No Document No History
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✅ Pre --- 31 may


✅Mains --25 Sep
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GIC
03/05

Mains--- 30/08
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सहायक आचार्य, राजकीय महाविद्यालय (प्रारम्भिक)

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सहायक आचार्य, राजकीय महाविद्यालय (मुख्य) परीक्षा-2025 (इतिहास एवं शारीरिक शिक्षा)

25.09.2026 (शुक्रवार) ⭐️❤️🍎

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किसी के पास सीटेट का 6 to 8 sst ka pdf hai kya यूथ पब्लिकेशन का सेड कर दे
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शुक्रिया भाई जान❤️😊
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gdc date aa gya  जिनका जेआरएफ नही हुआ  और जिनका पहले से नेट है वो लोग फार्म  भरे है तो जिन जान  लगा दो

एग्जाम  डेट भी आ गया

बहुत  सुनहरा मौका है सहायक अध्यापक बनने  का👍👍
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ऋग्वेद संहिता के दसवें मण्डल पुरुषसूक्त में पहली बार यह उल्लेख किया गया कि ब्राह्मण, राजन्य, वैश्य और शूद्र ये चार सामाजिक वर्ग हैं। इस सूक्त से वर्ण शब्द का कहीं प्रयोग नहीं किया गया। सामान्य तौर पर ये चार सामाजिक श्रेणियों को परिभाषित करता था। जिनकी उत्पत्ति पुरुष के एक महान यज्ञ में आहुति दिए जाने के क्रम में हुई। पुरुष का शरीर चार वर्षों में विभाजित होना, दूसरे शब्दों में यह निर्दिष्ट करता है कि सैद्धांतिक दृष्टि से एक ही संपूर्णता के ये अलग-अलग अवयव थे। इस व्यवस्था में ब्राह्मण सबसे ऊपर और शूद्र सबसे नीचे अवस्थित थे। दूसरी बात यह है कि वर्णों की उत्पत्ति, धरती, आकाश, सूर्य, चन्द्रमा जैसे प्राकृतिक तत्वों के साथ हुई, वह यह सिद्ध करने का प्रयास था कि यह एक स्वाभाविक और पारलौकिक प्रक्रिया का ही एक अंग है न कि कृत्रिम। जैसा कि ब्रायन. के. स्मिथ (1994) ने बतलाया है कि वर्ण व्यवस्था केवल सामाजिक वर्गीकरण के लिए नहीं बल्कि ईश्वर अथवा प्राकृतिक संसार के विभाजन से भी जोड़ दी गयी।

सोर्स : उपिंदर सिंह

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आर्यो का पूर्वी विस्तार :

शतपथ ब्राह्मण (1.4.1.10) में एक कथा कही गयी है जिसके अनुसार विदेघ माथव जो मूल रूप से सरस्वती के किनारे रहते थे, उन्होंने सदानीरा (गंडक) नदी को पार किया। इस क्रम में उनके पुरोहित गौतम रघुगण थे और इनकी अगवानी अग्नि वैष्वानर कर रहे थे। इतिहासकारों ने इस कथा की व्याख्या इस प्रकार की है कि यह इंडो-आर्य लोगों के पूर्ववर्ती प्रवर्जन की प्रक्रिया को दर्शाता है जिन्होंने जंगलों को काटकर पूर्वी भारत में कृषि की शुरुआत की। एक दूसरे प्रकार की व्याख्या यह भी की गयी है कि उत्तर-पश्चिमी मूल के होने के कारण विदेह के राजा को सामाजिक सम्मान की प्राप्ति के लिए और अपनी सत्ता को वैधानिकता देने के लिए इस प्रकार के संदर्भ से जोड़ा गया है, क्योंकि अग्नि और ब्राह्मण यज्ञ अनुष्ठानों के द्वारा इस क्षेत्र में उन‌को निश्चित रूप से सम्मान मिला होगा।

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The flow of thought- हिंदी

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धर्मकीर्ति विरचित
न्याय-बिंदु

बौद्ध न्याय

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लव स्टोरी- राजवंश

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