)
• हर साल — 2 फरवरी
• कारण — रामसर कन्वेंशन की स्मृति
• अपनाया गया — 2 फरवरी 1971, रामसर (ईरान)
• प्रभावी — 1975 से
2026 की थीम
Wetlands and traditional knowledge: Celebrating cultural heritage
आद्रभूमियां और पारंपरिक ज्ञान: सांस्कृतिक विरासत का उत्सव
भारत में रामसर साइट्स (फरवरी 2026 तक)
• कुल — 98 साइट्स
• क्षेत्र — 13,60,805.63 हेक्टेयर
• एशिया में सबसे अधिक रामसर साइट्स — भारत
राजस्थान की रामसर साइट्स — 5
• Keoladeo Ghana National Park (भरतपुर)
• Sambhar Lake
• Menar Wetland Complex
• Khichan Wetland
• Siliserh Lake (अलवर)
हाल में जोड़ी गई चर्चित साइट्स
• Patna Bird Sanctuary — उत्तर प्रदेश
• Chhari-Dhand — गुजरात
• हर साल — 2 फरवरी
• कारण — रामसर कन्वेंशन की स्मृति
• अपनाया गया — 2 फरवरी 1971, रामसर (ईरान)
• प्रभावी — 1975 से
2026 की थीम
Wetlands and traditional knowledge: Celebrating cultural heritage
आद्रभूमियां और पारंपरिक ज्ञान: सांस्कृतिक विरासत का उत्सव
भारत में रामसर साइट्स (फरवरी 2026 तक)
• कुल — 98 साइट्स
• क्षेत्र — 13,60,805.63 हेक्टेयर
• एशिया में सबसे अधिक रामसर साइट्स — भारत
राजस्थान की रामसर साइट्स — 5
• Keoladeo Ghana National Park (भरतपुर)
• Sambhar Lake
• Menar Wetland Complex
• Khichan Wetland
• Siliserh Lake (अलवर)
हाल में जोड़ी गई चर्चित साइट्स
• Patna Bird Sanctuary — उत्तर प्रदेश
• Chhari-Dhand — गुजरात
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Forwarded from ऐतिहासिक तथ्य 📖✍️ (A B)
आधुनिक भारत से संबंधित कुछ प्रश्न –(mains और इंटरव्यू के परिपेक्ष में)–
1️⃣औपनिवेशिक शासन और ब्रिटिश नीतियाँ
ब्रिटिश साम्राज्यवाद के भारत में विस्तार के आर्थिक कारण क्या थे?
ईस्ट इंडिया कंपनी और ब्रिटिश क्राउन के शासन में मूलभूत अंतर क्या था?
भारत में औपनिवेशिक राज्य (Colonial State) की प्रकृति कैसी थी?
स्थायी बंदोबस्त, रैयतवारी और महालवारी की तुलनात्मक समीक्षा करें।
भारत के de-industrialization पर विभिन्न इतिहासकारों के मत क्या हैं?
ब्रिटिश प्रशासनिक सुधारों को “आधुनिकीकरण” कहना कितना उचित है?
रेलवे को औपनिवेशिक शोषण का औजार क्यों माना जाता है?
2️⃣ 1857 का विद्रोह
1857 के विद्रोह को “प्रथम स्वतंत्रता संग्राम” कहना कितना ऐतिहासिक रूप से सही है?
1857 के विद्रोह की असफलता के मुख्य कारण क्या थे?
1857 पर राष्ट्रवादी, मार्क्सवादी और ब्रिटिश इतिहासकारों के दृष्टिकोण की तुलना करें।
1857 के बाद ब्रिटिश नीतियों में क्या बदलाव आए?
क्या 1857 ने भारतीय राष्ट्रवाद की नींव रखी?
3️⃣ भारतीय राष्ट्रवाद का विकास
भारतीय राष्ट्रवाद के उदय में आर्थिक कारणों की भूमिका पर चर्चा करें।
उदार राष्ट्रवाद (Moderate Phase) की सीमाएँ क्या थीं?
गरम दल और नरम दल के विचारों में मूलभूत अंतर क्या था?
स्वदेशी आंदोलन को अखिल भारतीय आंदोलन क्यों नहीं कहा जा सका?
होमरूल आंदोलन का ऐतिहासिक महत्व क्या है?
क्या भारतीय राष्ट्रवाद एक “एलीट मूवमेंट” था?
4️⃣ गांधी युग (1917–1947)
गांधी के सत्याग्रह की अवधारणा का दार्शनिक आधार क्या था?
गांधी और अन्य राष्ट्रवादी नेताओं के बीच मतभेद के प्रमुख बिंदु क्या थे?
असहयोग आंदोलन की वापसी को आप कैसे उचित ठहराएँगे?
सविनय अवज्ञा आंदोलन की सफलता और असफलता का मूल्यांकन करें।
गांधी का रचनात्मक कार्यक्रम राजनीतिक संघर्ष से कैसे जुड़ा था?
गांधी बनाम अंबेडकर : दलित प्रश्न पर मतभेद क्यों थे?
गांधी को “परंपरावादी आधुनिकतावादी” क्यों कहा जाता है?
5️⃣ क्रांतिकारी आंदोलन
भारतीय क्रांतिकारी आंदोलन की वैचारिक पृष्ठभूमि क्या थी?
भगत सिंह के विचारों को केवल हिंसक राष्ट्रवाद तक सीमित क्यों नहीं किया जा सकता?
गदर आंदोलन की विफलता के कारण क्या थे?
क्रांतिकारी आंदोलनों का जन आंदोलनों पर क्या प्रभाव पड़ा?
6️⃣ किसान, मजदूर और जन आंदोलन
किसान आंदोलनों ने राष्ट्रीय आंदोलन को कैसे प्रभावित किया?
बारदोली सत्याग्रह का ऐतिहासिक महत्व क्या है?
मजदूर आंदोलन और राष्ट्रीय आंदोलन के बीच संबंधों की समीक्षा करें।
तेभागा और तेलंगाना आंदोलन का महत्व बताइए।
7️⃣ सांप्रदायिकता और विभाजन
भारत में सांप्रदायिकता के उदय के कारण क्या थे?
मुस्लिम लीग के विकास के पीछे कौन से कारक जिम्मेदार थे?
दो-राष्ट्र सिद्धांत की ऐतिहासिक जड़ें क्या थीं?
क्या भारत का विभाजन अपरिहार्य था?
विभाजन पर विभिन्न इतिहासकारों के दृष्टिकोण की तुलना करें।
8️⃣ संविधान और स्वतंत्रता
आज़ादी के समय भारत के सामने सबसे बड़ी चुनौतियाँ क्या थीं?
अंतरिम सरकार और संविधान सभा की भूमिका पर चर्चा करें।
स्वतंत्रता आंदोलन और संविधान निर्माण के बीच संबंध बताइए।
9️⃣ इतिहासलेखन (Historiography)
राष्ट्रवादी इतिहासलेखन की मुख्य विशेषताएँ क्या हैं?
मार्क्सवादी इतिहासकारों ने आधुनिक भारत को कैसे देखा?
सबाल्टर्न स्टडीज़ ने किस दृष्टि से इतिहास को चुनौती दी?
कैम्ब्रिज स्कूल की आलोचना क्यों की जाती है?
आधुनिक भारत के इतिहास लेखन में महिलाओं की भूमिका पर प्रकाश डालिए।
क्या इतिहास लेखन मूल्य-निरपेक्ष हो सकता है?
🔟 समकालीन दृष्टिकोण से जुड़े प्रश्न
आधुनिक भारत के इतिहास का आज की राजनीति से क्या संबंध है?
औपनिवेशिक विरासत आज के भारत में किस रूप में दिखाई देती है?
क्या भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन आज भी प्रासंगिक है?
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1️⃣औपनिवेशिक शासन और ब्रिटिश नीतियाँ
ब्रिटिश साम्राज्यवाद के भारत में विस्तार के आर्थिक कारण क्या थे?
ईस्ट इंडिया कंपनी और ब्रिटिश क्राउन के शासन में मूलभूत अंतर क्या था?
भारत में औपनिवेशिक राज्य (Colonial State) की प्रकृति कैसी थी?
स्थायी बंदोबस्त, रैयतवारी और महालवारी की तुलनात्मक समीक्षा करें।
भारत के de-industrialization पर विभिन्न इतिहासकारों के मत क्या हैं?
ब्रिटिश प्रशासनिक सुधारों को “आधुनिकीकरण” कहना कितना उचित है?
रेलवे को औपनिवेशिक शोषण का औजार क्यों माना जाता है?
2️⃣ 1857 का विद्रोह
1857 के विद्रोह को “प्रथम स्वतंत्रता संग्राम” कहना कितना ऐतिहासिक रूप से सही है?
1857 के विद्रोह की असफलता के मुख्य कारण क्या थे?
1857 पर राष्ट्रवादी, मार्क्सवादी और ब्रिटिश इतिहासकारों के दृष्टिकोण की तुलना करें।
1857 के बाद ब्रिटिश नीतियों में क्या बदलाव आए?
क्या 1857 ने भारतीय राष्ट्रवाद की नींव रखी?
3️⃣ भारतीय राष्ट्रवाद का विकास
भारतीय राष्ट्रवाद के उदय में आर्थिक कारणों की भूमिका पर चर्चा करें।
उदार राष्ट्रवाद (Moderate Phase) की सीमाएँ क्या थीं?
गरम दल और नरम दल के विचारों में मूलभूत अंतर क्या था?
स्वदेशी आंदोलन को अखिल भारतीय आंदोलन क्यों नहीं कहा जा सका?
होमरूल आंदोलन का ऐतिहासिक महत्व क्या है?
क्या भारतीय राष्ट्रवाद एक “एलीट मूवमेंट” था?
4️⃣ गांधी युग (1917–1947)
गांधी के सत्याग्रह की अवधारणा का दार्शनिक आधार क्या था?
गांधी और अन्य राष्ट्रवादी नेताओं के बीच मतभेद के प्रमुख बिंदु क्या थे?
असहयोग आंदोलन की वापसी को आप कैसे उचित ठहराएँगे?
सविनय अवज्ञा आंदोलन की सफलता और असफलता का मूल्यांकन करें।
गांधी का रचनात्मक कार्यक्रम राजनीतिक संघर्ष से कैसे जुड़ा था?
गांधी बनाम अंबेडकर : दलित प्रश्न पर मतभेद क्यों थे?
गांधी को “परंपरावादी आधुनिकतावादी” क्यों कहा जाता है?
5️⃣ क्रांतिकारी आंदोलन
भारतीय क्रांतिकारी आंदोलन की वैचारिक पृष्ठभूमि क्या थी?
भगत सिंह के विचारों को केवल हिंसक राष्ट्रवाद तक सीमित क्यों नहीं किया जा सकता?
गदर आंदोलन की विफलता के कारण क्या थे?
क्रांतिकारी आंदोलनों का जन आंदोलनों पर क्या प्रभाव पड़ा?
6️⃣ किसान, मजदूर और जन आंदोलन
किसान आंदोलनों ने राष्ट्रीय आंदोलन को कैसे प्रभावित किया?
बारदोली सत्याग्रह का ऐतिहासिक महत्व क्या है?
मजदूर आंदोलन और राष्ट्रीय आंदोलन के बीच संबंधों की समीक्षा करें।
तेभागा और तेलंगाना आंदोलन का महत्व बताइए।
7️⃣ सांप्रदायिकता और विभाजन
भारत में सांप्रदायिकता के उदय के कारण क्या थे?
मुस्लिम लीग के विकास के पीछे कौन से कारक जिम्मेदार थे?
दो-राष्ट्र सिद्धांत की ऐतिहासिक जड़ें क्या थीं?
क्या भारत का विभाजन अपरिहार्य था?
विभाजन पर विभिन्न इतिहासकारों के दृष्टिकोण की तुलना करें।
8️⃣ संविधान और स्वतंत्रता
आज़ादी के समय भारत के सामने सबसे बड़ी चुनौतियाँ क्या थीं?
अंतरिम सरकार और संविधान सभा की भूमिका पर चर्चा करें।
स्वतंत्रता आंदोलन और संविधान निर्माण के बीच संबंध बताइए।
9️⃣ इतिहासलेखन (Historiography)
राष्ट्रवादी इतिहासलेखन की मुख्य विशेषताएँ क्या हैं?
मार्क्सवादी इतिहासकारों ने आधुनिक भारत को कैसे देखा?
सबाल्टर्न स्टडीज़ ने किस दृष्टि से इतिहास को चुनौती दी?
कैम्ब्रिज स्कूल की आलोचना क्यों की जाती है?
आधुनिक भारत के इतिहास लेखन में महिलाओं की भूमिका पर प्रकाश डालिए।
क्या इतिहास लेखन मूल्य-निरपेक्ष हो सकता है?
🔟 समकालीन दृष्टिकोण से जुड़े प्रश्न
आधुनिक भारत के इतिहास का आज की राजनीति से क्या संबंध है?
औपनिवेशिक विरासत आज के भारत में किस रूप में दिखाई देती है?
क्या भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन आज भी प्रासंगिक है?
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Forwarded from ऐतिहासिक तथ्य 📖✍️ (A B)
गांधी जी और चरखा –
गांधीजी के दिमाग में कब आया चरखा–
सन् 1908 में गांधी जी को चरखे की बात सूझी. जब वह इंग्लैंड में थे. उसके बाद वह बराबर इस दिशा में सोचते रहे. वह चाहते थे कि चरखा कहीं न कहीं से लाना चाहिए. सन् 1916 में साबरमती आश्रम (अहमदाबाद) की स्थापना हुई. बड़ी कोशिश के बाद उन्हें दो साल बाद 1918 में खड़ा चरखा मिला.
खड़ा चरखा–
इस समय तक जो भी चरखे चलते थे और जिनकी खोज हो पाई थी, वे सब खड़े चरखे ही थे. आजकल खड़े चरखे में एक बैठक, दो खंभे, एक फरई और आठ पंक्तियों का चक्र होता है. देश के अलग भागों में अलग आकार के खड़े चरखे चलते हैं. चरखे का व्यास 12 इंच से 24 इंच तक और तकुओं की सं 19 इंच तक होती है. गांधीजी की कोशि से चरखे में अपने कार्यक्रमों में शामिल किया. पटना में 22 सितंबर, 1925 को 'अखिल भारत चरखा संघ' की स्थापना हुई.
चरखे की नई डिजाइन के लिए गांधीजी ने इनाम भी रखा था–
चरखे में संशोधन हो, इसके लिये गांधी जी बहुत बेचैन थे. सन् 1923 में 5,000 रुपए का पुरस्कार भी घोषित किया, किंतु कोई विकसित नमूना नहीं बन पाया. 29 जुलाई सन् 1929 को चरखा संघ की ओर से गांधी जी की शर्तों के अनुसार चरखा बनाने वालों को एक लाख रुपया पुरस्कार देने की घोषणा की गई. कोशिश कई लोगों ने की लेकिन सफलता नहीं मिली. किर्लोस्कर बंधुओं ने भी तब एक चरखा बनाया था.
चरखे के आकार पर खूब प्रयोग हुए–
चरखे के आकार पर उपयोगिता की दृष्टि से बराबर प्रयोग होते रहे. यरवदा जेल में किसान चरखे को पेटी चरखे का रूप देने का श्रेय उन्हीं को है. सतीशचंद्र दासगुप्त ने खड़े चरखे के ही ढंग का बांस का चरखा बनाया, जो बहुत ही कारगर साबित हुआ. बाद में अंबर चरखा बना, जिसे अभी तक के चरखों में सबसे बेहतर माना गया.
https://t.me/historyfact00
गांधीजी के दिमाग में कब आया चरखा–
सन् 1908 में गांधी जी को चरखे की बात सूझी. जब वह इंग्लैंड में थे. उसके बाद वह बराबर इस दिशा में सोचते रहे. वह चाहते थे कि चरखा कहीं न कहीं से लाना चाहिए. सन् 1916 में साबरमती आश्रम (अहमदाबाद) की स्थापना हुई. बड़ी कोशिश के बाद उन्हें दो साल बाद 1918 में खड़ा चरखा मिला.
खड़ा चरखा–
इस समय तक जो भी चरखे चलते थे और जिनकी खोज हो पाई थी, वे सब खड़े चरखे ही थे. आजकल खड़े चरखे में एक बैठक, दो खंभे, एक फरई और आठ पंक्तियों का चक्र होता है. देश के अलग भागों में अलग आकार के खड़े चरखे चलते हैं. चरखे का व्यास 12 इंच से 24 इंच तक और तकुओं की सं 19 इंच तक होती है. गांधीजी की कोशि से चरखे में अपने कार्यक्रमों में शामिल किया. पटना में 22 सितंबर, 1925 को 'अखिल भारत चरखा संघ' की स्थापना हुई.
चरखे की नई डिजाइन के लिए गांधीजी ने इनाम भी रखा था–
चरखे में संशोधन हो, इसके लिये गांधी जी बहुत बेचैन थे. सन् 1923 में 5,000 रुपए का पुरस्कार भी घोषित किया, किंतु कोई विकसित नमूना नहीं बन पाया. 29 जुलाई सन् 1929 को चरखा संघ की ओर से गांधी जी की शर्तों के अनुसार चरखा बनाने वालों को एक लाख रुपया पुरस्कार देने की घोषणा की गई. कोशिश कई लोगों ने की लेकिन सफलता नहीं मिली. किर्लोस्कर बंधुओं ने भी तब एक चरखा बनाया था.
चरखे के आकार पर खूब प्रयोग हुए–
चरखे के आकार पर उपयोगिता की दृष्टि से बराबर प्रयोग होते रहे. यरवदा जेल में किसान चरखे को पेटी चरखे का रूप देने का श्रेय उन्हीं को है. सतीशचंद्र दासगुप्त ने खड़े चरखे के ही ढंग का बांस का चरखा बनाया, जो बहुत ही कारगर साबित हुआ. बाद में अंबर चरखा बना, जिसे अभी तक के चरखों में सबसे बेहतर माना गया.
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Forwarded from 𝙃𝙄𝙎𝙏𝙊𝙍𝙔 UGC 𝙉𝙀𝙏-𝙅𝙍𝙁 𝙋𝙂𝙏 𝙏𝙂𝙏. (मालिनी)
महाराणा प्रताप जी का प्रिय हाथी रामप्रसाद
महाराणा प्रताप जी का चेतक ही नहीं रामप्रसाद भी था स्वामिभक्त अकबर की गुलामी नही कि थी स्वीकार।
प्रताप गौरव केन्द्र मै महाराणा प्रताप ओर उनके प्रिय हाथी की प्रतिमा लगाई गई है।
महाराणा प्रताप का हाथी इतना समझदार व ताकतवर था कि उसने हल्दीघाटी युद्ध में अकेले ही अकबर के 13 हाथियों को मार गिराया था।।
महाराणा प्रताप जी के घोड़े के बारे मे तो सुना ही होगा लेकिन उनका ऐक हाथी भी था जिसके बारे मे बहुत कम लोग जानते हैं।।
उदयपुर के टाईगर हिल स्थित प्रताप गौरव केन्द्र मै महाराणा प्रताप ओर उनके प्रिय हाथी की प्रतिमा लगाई गई है जो उनका प्रैम बंया करती है
दरअसल रामप्रसाद हाथी का उल्लेख अल बंदायुनी ने जो मुगलो की ओर से हल्दीघाटी युद्ध में लड़ा था
ने अपने ग्रंथ में किया है वो लिखते है कि जब महाराणा पर अकबर ने चढ़ाई की थी तब उसने दो चीजो पर बंदी बनाने की बात कि थी ऐक तो खुद महाराणा प्रताप ओर दुसरा उनका हाथी रामप्रसाद
महाराणा प्रताप का हाथी इतना समझदार व ताकतवर था कि उसने अकेले ही अकबर के 13 हाथियों को मार गिराया था और उस हाथी को पकड़ने के लिए 7 हाथियों का चक्रव्यूह बनाया था ओर उन पर 14 महावतो को बैठाया गया था तब जा कर उसे बंदी बना पाऐ
अकबर ने उसका नाम "पीरप्रसाद रखा था।
राम प्रसाद को मुगलो ने गन्ने व पानी दिया पर उस स्वामिभक्त हाथी ने 18 दिन तक मुगलो का दाना पानी नही खाया ओर वो शहीद हो गया
तब अकबर ने कहा था कि मै जिसके हाथी को मेरे सामने झुका न पाया उस महाराणा प्रताप को क्या झुका पाउंगा
❣️💐🍫🧘☘️☘️
https://t.me/dreamshinganiaOm
महाराणा प्रताप जी का चेतक ही नहीं रामप्रसाद भी था स्वामिभक्त अकबर की गुलामी नही कि थी स्वीकार।
प्रताप गौरव केन्द्र मै महाराणा प्रताप ओर उनके प्रिय हाथी की प्रतिमा लगाई गई है।
महाराणा प्रताप का हाथी इतना समझदार व ताकतवर था कि उसने हल्दीघाटी युद्ध में अकेले ही अकबर के 13 हाथियों को मार गिराया था।।
महाराणा प्रताप जी के घोड़े के बारे मे तो सुना ही होगा लेकिन उनका ऐक हाथी भी था जिसके बारे मे बहुत कम लोग जानते हैं।।
उदयपुर के टाईगर हिल स्थित प्रताप गौरव केन्द्र मै महाराणा प्रताप ओर उनके प्रिय हाथी की प्रतिमा लगाई गई है जो उनका प्रैम बंया करती है
दरअसल रामप्रसाद हाथी का उल्लेख अल बंदायुनी ने जो मुगलो की ओर से हल्दीघाटी युद्ध में लड़ा था
ने अपने ग्रंथ में किया है वो लिखते है कि जब महाराणा पर अकबर ने चढ़ाई की थी तब उसने दो चीजो पर बंदी बनाने की बात कि थी ऐक तो खुद महाराणा प्रताप ओर दुसरा उनका हाथी रामप्रसाद
महाराणा प्रताप का हाथी इतना समझदार व ताकतवर था कि उसने अकेले ही अकबर के 13 हाथियों को मार गिराया था और उस हाथी को पकड़ने के लिए 7 हाथियों का चक्रव्यूह बनाया था ओर उन पर 14 महावतो को बैठाया गया था तब जा कर उसे बंदी बना पाऐ
अकबर ने उसका नाम "पीरप्रसाद रखा था।
राम प्रसाद को मुगलो ने गन्ने व पानी दिया पर उस स्वामिभक्त हाथी ने 18 दिन तक मुगलो का दाना पानी नही खाया ओर वो शहीद हो गया
तब अकबर ने कहा था कि मै जिसके हाथी को मेरे सामने झुका न पाया उस महाराणा प्रताप को क्या झुका पाउंगा
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