Jab se story fri huyi hai jisko nhi lagane aata tha vo bhi laga rahi hai 😂😂
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Forwarded from ITIHAS_JUNCTION (♖𝐃𝐞𝐬𝐡𝐛𝐡𝐚𝐤𝐭♖)
🎯 NCERT History सार (Class 7): नए राजा और उनके राज्य
(7वीं से 12वीं शताब्दी)
📌 महत्वपूर्ण परीक्षा तथ्य (Exam Key Points):
दक्कन के राष्ट्रकूट (जो पहले चालुक्यों के सामंत थे) के प्रधान दन्तिदुर्ग ने अपने स्वामी को हराकर यह अनुष्ठान किया और खुद को क्षत्रिय राजा घोषित किया।
कन्नौज (गंगा घाटी) पर नियंत्रण के लिए तीन राजवंशों के बीच सदियों तक युद्ध चला:
1. गुर्जर-प्रतिहार
2. राष्ट्रकूट
3. पाल वंश
☉ उर (Ur): किसानों की बस्तियाँ।
☉ नाडु (Nadu): गाँवों का समूह (न्याय और कर वसूलने का काम करते थे)।
☉ नगरम्: व्यापारियों के संघ का नाम।
☉ तंजौर और गंगईकोंडचोलपुरम: राजराज और राजेंद्र प्रथम द्वारा बनवाए गए विशाल मंदिर।
☉ वेल्लनवगाई: गैर-ब्राह्मण किसान स्वामी की भूमि।
☉ ब्रह्मदेय: ब्राह्मणों को उपहार में दी गई भूमि।
☉ शालभोग: किसी विद्यालय के रखरखाव के लिए भूमि।
☉ देवदान/तिरुन्मट्टक्कनी: मंदिरों को उपहार में दी गई भूमि।
इसने भारत पर 17 बार आक्रमण किए। मुख्य निशाना संपन्न मंदिर थे (जैसे: गुजरात का सोमनाथ)। इसके साथ आए विद्वान अल-बरूनी ने 'किताब-अल-हिंद' लिखी।
चाहमान (चौहान) वंश का सबसे प्रसिद्ध शासक।
☉1191: तराइन के पहले युद्ध में मुहम्मद गौरी को हराया।
☉ 1192: तराइन के दूसरे युद्ध में गौरी से हार गए।
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(7वीं से 12वीं शताब्दी)
📌 महत्वपूर्ण परीक्षा तथ्य (Exam Key Points):
🔹 1. हिरण्यगर्भ (सोने का गर्भ):
दक्कन के राष्ट्रकूट (जो पहले चालुक्यों के सामंत थे) के प्रधान दन्तिदुर्ग ने अपने स्वामी को हराकर यह अनुष्ठान किया और खुद को क्षत्रिय राजा घोषित किया।
🔹 2. त्रिपक्षीय संघर्ष (Tripartite Struggle):
कन्नौज (गंगा घाटी) पर नियंत्रण के लिए तीन राजवंशों के बीच सदियों तक युद्ध चला:
1. गुर्जर-प्रतिहार
2. राष्ट्रकूट
3. पाल वंश
🔹 3. चोल साम्राज्य और प्रशासन:
☉ उर (Ur): किसानों की बस्तियाँ।
☉ नाडु (Nadu): गाँवों का समूह (न्याय और कर वसूलने का काम करते थे)।
☉ नगरम्: व्यापारियों के संघ का नाम।
☉ तंजौर और गंगईकोंडचोलपुरम: राजराज और राजेंद्र प्रथम द्वारा बनवाए गए विशाल मंदिर।
🔹 4. भूमि के प्रकार (चोल अभिलेखों के अनुसार):
☉ वेल्लनवगाई: गैर-ब्राह्मण किसान स्वामी की भूमि।
☉ ब्रह्मदेय: ब्राह्मणों को उपहार में दी गई भूमि।
☉ शालभोग: किसी विद्यालय के रखरखाव के लिए भूमि।
☉ देवदान/तिरुन्मट्टक्कनी: मंदिरों को उपहार में दी गई भूमि।
🔹 5. महमूद गज़नवी (अफगानिस्तान):
इसने भारत पर 17 बार आक्रमण किए। मुख्य निशाना संपन्न मंदिर थे (जैसे: गुजरात का सोमनाथ)। इसके साथ आए विद्वान अल-बरूनी ने 'किताब-अल-हिंद' लिखी।
🔹 6. पृथ्वीराज तृतीय (1168-1192):
चाहमान (चौहान) वंश का सबसे प्रसिद्ध शासक।
☉1191: तराइन के पहले युद्ध में मुहम्मद गौरी को हराया।
☉ 1192: तराइन के दूसरे युद्ध में गौरी से हार गए।
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Forwarded from ऐतिहासिक तथ्य 📖✍️ (A B)
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस 1899 📖✍️
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Forwarded from Study Hindustan
🌿🌿🌿🌿🌿 जहाँ आरा🌿🌿🌿🌿🌿
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जन्म: 2 अप्रैल 1614, अजमेर ।
माता-पिता : पिता सम्राट शाहजहां, माता मुमताज महल ।
पदवी : पादशाह बेगम, 'राजकुमारी की महारानी '
निर्मित कार्य : दिल्ली में चांदनी चौक का डिजाइन और चांदनी चौक के बीच में एक सराय / बगीचा का निर्माण ।
साहित्यिक कार्य : मोइनुद्दीन चिश्ती की जीवनी " मूनिस - उल -अरवाह ' और मुल्ला शाह बदख्शी की जीवनी ' रिसाला - ए -साहिबिया ' लिखी।
निधन : 1681 ई. में निधन हुआ और निजामुद्दीन औलिया की दरगाह के पास दफनाया गया।
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जन्म: 2 अप्रैल 1614, अजमेर ।
माता-पिता : पिता सम्राट शाहजहां, माता मुमताज महल ।
पदवी : पादशाह बेगम, 'राजकुमारी की महारानी '
निर्मित कार्य : दिल्ली में चांदनी चौक का डिजाइन और चांदनी चौक के बीच में एक सराय / बगीचा का निर्माण ।
साहित्यिक कार्य : मोइनुद्दीन चिश्ती की जीवनी " मूनिस - उल -अरवाह ' और मुल्ला शाह बदख्शी की जीवनी ' रिसाला - ए -साहिबिया ' लिखी।
निधन : 1681 ई. में निधन हुआ और निजामुद्दीन औलिया की दरगाह के पास दफनाया गया।
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Forwarded from ऐतिहासिक तथ्य 📖✍️ (Roshni Pareek)
‘ड्रीमलैंड’ कविता
गदर क्रांतिकारी बाबा रामसिंह तलवाड़ द्वारा सितंबर–अक्टूबर 1926 में जेल जीवन के दौरान लिखी गई कविता है।
• बाबा रामसिंह तलवाड़ 1914–15 के गदर आंदोलन में सक्रिय रहे
• पहले अंडमान (काला पानी) भेजे गए
• बाद में 1921 में मद्रास जेल स्थानांतरित किए गए
इस कविता की भूमिका भगत सिंह ने 15 जनवरी 1931 को अपनी काल कोठरी में लिखी। 📝📒
https://t.me/historyfact00
गदर क्रांतिकारी बाबा रामसिंह तलवाड़ द्वारा सितंबर–अक्टूबर 1926 में जेल जीवन के दौरान लिखी गई कविता है।
• बाबा रामसिंह तलवाड़ 1914–15 के गदर आंदोलन में सक्रिय रहे
• पहले अंडमान (काला पानी) भेजे गए
• बाद में 1921 में मद्रास जेल स्थानांतरित किए गए
इस कविता की भूमिका भगत सिंह ने 15 जनवरी 1931 को अपनी काल कोठरी में लिखी। 📝📒
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NET/JRF के लिए भारतीय इतिहास+ हिस्ट्रोग्राफी (MIX) क्विज चालु है..जुड़े और क्विज एटेम्पट करे।
Daily 2 क्विज।
Timing
2PM
8PM
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Chhatrapati shivaji maharaj
Forwarded from ऐतिहासिक तथ्य 📖✍️ (A B)
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ऐतिहासिक तथ्य 📖✍️
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इतिहास के परिप्रेक्ष्य में मैला आँचल का महत्व–
1. स्वतंत्रता के बाद के भारत का सामाजिक इतिहास
यह उपन्यास 1947 के बाद के भारत को दिखाता है, जब देश आज़ाद तो हो गया था लेकिन
गाँवों में गरीबी,
अंधविश्वास,
बीमारियाँ,
जातिवाद
अब भी मौजूद थे।
यह हमें बताता है कि राजनीतिक आज़ादी और सामाजिक आज़ादी में कितना अंतर था।
2. ग्रामीण बिहार का जीवंत ऐतिहासिक दस्तावेज
उपन्यास का क्षेत्र उत्तर बिहार (पूर्णिया ज़िला का ‘मेरीगंज’ गाँव) है।
इतिहासकारों के लिए यह रचना:
गाँव की आर्थिक स्थिति
कृषि व्यवस्था
ग्रामीण सत्ता संरचना
स्थानीय राजनीति
का एक सामाजिक इतिहास (Social History) प्रस्तुत करती है।
3. कांग्रेस, समाजवाद और कम्युनिस्ट राजनीति का चित्रण
उपन्यास में:
कांग्रेस कार्यकर्ता
समाजवादी नेता
कम्युनिस्ट प्रभाव
तीनों के बीच संघर्ष दिखाया गया है।
यह स्वतंत्रता के बाद के भारत में ग्रामीण राजनीति के विकास को समझने में मदद करता है।
4. स्वास्थ्य और विकास योजनाओं का ऐतिहासिक संदर्भ
डॉ. प्रशांत के माध्यम से:
सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं
गाँवों में मलेरिया, हैजा, टीबी
सरकारी तंत्र की असफलता
का चित्रण है।
यह उस समय की राज्य की विकास नीति का आलोचनात्मक इतिहास है।
5. सबाल्टर्न (Subaltern) दृष्टिकोण से महत्व
रेणु ने इतिहास को:
राजा-महाराजा या नेता नहीं,
बल्कि सामान्य किसान, स्त्री, दलित, पिछड़े वर्ग
की दृष्टि से दिखाया है।
इसलिए इसे सबाल्टर्न इतिहास लेखन से भी जोड़ा जाता है।
6. आंचलिक भाषा = सांस्कृतिक इतिहास
स्थानीय बोली, लोकगीत, परंपराएँ
सांस्कृतिक इतिहास को समझने का मजबूत स्रोत।
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1. स्वतंत्रता के बाद के भारत का सामाजिक इतिहास
यह उपन्यास 1947 के बाद के भारत को दिखाता है, जब देश आज़ाद तो हो गया था लेकिन
गाँवों में गरीबी,
अंधविश्वास,
बीमारियाँ,
जातिवाद
अब भी मौजूद थे।
यह हमें बताता है कि राजनीतिक आज़ादी और सामाजिक आज़ादी में कितना अंतर था।
2. ग्रामीण बिहार का जीवंत ऐतिहासिक दस्तावेज
उपन्यास का क्षेत्र उत्तर बिहार (पूर्णिया ज़िला का ‘मेरीगंज’ गाँव) है।
इतिहासकारों के लिए यह रचना:
गाँव की आर्थिक स्थिति
कृषि व्यवस्था
ग्रामीण सत्ता संरचना
स्थानीय राजनीति
का एक सामाजिक इतिहास (Social History) प्रस्तुत करती है।
3. कांग्रेस, समाजवाद और कम्युनिस्ट राजनीति का चित्रण
उपन्यास में:
कांग्रेस कार्यकर्ता
समाजवादी नेता
कम्युनिस्ट प्रभाव
तीनों के बीच संघर्ष दिखाया गया है।
यह स्वतंत्रता के बाद के भारत में ग्रामीण राजनीति के विकास को समझने में मदद करता है।
4. स्वास्थ्य और विकास योजनाओं का ऐतिहासिक संदर्भ
डॉ. प्रशांत के माध्यम से:
सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं
गाँवों में मलेरिया, हैजा, टीबी
सरकारी तंत्र की असफलता
का चित्रण है।
यह उस समय की राज्य की विकास नीति का आलोचनात्मक इतिहास है।
5. सबाल्टर्न (Subaltern) दृष्टिकोण से महत्व
रेणु ने इतिहास को:
राजा-महाराजा या नेता नहीं,
बल्कि सामान्य किसान, स्त्री, दलित, पिछड़े वर्ग
की दृष्टि से दिखाया है।
इसलिए इसे सबाल्टर्न इतिहास लेखन से भी जोड़ा जाता है।
6. आंचलिक भाषा = सांस्कृतिक इतिहास
स्थानीय बोली, लोकगीत, परंपराएँ
सांस्कृतिक इतिहास को समझने का मजबूत स्रोत।
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