No Document No History
यह पुस्तक बहुत आसान भाषा में इतिहास दर्शन को समेटे हुए हैं, यदि कोई इतिहास दर्शन को आरंभ से समझना चाह रहा है तो इसका अध्ययन कर सकता है।
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Forwarded from No Document No History (Shri.Ramsing Rajput ⛳)
R. Shamasastry-Kautilya's Arthashastra (1915).pdf
2.1 MB
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Forwarded from No Document No History (Shri.Ramsing Rajput ⛳)
No Document No History
R. Shamasastry-Kautilya's Arthashastra (1915).pdf
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Forwarded from 𝗧𝗵𝗲 𝗚𝕐𝗮𝗻𝗱𝗮𝘆𝗻𝗶 𝗩αυLƚ••° (ȺղƚαႦყα ƚԋαƙυɾ .)
🌿{The philosophy of history}
🌿By R.G Collingwood
प्रकाशन वर्ष -1930
इस पत्रक में काॅलिंगवुड ने बृहद स्तर पर ऐतिहासिक सापेक्षवाद को न्याय संगत ठहराया है जिसकी विषय वस्तु थी कि इतिहास इतिहासकार की रचना है। काॅलिंगवुड इस बात पर जोर देता है की विशेष ऐतिहासिक घटना में एक व्यक्ति जो देखता है वह दूसरा नहीं देख सकता। पत्रक के अंत में क्रोचे की इस धारणा का बहुत अच्छा स्पष्टीकरण किया गया है कि" सभी इतिहास सामसमयिक इतिहास है "
काॅलिंवुड कहता है कि "प्रत्येक युग को अपना इतिहास पुन: लिखना चाहिए।"
https://t.me/ugcnetjrfmcqs24
🌿By R.G Collingwood
प्रकाशन वर्ष -1930
इस पत्रक में काॅलिंगवुड ने बृहद स्तर पर ऐतिहासिक सापेक्षवाद को न्याय संगत ठहराया है जिसकी विषय वस्तु थी कि इतिहास इतिहासकार की रचना है। काॅलिंगवुड इस बात पर जोर देता है की विशेष ऐतिहासिक घटना में एक व्यक्ति जो देखता है वह दूसरा नहीं देख सकता। पत्रक के अंत में क्रोचे की इस धारणा का बहुत अच्छा स्पष्टीकरण किया गया है कि" सभी इतिहास सामसमयिक इतिहास है "
काॅलिंवुड कहता है कि "प्रत्येक युग को अपना इतिहास पुन: लिखना चाहिए।"
https://t.me/ugcnetjrfmcqs24
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Forwarded from 𝗧𝗵𝗲 𝗚𝕐𝗮𝗻𝗱𝗮𝘆𝗻𝗶 𝗩αυLƚ••° (ȺղƚαႦყα ƚԋαƙυɾ .)
Imp
🌿Written by- R.G COllingwood
🌿यह कलिंगवुुड के लेखों का संग्रह है इसके प्रथम चार भागों में लेखक ने अन्य विचारकों के सिद्धांतों का आलोचनात्मक अध्ययन प्रस्तुत किया है और पांचवें भाग में अपने स्वतंत्र विचारों का प्रतिपादन किया है।
प्रकाशन वर्ष -1946
Net pyq dec 2025
https://t.me/ugcnetjrfmcqs24
🌿Written by- R.G COllingwood
🌿यह कलिंगवुुड के लेखों का संग्रह है इसके प्रथम चार भागों में लेखक ने अन्य विचारकों के सिद्धांतों का आलोचनात्मक अध्ययन प्रस्तुत किया है और पांचवें भाग में अपने स्वतंत्र विचारों का प्रतिपादन किया है।
प्रकाशन वर्ष -1946
Net pyq dec 2025
https://t.me/ugcnetjrfmcqs24
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Forwarded from 𝗧𝗵𝗲 𝗚𝕐𝗮𝗻𝗱𝗮𝘆𝗻𝗶 𝗩αυLƚ••° (ȺղƚαႦყα ƚԋαƙυɾ .)
🌿विभिन्न ग्रंथो में रत्नहविंषी संस्कार में भाग लेने वाले रत्निनों की सूची
● तैैत्तरीय संहिता 11
●मैत्रायणी संहिता 14
●काठक संहिता 12
●तैैत्तरीय ब्राह्मण 12
● शतपथ ब्राह्मण 12 {सर्वाधिक प्रचलित}
https://t.me/ugcnetjrfmcqs24
● तैैत्तरीय संहिता 11
●मैत्रायणी संहिता 14
●काठक संहिता 12
●तैैत्तरीय ब्राह्मण 12
● शतपथ ब्राह्मण 12 {सर्वाधिक प्रचलित}
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Forwarded from _ॐ_ 🔱
▪️प्राचीन इतिहास जानकारी के महत्वपूर्ण तथ्य ....
रोमन इतिहासकार प्लिनी की – नेचुरल हिस्ट्री पुस्तक में कुल 37 अध्याय है।।
आर सी मजूमदार द्वारा संपादित – हिस्ट्री एंड कल्चर ऑफ़ द इंडियन पीपुल 11 खण्डों में भारत विद्या भवन मुंबई द्वारा प्रकाशित की गई।
अल बिरूनी की –
किताब उल हिंद में 80 अध्याय है
चरक संहिता
–120 अध्याय और आठ खण्डों में विभाजित है।।
भरतमुनि के
–नाट्यशास्त्र में 36 अध्याय है।।
महाभारत का युद्ध 18 दिन चला महाभारत में
–कृष्ण अर्जुन संवाद उपदेशिका गीता में 18 अध्याय है और महाभारत 18 पर्व ( अध्याय ) में विभाजित है।।
रामायण में 7 कांड है।।
शुक्ल यजुर्वेद में
–40 अध्याय है और 40 वां अध्याय ईशोपनिषद है।।
कल्हण कृत्य राजतरंगिणी रचना में
–8 सर्ग है जिनको तरंग (अध्याय ) जिसमें 8000 श्लोक है।।
बाणभट्ट की
–हर्षचरित में 8 अध्याय है।।
कौटिल्य अर्थशास्त्र
–15 अधिकरण और 180 अध्यायों में विभाजित है।।
रोमन इतिहासकार प्लिनी की – नेचुरल हिस्ट्री पुस्तक में कुल 37 अध्याय है।।
आर सी मजूमदार द्वारा संपादित – हिस्ट्री एंड कल्चर ऑफ़ द इंडियन पीपुल 11 खण्डों में भारत विद्या भवन मुंबई द्वारा प्रकाशित की गई।
अल बिरूनी की –
किताब उल हिंद में 80 अध्याय है
चरक संहिता
–120 अध्याय और आठ खण्डों में विभाजित है।।
भरतमुनि के
–नाट्यशास्त्र में 36 अध्याय है।।
महाभारत का युद्ध 18 दिन चला महाभारत में
–कृष्ण अर्जुन संवाद उपदेशिका गीता में 18 अध्याय है और महाभारत 18 पर्व ( अध्याय ) में विभाजित है।।
रामायण में 7 कांड है।।
शुक्ल यजुर्वेद में
–40 अध्याय है और 40 वां अध्याय ईशोपनिषद है।।
कल्हण कृत्य राजतरंगिणी रचना में
–8 सर्ग है जिनको तरंग (अध्याय ) जिसमें 8000 श्लोक है।।
बाणभट्ट की
–हर्षचरित में 8 अध्याय है।।
कौटिल्य अर्थशास्त्र
–15 अधिकरण और 180 अध्यायों में विभाजित है।।
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Forwarded from 𝙃𝙄𝙎𝙏𝙊𝙍𝙔 UGC 𝙉𝙀𝙏-𝙅𝙍𝙁 𝙋𝙂𝙏 𝙏𝙂𝙏. (मालिनी)
MY
NAME
PKBD
M = मनुस्मृति
Y= याज्ञवल्क्य स्मृति
Name = नारद "
P = पाराशर
K= कात्यायन
B= बृहस्पति
D= देवल
https://t.me/dreamshinganiaOm
NAME
PKBD
M = मनुस्मृति
Y= याज्ञवल्क्य स्मृति
Name = नारद "
P = पाराशर
K= कात्यायन
B= बृहस्पति
D= देवल
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Forwarded from ABHI....🫣
DOC-20260129-WA0175..pdf
1.5 MB
*उत्तर प्रदेश ऐतिहासिक इमारत एवं वास्तुकार*
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Forwarded from 𝙃𝙄𝙎𝙏𝙊𝙍𝙔 UGC 𝙉𝙀𝙏-𝙅𝙍𝙁 𝙋𝙂𝙏 𝙏𝙂𝙏. (मालिनी)
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