नींद चुराने वाले पूछते हैं
हमसे सोते क्यों नहीं ,
इतनी ही फिक्र है तो फिर
हमारे होते क्यों नहीं ...!!
हमसे सोते क्यों नहीं ,
इतनी ही फिक्र है तो फिर
हमारे होते क्यों नहीं ...!!
❤17😁12🔥4
Ishq karo toh soch k karna, ye bas tabbah karta hai
Mohobbat ko bazaaron mein bada rushwaah karta hai
Yeh ishq hai bada kamjarf, ye ishq hai bada naadaan
Chot dil par nhi karta, rooh par waar karta hai…
Mohobbat ko bazaaron mein bada rushwaah karta hai
Yeh ishq hai bada kamjarf, ye ishq hai bada naadaan
Chot dil par nhi karta, rooh par waar karta hai…
❤16
वादा उतना ही करो जितना तुम निभा सको...
तुम्हारी झूठी उम्मीद किसी की ज़िन्दगी बर्बाद कर देती हैं..!!!🥹💯❤️🩹
तुम्हारी झूठी उम्मीद किसी की ज़िन्दगी बर्बाद कर देती हैं..!!!🥹💯❤️🩹
❤19💯8👍2
किसी रोज अचानक से मर जाऊ तो हैरान मत होना
क्यों की हम दर्द की उस दहलीज पर खड़े हैं
┼─•• -'🖤^
क्यों की हम दर्द की उस दहलीज पर खड़े हैं
जहां लोग अक्सर पंखे से लटक जाते हैं
┼─•• -'🖤^
❤15🥰9😭6🤯1
घर से बाहर निकलो तो पता चलेगा
C-टाइप के सिर्फ चार्जर नहीं होते 👀
C-टाइप के सिर्फ चार्जर नहीं होते 👀
😁29👍4
एक शाम आए... मैं ढल जाऊं, ✨
इन थकी हुई राहों से निकल जाऊं। 🚶♂️💨
ना कोई शिकवा हो, ना कोई मलाल रहे, 🍃
बस ख़ामोशी की चादर में बदल जाऊं। 🌙🌌
सूरज की तरह सुनहरी हो मेरी रुख़्सती, ☀️
अंधेरे की गोद में चुपके से संभल जाऊं। ☁️✨
दुनिया की इस भीड़ से बहुत दूर कहीं, 🌍
एक ठंडी हवा बनकर मचल जाऊं। 🌬️💙
सदियों से जो बोझ है इस बेचैन दिल पर, 💔
उस बोझ को साहिल पे ही छोड़ जाऊं। 🌊🐚
एक शाम आए... मैं ढल जाऊं, 🌅
खुद ही खुद से कहीं दूर निकल जाऊं। 🕊️💫
❤22
"Bade Tamashe Se Guzri Hai Zindagi Meri,
Jazbaat Marte Gaye Main Patthar Dil Hota Gaya."
Jazbaat Marte Gaye Main Patthar Dil Hota Gaya."
❤17
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👍1
प्रेम दर्शन है...
प्रदर्शन नहीं हैं ....
हमने प्रेम को मँच नहीं बनाया...
मन्दिर बना लिया है....
प्रदर्शन नहीं हैं ....
हमने प्रेम को मँच नहीं बनाया...
मन्दिर बना लिया है....
🔥11❤4🥰4
नहीं कुछ भी है मुझमें शिव ही शिव बस व्याप्त हैं
और क्या मैं चाहूंगा बोलो जब शिव ही मुझको प्राप्त हैं ❤️
और क्या मैं चाहूंगा बोलो जब शिव ही मुझको प्राप्त हैं ❤️
हर हर महादेव 🙏
❤21😁4😱4
रिश्ता टूटने लगे तो उसे फिर से
संवार लेना,,
साथ देने वाले मुश्किल से मिलते
है यारो बात बन जाए तो नजर
उतार लेना,,
संवार लेना,,
साथ देने वाले मुश्किल से मिलते
है यारो बात बन जाए तो नजर
उतार लेना,,
❤16
🥀💔
अब मुझ पर हक़ न जताना तुम,
तेरे हिस्से का मर चुका हूँ मैं…
बेईमानी भी तेरे इश्क़ ने सिखाई थी,
तू पहली चीज़ थी जो माँ से छुपाई थी…
जो गुनाह तेरे नाम पर किए मैंने,
उनकी सज़ा भी खुद ही भुगत चुका हूँ मैं…
तू कहती रही, “सब ठीक हो जाएगा”,
हर झूठ पर बस मुस्कुराता रहा हूँ मैं…
तेरी हर ज़िद को इबादत मानकर,
अपनी हर ख़्वाहिश को दफ़नाता रहा हूँ मैं…
अब जो मुझे ख़ामोश सा समझती है तू,
तेरी हर बात का जवाब दे चुका हूँ मैं…
और अब जो कहती है तू—मैं बदल गया हूँ,
हाँ… तेरी ही कहानी बनकर जला हूँ मैं…
अब मुझ पर हक़ न जताना तुम,
तेरे हिस्से का मर चुका हूँ मैं…
बेईमानी भी तेरे इश्क़ ने सिखाई थी,
तू पहली चीज़ थी जो माँ से छुपाई थी…
जो गुनाह तेरे नाम पर किए मैंने,
उनकी सज़ा भी खुद ही भुगत चुका हूँ मैं…
तू कहती रही, “सब ठीक हो जाएगा”,
हर झूठ पर बस मुस्कुराता रहा हूँ मैं…
तेरी हर ज़िद को इबादत मानकर,
अपनी हर ख़्वाहिश को दफ़नाता रहा हूँ मैं…
अब जो मुझे ख़ामोश सा समझती है तू,
तेरी हर बात का जवाब दे चुका हूँ मैं…
और अब जो कहती है तू—मैं बदल गया हूँ,
हाँ… तेरी ही कहानी बनकर जला हूँ मैं…
❤22💯2
अगर मौका मिला कभी, तो कागज़ पर
अपनी थकान लिखूँगा, मजबूत कंधों के
पीछे छुपा, वो छोटा सा इंसान लिखूँगा।
वो जो हर मुश्किल में मुस्कुरा कर कहता है,
"सब ठीक है," उस एक झूठ के पीछे दबे,
हजारों बेबस तूफ़ान लिखूँगा।
नहीं लिखूँगा मैं सिर्फ अपनी जीत के चर्चे
दुनिया में, मैं तो हार कर भी जो मुस्कुराया,
वो लहूलुहान स्वाभिमान लिखूँगा।
लिखूँगा वो रातें, जब तकिया गवाह था मेरी
सिसकियों का, पर सुबह उठकर फिर से
पहना, वो चट्टान जैसा इंसान लिखूँगा।
मैं लिख पाऊं कुछ तो, मैं खुद को लिखूँगा,
अपनी रूह के हर ज़ख्म को, अपना ही
सम्मान लिखूँगा।
अपनी थकान लिखूँगा, मजबूत कंधों के
पीछे छुपा, वो छोटा सा इंसान लिखूँगा।
वो जो हर मुश्किल में मुस्कुरा कर कहता है,
"सब ठीक है," उस एक झूठ के पीछे दबे,
हजारों बेबस तूफ़ान लिखूँगा।
नहीं लिखूँगा मैं सिर्फ अपनी जीत के चर्चे
दुनिया में, मैं तो हार कर भी जो मुस्कुराया,
वो लहूलुहान स्वाभिमान लिखूँगा।
लिखूँगा वो रातें, जब तकिया गवाह था मेरी
सिसकियों का, पर सुबह उठकर फिर से
पहना, वो चट्टान जैसा इंसान लिखूँगा।
मैं लिख पाऊं कुछ तो, मैं खुद को लिखूँगा,
अपनी रूह के हर ज़ख्म को, अपना ही
सम्मान लिखूँगा।
🔥13❤5👍2
Forwarded from ख़ामोशियों का दौर 🧿
रात का अँधेरा, और घबराता हुआ मन,
दिल में बेचैनी, नींद कहाँ है अब?
सब कुछ बेमानी, दुनिया भी बेज़ार लगे,
क्या यही है ज़िंदगी, या सिर्फ एक सजा?
कभी-कभी मन में, एक ख़याल आता है,
सब कुछ ख़त्म कर दूँ, बस यही चाहता है।
पर याद रखना, यह रात भी गुज़र जाएगी,
सुबह की रोशनी, एक नई उम्मीद लाएगी।
इस अंधेरे में, तुम अकेले नहीं हो,
ऐसे कई दिल हैं, जो दर्द से जूझ रहे हैं।
बात करो किसी से, अपना दर्द बाँटो,
रोशनी की किरण, कहीं से ज़रूर आएगी।
दिल में बेचैनी, नींद कहाँ है अब?
सब कुछ बेमानी, दुनिया भी बेज़ार लगे,
क्या यही है ज़िंदगी, या सिर्फ एक सजा?
कभी-कभी मन में, एक ख़याल आता है,
सब कुछ ख़त्म कर दूँ, बस यही चाहता है।
पर याद रखना, यह रात भी गुज़र जाएगी,
सुबह की रोशनी, एक नई उम्मीद लाएगी।
इस अंधेरे में, तुम अकेले नहीं हो,
ऐसे कई दिल हैं, जो दर्द से जूझ रहे हैं।
बात करो किसी से, अपना दर्द बाँटो,
रोशनी की किरण, कहीं से ज़रूर आएगी।
❤17
In English we say
But in Shayari we say
"I love you"
But in Shayari we say
"Agar hona chahu tera Tum hone doge kya,
Rona chahu tere pass aake Tum rone dogi kya,
Chain nahi mil raha ab mujhe kahi pe
Tum apne dil mein chain se rehne dogi kya"
❤10🥰5🔥1
अपनी यात्राओं में मैं ढूंढ़ता हूँ वह गंतव्य,,,
जहाँ गयी तुम कहकर 'इंतज़ार करना.....❤️
जहाँ गयी तुम कहकर 'इंतज़ार करना.....❤️
❤10🔥2
Dil ke kone mein ek awaaz reh gayi,
Jo keh na saki woh baat reh gayi…
Tum toh chal diye apni duniya basane,
Aur meri zindagi wahi ruk si gayi…
Kabhi socha tha saath chalenge hum,
Har mod par haath thamenge hum…
Par tumne beech raaste chhod diya,
Aur hum bas khud se ladte reh gaye hum…
Raatein ab bhi waise hi tanha hoti hain,
Neend aati nahi, bas yaadein roti hain…
Tumhari hasi, tumhari baatein,
Har pal dil ko todti rehti hain…
Sach kahu toh gussa bhi aata hai tum par,
Phir khud hi ro deta hoon apne hi andar…
Kyun itna chaha tumhe, ye samajh nahi aata,
Aur ab bhool jaun tumhe, ye ho nahi pata…
Log kehte hain waqt sab theek kar deta hai,
Par yeh waqt bhi jaise tumhara hi saath deta hai…
Jitna bhoolne ki koshish karta hoon,
Utna hi tumhara khayal aata hai…
Ab bas itni si dua hai rab se meri,
Kisi ko bhi aisi mohabbat na mile meri…
Jisme khushi kam aur dard zyada ho,
Aur jisme apna koi bhi na rahe aakhri mein saath ho…
Jo keh na saki woh baat reh gayi…
Tum toh chal diye apni duniya basane,
Aur meri zindagi wahi ruk si gayi…
Kabhi socha tha saath chalenge hum,
Har mod par haath thamenge hum…
Par tumne beech raaste chhod diya,
Aur hum bas khud se ladte reh gaye hum…
Raatein ab bhi waise hi tanha hoti hain,
Neend aati nahi, bas yaadein roti hain…
Tumhari hasi, tumhari baatein,
Har pal dil ko todti rehti hain…
Sach kahu toh gussa bhi aata hai tum par,
Phir khud hi ro deta hoon apne hi andar…
Kyun itna chaha tumhe, ye samajh nahi aata,
Aur ab bhool jaun tumhe, ye ho nahi pata…
Log kehte hain waqt sab theek kar deta hai,
Par yeh waqt bhi jaise tumhara hi saath deta hai…
Jitna bhoolne ki koshish karta hoon,
Utna hi tumhara khayal aata hai…
Ab bas itni si dua hai rab se meri,
Kisi ko bhi aisi mohabbat na mile meri…
Jisme khushi kam aur dard zyada ho,
Aur jisme apna koi bhi na rahe aakhri mein saath ho…
❤15
बात दिन की नही है 🙂
मुझे रात से डर लगता है 🙂
घर कच्चा है मेरा 🙂
मुझे बरसात से डर लगता है 🙂
तुम प्यार को छोड़ के कोई ओर बात करलो 🙂🙂
अब मुझे प्यार की हर बात से डर लगता है 🙂💔❤️🩹
मुझे रात से डर लगता है 🙂
घर कच्चा है मेरा 🙂
मुझे बरसात से डर लगता है 🙂
तुम प्यार को छोड़ के कोई ओर बात करलो 🙂🙂
अब मुझे प्यार की हर बात से डर लगता है 🙂💔❤️🩹
❤23🥰6👍1
𝒁𝒂𝒓𝒂 𝒔𝒊 𝒁𝒊𝒏𝒅𝒂𝒈𝒊 𝒉𝒂𝒊
𝑨𝒓𝒎𝒂𝒂𝒏 𝒃𝒉𝒐𝒕 𝒉𝒂𝒊
𝑯𝒂𝒎𝒅𝒂𝒓𝒅 𝒌𝒐𝒊 𝒏𝒉𝒊
𝑰𝒏𝒔𝒂𝒂𝒏 𝒃𝒉𝒐𝒕 𝒉𝒂𝒊
𝑫𝒊𝒍 𝒌𝒂 𝒅𝒂𝒓𝒅 𝒔𝒖𝒏𝒂𝒖 𝒕𝒐
𝑺𝒖𝒏𝒂𝒖 𝒌𝒊𝒔𝒌𝒐
𝑱𝒐 𝒅𝒊𝒍 𝒌𝒆 𝒌𝒂𝒓𝒆𝒆𝒃 𝒕𝒉𝒆
𝑾𝒐 𝒂𝒏𝒋𝒂𝒂𝒏 𝒃𝒉𝒐𝒕 𝒉𝒂𝒊
𝑨𝒓𝒎𝒂𝒂𝒏 𝒃𝒉𝒐𝒕 𝒉𝒂𝒊
𝑯𝒂𝒎𝒅𝒂𝒓𝒅 𝒌𝒐𝒊 𝒏𝒉𝒊
𝑰𝒏𝒔𝒂𝒂𝒏 𝒃𝒉𝒐𝒕 𝒉𝒂𝒊
𝑫𝒊𝒍 𝒌𝒂 𝒅𝒂𝒓𝒅 𝒔𝒖𝒏𝒂𝒖 𝒕𝒐
𝑺𝒖𝒏𝒂𝒖 𝒌𝒊𝒔𝒌𝒐
𝑱𝒐 𝒅𝒊𝒍 𝒌𝒆 𝒌𝒂𝒓𝒆𝒆𝒃 𝒕𝒉𝒆
𝑾𝒐 𝒂𝒏𝒋𝒂𝒂𝒏 𝒃𝒉𝒐𝒕 𝒉𝒂𝒊
❤21👍3
ज़िंदगी की दौड़
ज़िंदगी की इस दौड़ में, कुछ यार हमने खो दिए,
कुछ पीछे ही छूट गए, कुछ खुद ही जुदा हो लिए।
वो बचपन की शरारतें, वो बे-मतलब की बातें,
अब ख़्वाब बनकर रह गई, वो दोस्ती की रातें।
तब जेब में सिक्के कम थे, पर दिल सबका नवाब था,
हर यार की उस टोली में, एक अलग ही ख़्वाब था।
तरक्की की तलाश में, हम शहर-दर-शहर भटकते रहे,
फ़ोन में नंबर तो रहे, पर हाथ मिलाने को तरसते रहे।
सोचा था कि मंज़िल पर पहुँचकर साथ मुस्कुराएंगे,
क्या पता था कि रास्ते में ही सब अजनबी बन जाएंगे।
ज़रूरतें जब बढ़ गई, तो फुर्सत कहीं कम हो गई,
दोस्ती की वो पुरानी किताब, यादों में गुम हो गई।
इंसान तो वही हैं सब, मगर रास्ते बदल गए,
वक्त की तेज़ धूप में, कच्चे रिश्ते ढल गए।
ना किसी से कोई बैर है, ना ही कोई मलाल है,
बस दौड़ते-दौड़ते थक गए, अब यही हाल है।
हम जीत तो गए दुनिया से, पर ये कैसी जीत है?
पास सब कुछ है मगर, ना यार है ना गीत है।
❤13