39883 पेज वाली किताब की pdf आ रही है ...😂 😂
सभी सावधान हो जाए😂 😂 😂
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सभी सावधान हो जाए
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🤣6😱3😁1
Forwarded from No Document No History (♥️ श्री.रामसिंग राजपूत ⛳ ♥️)
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No Document No History
Complete Collection of Osho Books - 39,883 Pages - .pdf
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https://youtu.be/Xb6OfQcEXlA?si=6KoHeXF_NfWbSbxf
Book review के लिए आप सभी यह वीडियो देख लो मित्रों...💐 🍀 🦋
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Book Review || मध्यकालीन भारत (2nd Edition) || रवि कुलरिया || Review by Dr. Chandu Jain
Book Review || मध्यकालीन भारत (2nd Edition) || रवि कुलरिया || Review by Dr. Chandu Jain
───⊱❉✸❉⊰ ─── 𝐑𝐏𝐒𝐂 𝟏𝐬𝐭 𝐆𝐫𝐚𝐝𝐞 𝐇𝐢𝐬𝐭𝐨𝐫𝐲 | 𝐔𝐆𝐂 𝐍𝐄𝐓 𝐇𝐢𝐬𝐭𝐨𝐫𝐲 ───⊱❉✸❉⊰ ───
नमस्कार विद्यार्थियों 🙏
Chandu Sir ki Class में आपका हार्दिक स्वागत है — यह चैनल History (इतिहास)…
───⊱❉✸❉⊰ ─── 𝐑𝐏𝐒𝐂 𝟏𝐬𝐭 𝐆𝐫𝐚𝐝𝐞 𝐇𝐢𝐬𝐭𝐨𝐫𝐲 | 𝐔𝐆𝐂 𝐍𝐄𝐓 𝐇𝐢𝐬𝐭𝐨𝐫𝐲 ───⊱❉✸❉⊰ ───
नमस्कार विद्यार्थियों 🙏
Chandu Sir ki Class में आपका हार्दिक स्वागत है — यह चैनल History (इतिहास)…
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Forwarded from Gurukul History Education (History PYQs) (Narvada Dubey)
मिहिर भोज की जानकारी के स्रोत:
ग्वालियर प्रशस्ति
राजतरंगिणी
सिलसिलात उत तारीख (अरबी यात्री सुलेमान की पुस्तक )।
Important-
सुलेमान पहला अरबी था जिसने भारत पर लेखन किया।
Forwarded from Gurukul History Education (History PYQs) (Narvada Dubey)
विलियम फिंच
विलियम फिंच ने अयोध्या और अनारकली का विवरण दिया है।
Forwarded from Gurukul History Education (History PYQs) (Narvada Dubey)
विशप हैदर रिपोर्ट 1824- 25 :
इसका संबंध अवध राज्य से था
रिपोर्ट के मुख्य बिंदु
अवध के शासक को विद्वान व्यक्ति बताया गया ।
कृषि एवं उद्योग विकसित अवस्था में हैं ।
अत्याचारों की खबरों का खंडन किया गया।
Forwarded from ऐतिहासिक तथ्य 📖✍️ (Roshni Pareek)
“मैं तुम्हें बस यही सलाह दे सकता हूँ कि जब यह संसार तुम्हारी प्रतिभा के योग्य न रहे, तो इससे विरक्त हो जाना। अपने भीतर की उस विलक्षण प्रतिभा और सूक्ष्मता को सँभालकर रखना, जो तुम्हारे अस्तित्व का हिस्सा है।”🤍
📚किताब का असल असर शायद यही है कि उसे पढ़ने के बाद भी हम बार-बार उसके कुछ पन्नों पर लौटते हैं।
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Forwarded from ऐतिहासिक तथ्य 📖✍️ (Roshni Pareek)
📜 गांधी का पहला सार्वजनिक लेखन: The Vegetarian में भारतीय भोजन—
लंदन में कानून की पढ़ाई के दौरान मोहनदास करमचंद गांधी का शुरुआती सार्वजनिक लेखन राजनीति से नहीं, बल्कि शाकाहार और भारतीय भोजन-संस्कृति से जुड़ा था।
🔹 गांधी लंदन में Vegetarian Society से जुड़े और उसके सदस्यों के साथ सक्रिय रहे। गांधी हेरिटेज पोर्टल पर 1890 में London Vegetarian Society के सदस्यों के साथ उनकी तस्वीर भी दर्ज है।
📰 The Vegetarian में लेखन
गांधी ने The Vegetarian पत्रिका में “Indian Vegetarians” शीर्षक से लेखों की श्रृंखला लिखी। इसके छह भाग 7 फरवरी से 14 मार्च 1891 के बीच प्रकाशित हुए।
📌 “The Foods of India” — गांधी का यह paper 2 मई 1891 को London Vegetarian Society की बैठक में प्रस्तुत किया गया था और The Vegetarian ने इसे 6 मई 1891 को रिपोर्ट किया। गांधी हेरिटेज पोर्टल पर इसका मूल पाठ CWMG, Vol. 1 में उपलब्ध है।
The Foods of India — M.K. Gandhi
➡️ Presented/Read: 6 May 1891, Portsmouth
➡️ Published: June 1891, The Vegetarian Messenger
➡️ CWMG date: 1 June 1891
https://t.me/historyfact00
लंदन में कानून की पढ़ाई के दौरान मोहनदास करमचंद गांधी का शुरुआती सार्वजनिक लेखन राजनीति से नहीं, बल्कि शाकाहार और भारतीय भोजन-संस्कृति से जुड़ा था।
🔹 गांधी लंदन में Vegetarian Society से जुड़े और उसके सदस्यों के साथ सक्रिय रहे। गांधी हेरिटेज पोर्टल पर 1890 में London Vegetarian Society के सदस्यों के साथ उनकी तस्वीर भी दर्ज है।
📰 The Vegetarian में लेखन
गांधी ने The Vegetarian पत्रिका में “Indian Vegetarians” शीर्षक से लेखों की श्रृंखला लिखी। इसके छह भाग 7 फरवरी से 14 मार्च 1891 के बीच प्रकाशित हुए।
📌 “The Foods of India” — गांधी का यह paper 2 मई 1891 को London Vegetarian Society की बैठक में प्रस्तुत किया गया था और The Vegetarian ने इसे 6 मई 1891 को रिपोर्ट किया। गांधी हेरिटेज पोर्टल पर इसका मूल पाठ CWMG, Vol. 1 में उपलब्ध है।
The Foods of India — M.K. Gandhi
➡️ Presented/Read: 6 May 1891, Portsmouth
➡️ Published: June 1891, The Vegetarian Messenger
➡️ CWMG date: 1 June 1891
https://t.me/historyfact00
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साहब के रास्ते में एक आदमी
खड़ा हो जाए तो सुरक्षा में चूक
किसी लड़की के रास्ते में रोज एक आदमी खड़ा हो
तो थोड़ा रास्ता बदल लीजिए...
साहब की कुर्सी बचानी हो तो पुलिस हर जगह है
किसी की बेटी बचानी हो तो पहले बताए
हमारे थाने का इलाका है क्या...??
गुंडो से कहने की हिम्मत नहीं है
अपराध बंद करो
लड़कियों को समझाना आसान है
बाहर निकलना बंद करो,,,,
वाह ! क्या सुरक्षा व्यवस्था है
जनता सड़क पर उतरे तो पूरा काफिला
पहुंच जाता है
लड़की कहे,,,,कोई मेरा पीछा कर रहा है
तो जवाब मिलता है,कुछ हुआ तो नहीं है ना...??
क्या करवाई के लिए उसका मरना जरूरी है...??
जनता की आवाज दबाने के लिए ताकत भी है,,,,, वक्त भी है,, पूरी तैयारी भी है
जनता को बचाने के लिए यह सब कहां चले जाते हैं....??
वर्दी जनता के पैसों से,,,, तनख्वाह जनता के पैसों से
तो फिर जनता सुरक्षा मांगे तो एहसान मांग रही है क्या....??
अपराधी के सामने कानून मजबूर हो जाता है
सवाल पूछती जनता के सामने कानून इतना बहादुर कैसे हो जाता है...??
प्रजातंत्र है प्रजा के लिए ताकत दिखाइए
सिर्फ साहब के लिए खड़ा तंत्र
जनता से सम्मान किस बात का मांगता है...??
यह कोई शायरी नहीं है
यह आज के लोकतंत्र की सच्चाई है...!!
Dr Abhishek research scholar from azamgarh university
खड़ा हो जाए तो सुरक्षा में चूक
किसी लड़की के रास्ते में रोज एक आदमी खड़ा हो
तो थोड़ा रास्ता बदल लीजिए...
साहब की कुर्सी बचानी हो तो पुलिस हर जगह है
किसी की बेटी बचानी हो तो पहले बताए
हमारे थाने का इलाका है क्या...??
गुंडो से कहने की हिम्मत नहीं है
अपराध बंद करो
लड़कियों को समझाना आसान है
बाहर निकलना बंद करो,,,,
वाह ! क्या सुरक्षा व्यवस्था है
जनता सड़क पर उतरे तो पूरा काफिला
पहुंच जाता है
लड़की कहे,,,,कोई मेरा पीछा कर रहा है
तो जवाब मिलता है,कुछ हुआ तो नहीं है ना...??
क्या करवाई के लिए उसका मरना जरूरी है...??
जनता की आवाज दबाने के लिए ताकत भी है,,,,, वक्त भी है,, पूरी तैयारी भी है
जनता को बचाने के लिए यह सब कहां चले जाते हैं....??
वर्दी जनता के पैसों से,,,, तनख्वाह जनता के पैसों से
तो फिर जनता सुरक्षा मांगे तो एहसान मांग रही है क्या....??
अपराधी के सामने कानून मजबूर हो जाता है
सवाल पूछती जनता के सामने कानून इतना बहादुर कैसे हो जाता है...??
प्रजातंत्र है प्रजा के लिए ताकत दिखाइए
सिर्फ साहब के लिए खड़ा तंत्र
जनता से सम्मान किस बात का मांगता है...??
यह कोई शायरी नहीं है
यह आज के लोकतंत्र की सच्चाई है...!!
Dr Abhishek research scholar from azamgarh university
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