Dr. Ranjit Kumar Singh, IAS
✔
95.7K subscribers
33 photos
219 files
34 links
This is official Telegram Channel Of Dr. Ranjit Kumar Singh, IAS

Official Facebook Page
https://www.facebook.com/IASRanjit/

Official Twitter Account
https://twitter.com/RanjitIAS

Official Instagram Account
https://instagram.com/iasranjit
Download Telegram
https://youtube.com/live/zhbwi0LU8_E?feature=share

आज दिनांक 25/04/2024 को 07:55 PM BIHAR TEACHER फेज 3 & 4 VACANCY का GS का Live class MISSION 50 IAS Channel Par Shreekant Sir के द्वारा लिया जा रहा है | इस लिंक को Click कर Live Video देख सकते हैं | चैनल को Subscribe भी कर दें और Share भी कर दें

70 BPSC & TRE 3.0 & 4.0 के लिए BATCH STARTED Form 25 APRIL 2024 ADMISSION ON GOING APP'S LINK
https://play.google.com/store/apps/details?id=co.msnias

TRE 3.0 के लिए BOOSTER (TARGET) BATCH STARTED Form 15 APRIL 2024 ADMISSION ON GOING
👍39❤23🔥1
vijay path12 mcq 24-04-2024.pdf
99.5 MB
vijay path12 mcq 24-04-2024.pdf
👍42❤12🔥7👏2
Vijay path 13-----25-04-2024.pdf
186.3 MB
Vijay path 13-----25-04-2024.pdf
👍43❤20🔥6🙏6👌3😍3
https://youtube.com/live/WIilchLXAwk?feature=share

आज दिनांक 27/04/2024 को 07:55 PM BIHAR TEACHER फेज 3 & 4 VACANCY का GS का Live class MISSION 50 IAS Channel Par Shreekant Sir के द्वारा लिया जा रहा है | इस लिंक को Click कर Live Video देख सकते हैं | चैनल को Subscribe भी कर दें और Share भी कर दें

70 BPSC & TRE 3.0 & 4.0 के लिए BATCH STARTED Form 25 APRIL 2024 ADMISSION ON GOING APP'S LINK
https://play.google.com/store/apps/details?id=co.msnias

TRE 3.0 के लिए BOOSTER (TARGET) BATCH STARTED Form 15 APRIL 2024 ADMISSION ON GOING
❤73👍73😍5🙏2👌2🔥1
Messages in this channel will be automatically deleted after 1 month
सभी Attempt कीजिए
❤12
यूपीएससी बीपीएससी सहित सभी एग्ज़ाम्स की तैयारी के लिए प्रतिभा सम्मान टेस्ट में शामिल होना चाहिए । Mission App को आज ही डाउनलोड कीजिए
❤20
TRE 4 अब अगले महीने आने की संभावना है
❤68🙏11🔥9😍6👏1👌1
BPSC के अनुसार TRE4 की आवेदन प्रक्रिया में देरी शिक्षा विभाग के वजह से ही हो रही है ।देरी करवाने में शिक्षा मंत्री मिथलेश तिवारी ख़ुद जिम्मेवार है । माननीय मिथलेश तिवारी जी को शिक्षा मंत्री के पद से तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए।
👍352🔥35❤30😍3
#TRE4 का आवेदन 21 September से शुरू नही होता है तो #TRE4 पर से अभ्यर्थियों का भरोसा पूरी तरह उठ जाएगा

इसी तरह तारीख बढ़ती रहेगी और #TRE4 का Exam टलता रहेगा
आखिर कब तक अभ्यर्थी सिर्फ तारीख का इंतजार करते रहेंगे?

माननीय शिक्षा मंत्री जी तो बहुत जल्द-जल्द कहकर सितंबर भी निकाल दिए।
शर्म आनी चाहिए
👍177❤40😍8🔥3🙏1
72nd BPSC PRELIMS : MUST DO TOPICS
❤17🙏6
Forwarded from Mission 50 IAS
❤18
बिहार दरोगा परीक्षा रद्द
❤6
पीटी भी संभावना है
👍154❤8👌2
युवाओं के लिए चीन की कूटनीति: एक लाख अमेरिकी छात्रों को बुलाने का फैसला और भारत के लिए सीख
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अमेरिका में एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि आने वाले पांच वर्षों में एक लाख युवा अमेरिकियों को पढ़ाई और सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रमों के लिए चीन आने का अवसर दिया जाएगा। यह घोषणा चीन-अमेरिका संबंधों में युवाओं को जोड़ने की रणनीति का हिस्सा है।
शी जिनपिंग ने कहा कि “चीन-अमेरिका संबंधों की उम्मीद जनता में है और इसका भविष्य युवाओं पर निर्भर करता है।” यह बयान केवल शिक्षा कार्यक्रम की घोषणा नहीं है, बल्कि यह दिखाता है कि चीन आने वाली पीढ़ी के बीच अपनी समझ और प्रभाव बढ़ाने को एक रणनीतिक साधन के रूप में देख रहा है।
चीन का ‘यूथ डिप्लोमेसी’ मॉडल
अंतरराष्ट्रीय राजनीति में अब केवल व्यापार, सेना और कूटनीति ही प्रभाव के साधन नहीं हैं। शिक्षा, संस्कृति और युवाओं के बीच संपर्क भी किसी देश की वैश्विक छवि बनाने का माध्यम बन चुके हैं।
चीन ने 2023 में भी पांच वर्षों में 50 हजार युवा अमेरिकियों को चीन में अध्ययन और एक्सचेंज कार्यक्रम के लिए आमंत्रित करने की पहल की थी। चीन के अनुसार, यह लक्ष्य निर्धारित समय से पहले पूरा हो गया था।
इससे चीन का उद्देश्य केवल छात्रों को बुलाना नहीं, बल्कि भविष्य के शोधकर्ताओं, नीति विशेषज्ञों, उद्यमियों और वैश्विक नेताओं के साथ लंबे समय के संबंध बनाना भी है।
भारत के लिए यह एक बड़ा प्रश्न है
भारत दुनिया का सबसे युवा देशों में से एक है। हमारे पास विशाल युवा आबादी, बड़ी संख्या में विश्वविद्यालय और वैश्विक स्तर पर प्रतिभाशाली विद्यार्थी हैं। लेकिन सवाल यह है कि क्या भारत अपनी युवा शक्ति को उसी स्तर पर वैश्विक अवसरों से जोड़ पा रहा है?
आज दुनिया के बड़े देश अपने यहां विदेशी छात्रों को आकर्षित करने, शोध सहयोग बढ़ाने और युवा आदान-प्रदान कार्यक्रमों के माध्यम से अपनी सॉफ्ट पावर मजबूत करने में लगे हैं।
भारत को भी यह सोचना होगा कि क्या हमारे विश्वविद्यालय, शोध संस्थान और शिक्षा व्यवस्था दुनिया के युवाओं को आकर्षित करने की क्षमता रखते हैं?
भारत को अपनी युवा कूटनीति मजबूत करनी होगी
भारत सरकार को केवल भारतीय छात्रों को विदेश भेजने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि भारत को ऐसा वैश्विक शिक्षा केंद्र बनाना चाहिए जहां दुनिया के विद्यार्थी आकर पढ़ना चाहें।
इसके लिए कुछ महत्वपूर्ण कदम हो सकते हैं-
1. भारतीय विश्वविद्यालयों को वैश्विक बनाना
भारत के उच्च शिक्षा संस्थानों में अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए सुविधाएं बढ़ानी होंगी।
2. छात्र विनिमय कार्यक्रमों का विस्तार
भारत को अमेरिका, यूरोप, एशिया और अफ्रीका के देशों के साथ बड़े स्तर पर युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम शुरू करने चाहिए।
3. भारतीय संस्कृति और ज्ञान परंपरा का प्रसार
योग, आयुर्वेद, भारतीय भाषाएं, इतिहास और संस्कृति को वैश्विक स्तर पर जोड़ने का अवसर बनाया जा सकता है।
4. शोध और नवाचार में सहयोग
युवा वैज्ञानिकों, तकनीकी विशेषज्ञों और उद्यमियों के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग के रास्ते खोलने होंगे।
मोदी सरकार के लिए विचार का विषय
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक मंच पर अपनी भूमिका मजबूत करने की कोशिश की है। लेकिन 21वीं सदी की प्रतिस्पर्धा केवल आर्थिक विकास या सैन्य शक्ति से तय नहीं होगी। आने वाले समय में जिस देश के पास ज्ञान, तकनीक और युवा प्रतिभाओं का वैश्विक नेटवर्क होगा, उसका प्रभाव अधिक होगा।
चीन का यह कदम भारत के लिए एक संदेश है कि युवा केवल रोजगार का विषय नहीं, बल्कि वैश्विक रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
भारत के पास दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी में से एक है। अब आवश्यकता है कि इस युवा शक्ति को केवल जनसंख्या के रूप में नहीं, बल्कि वैश्विक नेतृत्व की क्षमता के रूप में देखा जाए।
चीन का एक लाख अमेरिकी युवाओं को आमंत्रित करने का फैसला यह दिखाता है कि आधुनिक विश्व राजनीति में शिक्षा और युवा संपर्क कितने महत्वपूर्ण हो चुके हैं।
भारत को भी अपनी युवा शक्ति, विश्वविद्यालयों और ज्ञान परंपरा को दुनिया से जोड़ने की दिशा में और तेज गति से आगे बढ़ना होगा। क्योंकि भविष्य की कूटनीति केवल राजधानियों में नहीं, बल्कि विश्वविद्यालयों, प्रयोगशालाओं और युवाओं के बीच भी लिखी जाएगी।
आप अपने विचार हमे अवश्य साझा कीजिए 😊
❤44
For UPSC and BPSC 👆
❤14
भारत-GCC ट्रोइका मंत्रिस्तरीय बैठक 2026 : भारत और खाड़ी देशों के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी
भारत और Gulf Cooperation Council (GCC) के बीच महत्वपूर्ण ट्रोइका मंत्रिस्तरीय बैठक 25 सितंबर 2026 को अमेरिका के न्यूयॉर्क में आयोजित हुई। यह बैठक संयुक्त राष्ट्र महासभा (81वें UN General Assembly) के अवसर पर हुई। इसमें भारत की ओर से विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने भाग लिया। बैठक में भारत और GCC देशों ने अपने संबंधों को और मजबूत करने तथा विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।
GCC क्या है?
Gulf Cooperation Council (GCC) खाड़ी क्षेत्र के छह देशों का एक क्षेत्रीय संगठन है, जिसकी स्थापना वर्ष 1981 में हुई थी। इसके सदस्य देश हैं- सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कतर, कुवैत, ओमान और बहरीन।
GCC का मुख्य उद्देश्य सदस्य देशों के बीच आर्थिक, राजनीतिक, सुरक्षा और सामाजिक सहयोग को बढ़ाना है।
इस बार की बैठक का मुख्य उद्देश्य
इस बैठक का प्रमुख उद्देश्य भारत और GCC देशों के बीच चल रही साझेदारी की समीक्षा करना तथा भविष्य के सहयोग के नए क्षेत्रों की पहचान करना था। दोनों पक्षों ने भारत-GCC संयुक्त कार्य योजना (Joint Action Plan) 2024-2028 की प्रगति की समीक्षा की।
यह कार्य योजना व्यापार, निवेश, ऊर्जा, स्वास्थ्य, खाद्य सुरक्षा, तकनीक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए बनाई गई है।
भारत-GCC मुक्त व्यापार समझौता (FTA) पर चर्चा
बैठक में भारत और GCC के बीच Free Trade Agreement (FTA) वार्ता शुरू होने का स्वागत किया गया। FTA का उद्देश्य दोनों क्षेत्रों के बीच व्यापार को आसान बनाना, शुल्क कम करना और निवेश को बढ़ावा देना है।
भारत के लिए GCC एक महत्वपूर्ण आर्थिक साझेदार है। दोनों क्षेत्रों के बीच व्यापार में ऊर्जा, पेट्रोलियम उत्पाद, मशीनरी, खाद्य सामग्री, रत्न एवं आभूषण तथा सेवाओं का बड़ा योगदान है।
ऊर्जा सुरक्षा में GCC का महत्व
भारत दुनिया के बड़े ऊर्जा उपभोक्ताओं में शामिल है। GCC देश भारत के लिए कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस के प्रमुख स्रोत हैं। इसलिए भारत की Energy Security (ऊर्जा सुरक्षा) के लिए खाड़ी देशों के साथ मजबूत संबंध अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। बैठक में ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।
निवेश और आर्थिक सहयोग
भारत और GCC देशों के बीच संबंध अब केवल तेल व्यापार तक सीमित नहीं हैं। वर्तमान समय में सहयोग के नए क्षेत्र विकसित हो रहे हैं, जैसे-
डिजिटल तकनीक
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence)
बुनियादी ढांचा (Infrastructure)
स्वास्थ्य क्षेत्र
नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy)
स्टार्टअप और नवाचार (Innovation)
दोनों पक्षों ने आर्थिक साझेदारी को व्यापक बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
भारतीय प्रवासी समुदाय की भूमिका
खाड़ी देशों में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक रहते और काम करते हैं। वे भारत और GCC देशों के बीच People-to-People Connectivity को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
भारतीय प्रवासी समुदाय खाड़ी देशों की अर्थव्यवस्था में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है।
सामरिक और समुद्री सुरक्षा का महत्व
भारत और GCC देशों के बीच संबंधों में सुरक्षा सहयोग भी महत्वपूर्ण है। अरब सागर, होर्मुज जलडमरूमध्य और हिंद महासागर क्षेत्र वैश्विक व्यापार एवं ऊर्जा आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग हैं।
क्षेत्रीय स्थिरता और समुद्री सुरक्षा दोनों पक्षों के साझा हित हैं।
भारत की पश्चिम एशिया नीति में महत्व
भारत की पश्चिम एशिया नीति अब केवल ऊर्जा आयात तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें व्यापार, निवेश, तकनीक, सुरक्षा और कूटनीतिक सहयोग शामिल हो गए हैं।
GCC देशों के साथ मजबूत संबंध भारत की Act West Policy का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
UPSC/BPSC के लिए महत्वपूर्ण PT तथ्य
GCC की स्थापना- 1981 मुख्यालय- रियाद, सऊदी अरब सदस्य देश- 6 हाल की बैठक- India-GCC Troika Ministerial Meeting, 25 सितंबर 2026 स्थान- न्यूयॉर्क, अमेरिका (UNGA के अवसर पर) मुख्य विषय- Joint Action Plan 2024-2028, FTA, ऊर्जा, व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग
संभावित मेंस प्रश्न
1. भारत-GCC संबंधों का भारत की ऊर्जा सुरक्षा, आर्थिक विकास और पश्चिम एशिया नीति के संदर्भ में विश्लेषण कीजिए।
2. भारत और खाड़ी सहयोग परिषद के बीच बढ़ती साझेदारी वैश्विक भू-राजनीति में भारत की भूमिका को कैसे प्रभावित करती है?"
❤31
For UPSC/ BPSC
❤10😍3
👆👆👆
❤11