हमारी पृथ्वी की तुलना हमारे मूल तारे, सूर्य से करने पर भी अंतर बेहद बड़ा दिखता है।
पृथ्वी का व्यास लगभग 12,742 किलोमीटर है, जबकि सूर्य का व्यास लगभग 1.39 मिलियन किलोमीटर है। इसका मतलब यह है कि सूर्य का व्यास पृथ्वी से लगभग 109 गुना बड़ा है। अगर सूर्य को एक विशाल गेंद मानें, तो हमारी पृथ्वी उस गेंद के अंदर एक छोटी गेंद के बराबर होगी।
इसके अलावा, सूर्य का द्रव्यमान पृथ्वी से लगभग 330,000 गुना ज्यादा है। यही कारण है कि सूर्य का गुरुत्वाकर्षण सौरमंडल के सभी ग्रहों को अपनी कक्षा में बनाए रखता है।
इस तुलना से स्पष्ट होता है कि हमारी पृथ्वी, जितनी भी विशाल लगती है, ब्रह्मांडीय पैमाने पर सिर्फ एक छोटी बूँद के समान है, और सूर्य भी उसके मुकाबले ही विशाल है।
पृथ्वी का व्यास लगभग 12,742 किलोमीटर है, जबकि सूर्य का व्यास लगभग 1.39 मिलियन किलोमीटर है। इसका मतलब यह है कि सूर्य का व्यास पृथ्वी से लगभग 109 गुना बड़ा है। अगर सूर्य को एक विशाल गेंद मानें, तो हमारी पृथ्वी उस गेंद के अंदर एक छोटी गेंद के बराबर होगी।
इसके अलावा, सूर्य का द्रव्यमान पृथ्वी से लगभग 330,000 गुना ज्यादा है। यही कारण है कि सूर्य का गुरुत्वाकर्षण सौरमंडल के सभी ग्रहों को अपनी कक्षा में बनाए रखता है।
इस तुलना से स्पष्ट होता है कि हमारी पृथ्वी, जितनी भी विशाल लगती है, ब्रह्मांडीय पैमाने पर सिर्फ एक छोटी बूँद के समान है, और सूर्य भी उसके मुकाबले ही विशाल है।
👍2