No Document No History
6.51K subscribers
24.6K photos
1.47K videos
21.8K files
10.8K links
🏛️NO DOCUMENT NO HISTORY🏛️
जहाँ इतिहास किताबों से आगे, दस्तावेज़ों से जुड़ता है।
📚 History PDFs | Notes | PYQs | Research Material
🎓 NET/JRF • SET • Assistant Professor • Competitive Exam
@RamsingRajput786 https://t.me/HistoryChatAdda
Download Telegram
No Document No History pinned «असिस्टेंट प्रोफेसर 2026 📚 आवेदन में त्रुटि में सुधार प्रारंभ ✍️ https://apply.upessc.org/ अंतिम तिथि - 11 अक्टूबर 📅»
Dear Prime Minister Ambnai


स्टारलिंक की भारत में एंट्री को लेकर जारी विवाद के बीच एलन मस्क ने मुकेश अंबानी को 'प्रधानमंत्री अंबानी' कहकर संबोधित करते हुए उनसे माफी मांगी और उन्हें भारत का 'असली बॉस' बताया है।

मस्क ने कहा, "आप एकाधिकार के ज़रिए भारतीयों का शोषण जारी रखना चाहेंगे लेकिन फिर भी...क्या आप स्टारलिंक को प्रतिस्पर्धा की अनुमति देने पर विचार करेंगे?"
❤5
Forwarded from ऐतिहासिक तथ्य 📖✍️ (Roshni Pareek)
📚 ईश्वर चंद्र विद्यासागर की प्रमुख पुस्तकें, प्रकाशन-वर्ष एवं विषय—


शैक्षिक एवं भाषाई पुस्तकें

1. बोधोदय (Bodhoday) — 1851 — प्रारंभिक ज्ञान एवं शिक्षाप्रद पाठ्यपुस्तक।
2. संस्कृत व्याकरण की उपक्रमणिका — 1851 — संस्कृत व्याकरण की प्रारंभिक शिक्षा।
3. ऋजुपाठ (भाग 1–3) — 1851, 1852, 1853 — संस्कृत भाषा एवं व्याकरण का शिक्षण।
4. व्याकरण कौमुदी (भाग 1–4) — 1853–1862 — संस्कृत व्याकरण।
5. वर्णपरिचय (भाग 1–2) — 1855 — बंगाली वर्णमाला एवं प्रारंभिक भाषा-शिक्षा।
6. कथामाला — 1856 — शिक्षाप्रद कहानियाँ एवं भाषा-शिक्षा।
7. पाठमाला — 1859 — भाषा-शिक्षा की पाठ्यपुस्तक।
8. शब्दमंजरी — 1864 — बंगाली शब्दकोश।

अनुवाद एवं साहित्यिक रचनाएँ

1. बेताल पंचविंशति — 1847 — बेताल पच्चीसी पर आधारित बंगाली रूपांतरण।
2. बांग्लार इतिहास — 1848 — मार्शमैन की History of Bengal का बंगाली अनुवाद।
3. जीवनचरित — 1849 — महान व्यक्तियों के जीवन-चरित्र।
4. शकुंतला — 1854 — कालिदास के अभिज्ञानशाकुंतलम् का बंगाली रूपांतरण।
5. चरितावली — 1856 — महान व्यक्तियों के जीवन-चरित्र।
6. महाभारत: उपक्रमणिका — 1860 — महाभारत का बंगाली अनुवाद।

7. सीतार वनवास — 1860 — संस्कृत साहित्य की रामकथा पर आधारित बंगाली रूपांतरण।(भवभूति के उत्तररामचरित की कथा पर आधारित बंगाली रचन)

8. आख्यान मंजरी — 1863 — कथात्मक एवं शिक्षाप्रद साहित्य।
9. भ्रांतिविलास — 1869 — शेक्सपियर के The Comedy of Errors पर आधारित बंगाली रूपांतरण।
10. वामनाख्यान — 1873 — पौराणिक आख्यान।

समाज सुधार संबंधी रचनाएँ

1. विधवा विवाह प्रचलित होना उचित है या नहीं — इस विषयक प्रस्ताव — 1855 — विधवा पुनर्विवाह के समर्थन में।
2. बहुविवाह रहित होना उचित है या नहीं — इस विषयक विचार — भाग 1: 1871; भाग 2: 1873 — बहुविवाह का विरोध।
3. अति अल्प होइलो — 1873 — सामाजिक सुधार एवं समकालीन विवादों पर व्यंग्यात्मक लेखन।
4. आबार अति अल्प होइलो — 1873 — सामाजिक सुधार संबंधी आलोचनात्मक लेखन।


स्रोत: Partha Chattopadhyay, “Preparation of a Bibliography on and by Pandit Iswar Chandra Vidyasagar: An Informetric Analysis,” Heritage Journal, Bethune College, Vol. VII (2020).


https://t.me/historyfact00
❤2👏1
लखनऊ में कांग्रेस के दो प्रमुख अधिवेशन–

1. लखनऊ अधिवेशन, 1916
अध्यक्ष: अंबिका चरण मजूमदार।
अधिवेशन संख्या: 31वाँ।
नरमपंथियों एवं गरमपंथियों में पुनर्मिलन हुआ। 1907 के सूरत विभाजन के बाद यह महत्त्वपूर्ण एकता थी।

लखनऊ समझौता (1916): कांग्रेस और मुस्लिम लीग के बीच समझौता हुआ।
कांग्रेस ने मुस्लिमों के लिए पृथक निर्वाचक मंडल की व्यवस्था स्वीकार की।
महत्त्व: हिंदू-मुस्लिम राजनीतिक सहयोग तथा स्वशासन की माँग को बल मिला।

2. लखनऊ अधिवेशन, 1936
अध्यक्ष: जवाहरलाल नेहरू।
अधिवेशन संख्या: 49वाँ।

समाजवादी विचारों पर जोर: नेहरू ने गरीबी, बेरोजगारी और आर्थिक असमानता जैसे प्रश्नों को राष्ट्रीय आंदोलन से जोड़ने पर बल दिया।

कृषि कार्यक्रम: किसानों की गरीबी, कर्ज और भूमि-राजस्व व्यवस्था की समस्याओं पर ध्यान दिया गया।

भारत शासन अधिनियम, 1935 का विरोध किया गया, लेकिन कांग्रेस ने प्रांतीय चुनाव लड़ने का निर्णय लिया।

नागरिक स्वतंत्रता: सुभाषचंद्र बोस की गिरफ्तारी और नागरिक स्वतंत्रताओं के दमन की निंदा की गई।

महत्त्व: राष्ट्रीय आंदोलन में किसान प्रश्न और आर्थिक-सामाजिक समस्याओं को अधिक महत्त्व मिला।
https://t.me/historyfact00
🤷‍♂2❤1👏1
This media is not supported in your browser
VIEW IN TELEGRAM
🇮🇳मेहनत करते रहो क्योंकि जीत कभी भी हो सकती है हारी बड़ी भी जीती जा सकती है❤️🇮🇳
❤5
Forwarded from Gurukul History Education (History PYQs) (Narvada Dubey)
आर्य तुम योग्य हो पृथ्वी का पालन करो.




प्रयाग प्रशस्ति के अनुसार चंद्रगुप्त ने सभा के समक्ष समुद्रगुप्त को गले लगा कर कहा कि आर्य तुम योग्य हो पृथ्वी का पालन करो.
❤2
Forwarded from Gurukul History Education (History PYQs) (Narvada Dubey)
समुद्रगुप्त की ग्रहणमोक्षानुग्रह की नीति: धर्मविजय


समुद्रगुप्त द्वारा दक्षिण भारत के राज्यों के लिए ग्रहणमोक्षानुग्रह की नीति अपनाई इस प्रकार की नीति को कालिदास और राय चौधरी ने धर्मविजय कहा है।
❤1
Media is too big
VIEW IN TELEGRAM
शायद आज का दिन अच्छा नहीं गुज़रा, शायद मन फिर उन्हीं सवालों में उलझा है— इतनी मेहनत, इतनी पढ़ाई, क्या सब सफल होगा? और इन्हीं ख़यालों में आज जीवन थोड़ा धुँधला-सा लगा है।

मगर शायद श्रीकृष्ण भी यही सिखाना चाहते हैं, कि अभी हारना नहीं है, अभी कुछ रास्ते बाकी हैं। थोड़ी मेहनत और, थोड़ा संघर्ष और सही, क्या पता, ज़िंदगी में कुछ ख़ूबसूरत पल अभी बाकी हैं।

बस कुछ पल और हिम्मत रखो, कुछ पल और ख़ुद पर विश्वास करो। क्या पता, जिस ज़िंदगी के लिए आज संघर्ष कर रहे हो, कल उसी ज़िंदगी को जीकर मुस्कुराओ। ❤️🌻

https://t.me/historyfact00
🥰3❤2🤗2🤔1
Forwarded from आदित्य राय
राजकीय की Next LT ग्रेड शिक्षक भर्ती में TET अनिवार्य होगा

स्नातक में 50% या PG में 45% के साथ B.Ed अनिवार्य , अगली भर्ती में UPTET/CTET लागू हो
👍3❤1
👍3💘1
❤2
Forwarded from No Document No History (नागराज🐍)
असिस्टेंट प्रोफेसर 2026 📚
आवेदन में त्रुटि में सुधार प्रारंभ ✍️
https://apply.upessc.org/
अंतिम तिथि - 11 अक्टूबर 📅
❤3
Forwarded from Scholars HISTORY Academy
आदरणीय रवि कुलरिया सर जी क बहूत बहूत आभार, अपन इ पुस्तक को उपहार स्वरूप मुझ से भेंट करन के लिये,,,,,, 🙏🙏🌸

एक विद्यार्थी के जीवन में किताबों से सुंदर और अनमोल कोई उपहार नही हो सकत है 😊,,
❤11
Forwarded from PDF WALLAH
❤2