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जहाँ इतिहास किताबों से आगे, दस्तावेज़ों से जुड़ता है।
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1885 congress session 📖✍️
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Indian Social Reform Conference' (भारतीय समाज सुधार सम्मेलन)✍️

वर्ष 1887 में बम्बई में महादेव गोविन्द रानाडे एवं रघुनाथ राव ने प्रार्थना सभा तथा साधारण ब्रह्म सभा का विलय करके Indian Social Reform Conference' (भारतीय समाज सुधार सम्मेलन) की स्थापना की

इसे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की सामाजिक शाखा बना दिया।

अब इसका सम्मेलन कांग्रेस के सम्मेलन के साथ होगा। (पहला मद्रास, 1887 में)

शपथ आन्दोलन (Pledge movement):- बाल विवाल न करवाने की शपथ ।

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महज तथ्यों का संग्रहण ( गैदर ऑफ फेक्ट/ कलेक्शन ऑफ फेक्ट ) ही सभी सवालों का समाधान नहीं है, सभी पुस्तकें भी सभी जवाब नहीं देती हैं।

कुछ जगह थोबड़ा भी use करना पड़ता है।
वाक्यों के बीच छिपे भिन्न और बहुआयामों को स्वत: ही छांटना पड़ता है।

कई बार भाषान्तर से बिगड़ैल वक्तव्य जारी होते रहे हैं, मगर मूल वक्तव्यों को हम हटा नहीं सकते।

हमें बहुआयामी और समग्रता से विषय की गम्भीरता से तथ्यों के साथ न्याय करना ही पड़ेगा।

तथ्य इतिहास में बोलते कब है..?
इतिहासकार ही तो बुलवाता है।
स्वयं तथ्य पाहन मूर्ति ही है।


इसलिए तथ्यों के पीछे छुपे रहस्यों , विशद व्याख्याओं, गहनतम अवधारणाओं, तथा गूढ़ मर्म का मंथन करना ही पड़ेगा।
अन्यथा यों ही चिल्ल पों होकर मुद्दे मृतावस्था को प्राप्त करेंगे।

नोट:- तथ्यों का संग्रहण या स्मृति में लंबे अर्से तभी तक बनाया जा सकता है,जब उसके पीछे छिपे निहितार्थ को जाने अन्यथा आगे पढ़े और पीछे भूले वाली कहावत चरितार्थ होगी ।
कई बार पर्दा हटा नहीं और अनावश्यक तालियां बजती रही, जब पर्दा हटा तो भौचक्का रह गए।
बात तो पर्दे के पीछे छिपी हुई थी, दंग रहने की आवश्यकता थी ही नहीं ।
शेष
साधो साधो 🙏
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कांग्रेस विदेश विभाग –
1921 में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी का दिल्ली अधिवेशन भारत के वैदेशिक मामलों के संबंध में मील का पत्थर माना जा सकता है। 1928 में कांग्रेस दल द्वारा विदेश विभाग की स्थापना करने का फैसला लिया गया। यह कांग्रेस द्वारा 1925 के प्रस्ताव को क्रियान्वित करने हेतु हुआ।
इस विभाग का अध्यक्ष जवाहरलाल को बनाया गया परंतु 1930-1934 तक जन आंदोलनों में व्यस्तता तथा नेताओं के जेल जाने के कारण विदेश विभाग की कोई विशेष उपलब्धियां नहीं रही। 1936 में लखनऊ में जवाहरलाल नेहरू द्वारा पुनः अध्यक्ष पद संभालने के बाद इस और ध्यान दिया गया। अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कार्यालय में समाजवादी दल के राम मनोहर लोहिया की अध्यक्षता में 1936 में विदेश विभाग की स्थापना की गई। इस विभाग की स्थापना के 6 माह उपरांत तक लगभग 400 व्यक्तियों व संस्थाओं से कांग्रेस ने संपर्क स्थापित किया।कांग्रेस की इस विस्तृत व्यवस्था का ही परिणाम था कि आजादी से पूर्व देश के उपाध्यक्ष के रूप में जवाहरलाल नेहरू ने 7 सितंबर 1946 के अपने रेडियो भाषण में भारत की विदेश नीति के सभी आयामों का विस्तृत वर्णन प्रस्तुत किया।
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चार्टर एक्ट, 1853
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चार्टर एक्ट, 1858
कांग्रेस का उद्देश्य 1885 📖✍️
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सावरकर ❤️📖✍️
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भाभी के जगह  CTET परीक्षा देने आई ननद पकड़ी गई.......!!!
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Forwarded from ABHI....🫣
Two T20 World Cups, two heartbreaks 💔

A big one is coming, Nepal... ⏳
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भारत परिषद अधिनियम, 1861