Forwarded from Achrya
UGC NET AGP JRF BY No Document No History.pdf
7.6 MB
2009 से 2015 तक का pdf है agp पब्लिकेशन
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https://t.me/Ramsing2023
जिसको आगे की pdf चाहिए dil जरूर भेजे ❤️✅💓
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Forwarded from ऐतिहासिक तथ्य 📖✍️ (A B)
मुहम्मद अली जिन्ना :
1904—कांग्रेस के बंबई अधिवेशन में भाग लिया
1906—कलकत्ता अधिवेशन में दादाभाई नौरोजी के सचिव के रूप में कार्य किया
1909—बंबई विधान परिषद के सदस्य निर्वाचित हुए
1910—इम्पीरियल लेजिस्लेटिव काउंसिल के सदस्य बने
1913—मुस्लिम लीग में शामिल हुए
1916—लखनऊ समझौते में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई
1919—रॉलेट एक्ट के विरोध में इम्पीरियल लेजिस्लेटिव काउंसिल से इस्तीफा दिया
1920—कांग्रेस से अलग हुए
1928—नेहरू रिपोर्ट का विरोध किया
1929—नेहरू रिपोर्ट के जवाब में जिन्ना के 14 सूत्र प्रस्तुत किए
1934—भारत लौटकर मुस्लिम लीग के पुनर्गठन में सक्रिय हुए
23 मार्च 1940—लाहौर प्रस्ताव पारित हुआ; जिन्ना ने अधिवेशन की अध्यक्षता की और फ़ज़लुल हक ने प्रस्ताव पेश किया।
1941—दिल्ली से अंग्रेज़ी साप्ताहिक Dawn का प्रकाशन शुरू हुआ, 1942 में दैनिक बना
1944—गांधी-जिन्ना वार्ता हुई।
1946—चुनावों में मुस्लिम लीग का नेतृत्व किया और मुस्लिम निर्वाचन क्षेत्रों में सफलता प्राप्त की।
1946—प्रत्यक्ष कार्रवाई दिवस के बाद कलकत्ता में सांप्रदायिक हिंसा हुई।
15 अगस्त 1947—पाकिस्तान के प्रथम गवर्नर-जनरल बने।
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1904—कांग्रेस के बंबई अधिवेशन में भाग लिया
1906—कलकत्ता अधिवेशन में दादाभाई नौरोजी के सचिव के रूप में कार्य किया
1909—बंबई विधान परिषद के सदस्य निर्वाचित हुए
1910—इम्पीरियल लेजिस्लेटिव काउंसिल के सदस्य बने
1913—मुस्लिम लीग में शामिल हुए
1916—लखनऊ समझौते में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई
1919—रॉलेट एक्ट के विरोध में इम्पीरियल लेजिस्लेटिव काउंसिल से इस्तीफा दिया
1920—कांग्रेस से अलग हुए
1928—नेहरू रिपोर्ट का विरोध किया
1929—नेहरू रिपोर्ट के जवाब में जिन्ना के 14 सूत्र प्रस्तुत किए
1934—भारत लौटकर मुस्लिम लीग के पुनर्गठन में सक्रिय हुए
23 मार्च 1940—लाहौर प्रस्ताव पारित हुआ; जिन्ना ने अधिवेशन की अध्यक्षता की और फ़ज़लुल हक ने प्रस्ताव पेश किया।
1941—दिल्ली से अंग्रेज़ी साप्ताहिक Dawn का प्रकाशन शुरू हुआ, 1942 में दैनिक बना
1944—गांधी-जिन्ना वार्ता हुई।
1946—चुनावों में मुस्लिम लीग का नेतृत्व किया और मुस्लिम निर्वाचन क्षेत्रों में सफलता प्राप्त की।
1946—प्रत्यक्ष कार्रवाई दिवस के बाद कलकत्ता में सांप्रदायिक हिंसा हुई।
15 अगस्त 1947—पाकिस्तान के प्रथम गवर्नर-जनरल बने।
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Forwarded from ऐतिहासिक तथ्य 📖✍️ (A B)
जिन्ना – सिकंदर पैक्ट 1937 लखनऊ 📖✍️
दो बार यह प्रश्न अलग अलग प्रकार से पूछ लिया गया है । अब आने वाले समय में परीक्षा में 1937 के प्रांतीय चुनाव से जुड़े कैसे प्रश्न बनेंगे इसका उत्तर भविष्य में ही मिलेगा, अभी के लिए इसको पढ़ सकते है आप 😅📖✍️
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दो बार यह प्रश्न अलग अलग प्रकार से पूछ लिया गया है । अब आने वाले समय में परीक्षा में 1937 के प्रांतीय चुनाव से जुड़े कैसे प्रश्न बनेंगे इसका उत्तर भविष्य में ही मिलेगा, अभी के लिए इसको पढ़ सकते है आप 😅📖✍️
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Forwarded from ऐतिहासिक तथ्य 📖✍️ (A B)
Leo Tolstoy रूस के महान साहित्यकार दार्शनिक और सामाजिक चिंतक थे उनकी रचनाएँ War and Peace तथा Anna Karenina विश्व साहित्य की महान कृतियों में गिनी जाती हैं
गांधीजी ने टॉल्स्टॉय की पुस्तक The Kingdom of God Is Within You पढ़ी गांधीजी अपनी आत्मकथा में लिखा है कि इस पुस्तक ने उन्हें अत्यंत गहराई से प्रभावित किया और उनके विचारों में बड़ा परिवर्तन किया उन्होंने कहा कि यह पुस्तक उन पर स्थायी प्रभाव छोड़ गई
गांधीजी ने यह पुस्तक अफ्रीका में रहते हुए 1890 के दशक के मध्य में पढ़ी थी अपनी आत्मकथा में उन्होंने लिखा है कि उस समय वे हिंसा के प्रति कुछ हद तक सहानुभूति रखते थे लेकिन इस पुस्तक को पढ़ने के बाद अहिंसा में उनका विश्वास दृढ़ हो गया
टॉल्स्टॉय के विचारों से गांधीजी का परिचय उनके मित्र हेनरी पोलॉक तथा दक्षिण अफ्रीका के बौद्धिक वातावरण के माध्यम से हुआ पोलाक गांधीजी के निकट सहयोगी थे और उन्होंने गांधीजी को कई पश्चिमी चिंतकों की रचनाओं से परिचित कराया
राज्य और अन्यायपूर्ण सत्ता के प्रति नैतिक प्रतिरोध टॉल्स्टॉय के निष्क्रिय प्रतिरोध के विचार ने गांधी के सत्याग्रह को आकार देने में योगदान दिया
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गांधीजी ने टॉल्स्टॉय की पुस्तक The Kingdom of God Is Within You पढ़ी गांधीजी अपनी आत्मकथा में लिखा है कि इस पुस्तक ने उन्हें अत्यंत गहराई से प्रभावित किया और उनके विचारों में बड़ा परिवर्तन किया उन्होंने कहा कि यह पुस्तक उन पर स्थायी प्रभाव छोड़ गई
गांधीजी ने यह पुस्तक अफ्रीका में रहते हुए 1890 के दशक के मध्य में पढ़ी थी अपनी आत्मकथा में उन्होंने लिखा है कि उस समय वे हिंसा के प्रति कुछ हद तक सहानुभूति रखते थे लेकिन इस पुस्तक को पढ़ने के बाद अहिंसा में उनका विश्वास दृढ़ हो गया
टॉल्स्टॉय के विचारों से गांधीजी का परिचय उनके मित्र हेनरी पोलॉक तथा दक्षिण अफ्रीका के बौद्धिक वातावरण के माध्यम से हुआ पोलाक गांधीजी के निकट सहयोगी थे और उन्होंने गांधीजी को कई पश्चिमी चिंतकों की रचनाओं से परिचित कराया
राज्य और अन्यायपूर्ण सत्ता के प्रति नैतिक प्रतिरोध टॉल्स्टॉय के निष्क्रिय प्रतिरोध के विचार ने गांधी के सत्याग्रह को आकार देने में योगदान दिया
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ऐतिहासिक तथ्य 📖✍️
मुहम्मद अली जिन्ना : 1904—कांग्रेस के बंबई अधिवेशन में भाग लिया 1906—कलकत्ता अधिवेशन में दादाभाई नौरोजी के सचिव के रूप में कार्य किया 1909—बंबई विधान परिषद के सदस्य निर्वाचित हुए 1910—इम्पीरियल लेजिस्लेटिव काउंसिल के सदस्य बने 1913—मुस्लिम लीग में शामिल…
यह पुस्तक भारत के विभाजन, हिंदू-मुस्लिम संबंधों और पाकिस्तान के निर्माण से जुड़ी एक दुखद ऐतिहासिक कहानी प्रस्तुत करती है।
इसमें एक भारतीय देशभक्त के दृष्टिकोण से विभाजन की त्रासदी को समझने का प्रयास किया गया है।
इसमें एक भारतीय देशभक्त के दृष्टिकोण से विभाजन की त्रासदी को समझने का प्रयास किया गया है।
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ऐतिहासिक तथ्य 📖✍️
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गांधी जी के आत्मीय मित्र का नाम लिया करो देवीजी😂 😂
आत्मीय मित्र सबको नहीं मिलते है😂 😂 😂
आत्मीय मित्र सबको नहीं मिलते है
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पिछले कुछ महीनों से हमारे टेलीग्राम चैनल के सदस्यों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
आप सभी का यह प्यार, विश्वास और सहयोग हमारे लिए बहुत मायने रखता है।
लेकिन यदि सदस्यों की संख्या इसी तरह बढ़ती रही,
तो भविष्य में हमें चैनल पर नए सदस्यों के जुड़ने की प्रक्रिया पर रोक लगाने का निर्णय भी लेना पड़ सकता है।
हमारा उद्देश्य केवल सदस्यों की संख्या बढ़ाना नहीं,
बल्कि इतिहास से जुड़ी गुणवत्तापूर्ण और उपयोगी सामग्री आप तक पहुँचाना है।
आप सभी का सहयोग और विश्वास ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है। 🙏
आपका अपना चैनल
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Forwarded from ऐतिहासिक तथ्य 📖✍️
मिस्टर पंजाबी ने अपनी बुक 'कॉन्फिडिरेसी ऑफ इंडिया' मे इंडिया को पांच भागों में बांटने की वकालत की थी। इन्डस फेडरेशन से लेकर डेक्कन फेडरेशन तक यानी बिलोचिस्तान से लेकर बस्तर और मद्रास तक का विभाजन का खाका तैयार किया गया था 📖✍️
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Forwarded from ऐतिहासिक तथ्य 📖✍️
पंजाब के प्रधानमंत्री सर सिकंदर हयात खान ने तैयार की थी। उन्होंने 1935 में अपनी पुस्तक ' आऊटलाइन ऑफ स्कीम ऑफ इंडियन फेडरेशन ' में भारत के सात भाग बताए और बताया कि यह योजना शासन को चलाने के लिए बनाई है, लेकिन उन्होंने पाकिस्तान की राह पर आगे बढ़ते हुए चौधरी रहमतअली की योजना में राजपूताना की जैसलमेर और बीकानेर रियासतों को शामिल कर लिया था।
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Forwarded from ऐतिहासिक तथ्य 📖✍️
वायसराय की कार्यकारिणी के सदस्य और लन्दन में भारत के भूतपूर्व हाईकमिश्नर सर फिरोज खां नून ने तैयार की थी। इस योजना में पाकिस्तान का निर्माण और उसके बाद पाकिस्तान को पांच भागों मे बांटने की बात कही जिसमें पूरे भारत के मुस्लिम बहुल इलाके शामिल थे।
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