vedsidhant nirnay ४.pdf
9.7 MB
पुस्तक:- वेदसिद्धांतनिर्णय।
चतुर्थ संस्करण
लेखक:- केशरीनन्दन
पृष्ठ:- ५५
विषय:- वेदों की उत्पत्ति तथा स्त्री उपनयन पर महर्षि हारीत के वचन की समीक्षा।
सम्पादक:- केशरीनन्दन
प्रकाशक:- कपिलसांख्ययोग अनुसन्धानकेन्द्र।
~लेख पढ़ने के उपरान्त सभी अपना रिव्यू आदि अवश्य दें।
चतुर्थ संस्करण
लेखक:- केशरीनन्दन
पृष्ठ:- ५५
विषय:- वेदों की उत्पत्ति तथा स्त्री उपनयन पर महर्षि हारीत के वचन की समीक्षा।
सम्पादक:- केशरीनन्दन
प्रकाशक:- कपिलसांख्ययोग अनुसन्धानकेन्द्र।
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वामन_अवतार_और_पौराणिक_विद्वत्ता_का_एक_और_‘निराश’_अध्याय_1.pdf
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वामन अवतार को वेद में सिद्ध करने के लिए मेरे पूर्व लेख का खण्डन करने की नादान कोशिश की गई, परन्तु प्रमाणों की कसौटी पर वह कोशिश भी निष्फल ही सिद्ध हुई। अब उसी तथाकथित- खण्डन में प्रस्तुत तर्कों और प्रमाणों को एक-एक करके परखा गया है—देखना यह है कि वास्तव में वामन अवतार वेद से सिद्ध हुआ है, या केवल शब्दों ने तीन पग चलकर निष्कर्ष तक पहुँचने का काम किया है।
— कार्तिक अय्यर
— कार्तिक अय्यर
क्या_अहीर_गुजर_जाट_विदेशी_है.pdf
17 MB
पंडित शिवपूजनसिंह कुशवाहा - इस पुस्तक में ऐतिहासिक प्रमाणों के आधार पर यह सिद्ध किया गया है कि अहीर, गूजर (गुर्जर) और जाट विदेशी नहीं हैं, बल्कि वे आर्यों की संतान तथा चन्द्रवंशी/सूर्यवंशी शुद्ध क्षत्रिय हैं।
- कार्तिक Iyar
- कार्तिक Iyar
उत्तर_कांडियों_का_‘मृत्यु_कांड_1.pdf
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मैत्रावरुण_सूक्त_पर_पौराणिक_सड़ांध_का_आर्ष_समाधान_.pdf
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शचीन्द्र शर्मा जैसे लतखोर पौराणिक द्वारा वेदों एवं आर्यसमाज पर मैत्रावरुण तथा उर्वशी से सम्बन्धित जो अश्लील व कल्पित अर्थ थोपा गया था, उसका इस आलेख में सप्रमाण व आर्ष-पद्धति से समुचित उत्तर दिया गया है; यह समस्त सत्य-पिपासु पाठकों की सेवा में सादर समर्पित है।
ved sidhhant nirany5.pdf
9.8 MB
पुस्तक:- वेदसिद्धांतनिर्णय।
पञ्चम् संस्करण
पृष्ठ:- ४८
विषय:- १- ऋषिनिर्णय, २- सांख्य के दस मौलिक अर्थ, ३- वैदिक पर्वतों से मजहबी कीलों तक, ४- बहुपत्नीवादनिर्णय, ५- जाम्बवतीविजय खण्डनम्।
सम्पादक:- केशरीनन्दन
प्रकाशक:- कपिलसांख्ययोग अनुसन्धानकेन्द्र।
~लेख पढ़ने के उपरान्त सभी अपना रिव्यू आदि अवश्य दें।
पञ्चम् संस्करण
पृष्ठ:- ४८
विषय:- १- ऋषिनिर्णय, २- सांख्य के दस मौलिक अर्थ, ३- वैदिक पर्वतों से मजहबी कीलों तक, ४- बहुपत्नीवादनिर्णय, ५- जाम्बवतीविजय खण्डनम्।
सम्पादक:- केशरीनन्दन
प्रकाशक:- कपिलसांख्ययोग अनुसन्धानकेन्द्र।
~लेख पढ़ने के उपरान्त सभी अपना रिव्यू आदि अवश्य दें।
मैत्रावरुण_सूक्त_पर_पौराणिक_सड़ांध_का_आर्ष_समाधान_.pdf
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शचीन्द्र शर्मा जैसे लतखोर पौराणिक द्वारा वेदों एवं आर्यसमाज पर मैत्रावरुण तथा उर्वशी से सम्बन्धित जो अश्लील व कल्पित अर्थ थोपा गया था, उसका इस आलेख में सप्रमाण व आर्ष-पद्धति से समुचित उत्तर दिया गया है;
यह समस्त सत्य-पिपासु पाठकों की सेवा में सादर समर्पित है।
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Forwarded from ऐतिहासिक तथ्य 📖✍️ (A B)
भारतीय इतिहास ( आरम्भ से आजादी तक )
भारत का इतिहास (rpsc स्कूल व्याख्याता)
– पप्पू सिंह प्रजापत
https://t.me/historyfact00
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Forwarded from ऐतिहासिक तथ्य 📖✍️ (A B)
🇺🇸 ब्रिटिश भारत में अमेरिकी राष्ट्रपति के प्रतिनिधि
1. लुई ए. जॉन्सन — 1942
अमेरिकी राष्ट्रपति Franklin D. Roosevelt ने उन्हें भारत में अपना Personal Representative बनाकर भेजा। उनका मिशन मुख्यतः Cripps Mission (1942) और भारत की युद्धकालीन राजनीतिक स्थिति से जुड़ा था।
2. विलियम फिलिप्स — 1942–1945
जॉन्सन के बाद Roosevelt ने William Phillips को भारत में अपना Personal Representative नियुक्त किया। वे 1943 में भारत पहुँचे और भारत छोड़ो आंदोलन, कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी तथा भारत के संवैधानिक प्रश्न के संदर्भ में अमेरिकी प्रतिनिधित्व करते रहे।
https://t.me/historyfact00
1. लुई ए. जॉन्सन — 1942
अमेरिकी राष्ट्रपति Franklin D. Roosevelt ने उन्हें भारत में अपना Personal Representative बनाकर भेजा। उनका मिशन मुख्यतः Cripps Mission (1942) और भारत की युद्धकालीन राजनीतिक स्थिति से जुड़ा था।
2. विलियम फिलिप्स — 1942–1945
जॉन्सन के बाद Roosevelt ने William Phillips को भारत में अपना Personal Representative नियुक्त किया। वे 1943 में भारत पहुँचे और भारत छोड़ो आंदोलन, कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी तथा भारत के संवैधानिक प्रश्न के संदर्भ में अमेरिकी प्रतिनिधित्व करते रहे।
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