Forwarded from 𝗚𝗵𝗮𝘁𝗻𝗮𝗰𝗵𝗮𝗸𝗿𝗮 𝗕𝗼𝗼𝗸𝘀 𝗣𝗗𝗙'𝗦 🎯
7086_मासिक_करेन्ट_नोट्स_एवं_सामयिक_आलेख_अक्टूबर_2026_26114_Mag_H.pdf
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Our childhood's favourite TV series.
DD national साल 2006 के आसपास🍀 👍
DD national साल 2006 के आसपास
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Forwarded from INDIAN HISTORY paid Batch (Owner)
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मराठा क्लास नोट्स
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UP_RO_ARO_मुख्य_परीक्षा_नवीन_पैटर्न.pdf
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बृहदारण्यक उपनिष मुख्य कथानक / संवाद :
Up asistent profesar ancient history
एक प्रश्न यहां से फिक्स है
एक नजर देख लेना सभी लोग
प्राचीन भारत के आधुनिक इतिहासकार
*1. अश्वमेध का रूपक*
प्रजापति के शरीर को ही अश्वमेध घोड़े के रूप में बताया गया है।
*2. सृष्टि की कथा*
शुरुआत में कुछ नहीं था, केवल आत्मा थी। उसने "अहम् ब्रह्मास्मि" कहा और उसी से सारी सृष्टि बनी।
*3. देव, मनुष्य, असुर को प्रजापति का उपदेश - द द द*
प्रजापति ने तीनों को 'द' अक्षर से उपदेश दिया -
- देवताओं को - *दाम्यत* (इन्द्रियों का दमन करो)
- मनुष्यों को - *दत्त* (दान करो)
- असुरों को - *दयध्वम्* (दया करो)
*4. मधु-विद्या की कथा*
*5. याज्ञवल्क्य-मैत्रेयी संवाद - सबसे प्रसिद्ध*
-
*6. जनक का ब्रह्मयज्ञ और याज्ञवल्क्य-गार्गी शास्त्रार्थ*
*7. गार्ग्य बालाकि और अजातशत्रु का संवाद*
*8. श्वेतकेतु और प्रवाहण जैवलि - पंचाग्नि विद्या*
*9. उद्दालक और याज्ञवल्क्य का संवाद -
*10. याज्ञवल्क्य-जनक संवाद - ज्योति ब्राह्मण*
Up asistent profesar ancient history
एक प्रश्न यहां से फिक्स है
एक नजर देख लेना सभी लोग
प्राचीन भारत के आधुनिक इतिहासकार
*1. अश्वमेध का रूपक*
प्रजापति के शरीर को ही अश्वमेध घोड़े के रूप में बताया गया है।
*2. सृष्टि की कथा*
शुरुआत में कुछ नहीं था, केवल आत्मा थी। उसने "अहम् ब्रह्मास्मि" कहा और उसी से सारी सृष्टि बनी।
*3. देव, मनुष्य, असुर को प्रजापति का उपदेश - द द द*
प्रजापति ने तीनों को 'द' अक्षर से उपदेश दिया -
- देवताओं को - *दाम्यत* (इन्द्रियों का दमन करो)
- मनुष्यों को - *दत्त* (दान करो)
- असुरों को - *दयध्वम्* (दया करो)
*4. मधु-विद्या की कथा*
*5. याज्ञवल्क्य-मैत्रेयी संवाद - सबसे प्रसिद्ध*
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*6. जनक का ब्रह्मयज्ञ और याज्ञवल्क्य-गार्गी शास्त्रार्थ*
*7. गार्ग्य बालाकि और अजातशत्रु का संवाद*
*8. श्वेतकेतु और प्रवाहण जैवलि - पंचाग्नि विद्या*
*9. उद्दालक और याज्ञवल्क्य का संवाद -
*10. याज्ञवल्क्य-जनक संवाद - ज्योति ब्राह्मण*
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Ans C
इस तरह का कोई भी प्रश्न आए चाहे असिस्टेंट प्रोफेसर में या UGC NET में
हाई चांस होते हैं कि जहां प्लेस का नाम दिया होता है वो ज्यादा तर गलत ही होते हैं बिना कुछ सोचे हम उस लाइन की एलिमिनेट करके सही उत्तर की तरफ बढ़ सकते हैं
Up asistent profesar ancient history अपनी तैयारी को बेहतर बनाने के लिए हमारे सभी ग्रुप से जुड़ जाओ
अभी सर्च करो टेलीग्राम पर No document no history
इस तरह का कोई भी प्रश्न आए चाहे असिस्टेंट प्रोफेसर में या UGC NET में
हाई चांस होते हैं कि जहां प्लेस का नाम दिया होता है वो ज्यादा तर गलत ही होते हैं बिना कुछ सोचे हम उस लाइन की एलिमिनेट करके सही उत्तर की तरफ बढ़ सकते हैं
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Forwarded from ऐतिहासिक तथ्य 📖✍️ (A B)
📖 David Lockwood — Calcutta under Fire: The Second World War Years
David Lockwood की यह किताब 1942 के Bengal और Calcutta में जापानी आक्रमण के भय, युद्ध और उसके राजनीतिक प्रभाव को समझाती है। Burma के जापानी कब्ज़े के बाद Calcutta को जापानी invasion का वास्तविक खतरा महसूस होने लगा, क्योंकि Calcutta Allied forces के लिए एक महत्वपूर्ण port, industrial centre और military supply/transit centre था।
1942 की शुरुआत से ही Calcutta में Japanese attack का डर फैल गया था और बड़ी संख्या में लोग शहर छोड़ने लगे। Bengal सरकार के अनुसार लगभग 7 लाख लोग पहले ही Calcutta छोड़ चुके थे, और सरकार और लोगों को निकालने की योजना बना रही थी।
20 Dec 1942 को Japanese aircraft ने Calcutta पर bombing की। इसके बाद शहर में भारी panic फैल गया और लगभग 15 लाख लोगों के पलायन का उल्लेख Lockwood ने किया है।
रेलवे और सड़कें लोगों से भर गईं; Lockwood के अनुसार सरकारी अनुमान में लगभग 2.5 लाख लोग सड़क से और 1 लाख रेल से शहर से निकले। Dock और industrial areas के बहुत से workers भी चले गए, जिससे labour shortage पैदा हुई।
https://t.me/historyfact00
David Lockwood की यह किताब 1942 के Bengal और Calcutta में जापानी आक्रमण के भय, युद्ध और उसके राजनीतिक प्रभाव को समझाती है। Burma के जापानी कब्ज़े के बाद Calcutta को जापानी invasion का वास्तविक खतरा महसूस होने लगा, क्योंकि Calcutta Allied forces के लिए एक महत्वपूर्ण port, industrial centre और military supply/transit centre था।
1942 की शुरुआत से ही Calcutta में Japanese attack का डर फैल गया था और बड़ी संख्या में लोग शहर छोड़ने लगे। Bengal सरकार के अनुसार लगभग 7 लाख लोग पहले ही Calcutta छोड़ चुके थे, और सरकार और लोगों को निकालने की योजना बना रही थी।
20 Dec 1942 को Japanese aircraft ने Calcutta पर bombing की। इसके बाद शहर में भारी panic फैल गया और लगभग 15 लाख लोगों के पलायन का उल्लेख Lockwood ने किया है।
रेलवे और सड़कें लोगों से भर गईं; Lockwood के अनुसार सरकारी अनुमान में लगभग 2.5 लाख लोग सड़क से और 1 लाख रेल से शहर से निकले। Dock और industrial areas के बहुत से workers भी चले गए, जिससे labour shortage पैदा हुई।
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Forwarded from ऐतिहासिक तथ्य 📖✍️ (Roshni Pareek)
क्या हम किसी इंसान(राजनेता,सामाजिककर्ता) को उसकी अच्छाइयों और गलतियों, उपलब्धियों और सीमाओं, परिस्थितियों और विरोधाभासों—सबके साथ देख सकते हैं?
या हमारी आलोचनात्मकता भी उतनी ही सुविधाजनक है कि जहाँ हमारी आस्था या पसंद शुरू होती है, वहीं हमारे सवाल खत्म हो जाते हैं?
किसी इंसान को भगवान बना देना और किसी इंसान को पूरी तरह खलनायक बना देना—दोनों में एक बात समान है: दोनों ही उसे इंसान मानने से इनकार करते हैं।
ईश्वर के लिए आलोचना स्वीकार्य, लेकिन इंसानों के लिए अंधभक्ति/अंधनिंदा क्यों?
बाक़ी तो क्या ही है—exam पास करने के लिए, degrees लेने के लिए ratne को किताबों की कमी नहीं है क्योंकि हमारे देश में यही तो criteria है, नौकरियाँ हासिल करने का भी।
But you know, think about it.
वरना तो क्या—ये सब हमारे पहले भी चलता आया है, और आगे भी चलता रहेगा।
https://t.me/historyfact00
या हमारी आलोचनात्मकता भी उतनी ही सुविधाजनक है कि जहाँ हमारी आस्था या पसंद शुरू होती है, वहीं हमारे सवाल खत्म हो जाते हैं?
किसी इंसान को भगवान बना देना और किसी इंसान को पूरी तरह खलनायक बना देना—दोनों में एक बात समान है: दोनों ही उसे इंसान मानने से इनकार करते हैं।
ईश्वर के लिए आलोचना स्वीकार्य, लेकिन इंसानों के लिए अंधभक्ति/अंधनिंदा क्यों?
बाक़ी तो क्या ही है—exam पास करने के लिए, degrees लेने के लिए ratne को किताबों की कमी नहीं है क्योंकि हमारे देश में यही तो criteria है, नौकरियाँ हासिल करने का भी।
But you know, think about it.
वरना तो क्या—ये सब हमारे पहले भी चलता आया है, और आगे भी चलता रहेगा।
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