No Document No History
जेआरएफ निकलने के बाद दहेज के लिये जाते हुए 😂 अरे जीवन में टेंशन लेने से कुछ नही होगा हँसते हुए मस्त करो जो होना था हो गया आगे के तैयारी जबरदस्त रहे
अच्छा हुवा दहेज़ मै हवाई जहाज नहीं मांगा,
नहीं तो सीधा फ्लाइट न्यूज़ीलण्ड जाकर रूकती😂 😂 😂 😂 😂
नहीं तो सीधा फ्लाइट न्यूज़ीलण्ड जाकर रूकती
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Forwarded from ऐतिहासिक तथ्य 📖✍️ (A B)
चक्रवर्ती विजय राघवाचारी भारतीय स्वतंत्रता तथा अधिकारों के लिये संघर्ष करने वाले महत्वपूर्ण नेता थे।
सन 1882 में चक्रवर्ती विजय राघवाचारी को नजरबंद कर दिया गया था। नजरबंद होने वाले वे पहले भारतीय नेता थे।
बाद चक्रवर्ती विजय राघवाचारी दादा भाई नौरोजी के सम्पर्क में आये तथा भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना के साथ ही इससे जुड़ गये।
संविधान तैयार करने वाली समिति में वे भी सदस्य बनाये गये थे।
1895 में मद्रास व्यवस्थापिका परिषद के सदस्य के रूप में उन्होंने सामाजिक सुधारों हेतु कई योजनाओं को संचालित किया।
चक्रवर्ती विजय राघवाचारी ने 1919 में कांग्रेस द्वारा मूल अधिकारों की घोषणा हेतु एक प्रस्ताव रखा गया, किंतु वह सफल न हो सका।
सन 1920 में चक्रवर्ती विजय राघवाचारी ने कांग्रेस के नागपुर अधिवेशन की अध्यक्षता की, जिसमें गांधीजी के असहयोग आंदोलन का प्रताव स्वीकार किया गया था।
चक्रवर्ती विजय राघवाचारी भारत में स्वराजी संविधान तैयार करने वाले पहले व्यक्ति थे, जिसे उन्होंने 1927 के मद्रास अधिवेशन में प्रस्तुत किया था।
1944 में चक्रवर्ती विजय राघवाचारी की मृत्यु हुई।
https://t.me/historyfact00
सन 1882 में चक्रवर्ती विजय राघवाचारी को नजरबंद कर दिया गया था। नजरबंद होने वाले वे पहले भारतीय नेता थे।
बाद चक्रवर्ती विजय राघवाचारी दादा भाई नौरोजी के सम्पर्क में आये तथा भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना के साथ ही इससे जुड़ गये।
संविधान तैयार करने वाली समिति में वे भी सदस्य बनाये गये थे।
1895 में मद्रास व्यवस्थापिका परिषद के सदस्य के रूप में उन्होंने सामाजिक सुधारों हेतु कई योजनाओं को संचालित किया।
चक्रवर्ती विजय राघवाचारी ने 1919 में कांग्रेस द्वारा मूल अधिकारों की घोषणा हेतु एक प्रस्ताव रखा गया, किंतु वह सफल न हो सका।
सन 1920 में चक्रवर्ती विजय राघवाचारी ने कांग्रेस के नागपुर अधिवेशन की अध्यक्षता की, जिसमें गांधीजी के असहयोग आंदोलन का प्रताव स्वीकार किया गया था।
चक्रवर्ती विजय राघवाचारी भारत में स्वराजी संविधान तैयार करने वाले पहले व्यक्ति थे, जिसे उन्होंने 1927 के मद्रास अधिवेशन में प्रस्तुत किया था।
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NET/JRF के लिए भारतीय इतिहास+ हिस्ट्रोग्राफी (MIX) क्विज चालु है..जुड़े और क्विज एटेम्पट करे।
Daily 2 क्विज।
Timing
2PM
8PM
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Group admin: @tikam_ambedkar (JRF-90AIR)
Forwarded from Gurukul History Education (History PYQs) (N D)
पूना समझौता के प्रावधान ठक्कर वापा ने तैयार किए
गांधी और अंबेडकर के बीच होने वाला पूना समझौता के प्रावधान ठक्कर वापा ने तैयार किए थे।
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No Document No History
क्या भगत सिंह जी, के पास रोजगार था ? जितने अधिकांश क्रांतिकारी थे उनके पास रोजगार था, ?
फिर भी अच्छा देशप्रेमी बने, दोस्त बने,
बोस जी को भी ICS का रोजगार मिला था लेकिन् छोड़ दिये, रोजगार नही था कइयो के पास फिर भी तो अच्छा बेटा बने , अच्छा भाई बने, , कई बार रोजगार ही सबकुछ नही होता ✅✅✅
अगर बोस जी रोजगार के चक्कर मे पड़े होते तो , सुभास चंद्र बोस, वो नही हो पाते जो आज् उनको हम पाते है, ।
हा इसको जरूर कहा जा सकता है कि आज की जिस हिसाब से अर्थव्यवस्था हो चुकी है एक अच्छा जीवन यापन के लिए शांति पूर्ण जीवन जीने के लिए, पैसा (रोजगार ) एक महत्व पूर्ण स्थान रखता है अन्यथा आप वो लाइफ स्टाइल नहीं पा पाएंगे जो आपने सोचा है , ये दुनिया स्वार्थ की है बल की ताकत से चलती है, जिसमें आर्थिक। पहलू महत्वपूर्ण स्थान रखता है अगर यह नहीं होगा न लोग परिवार में सम्मान देंगे , न रिश्ते में क्योंकि अपने भी अगले से रिश्ता बनाया था किसी स्वार्थ वश, और अगला भी आपसे जुड़ा था कही न कही स्वार्थ वश , तो अगर दोनों तरफ से स्वार्थ की पूर्ति नहीं होगी तो इज्जत भी नहीं होगी
लेकिन जरूरी नहीं रोजगार हो तभी सब कुछ होगा अगर आपके पास आवाज है तो आप एक व्यवस्था बदलने की क्षमता रखते है आप वो काम कर सकते है जो एक रोजगारों प्राप्त नहीं कर सकता है बात तो है बस अपने चुनाव की
बात तो है बस आपके चुनाव की
फिर भी अच्छा देशप्रेमी बने, दोस्त बने,
बोस जी को भी ICS का रोजगार मिला था लेकिन् छोड़ दिये, रोजगार नही था कइयो के पास फिर भी तो अच्छा बेटा बने , अच्छा भाई बने, , कई बार रोजगार ही सबकुछ नही होता ✅✅✅
अगर बोस जी रोजगार के चक्कर मे पड़े होते तो , सुभास चंद्र बोस, वो नही हो पाते जो आज् उनको हम पाते है, ।
हा इसको जरूर कहा जा सकता है कि आज की जिस हिसाब से अर्थव्यवस्था हो चुकी है एक अच्छा जीवन यापन के लिए शांति पूर्ण जीवन जीने के लिए, पैसा (रोजगार ) एक महत्व पूर्ण स्थान रखता है अन्यथा आप वो लाइफ स्टाइल नहीं पा पाएंगे जो आपने सोचा है , ये दुनिया स्वार्थ की है बल की ताकत से चलती है, जिसमें आर्थिक। पहलू महत्वपूर्ण स्थान रखता है अगर यह नहीं होगा न लोग परिवार में सम्मान देंगे , न रिश्ते में क्योंकि अपने भी अगले से रिश्ता बनाया था किसी स्वार्थ वश, और अगला भी आपसे जुड़ा था कही न कही स्वार्थ वश , तो अगर दोनों तरफ से स्वार्थ की पूर्ति नहीं होगी तो इज्जत भी नहीं होगी
लेकिन जरूरी नहीं रोजगार हो तभी सब कुछ होगा अगर आपके पास आवाज है तो आप एक व्यवस्था बदलने की क्षमता रखते है आप वो काम कर सकते है जो एक रोजगारों प्राप्त नहीं कर सकता है बात तो है बस अपने चुनाव की
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