Forwarded from ऐतिहासिक तथ्य 📖✍️ Only doubt 🧐 discussion 📖✍️
1. The Story of the Integration of the Indian States
लेखक: वी. पी. मेनन
प्रकाशन वर्ष: 1956
प्रेरणा: सरदार वल्लभभाई पटेल की इच्छा पर लिखी गई।
विषय-वस्तु: स्वतंत्रता के बाद भारतीय रियासतों के एकीकरण, विलय की प्रक्रिया तथा एकीकृत भारतीय संघ के निर्माण का विवरण।
महत्त्व: यह पुस्तक रियासतों के एकीकरण में पटेल और वी. पी. मेनन की भूमिका तथा उस समय की राजनीतिक और प्रशासनिक प्रक्रिया को समझने के लिए एक महत्त्वपूर्ण स्रोत है।
2. The Transfer of Power in India
लेखक: वी. पी. मेनन
प्रकाशन वर्ष: 1957
प्रेरणा: सरदार पटेल की इच्छा पर लिखी गई; यह उनकी दूसरी पुस्तक थी, जिसका लेखन करके मेनन ने पटेल से किए गए अपने वादे को पूरा किया।
विषय-वस्तु: ब्रिटिश शासन की नीतियों, क्रिप्स मिशन, कैबिनेट मिशन, अंतरिम सरकार, सत्ता हस्तांतरण तथा भारत के विभाजन से जुड़ी घटनाओं का विवरण।
महत्त्व: यह पुस्तक 1940 के दशक में ब्रिटिश शासन से भारतीय नेतृत्व को सत्ता हस्तांतरित होने की प्रक्रिया को समझने के लिए महत्त्वपूर्ण है। इसमें मेनन ने प्रशासनिक अनुभवों और घटनाओं के अपने प्रत्यक्ष ज्ञान के आधार पर विवरण किया है।
https://t.me/historyfact00
लेखक: वी. पी. मेनन
प्रकाशन वर्ष: 1956
प्रेरणा: सरदार वल्लभभाई पटेल की इच्छा पर लिखी गई।
विषय-वस्तु: स्वतंत्रता के बाद भारतीय रियासतों के एकीकरण, विलय की प्रक्रिया तथा एकीकृत भारतीय संघ के निर्माण का विवरण।
महत्त्व: यह पुस्तक रियासतों के एकीकरण में पटेल और वी. पी. मेनन की भूमिका तथा उस समय की राजनीतिक और प्रशासनिक प्रक्रिया को समझने के लिए एक महत्त्वपूर्ण स्रोत है।
2. The Transfer of Power in India
लेखक: वी. पी. मेनन
प्रकाशन वर्ष: 1957
प्रेरणा: सरदार पटेल की इच्छा पर लिखी गई; यह उनकी दूसरी पुस्तक थी, जिसका लेखन करके मेनन ने पटेल से किए गए अपने वादे को पूरा किया।
विषय-वस्तु: ब्रिटिश शासन की नीतियों, क्रिप्स मिशन, कैबिनेट मिशन, अंतरिम सरकार, सत्ता हस्तांतरण तथा भारत के विभाजन से जुड़ी घटनाओं का विवरण।
महत्त्व: यह पुस्तक 1940 के दशक में ब्रिटिश शासन से भारतीय नेतृत्व को सत्ता हस्तांतरित होने की प्रक्रिया को समझने के लिए महत्त्वपूर्ण है। इसमें मेनन ने प्रशासनिक अनुभवों और घटनाओं के अपने प्रत्यक्ष ज्ञान के आधार पर विवरण किया है।
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प्रिय दोस्तों
जिन विद्यार्थियों का Ph.D. में एडमिशन हो चुका है, वे UGC NET का फॉर्म भरते समय Ph.D. से संबंधित विकल्प को ध्यानपूर्वक भरें।
⚠️ ध्यान दें : केवल Ph.D. में एडमिशन होने या फॉर्म में YES चुनने से फेलोशिप मिलना सुनिश्चित नहीं होता। चयन निर्धारित पात्रता और नियमों के अनुसार होता है।
याद रखिए
जिनका पीएचडी एडमिशन पहले से हो चुका है
और उन्होंने नेट का फॉर्म भरते समय पिएचडी प्रवेश को 'Yes' किया है
अगर उनको नेशनल फेलोशिप मिलती है तो उनके अवार्ड पर 3 मंथ की वैधता दी होती है
जिन्होने No किया होगा उनके लिए 3 साल वैधता रहती है....
(यह नियम केवल nfsc nfobc के लिए है..)
✔️ बाकी सभी के लिए jrf award letter admission के लिए 3 साल तक वैलिड रहता है✔️ 👍
आपका साथी — No Document No History
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Forwarded from A B
इतिहासकार बिपिन चंद्र ने अपनी पुस्तक India’s Struggle for Independence में इतालवी विचारक एंटोनियो ग्राम्शी (Antonio Gramsci) की War of Position की अवधारणा का प्रयोग भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन, विशेषकर गांधीवादी आंदोलन की रणनीति को समझाने के लिए किया।
उनके अनुसार, भारतीय स्वतंत्रता संघर्ष केवल प्रत्यक्ष जनांदोलनों तक सीमित नहीं था, बल्कि यह ब्रिटिश औपनिवेशिक वर्चस्व को वैचारिक, राजनीतिक और नैतिक स्तर पर चुनौती देने का एक दीर्घकालीन संघर्ष भी था।
उदाहरण: असहयोग आंदोलन (1920–1922) और सविनय अवज्ञा आंदोलन (1930–1934) के बीच के समय में भी संगठन, जनचेतना और राष्ट्रवादी विचारों का प्रसार जारी रहा।
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उनके अनुसार, भारतीय स्वतंत्रता संघर्ष केवल प्रत्यक्ष जनांदोलनों तक सीमित नहीं था, बल्कि यह ब्रिटिश औपनिवेशिक वर्चस्व को वैचारिक, राजनीतिक और नैतिक स्तर पर चुनौती देने का एक दीर्घकालीन संघर्ष भी था।
उदाहरण: असहयोग आंदोलन (1920–1922) और सविनय अवज्ञा आंदोलन (1930–1934) के बीच के समय में भी संगठन, जनचेतना और राष्ट्रवादी विचारों का प्रसार जारी रहा।
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आधुनिक भारत
24 तारीख के बाद सबको भेजना स्टार्ट होगा...✔️ ❤️ 💐
https://www.mittalbookdepot.in/product/33235448/History-360-Three-book-combo-set-new-edition-2026
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Forwarded from Gurukul History Education (History PYQs) (Narvada Dubey)
सन् 1836 में ब्रिटेन के किस सम्राट ने स्वीकार किया था कि "ब्रिटेन एक बढ़िया देश है, परंतु यह अपने उपनिवेशों, विशेषकर भारत के बिना कुछ भी नहीं है"?
(A) जॉर्ज द्वितीय
(B) जॉर्ज चतुर्थ
(C) विलियम चतुर्थ (King William IV)
(D) महारानी विक्टोरिया
उत्तर: (C) विलियम चतुर्थ (King William IV)
— जे. ए. नौरिस की पुस्तक के आधार पर उद्धृत है कि 1836 में ब्रिटिश किंग विलियम चतुर्थ ने स्वीकार किया था कि भारत के बिना ब्रिटिश साम्राज्य की कोई हैसियत नहीं है.
(A) जॉर्ज द्वितीय
(B) जॉर्ज चतुर्थ
(C) विलियम चतुर्थ (King William IV)
(D) महारानी विक्टोरिया
उत्तर: (C) विलियम चतुर्थ (King William IV)
— जे. ए. नौरिस की पुस्तक के आधार पर उद्धृत है कि 1836 में ब्रिटिश किंग विलियम चतुर्थ ने स्वीकार किया था कि भारत के बिना ब्रिटिश साम्राज्य की कोई हैसियत नहीं है.
भारत के बिना हम कुछ नहीं है ब्रिटेन के राजा ने खुद स्वीकार किया
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Quiz chl rhi h---- सिंधु घाटी सभ्यता
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इतिहास की महत्त्वपूर्ण पुस्तकें (UGC NET/ PGT/TGT)
💐प्राचीन भारत–के सी श्रीवास्तव, पप्पू सिंह प्रजापत, सौरभ चौबे।
💐मध्यकालीन भारत–सौरभ चौबे, पप्पू सिंह प्रजापत।
💐आधुनिक भारत–परिक्षावाणी, अरविंद भास्कर।
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UGC NET. इतिहास
इतिहास की महत्त्वपूर्ण पुस्तकें (UGC NET/ PGT/TGT)
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Ramachandra Guha: India’s classical music unites faiths. Its syncretic heritage must be preserved https://share.google/QrxVMVQGvNZONywRc
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Ramachandra Guha: India’s classical music unites faiths. Its syncretic heritage must be preserved
More than any other field, it is classical music where Hindus and Muslims have lived, worked, laboured and created together.
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Forwarded from Destiny makers classes
🚢 वी. ओ. चिदंबरम पिल्लई | स्वदेशी आंदोलन के महानायक 🇮🇳
स्वदेशी स्टीम नेविगेशन कंपनी, श्रमिक आंदोलन और आर्थिक राष्ट्रवाद के अग्रदूत वी. ओ. चिदंबरम पिल्लई के जीवन एवं योगदान को जानिए इस 7-पोस्टर सीरीज़ में। 📚
🎯 UPSC | MPPSC | SSC | UGC NET JRF
📲 Instagram: @anjkit2318
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स्वदेशी स्टीम नेविगेशन कंपनी, श्रमिक आंदोलन और आर्थिक राष्ट्रवाद के अग्रदूत वी. ओ. चिदंबरम पिल्लई के जीवन एवं योगदान को जानिए इस 7-पोस्टर सीरीज़ में। 📚
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