No Document No History
6.49K subscribers
24.5K photos
1.47K videos
21.8K files
10.7K links
🏛️NO DOCUMENT NO HISTORY🏛️
जहाँ इतिहास किताबों से आगे, दस्तावेज़ों से जुड़ता है।
📚 History PDFs | Notes | PYQs | Research Material
🎓 NET/JRF • SET • Assistant Professor • Competitive Exam
@RamsingRajput786 https://t.me/HistoryChatAdda
Download Telegram
Forwarded from 𝙽𝚘 𝙳𝚘𝚌𝚞𝚖𝚎𝚗𝚝 𝙽𝚘 𝙷𝚒𝚜𝚝𝚘𝚛𝚢 (श्री.रामसिंग राजपूत)
Research methodology for beginners .pdf
4.2 MB
Research methodology for beginners .pdf
❤1
Forwarded from 𝙽𝚘 𝙳𝚘𝚌𝚞𝚖𝚎𝚗𝚝 𝙽𝚘 𝙷𝚒𝚜𝚝𝚘𝚛𝚢 (श्री.रामसिंग राजपूत)
Fundamental of Research Methodology and Statistics (Eng) 1MB.pdf
1.1 MB
Fundamental of Research Methodology and Statistics (Eng) 1MB.pdf
❤1
Forwarded from 𝙽𝚘 𝙳𝚘𝚌𝚞𝚖𝚎𝚗𝚝 𝙽𝚘 𝙷𝚒𝚜𝚝𝚘𝚛𝚢 (श्री.रामसिंग राजपूत)
✅✅👍
❤2
𝙽𝚘 𝙳𝚘𝚌𝚞𝚖𝚎𝚗𝚝 𝙽𝚘 𝙷𝚒𝚜𝚝𝚘𝚛𝚢
ई श्रीधरन हिंदी में.pdf
यह सब किताब की pdf पहले मैंने भेजा था।
❤1
❤4
विदेशों में क्रांतिकारी आंदोलन (Revolutionary Movements Foriegn)
❤2
Forwarded from ITIHAS_JUNCTION (🇮🇳♖𝐃𝐞𝐬𝐡𝐛𝐡𝐚𝐤𝐭♖🇮🇳)
⭐विषय: मनसबदारी व्यवस्था में 'ज़ात' और 'सवार' का असली मतलब क्या था❔❓

🚩 NCERT 'फैक्ट' ऑफ द डे 🚩


अक्सर हम मुग़ल इतिहास पढ़ते समय 'मनसबदारी व्यवस्था' (Mansabdari System) के बारे में सुनते हैं, लेकिन क्या आपको 'ज़ात' और 'सवार' के बीच का बारीक अंतर पता है❓❔ 🤔

📖 NCERT (कक्षा 12, शासक और इतिवृत्त) के अनुसार:
अकबर ने इस व्यवस्था को व्यवस्थित किया था। इसमें दो पद होते थे:

1️⃣ ज़ात (Zat): यह एक व्यक्तिगत पद था।
इससे मनसबदार के पद (Rank) और वेतन (Salary) का निर्धारण होता था।
जिसका 'ज़ात' जितना अधिक, दरबार में उसकी प्रतिष्ठा उतनी ही बड़ी!

2️⃣ सवार (Sawar): यह सैन्य जिम्मेदारी थी।
यह बताता था कि एक मनसबदार को कितने घोड़े और घुड़सवार रखने हैं।

💡 रोचक तथ्य: 17वीं शताब्दी (शाहजहाँ/औरंगजेब के समय) तक आते-आते, मनसबदारों की संख्या इतनी बढ़ गई कि उन्हें जागीर मिलने में कई साल लग जाते थे! इसे 'जागीरदारी संकट' भी कहा जाता है।

Source:- NCERT 12th class
✍️ Join: @Itihaas_Junction
❤5👍1🔥1
🔰भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रमुख अधिवेशन -

1885 :

बम्बई में प्रथम अधिवेशन , डब्ल्यू.सी. बनर्जी की अध्यक्षता में - भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का गठन।

1886 :

कलकत्ता में दूसरा अधिवेशन , दादाभाई नौरोजी की अध्यक्षता में।

1887 :

मद्रास में तीसरा अधिवेशन , सैयद बदरुद्दीन तैयबजी की अध्यक्षता में - पहले मुस्लिम अध्यक्ष।

1888 :

इलाहाबाद में चौथा अधिवेशन , जॉर्ज यूले की अध्यक्षता में - प्रथम अंग्रेज अध्यक्ष।

1896 : कलकत्ता -

रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' गाया गया।

1901 : कलकत्ता -

कांग्रेस मंच पर गांधीजी की पहली उपस्थिति।

1905 : बनारस -

स्वदेशी आंदोलन की औपचारिक घोषणा । गोपाल कृष्ण गोखले की अध्यक्षता में आयोजित ।

1906 : कलकत्ता -

अध्यक्षता
दादाभाई नौरोजी - स्वराज, बहिष्कार, स्वदेशी और राष्ट्रीय शिक्षा पर प्रस्ताव

1907 : सूरत -

अध्यक्ष रास बिहारी घोष - नरमपंथियों और गरमपंथियों के बीच विभाजन ।

1916 : लखनऊ -

अध्यक्ष
ए.सी. मजूमदार - उदारवादियों और गरमपंथियों के बीच एकता; मुस्लिम लीग के साथ लखनऊ समझौता ।

1917 : कलकत्ता -

अध्यक्ष
एनी बेसेंट - कांग्रेस की पहली महिला अध्यक्ष।

1919 : अमृतसर -

अध्यक्षमोतीलाल नेहरू - खिलाफत आंदोलन के लिए समर्थन ।

1924 : बेलगाम -

अध्यक्ष महात्मा गांधी - गांधीजी की अध्यक्षता वाला एकमात्र अधिवेशन।

1927 : मद्रास -
अध्यक्ष डॉ. एम.ए. अंसारी - साइमन कमीशन के खिलाफ और पूर्ण स्वराज के लिए प्रस्ताव ।

1929 : लाहौर -
अध्यक्ष
जवाहरलाल नेहरू - पूर्ण स्वराज पर प्रस्ताव; सविनय अवज्ञा आंदोलन शुरू हुआ।

1931 : कराची -
अध्यक्ष
वल्लभभाई पटेल - मौलिक अधिकारों और राष्ट्रीय आर्थिक कार्यक्रम पर प्रस्ताव ।

1936 : लखनऊ -
अध्यक्ष जवाहरलाल नेहरू - समाजवादी विचारों की ओर झुकाव।

1938 : हरिपुरा -
अध्यक्ष सुभाष चंद्र बोस - राष्ट्रीय योजना समिति का गठन।

1939 : त्रिपुरी मध्यप्रदेश-
अध्यक्ष
राजेंद्र प्रसाद - बोस पुनः निर्वाचित लेकिन त्यागपत्र दे दिया; फॉरवर्ड ब्लॉक का गठन हुआ।

1940 : रामगढ़ -
अध्यक्ष अबुल कलाम आज़ाद - ....

1946 : मेरठ -
अध्यक्ष जे.बी. कृपलानी - स्वतंत्रता से पूर्व अधिवेशन।


....forwarded📤
https://t.me/+nqCH8jHzE905OGRl ✅

🔠🔠🔠❗️🔤🔤🔤
के लिए भारतीय इतिहास ➕हिस्ट्रोग्राफी (MIX) क्विज चालु है..जुड़े और क्विज एटेम्पट करे।

🔠🔠🔠🔠🔠

2️⃣ ✅📌✌👍

🔤🔤🔤🔤❗️

🔠🔠🔠🔠🔠🔠 😀

2️⃣🔠🔣🔠⭐️

8️⃣🔠🔣🔠⭐️
Please open Telegram to view this post
VIEW IN TELEGRAM
❤2
Please open Telegram to view this post
VIEW IN TELEGRAM
❤6👍3🔥1
❤3