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Forwarded from Gurukul History Education (History PYQs) (N D)
अरबिंदो ज़रूर 'माणिक' और 'काली' के छद्मनाम से लिखा करते थे."
बंदे मातरम उस समय के भारत का सबसे उग्र अख़बार था.
लक वेनेट अपनी किताब 'श्री अरबिंदो एंड द रिवोल्यूशन ऑफ़ इंडिया' में लिखते हैं, "बंदे मातरम उस समय के भारत का सबसे उग्र अख़बार था. किसी अन्य भारतीय अख़बार ने अंग्रेज़ों पर इतना ज़बरदस्त हमला नहीं बोला था. उसमें छपने वाले लेखों में लेखक का नाम नहीं दिया जाता था. अरबिंदो ज़रूर 'माणिक' और 'काली' के छद्मनाम से लिखा करते थे."
"यह अख़बार उस इलाक़े में सनसनी फैलाने में कामयाब हो गया था. अरबिंदो और उनके लेखक अंग्रेज़ों पर निजी हमले करने से बचते थे लेकिन उनका निशाना ब्रिटिश राज का कुप्रशासन और देश में ग़रीबी बढ़ाने और सूखे का सामना करने में अक्षम ब्रिटिश नीतियां रहा करती थीं."
BBC