Forwarded from ऐतिहासिक तथ्य 📖✍️
An excellent book on history in which new dimensions have been added. This book gives a new perspective to ur thinking about those aspects of history which are still unresolved.It also has a detailed study of the issues related to the Congress and BJP governments today. This book will prove to be beneficial for those who are interested in things like nationalism and politics issues 🙏💐😊
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संत कवि वाजिद जी (दादूपंथी) का यह प्रसिद्ध दोहा
सदा न संग सहेलियाँ, सदा न राजा देश।
सदा न जुग में जीवणा, सदा न काला केश।
सदा न फूलै केतकी, सदा न सावन होए।
सदा न विपदा रह सके, सदा न सुख भी होए।
सदा न मौज बसन्त री, सदा न ग्रीष्म भाण।
सदा न जोवन थिर रहे, सदा न संपत माण।
सदा न काहू की रही, गल प्रीतम की बांह।
ढ़लते ढ़लते ढ़ल गई, तरवर की सी छाँह।
*भावार्थ*:-सब कुछ क्षणभंगुर है, इसलिए न सुख में ज्यादा इतराओ, न दुख में ज्यादा घबराओ। समय के साथ सब बदल जाता है।
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सदा न संग सहेलियाँ, सदा न राजा देश।
सदा न जुग में जीवणा, सदा न काला केश।
सदा न फूलै केतकी, सदा न सावन होए।
सदा न विपदा रह सके, सदा न सुख भी होए।
सदा न मौज बसन्त री, सदा न ग्रीष्म भाण।
सदा न जोवन थिर रहे, सदा न संपत माण।
सदा न काहू की रही, गल प्रीतम की बांह।
ढ़लते ढ़लते ढ़ल गई, तरवर की सी छाँह।
*भावार्थ*:-सब कुछ क्षणभंगुर है, इसलिए न सुख में ज्यादा इतराओ, न दुख में ज्यादा घबराओ। समय के साथ सब बदल जाता है।
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Forwarded from Gurukul History Education (History PYQs) (Narvada Dubey)
20वीं सदी के प्रारंभिक वर्षों में भारतीय रेल नेटवर्क विश्व में कौन-से स्थान पर पहुँच गया था?
(A) प्रथम स्थान पर
(B) द्वितीय स्थान पर
(C) चतुर्थ स्थान पर
(D) छठे स्थान पर
उत्तर: (C) चतुर्थ स्थान पर
व्याख्या: पुस्तक के अनुसार 20वीं सदी के प्रारंभ में भारतीय रेल प्रणाली विश्व की चौथी सबसे बड़ी रेल-व्यवस्था बन चुकी थी, जिसका प्रमुख उद्देश्य औपनिवेशिक दोहन था।
(A) प्रथम स्थान पर
(B) द्वितीय स्थान पर
(C) चतुर्थ स्थान पर
(D) छठे स्थान पर
उत्तर: (C) चतुर्थ स्थान पर
व्याख्या: पुस्तक के अनुसार 20वीं सदी के प्रारंभ में भारतीय रेल प्रणाली विश्व की चौथी सबसे बड़ी रेल-व्यवस्था बन चुकी थी, जिसका प्रमुख उद्देश्य औपनिवेशिक दोहन था।
No Document No History
Corrigendum_to_the_Information_Bulletin_of_UGC_NET_December_2026.PDF
प्रिय दोस्तों,
आपके मोबाइल में ठीक से ओपन हो रहा है ?
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लखनऊ समझौता — 1916
बंगाल पैक्ट — 1923
गांधी-नेहरू-दास समझौता — 1924
गांधी-इरविन समझौता — 1931
राजा-मुंजे समझौता — 1932
पूना समझौता — 1932
गांधी-जिन्ना वार्ता — 1944
देसाई-लियाकत समझौता — 1945
वेवेल योजना एवं शिमला सम्मेलन — 1945
कैबिनेट मिशन योजना — 1946
माउंटबेटन योजना — 1947
बंगाल पैक्ट — 1923
गांधी-नेहरू-दास समझौता — 1924
गांधी-इरविन समझौता — 1931
राजा-मुंजे समझौता — 1932
पूना समझौता — 1932
गांधी-जिन्ना वार्ता — 1944
देसाई-लियाकत समझौता — 1945
वेवेल योजना एवं शिमला सम्मेलन — 1945
कैबिनेट मिशन योजना — 1946
माउंटबेटन योजना — 1947
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