🖤
Daadhi thodi bikhri si rakhta hai wo,
par mere baal bigadne na de, itna dhyaan rakhta hai wo.
Khud tasveeron me muskurana bhool jaata hai,
par meri har photo par thahar jaata hai wo.
Khud apni baatein dil me daba kar rakhta hai,
par meri khamoshi tak padh jaata hai wo.
Aur bataun kya sabko...?
Haan, meri har zid ko apni zimmedaari samajhne wala hai wo. 🖤
— Aadhya 🥹💝
❤7
आज वर्षा रात भर होती रही...
यूँ लगा जैसे राणाजी रोते रहे...
आज वर्षा रात भर होती रही,
यूँ लगा जैसे राणाजी रोते रहे।
निशा की यादों में खोए बावरे,
भीगे पलकों से सपने धोते रहे।
यूँ लगा जैसे राणाजी...
कौन-सा दर्द हृदय में पालते,
किस विरह की आग में जलते रहे।
नाम लेकर भी न पुकारा कभी,
चुपचाप अपने अश्रु पीते रहे।
हर धड़कन में एक ही आह थी,
टूटे रिश्तों को फिर संजोते रहे।
यूँ लगा जैसे राणाजी...
उधर निशा भी रात भर जागती,
चाँद से अपने मन की कहती रही।
भीगी आँखों में अनगिन प्रश्न थे,
याद की चादर स्वयं बुनती रही।
रूठे मौसम से यही पूछती,
क्यों अधूरी हर खुशी होती रही।
यूँ लगा जैसे निशा...
मौन था आकाश, बरसते मेघ थे,
दोनों दिल बस एक-दूजे को ढूँढ़ते।
एक तरफ़ अनुराग की सरगम रही,
एक तरफ़ विरह के स्वर टूटते।
प्रेम अगर सच्चा कहीं जीवित रहा,
दूर रहकर भी उन्हें जोड़ते रहे।
यूँ लगा जैसे राणाजी और निशा...
यूँ लगा जैसे राणाजी रोते रहे...
आज वर्षा रात भर होती रही,
यूँ लगा जैसे राणाजी रोते रहे।
निशा की यादों में खोए बावरे,
भीगे पलकों से सपने धोते रहे।
यूँ लगा जैसे राणाजी...
कौन-सा दर्द हृदय में पालते,
किस विरह की आग में जलते रहे।
नाम लेकर भी न पुकारा कभी,
चुपचाप अपने अश्रु पीते रहे।
हर धड़कन में एक ही आह थी,
टूटे रिश्तों को फिर संजोते रहे।
यूँ लगा जैसे राणाजी...
उधर निशा भी रात भर जागती,
चाँद से अपने मन की कहती रही।
भीगी आँखों में अनगिन प्रश्न थे,
याद की चादर स्वयं बुनती रही।
रूठे मौसम से यही पूछती,
क्यों अधूरी हर खुशी होती रही।
यूँ लगा जैसे निशा...
मौन था आकाश, बरसते मेघ थे,
दोनों दिल बस एक-दूजे को ढूँढ़ते।
एक तरफ़ अनुराग की सरगम रही,
एक तरफ़ विरह के स्वर टूटते।
प्रेम अगर सच्चा कहीं जीवित रहा,
दूर रहकर भी उन्हें जोड़ते रहे।
यूँ लगा जैसे राणाजी और निशा...
❤5
अधूरी कहानी पर मुकम्मल सा प्यार है,
बिना फेरों के भी अटूट ये इकरार है।
न राधा ने कृष्ण को माँगा, न कृष्ण ने राधा को पाया,
फिर भी दुनिया कहती है, ये जन्मों का साथ है।
कान्हा की बंसी जब मधुर तान सुनाती है,
राधा की रूह खिंची चली आती है।
ये महज़ इश्क़ नहीं, ये तो रूहानी संगम है,
जहाँ मीरा की भक्ति और राधा का समर्पण है।
कण-कण में बसते हैं कान्हा, हर साँस में राधा का नाम,
बिना राधा के अधूरे हैं, मेरे लीलाधर घनश्याम।
मुरली की हर एक धुन में गोपी-ग्वाल खो जाते हैं,
पर सँवारे के नैन सिर्फ राधा को ही पाते हैं।
लोग पूछते हैं क्या है इस प्रेम की परिभाषा,
जहाँ विरह में भी बसती है मिलन की आशा।
जो जिस्मों से परे, रूहों का एक मेला है,
वही तो राधा-कृष्ण का सबसे पावन खेला है।
दुनियादारी की रस्मों से बहुत ऊँचा ये नाता है,
हर भक्त आज भी इनके प्रेम की महिमा गाता है।
एक शक्ति है, एक भक्ति है, दोनों एक ही जान हैं,
राधा-कृष्ण के चरणों में ही सारा ब्रह्मांड और सारा जहान है।
बिना फेरों के भी अटूट ये इकरार है।
न राधा ने कृष्ण को माँगा, न कृष्ण ने राधा को पाया,
फिर भी दुनिया कहती है, ये जन्मों का साथ है।
कान्हा की बंसी जब मधुर तान सुनाती है,
राधा की रूह खिंची चली आती है।
ये महज़ इश्क़ नहीं, ये तो रूहानी संगम है,
जहाँ मीरा की भक्ति और राधा का समर्पण है।
कण-कण में बसते हैं कान्हा, हर साँस में राधा का नाम,
बिना राधा के अधूरे हैं, मेरे लीलाधर घनश्याम।
मुरली की हर एक धुन में गोपी-ग्वाल खो जाते हैं,
पर सँवारे के नैन सिर्फ राधा को ही पाते हैं।
लोग पूछते हैं क्या है इस प्रेम की परिभाषा,
जहाँ विरह में भी बसती है मिलन की आशा।
जो जिस्मों से परे, रूहों का एक मेला है,
वही तो राधा-कृष्ण का सबसे पावन खेला है।
दुनियादारी की रस्मों से बहुत ऊँचा ये नाता है,
हर भक्त आज भी इनके प्रेम की महिमा गाता है।
एक शक्ति है, एक भक्ति है, दोनों एक ही जान हैं,
राधा-कृष्ण के चरणों में ही सारा ब्रह्मांड और सारा जहान है।
❤8👏2
उदासी चूम कर जाती है मेरे होठों को
तन्हाई रोज कस कर गले लगा रही है
मैं लड़की वालो को मना कर रहा हूं
😊तू लड़के वालो को चाय पिला रही है...!!
तन्हाई रोज कस कर गले लगा रही है
मैं लड़की वालो को मना कर रहा हूं
😊तू लड़के वालो को चाय पिला रही है...!!
❤11👏3
🌿 Madhav...
Madhav, bharosa tootne ke baad dobara kisi par bharosa kar pana aasan nahi hota...
Kyuki bharosa sirf shabdon se nahi, dil se banta hai. Aur jab wahi dil toot jaata hai, to har nayi shuruaat se pehle darr saath chalne lagta hai.
Isiliye dil bechain rehta hai, har kadam par sochta hai —
"Kahin phir se wahi dard na mil jaye..."
Par Madhav...
Tooti hui har cheez bekaar nahi hoti.
Kuch cheezein jud jaati hain, bas unki daraarein yaad dilati rehti hain ki kabhi woh toot chuki thi.
Aur kuch rishte...
Unhe jodne se pehle khud ko jodna zaroori hota hai.
Madhav,
Agar bharosa toot gaya hai,
to pehle apne aap par bharosa wapas lauta do.
Jab man phir se mazboot ho jayega,
Radhe Radhe... ❤️🥀
#titli
Madhav, bharosa tootne ke baad dobara kisi par bharosa kar pana aasan nahi hota...
Kyuki bharosa sirf shabdon se nahi, dil se banta hai. Aur jab wahi dil toot jaata hai, to har nayi shuruaat se pehle darr saath chalne lagta hai.
Isiliye dil bechain rehta hai, har kadam par sochta hai —
"Kahin phir se wahi dard na mil jaye..."
Par Madhav...
Tooti hui har cheez bekaar nahi hoti.
Kuch cheezein jud jaati hain, bas unki daraarein yaad dilati rehti hain ki kabhi woh toot chuki thi.
Aur kuch rishte...
Unhe jodne se pehle khud ko jodna zaroori hota hai.
Madhav,
Agar bharosa toot gaya hai,
to pehle apne aap par bharosa wapas lauta do.
Jab man phir se mazboot ho jayega,
Radhe Radhe... ❤️🥀
#titli
❤8
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𝐕𝐨 𝐩𝐚𝐧𝐤𝐡 𝐟𝐚𝐢𝐥𝐚 𝐤𝐫 𝐮𝐝𝐧𝐚𝐚 𝐜𝐡𝐚𝐡𝐭𝐢 𝐡𝐚𝐢𝐢𝐢...
𝐔𝐬𝐤𝐨𝐨 𝐮𝐝𝐝 𝐥𝐞𝐧𝐞 𝐝𝐨 𝐧𝐚𝐚!!!..... 🌟🦋
Uske hauslon ko zanjeeron mein mat baandho,
Use apni manzil tak khud pahunchne do.
Har udaan ek nayi kahani likhti hai,
Bas uske sapno ko sach hone do. ✨
𝐔𝐬𝐤𝐨𝐨 𝐮𝐝𝐝 𝐥𝐞𝐧𝐞 𝐝𝐨 𝐧𝐚𝐚!!!..... 🌟🦋
Uske hauslon ko zanjeeron mein mat baandho,
Use apni manzil tak khud pahunchne do.
Har udaan ek nayi kahani likhti hai,
Bas uske sapno ko sach hone do. ✨
❤12👍1
Radhe.. 🥀
Main har us rishte ka bahishkar karti hoon,
jinki wajah se meri aankhon mein itne aansu hain.
Jin rishton ne har baar bharosa tod diya,
unse ab koi shikayat bhi nahi rahi.
Jinhone mujhe kabhi samjha hi nahi,
phir bhi maine unke liye dil se sab kuch kiya.
Badle mein mila to sirf khamoshi, dard aur aansu.
Radhe... kya achha hona itni badi galti hai?
Kya har baar maaf kar dena hi insaan ka sabse bada gunah ban jaata hai?
Ya phir log achchai ki kadar tab tak nahi karte,
jab tak woh use kho na dein.
Ab bas itna seekh liya hai—
har rishte ko nibhana zaroori nahi hota,
aur har kisi ko apna maan lena bhi zaroori nahi hota.
Main har us rishte ka bahishkar karti hoon,
jinki wajah se meri aankhon mein itne aansu hain.
Jin rishton ne har baar bharosa tod diya,
unse ab koi shikayat bhi nahi rahi.
Jinhone mujhe kabhi samjha hi nahi,
phir bhi maine unke liye dil se sab kuch kiya.
Badle mein mila to sirf khamoshi, dard aur aansu.
Radhe... kya achha hona itni badi galti hai?
Kya har baar maaf kar dena hi insaan ka sabse bada gunah ban jaata hai?
Ya phir log achchai ki kadar tab tak nahi karte,
jab tak woh use kho na dein.
Ab bas itna seekh liya hai—
har rishte ko nibhana zaroori nahi hota,
aur har kisi ko apna maan lena bhi zaroori nahi hota.
❤8
फाइलें हाथ में हैं, और आँखों में बस लाचारी है,
एक नौकरी के लिए तरस रहा हूँ, कैसी ये बेबसी भारी है।
अपनों के ताने अब सीधे कलेजे पर वार करते हैं,
जो कल तक प्यार करते थे, अब पीठ पीछे बात करते हैं।
कहते हैं 'बैठकर खाने की लत लग गई है इसे अब',
मैं अंदर ही अंदर कितना रोता हूँ, ये जानेगा कब रब?
मन करता है कि सब छोड़-छाड़ कर कहीं दूर चला जाऊँ,
या फिर इस अधूरी कहानी को मैं यहीं पर मिटा जाऊँ।😢😢
एक नौकरी के लिए तरस रहा हूँ, कैसी ये बेबसी भारी है।
अपनों के ताने अब सीधे कलेजे पर वार करते हैं,
जो कल तक प्यार करते थे, अब पीठ पीछे बात करते हैं।
कहते हैं 'बैठकर खाने की लत लग गई है इसे अब',
मैं अंदर ही अंदर कितना रोता हूँ, ये जानेगा कब रब?
मन करता है कि सब छोड़-छाड़ कर कहीं दूर चला जाऊँ,
या फिर इस अधूरी कहानी को मैं यहीं पर मिटा जाऊँ।😢😢
❤8💔3
दर्द तो हमें भी होता है, मुर्शिद...
मसला ये है कि, शिकायत किससे करें..! 🥀
जिन्हें अपना समझा, वही अजनबी निकल गए,
अब हर चेहरे पर यक़ीन कैसे करें।
ज़ख्म तो वक्त भर देता है कहते हैं लोग,
मगर जो भरोसा टूटा हो, उसका इलाज कहाँ करें।
अब ख़ामोशी ही हमारी हमराज़ बन गई है,
हर दर्द का हिसाब आखिर किससे करें।
मुस्कुराना तो अब भी सीख लिया है हमने,
पर दिल के आँसू किसी को दिखाई कैसे दें।
कुछ रिश्ते बस यादों तक ही अच्छे लगते हैं,
उन्हें फिर से अपना बनाने की कोशिश क्यों करें...! 🥀
मसला ये है कि, शिकायत किससे करें..! 🥀
जिन्हें अपना समझा, वही अजनबी निकल गए,
अब हर चेहरे पर यक़ीन कैसे करें।
ज़ख्म तो वक्त भर देता है कहते हैं लोग,
मगर जो भरोसा टूटा हो, उसका इलाज कहाँ करें।
अब ख़ामोशी ही हमारी हमराज़ बन गई है,
हर दर्द का हिसाब आखिर किससे करें।
मुस्कुराना तो अब भी सीख लिया है हमने,
पर दिल के आँसू किसी को दिखाई कैसे दें।
कुछ रिश्ते बस यादों तक ही अच्छे लगते हैं,
उन्हें फिर से अपना बनाने की कोशिश क्यों करें...! 🥀
❤9🥰2🔥1
The Day Everything Changed*
*Missing you is an endless loop... 🔄*
*I tried my best to move on, but honestly? It feels impossible now. 😔*
*Since the day you left, there’s an emptiness in my life that nothing can fill. 🕳️ I smile, I laugh with others, but that pure happiness I felt with you? It's just gone. 🥀*
> *"I don't even know what to say... just holding back my tears, surviving day by day. But after a point, everything goes numb." 💔*
*I still remember how you used to hug me tight and whisper, "I'm here."*
*I just miss that warmth... I miss you so much. 😭😭
*Missing you is an endless loop... 🔄*
*I tried my best to move on, but honestly? It feels impossible now. 😔*
*Since the day you left, there’s an emptiness in my life that nothing can fill. 🕳️ I smile, I laugh with others, but that pure happiness I felt with you? It's just gone. 🥀*
> *"I don't even know what to say... just holding back my tears, surviving day by day. But after a point, everything goes numb." 💔*
*I still remember how you used to hug me tight and whisper, "I'm here."*
*I just miss that warmth... I miss you so much. 😭😭
❤8
Ye ghamon ka saath kabhi chhoot kyun nahi paata,
Ye dil katra katra dard se toot kyun nahi jaata.
Har muskurahat ke peeche ek khamoshi si basti hai,
Ye zakhm waqt ke saath bhi bhar kyun nahi paata.
Ye ghamon ke silsile aakhir badalte kyun nahi,
Ye udaasi ke saaye kabhi dhalte kyun nahi.
Har dua mein sukoon hi to maanga tha maine,
Phir meri taqdeer mein gham hi likhe kyun gaye.
Ab to aansuon se bhi rishta sa ban gaya hai,
Ye dil phir bhi halka kyun nahi ho paata.
Ae Khuda, agar imtihaan hi likha hai meri qismat mein,
To itni si rehmat kar... is dil ko sabr bhi de de.
Ye dil katra katra dard se toot kyun nahi jaata.
Har muskurahat ke peeche ek khamoshi si basti hai,
Ye zakhm waqt ke saath bhi bhar kyun nahi paata.
Ye ghamon ke silsile aakhir badalte kyun nahi,
Ye udaasi ke saaye kabhi dhalte kyun nahi.
Har dua mein sukoon hi to maanga tha maine,
Phir meri taqdeer mein gham hi likhe kyun gaye.
Ab to aansuon se bhi rishta sa ban gaya hai,
Ye dil phir bhi halka kyun nahi ho paata.
Ae Khuda, agar imtihaan hi likha hai meri qismat mein,
To itni si rehmat kar... is dil ko sabr bhi de de.
❤7
छोड़ी हुई स्त्री... 🥀
छोड़ी हुई स्त्री को लोग अक्सर अधूरी समझ लेते हैं,
उसकी ख़ामोशी को उसकी कमज़ोरी समझ लेते हैं।
जिसे किसी ने बीच राह में छोड़ दिया हो,
ज़माना उसी पर सवालों का बोझ रख देता है।
मगर सच यह है कि वह टूटी नहीं होती,
बस ज़िंदगी ने उसे थोड़ा और मज़बूत कर दिया होता है।
वो मुस्कुराती है तो लोग कहते हैं, "सब ठीक है...",
कोई उसकी आँखों में छिपे समंदर नहीं पढ़ता।
छोड़ी हुई स्त्री बदनाम नहीं होती,
बस लोगों की सोच छोटी होती है।
एक दिन वही स्त्री अपनी पहचान खुद लिखती है,
और फिर दुनिया उसे उसके अतीत से नहीं,
उसके हौसलों से पहचानती है। 🥀
छोड़ी हुई स्त्री को लोग अक्सर अधूरी समझ लेते हैं,
उसकी ख़ामोशी को उसकी कमज़ोरी समझ लेते हैं।
जिसे किसी ने बीच राह में छोड़ दिया हो,
ज़माना उसी पर सवालों का बोझ रख देता है।
मगर सच यह है कि वह टूटी नहीं होती,
बस ज़िंदगी ने उसे थोड़ा और मज़बूत कर दिया होता है।
वो मुस्कुराती है तो लोग कहते हैं, "सब ठीक है...",
कोई उसकी आँखों में छिपे समंदर नहीं पढ़ता।
छोड़ी हुई स्त्री बदनाम नहीं होती,
बस लोगों की सोच छोटी होती है।
एक दिन वही स्त्री अपनी पहचान खुद लिखती है,
और फिर दुनिया उसे उसके अतीत से नहीं,
उसके हौसलों से पहचानती है। 🥀
❤12
एक उदासी है जो मेरे साथ अंत तक जाएगी,
एक कहानी है जो हम किसी को नहीं सुनाएंगे..💔
एक कहानी है जो हम किसी को नहीं सुनाएंगे..💔
❤15
ग़म को कौन समझता है, साहब...
ग़म को कौन समझता है, साहब... लोगों ने तो हमेशा मेरा मुस्कुराता हुआ चेहरा ही देखा है। मेरी मुस्कुराहट के पीछे छिपे दर्द को कभी किसी ने समझने की कोशिश नहीं की।
मैं भी कभी बहुत नाज़ुक दिल की थी, मगर लोगों ने बार-बार तोड़कर मुझे पत्थर बना दिया।
अब किसी से शिकायत भी नहीं रही, क्योंकि उम्मीदें ही सबसे ज़्यादा दर्द देती हैं।
धीरे-धीरे लोग मुझे पत्थर बनना सिखा रहे हैं, और मैं भी अब हर दर्द को खामोशी से सहना सीख रही हूँ।
शायद इसलिए अब मेरी आँखों में आँसू कम और ख़ामोशी ज़्यादा नज़र आती है..
ग़म को कौन समझता है, साहब... लोगों ने तो हमेशा मेरा मुस्कुराता हुआ चेहरा ही देखा है। मेरी मुस्कुराहट के पीछे छिपे दर्द को कभी किसी ने समझने की कोशिश नहीं की।
मैं भी कभी बहुत नाज़ुक दिल की थी, मगर लोगों ने बार-बार तोड़कर मुझे पत्थर बना दिया।
अब किसी से शिकायत भी नहीं रही, क्योंकि उम्मीदें ही सबसे ज़्यादा दर्द देती हैं।
धीरे-धीरे लोग मुझे पत्थर बनना सिखा रहे हैं, और मैं भी अब हर दर्द को खामोशी से सहना सीख रही हूँ।
शायद इसलिए अब मेरी आँखों में आँसू कम और ख़ामोशी ज़्यादा नज़र आती है..
❤8
Krishna... 💙🦚
This world can be so cruel at times. 💔
Please give me the strength to face people with patience, courage, and wisdom.
Help me control my emotions, and never let anger or pain take away my kindness.
Stay with me through every moment of my life. 🙏
Guide me toward the right path, fill my heart with compassion, and help me become a better person every day.
Radhe Krishna. ❤️✨
This world can be so cruel at times. 💔
Please give me the strength to face people with patience, courage, and wisdom.
Help me control my emotions, and never let anger or pain take away my kindness.
Stay with me through every moment of my life. 🙏
Guide me toward the right path, fill my heart with compassion, and help me become a better person every day.
Radhe Krishna. ❤️✨
❤9
गिरना भी ज़रूरी होता है,
तभी लोगों की असली औकात का पता चलता है।
जब मदद के लिए हाथ बढ़ाते हैं,
तब जाकर अपनों की पहचान होती है।
जिन्हें गुस्सा आता है
अक्सर वही लोग सच्चे दिल के होते हैं।
मैंने झूठे लोगों को
दिन-रात मुस्कुराते हुए ही देखा है।
सीख रही हूँ लोगों के चेहरे पढ़ने का हुनर
क्योंकि किताबों से ज़्यादा चेहरे लिखे होते हैं।
हर मुस्कान के पीछे एक कहानी,
और हर चेहरे पर एक किरदार छिपा होता है।
तभी लोगों की असली औकात का पता चलता है।
जब मदद के लिए हाथ बढ़ाते हैं,
तब जाकर अपनों की पहचान होती है।
जिन्हें गुस्सा आता है
अक्सर वही लोग सच्चे दिल के होते हैं।
मैंने झूठे लोगों को
दिन-रात मुस्कुराते हुए ही देखा है।
सीख रही हूँ लोगों के चेहरे पढ़ने का हुनर
क्योंकि किताबों से ज़्यादा चेहरे लिखे होते हैं।
हर मुस्कान के पीछे एक कहानी,
और हर चेहरे पर एक किरदार छिपा होता है।
❤5
बाबा, ऐसा वर ढूँढो... 🌸🙏
बाबा, ऐसा वर ढूँढो
जो मेरा सम्मान करे,
मेरे आत्मसम्मान को
अपना आत्मसम्मान समझे।
जो मुझे कभी अपने से कम न आँके,
बल्कि हर कदम पर मेरा साथ निभाए।
बाबा, ऐसा वर ढूँढो
जो बिना मेरे कहे
मेरी खामोशी भी समझ जाए।
जो मेरे दुख में मेरा सहारा बने
और मेरी खुशी में सबसे पहले मुस्कुराए।
बाबा, ऐसा वर ढूँढो
जो मेरी मुस्कान को
अपनी खुशी का कारण माने।
जो मेरी सफलता को
अपनी सफलता समझे,
और मेरी हर जीत पर
मुझसे भी ज़्यादा गर्व करे।
बाबा, ऐसा वर ढूँढो
जो कठिन समय में भी
मेरा हाथ कभी न छोड़े।
जिसका विश्वास मुझ पर
हर परिस्थिति में अटल रहे।
जो कंधे से कंधा मिलाकर चले
और हर मोड़ पर मेरा संबल बने।
बाबा, ऐसा वर ढूँढो
जो मुझे सच्चे मन से प्रेम करे।
मेरी आँखों में एक आँसू भी न आने दे,
और यदि कभी मैं टूटने लगूँ तो
मुस्कुराकर बस इतना कहे—
"मैं हूँ तुम्हारे साथ,
तुम चिंता क्यों करती हो?
हर मुश्किल हम साथ मिलकर पार करेंगे,
हर दर्द और हर खुशी बाँट लेंगे।
तुम कभी अकेली नहीं हो।"
बस बाबा, ऐसा ही जीवनसाथी देना,
जो रिश्ते को निभाने में विश्वास रखे,
और जीवनभर मेरे सम्मान, विश्वास
और प्रेम की रक्षा करे।
🙏🌸
#titli
❤14
कई बार आकर्षण ही दुख का कारण बन जाता है, एक अजीब-सा खिंचाव मन को अपनी ओर खींचता रहता है, धीरे-धीरे वही आकर्षण प्रेम का रूप ले लेता है, और जब प्रेम को अपनापन या प्रतिदान नहीं मिलता, तो वह वेदना बनकर भीतर बस जाता है,,,,,
प्रेम का सबसे गहरा कष्ट यही है कि वह किसी को बाँध नहीं सकता, वह केवल महसूस किया जा सकता है, जहाँ अपेक्षाएँ बढ़ जाती हैं, वहाँ वेदना जन्म लेती है, इसलिए सच्चा प्रेम अधिकार नहीं, स्वीकार करना सिखाता है क्योंकि प्रेम यदि मुक्त है, तो शांति देता है; और यदि आसक्ति बन जाए, तो जीवन भर की पीड़ा.....🥹💔
प्रेम का सबसे गहरा कष्ट यही है कि वह किसी को बाँध नहीं सकता, वह केवल महसूस किया जा सकता है, जहाँ अपेक्षाएँ बढ़ जाती हैं, वहाँ वेदना जन्म लेती है, इसलिए सच्चा प्रेम अधिकार नहीं, स्वीकार करना सिखाता है क्योंकि प्रेम यदि मुक्त है, तो शांति देता है; और यदि आसक्ति बन जाए, तो जीवन भर की पीड़ा.....🥹💔
💯3
मैया, ऐसी वधू ढूँढ़ो
मैया, ऐसी वधू ढूँढ़ो
जो मुझसे सच्चा प्रेम करे,
जो मेरे आत्मसम्मान को अपना आत्मसम्मान समझे,
जो मेरे घर को अपना घर माने,
जो मेरे परिवार को प्रेम और अपनापन देकर सदा जोड़े रखे।
जब मैं कार्यालय से लौटकर आऊँ,
तो वह अपने स्नेह से मेरा स्वागत करे,
अपने हाथों से प्रेमपूर्वक भोजन परोसे,
और मेरे जीवन की हर थकान मुस्कान में बदल दे।
मैया, ऐसी वधू ढूँढ़ो
जो मुझे समझे,
मेरे सुख-दुःख में मेरी सच्ची साथी बने,
हर कठिन परिस्थिति में मेरा साथ निभाए,
और विपरीत समय आने पर भी मेरा हाथ कभी न छोड़े।
❤15👍1