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जहाँ इतिहास किताबों से आगे, दस्तावेज़ों से जुड़ता है।
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ऐतिहासिक तथ्य 📖✍️
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बेलगाँव कांग्रेस के अधिवेशन में गांधी जी ने क्रांतिकारियों की जो आलोचना की थी। उसके प्रत्युत्तर में शचींद्र ने महात्मा गांधी को एक पत्र लिखा। शचीन्द्र गांधीजी के धीरे-धीरे करके स्वतन्त्रता प्राप्त करने की नीति की बड़ी आलोचना करते थे। गांधी जी ने यंग इंडिया के 12 फ़रवरी 1925 के अंक में इस पत्र को ज्यों का त्यों प्रकाशित कर दिया और साथ ही अपना उत्तर भी।
लगभग इसी समय सूर्य कुमार सेन के नेतृत्व में चटगाँव दल का, शचीन्द्र के प्रयत्न से, हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन से संबंध हो गया। शचींद्र बंगाल आर्डिनेंस के अधीन गिरफ्तार कर लिए गए। उनकी गिरफ्तारी के पहले 'दि रिवोलूशनरी' नाम का पर्चा पंजाब से लेकर वर्मा तक बँटा। इस पर्चे के लेखक और प्रकाशक के रूप में बाँकुड़ा में शचींद्र पर मुकदमा चला और राजद्रोह के अपराध में उन्हें दो वर्ष के कारावास का दंड मिला। कैद की हालत में ही वे काकोरी काण्ड में शामिल किए गए और संगठन के प्रमुख नेता के रूप में उन्हें पुनः अप्रैल, 1927 में आजन्म कारावास की सजा दी गई।
1937 में संयुक्त प्रदेश में कांग्रेस मंत्रिमंडल की स्थापना के बाद अन्य क्रांतिकारियों के साथ वे रिहा किए गए। रिहा होने पर कुछ दिनों वे कांग्रेस के प्रतिनिधि थे, परन्तु बाद को वे फारवर्ड ब्लाक में शामिल हुए। इसी समय काशी में उन्होंने 'अग्रगामी' नाम से एक दैनिक पत्र निकाला। वह स्वयं इस पत्र के संपादक थे। द्वितीय महायुद्ध छिड़ने के कोई साल भर बाद 1940 में उन्हें पुनः नजरबंद कर राजस्थान के देवली शिविर में भेज दिया गया। उनकी बनारस की सम्पत्ति भी अंग्रेजों ने जब्त कर ली। वहाँ यक्ष्मा रोग (टीबी) से आक्रान्त होने पर इलाज के लिए उन्हें रिहा कर दिया गया। परन्तु बीमारी बढ़ गई और 7 फरवरी 1942 को उनकी मृत्यु हो गई।
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CTET Paper 2 Question Paper 2026.pdf
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CTET Paper 2 Question Paper 2026.pdf
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CTET Paper 2 Question Paper 2026.pdf
बहुत खराब पेपर आया

चौपट हो गया
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Forwarded from Pooja Pandey
सैनिकों को वेतन दिलाने की प्रशासनिक ज़िम्मेदारी = वज़ीर
👉 सैनिकों की भर्ती, रिकॉर्ड और निरीक्षण = आरिज-ए-मुमालिक
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No Document No History
बहुत खराब पेपर आया चौपट हो गया
इतिहास के प्रश्न भेजिए..
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इतिहास के प्रश्न भेजिए..
ठीक है थोडी देर मे भेजते हैं
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NET/JRF के लिए भारतीय इतिहास+ हिस्ट्रोग्राफी (MIX) क्विज चालु है..जुड़े और क्विज एटेम्पट करे।

Daily 2 क्विज।
Timing
2PM
8PM
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गांधी–स्मटस समझौता 1914 और इंडियन रिलीफ एक्ट–
1. पृष्ठभूमि
– गांधी 1893 से दक्षिण अफ्रीका में भारतीयों के अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे थे।ट्रांसवाल और नेटाल में भारतीयों पर कई भेदभावपूर्ण कानून लागू थे
1906 से गांधी जी ने सत्याग्रह आंदोलन शुरू किया लंबे संघर्ष,जेल यात्राओं और अंतरराष्ट्रीय दबाव के बाद सरकार वार्ता को तैयार हुई
2. गांधी–स्मटस समझौता
यह समझौता गांधी और दक्षिण अफ्रीका के गृह मंत्री जनरल जान क्रिश्चियन स्मटस के बीच हुआ यह समझौता भारतीय सत्याग्रहियों की जीत माना जाता है समझौते के बाद भारतीयों का आंदोलन स्थगित कर दिया गया
3. समझौते की मुख्य शर्तें
भारतीयों पर लगाया गया £3 का अपमानजनक कर समाप्त किया गया भारतीय विवाहों को कानूनी मान्यता दी गई पहले से पंजीकृत भारतीयों को नए पंजीकरण प्रमाण-पत्र लेने की बाध्यता समाप्त की गई भारतीयों को अवैध प्रवासी मानकर प्रताड़ित करने की नीति में ढील दी गई
4. इंडियन रिलीफ एक्ट 1914
गांधी–स्मटस समझौते को लागू करने के लिए 1914 में इंडियन रिलीफ एक्ट पारित किया गया इसे दक्षिण अफ्रीका में भारतीय संघर्ष की सबसे बड़ी कानूनी सफलता माना जाता है
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ऐतिहासिक तथ्य 📖✍️
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1. 1893 – दक्षिण अफ्रीका आगमन
गांधी जी एक भारतीय व्यापारी दादा अब्दुल्ला के मुकदमे के लिए वकील बनकर नेटाल (Natal) पहुँचे।
यहीं उन्हें नस्लीय भेदभाव का प्रत्यक्ष अनुभव हुआ।

2. 1893 – पीटरमैरिट्ज़बर्ग घटना
प्रथम श्रेणी का टिकट होने के बावजूद उन्हें ट्रेन से बाहर फेंक दिया गया।
यही घटना उनके जीवन का टर्निंग पॉइंट बनी।

3. 1894 – नेटाल इंडियन कांग्रेस की स्थापना
भारतीयों के अधिकारों की रक्षा हेतु Natal Indian Congress (NIC) बनाई।
भारतीयों को संगठित करने का पहला बड़ा प्रयास।

4. 1896–1897 – भारत यात्रा और पुनः अफ्रीका वापसी
भारत आकर दक्षिण अफ्रीका में भारतीयों की स्थिति बताई।
वापस लौटने पर डरबन में उन पर हमला हुआ, फिर भी उन्होंने क्षमा का मार्ग चुना।

5. 1899–1902 – बोअर युद्ध में सेवा
ब्रिटिश सरकार की सहायता के लिए इंडियन एम्बुलेंस कॉर्प्स बनाया।
यह दिखाया कि भारतीय जिम्मेदार नागरिक हैं।

6. 1903 – ‘Indian Opinion’ पत्र का प्रकाशन
भारतीयों की समस्याओं को उजागर करने के लिए अख़बार शुरू किया।
सत्य, अधिकार और जागरूकता का माध्यम बना।

7. 1904 – फीनिक्स आश्रम की स्थापना
सामूहिक जीवन, सादगी और श्रम का प्रयोग।
सत्याग्रह की वैचारिक नींव यहीं मजबूत हुई।

8. 1906 – सत्याग्रह का प्रारंभ
ट्रांसवाल सरकार के एशियाटिक रजिस्ट्रेशन एक्ट (ब्लैक एक्ट) के विरोध में।
पहली बार सत्याग्रह शब्द और प्रयोग सामने आया।

9. 1908–1909 – जेल यात्राएँ
कानून तोड़ने के कारण कई बार जेल गए।
आंदोलन को नैतिक बल मिला।

10. 1910 – टॉल्सटॉय फार्म की स्थापना
सत्याग्रहियों के प्रशिक्षण और आत्मनिर्भर जीवन के लिए।
नैतिक अनुशासन का केंद्र।

11. 1913 – महिला और श्रमिक सत्याग्रह
भारतीय महिलाओं की गिरफ्तारी के विरोध में आंदोलन।
खदान मजदूरों को भी आंदोलन से जोड़ा।

12. 1914 – स्मट्स–गांधी समझौता
सरकार ने कई भेदभावपूर्ण कानून वापस लिए।
सत्याग्रह की पहली बड़ी जीत।

13. 1914 – भारत वापसी
21 वर्षों के संघर्ष के बाद भारत लौटे।
दक्षिण अफ्रीका उनका राजनीतिक प्रयोगशाला बना।
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चर्चा का विषय – कांग्रेस के अधिवेशन 1900–1920
समय –11:30 PM
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"मैं एक योद्धा था, एक और युद्ध, अंतिम और बेहतरीन"

रास बहारी बोस का जीवन भारत के स्वतंत्रता संग्राम में क्रांतिकारी बलिदान और रणनीतिक धैर्य की भावना का प्रतीक है, जो प्रारंभिक सशस्त्र प्रतिरोध को लगातार संगठनात्मक प्रयासों से जोड़ता है। उनकी मृत्यु टोक्यो में 21 जनवरी, 1945 को हुई 📖✍️


कभी कभी जीवन में वैसा नहीं होता जैसे हमने सोचा होता है, कभी कभी ऐसी परिस्थितियां भी बन जाती है जो हमारे अनुकूल न हो।
हर कोई अपने जीवन में एक आंतरिक और बाहरी जंग लड़ रहा है लेकिन हार न माने, कभी तो सब अच्छा हो जाएगा 📖✍️
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देवेंद्रनाथ टैगोर और ब्रह्म समाज
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EMRS मुख्य परीक्षा 2, 3 एवं 8 मार्च को आयोजित होगी... https://t.me/Ramsing2023 https://t.me/+s_pFPHC3MKM2OGI1
EMRS TIER 2 OFFICIAL UPDATE

This is to notify that fake information is being circulated regarding Tier 2 exam dates of ESSE 2025. Dates of Tier 2 exam have not been notified so far. All the short-listed candidates of Tier 2 are requested to refer to the website of NESTS only, for authentic information.
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Forwarded from ऐतिहासिक तथ्य 📖✍️ (Roshni Pareek)
📌 सावरकर और विठ्ठल मंदिर (1924) –

तिथि:
17 अप्रैल 1924
• घटना: सावरकर ने समाज सुधार से जुड़े अपने प्रयोगों की शुरुआत की।
• स्थान: परशुराम गाँव का विठ्ठल मंदिर
• यह चितपावन ब्राह्मणों का सबसे पवित्र स्थल माना जाता था।
• यह पेशवा बाजीराव प्रथम का प्रेरणा-स्थल था।
• मंदिर की स्थापना सावरकर के आध्यात्मिक गुरु ब्रह्मेन्द्र स्वामी ने की थी।

🔹 सावरकर का भाषण
• रिहाई के बाद सावरकर का पहला प्रमुख भाषण यहीं हुआ।
• भाषण का स्वरूप आध्यात्मिक + राजनीतिक था।
• प्रमुख विषय:
• शुद्धिकरण अभियान
• अस्पृश्योद्धार (अस्पृश्यों का उत्थान)

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