Forwarded from ऐतिहासिक तथ्य 📖✍️
कांग्रेस के सारे अधिवेशन (1885–1965)
किताबें तो बहुत है जिसमें कांग्रेस के सारे अधिवेशन बहुत अच्छे से दिए है, लेकिन एग्जाम टाइम में ऐसे लिस्ट में एक साथ अधिवेशन मिल जाए तो अच्छे से याद कर लिए जाते है और विशेषता भी समझ जाते है ।
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Forwarded from Tιƙαɱ αɱႦҽԃƙαɾ (History)
महापरिनिब्बान सुत्त!
बुद्ध ने आनंद के सभी तर्कों को दरकिनार कर दिया। उन्होंने कहा कि बहुत पहले कुशीनारा एक महान नगर था, जिसका नाम कुशावती था। वह महासुदस्सन नामक राजा की राजधानी थी। इसका आकार बारह योजन पूर्व से पश्चिम में तथा सात योजन उत्तर से दक्षिण में फैला हुआ था। इसकी सड़कों पर भीड़ लगी रहती थी। चारों ओर समृद्धि फैली हुई थी। रात और दिन इस नगर में हाथी, घोड़े, रथ, नगाड़े और अन्य संगीत की ध्वनि गूंजती रहती थी। सभी लोग "खाओ, पीओ और मौज से रहो", ऐसी स्थिति में थे। कुशावती, अलकनंदा से कम नहीं था जो देवताओं का शाही नगर है। इसलिए बुद्ध के अंतिम प्राण के लिए यही जगह सबसे उपयुक्त हो सकती है।
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बुद्ध ने आनंद के सभी तर्कों को दरकिनार कर दिया। उन्होंने कहा कि बहुत पहले कुशीनारा एक महान नगर था, जिसका नाम कुशावती था। वह महासुदस्सन नामक राजा की राजधानी थी। इसका आकार बारह योजन पूर्व से पश्चिम में तथा सात योजन उत्तर से दक्षिण में फैला हुआ था। इसकी सड़कों पर भीड़ लगी रहती थी। चारों ओर समृद्धि फैली हुई थी। रात और दिन इस नगर में हाथी, घोड़े, रथ, नगाड़े और अन्य संगीत की ध्वनि गूंजती रहती थी। सभी लोग "खाओ, पीओ और मौज से रहो", ऐसी स्थिति में थे। कुशावती, अलकनंदा से कम नहीं था जो देवताओं का शाही नगर है। इसलिए बुद्ध के अंतिम प्राण के लिए यही जगह सबसे उपयुक्त हो सकती है।
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