Forwarded from Gurukul History Education (History PYQs) (Jack Sparrow)
कांग्रेस के पांच(5)विशेष अधिवेशन हुए आजादी तक.
कुल अधिवेशन 55 (1885-1948 तक)
प्रथम विशेष अधिवेशन 1918 बॉम्बे... अध्यक्षता सैयद हसन इमाम..
द्वितीय विशेष अधिवेशन सितंबर 1920 कलकत्ता अध्यक्षता लाला लाजपतराय..
तृतीय विशेष अधिवेशन 1923 दिल्ली अध्यक्ष अबुल कलाम आजाद
चतुर्थ विशेष अधिवेशन जुलाई 1946 अध्यक्ष JL नेहरू...
पंचम विशेष अधिवेशन 1947 दिल्ली. अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद...
@DineshBhauGiral
❤1
Forwarded from PDF/ BACK UP
Bihar_STET_Teacher_Eligibility_Test_Shikshan_Kala_Evam_Anya_Dakshata.pdf
24.4 MB
New book 2027✓✓
प्रिय दोस्तों❤️
हम आप सभी से एक बात स्पष्ट करना चाहते हैं कि यदि चैनल के किसी भी एडमिन द्वारा किसी सदस्य को रिमूव किया जाता है, तो उसके लिए हम व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार नहीं होंगे।
किसी भी सदस्य को रिमूव करने का निर्णय संबंधित एडमिन का हो सकता है।
इसके पीछे सदस्य का व्यवहार, बातचीत करने का तरीका, अनुशासन का उल्लंघन या कोई अन्य कारण हो सकता है।
याद रखिए दोस्तों,
किसी भी ग्रुप या चैनल में जुड़ना हमारा अधिकार है, लेकिन वहाँ बने रहना हमारे व्यवहार और अनुशासन पर भी निर्भर करता है।
सादर
आपका अपना इतिहास परिवार
Please open Telegram to view this post
VIEW IN TELEGRAM
👏3❤2👍1
Forwarded from इतिहास दर्शन
ई.एच. कार की पुस्तक 'व्हाट इज हिस्ट्री' कुल छह अध्याय है जो कि क्रमशः है–
1. दि हिस्टोरियन एंड हिज फैक्ट्स
2. सोसाइटी एंड दि इंडिविजुअल
3. हिस्ट्री, साइंस एंड मोरेलिटी
4. कॉज़ेशन इन हिस्ट्री
5. हिस्ट्री एज प्रोग्रेस
6. दि वाइडनिंग हॉराइज़न
1. दि हिस्टोरियन एंड हिज फैक्ट्स
2. सोसाइटी एंड दि इंडिविजुअल
3. हिस्ट्री, साइंस एंड मोरेलिटी
4. कॉज़ेशन इन हिस्ट्री
5. हिस्ट्री एज प्रोग्रेस
6. दि वाइडनिंग हॉराइज़न
👏2
Forwarded from इतिहास दर्शन
मध्य पुरापाषाण काल
अन्य नाम – फ़लक संस्कृति(एच डी सांकलिया), खुरचनी– वैधक संस्कृति, मोस्तरी संस्कृति, नेवासा उद्योग, ने संस्कृति (के डी बनर्जी), ।
खोज – 1955 एच डी सांकलिया ने नेवासा महाराष्ट्र में की ।
औज़ार –
,क्वार्टजाइट,फ्लिंट, जैस्पर ओर चर्ट
(जबकि इसके पूर्व के औजार केवल क्वार्टजाइट से बने होते थे )
अन्य नाम – फ़लक संस्कृति(एच डी सांकलिया), खुरचनी– वैधक संस्कृति, मोस्तरी संस्कृति, नेवासा उद्योग, ने संस्कृति (के डी बनर्जी), ।
खोज – 1955 एच डी सांकलिया ने नेवासा महाराष्ट्र में की ।
औज़ार –
,क्वार्टजाइट,फ्लिंट, जैस्पर ओर चर्ट
(जबकि इसके पूर्व के औजार केवल क्वार्टजाइट से बने होते थे )
❤2👏1
Forwarded from PDF/ BACK UP (Admin)
PDF/ BACK UP
https://stetregistration.cbrt.co.in/login
STET एडमिट कार्ड
Forwarded from Gurukul History Education (History PYQs) (Narvada Dubey)
1873-1885 के बंगाल के पवना किसान आंदोलन (Pabna Disturbances) का अध्ययन करने वाले कल्याण कुमार सेनगुप्ता के अनुसार इस आंदोलन की प्रमुख विशेषता क्या थी?
(A) यह व्यापक सशस्त्र हिंसक गुरिल्ला युद्ध था
(B) यह कानूनी स्वरूप वाला, शांतिपूर्ण व काश्तकारों के कानूनी अधिकारों की रक्षा हेतु कृषक संघ (Agrarian League) द्वारा संचालित आंदोलन था
(C) यह पूरी तरह सांप्रदायिक दंगा था
(D) इसका उद्देश्य ईस्ट इंडिया कंपनी का पुनर्गठन था
उत्तर: (B)
व्याख्या: पवना में किसानों ने लगान वृद्धि व बेदखली के विरुद्ध अदालत में मुकदमे लड़े। शंभुनाथ पाल, ईशान चंद्र राय व खोदी मुल्ला के नेतृत्व में यह विधिक प्रतिरोध था।
(A) यह व्यापक सशस्त्र हिंसक गुरिल्ला युद्ध था
(B) यह कानूनी स्वरूप वाला, शांतिपूर्ण व काश्तकारों के कानूनी अधिकारों की रक्षा हेतु कृषक संघ (Agrarian League) द्वारा संचालित आंदोलन था
(C) यह पूरी तरह सांप्रदायिक दंगा था
(D) इसका उद्देश्य ईस्ट इंडिया कंपनी का पुनर्गठन था
उत्तर: (B)
व्याख्या: पवना में किसानों ने लगान वृद्धि व बेदखली के विरुद्ध अदालत में मुकदमे लड़े। शंभुनाथ पाल, ईशान चंद्र राय व खोदी मुल्ला के नेतृत्व में यह विधिक प्रतिरोध था।
👍1
Forwarded from Gurukul History Education (History PYQs) (Narvada Dubey)
ज्योतिबा फुले के आंदोलन की प्रमुख वैचारिक सीमा क्या थी जिसके कारण यह कालान्तर में अपने क्रांतिकारी रास्ते से भटक गया?
(A) उन्होंने वेदों को प्रमाण मान लिया
(B) वे जनता की भौतिक परिस्थितियों व संस्कृति में गहरा संबंध नहीं देख पाए और किसानों के औपवेशिक शोषण को अनदेखा कर ब्रिटिश शासन का समर्थन कर बैठे
(C) उन्होंने केवल शहरी तक काम सीमित रखा
(D) उन्होंने महिलाओं की शिक्षा का विरोध किया
उत्तर: (B)
व्याख्या: फुले ने ब्राह्मणवाद से मुक्ति हेतु ब्रिटिश शासन को न्यायप्रिय माना और यह नहीं देख पाए कि ब्रिटिश औपवेशिक नीतियाँ ही किसानों की दरिद्रता की मूल जनक थीं।
(A) उन्होंने वेदों को प्रमाण मान लिया
(B) वे जनता की भौतिक परिस्थितियों व संस्कृति में गहरा संबंध नहीं देख पाए और किसानों के औपवेशिक शोषण को अनदेखा कर ब्रिटिश शासन का समर्थन कर बैठे
(C) उन्होंने केवल शहरी तक काम सीमित रखा
(D) उन्होंने महिलाओं की शिक्षा का विरोध किया
उत्तर: (B)
व्याख्या: फुले ने ब्राह्मणवाद से मुक्ति हेतु ब्रिटिश शासन को न्यायप्रिय माना और यह नहीं देख पाए कि ब्रिटिश औपवेशिक नीतियाँ ही किसानों की दरिद्रता की मूल जनक थीं।
👍3❤1🥰1
Forwarded from ऐतिहासिक तथ्य 📖✍️ (Roshni Pareek)
📌भारत शासन अधिनियम, 1935: संघीय व्यवस्था की विफलता एवं ब्रिटिश नियंत्रण की निरंतरता—
https://t.me/historyfact00
https://t.me/historyfact00
❤2🔥1👏1