माधव........❤️🙏
आपसे मेरा रिश्ता कुछ ऐसा है कि
हर रिश्ते में बस आप ही नज़र आते हैं......
जब आप मेरे सखा बनते हैं,
तो ज़िंदगी फूलों की खुशबू-सी महक उठती है......
जब मैया आपको दुलारती हैं,
तो आपमें मुझे अपना भाई नज़र आता है......
जब कोई आपको मेरी गोद में सौंपकर जाता है,
तो आपकी मासूमियत में मुझे पूरी दुनिया दिखाई देती है......
जब कोई सच्चे प्रेम की बात करता है,
तो मेरी आँखों के सामने राधारानी और आपका पावन प्रेम आ जाता है......
जब कोई पवित्रता का अर्थ समझाता है,
तो मुझे आपमें सोलह हज़ार रानियों के प्रिय पति श्रीकृष्ण दिखाई देते हैं......
और जब कोई आपको छलिया कहता है,
तो मुझे मेरे माधव याद आते हैं,
जो छल के नाम से नहीं,
बल्कि प्रेम की गहराई और रिश्तों की मर्यादा से पहचाने जाते हैं......
माधव.........! ❤️🙏
आप तो हर किसी के लिए वही हैं,
जिस भाव से वह आपको अपने हृदय में बसाता है......
फिर भी यह संसार दर-दर क्यों भटक रहा है?
आख़िर ऐसी कौन-सी चाहत है,
जिसे पाकर भी मनुष्य का मन तृप्त नहीं होता......
ऐसी कौन-सी मंज़िल है,
जिसकी तलाश में इंसान बचपन से जवानी
और जवानी से बुढ़ापे तक दौड़ता रहता है......
जिस सुख को पाने के लिए वह पूरी उम्र गुज़ार देता है,
उसी सुख की अनुभूति के लिए
वह आपके चरणों में कुछ पल बिताना चाहता है......
पर माधव,
आपकी शरण में आकर ही तो समझ आता है
कि जिसे हम पूरी दुनिया में खोजते रहे,
वह सुकून तो आपके प्रेम में ही छिपा था......
जिस खुशी के लिए उम्र भर भटकते रहे,
वह आपके नाम में मिली......
जिस शांति के लिए न जाने कितने रास्ते चुने,
वह आपके चरणों में आकर मिली......
आख़िर में समझ आया, माधव,
कि ज़िंदगी भर जिस सुख की तलाश थी,
वह कोई मंज़िल नहीं,
बस आपका सान्निध्य था...... ❤️🥹🙏
राधे राधे!
आपसे मेरा रिश्ता कुछ ऐसा है कि
हर रिश्ते में बस आप ही नज़र आते हैं......
जब आप मेरे सखा बनते हैं,
तो ज़िंदगी फूलों की खुशबू-सी महक उठती है......
जब मैया आपको दुलारती हैं,
तो आपमें मुझे अपना भाई नज़र आता है......
जब कोई आपको मेरी गोद में सौंपकर जाता है,
तो आपकी मासूमियत में मुझे पूरी दुनिया दिखाई देती है......
जब कोई सच्चे प्रेम की बात करता है,
तो मेरी आँखों के सामने राधारानी और आपका पावन प्रेम आ जाता है......
जब कोई पवित्रता का अर्थ समझाता है,
तो मुझे आपमें सोलह हज़ार रानियों के प्रिय पति श्रीकृष्ण दिखाई देते हैं......
और जब कोई आपको छलिया कहता है,
तो मुझे मेरे माधव याद आते हैं,
जो छल के नाम से नहीं,
बल्कि प्रेम की गहराई और रिश्तों की मर्यादा से पहचाने जाते हैं......
माधव.........! ❤️🙏
आप तो हर किसी के लिए वही हैं,
जिस भाव से वह आपको अपने हृदय में बसाता है......
फिर भी यह संसार दर-दर क्यों भटक रहा है?
आख़िर ऐसी कौन-सी चाहत है,
जिसे पाकर भी मनुष्य का मन तृप्त नहीं होता......
ऐसी कौन-सी मंज़िल है,
जिसकी तलाश में इंसान बचपन से जवानी
और जवानी से बुढ़ापे तक दौड़ता रहता है......
जिस सुख को पाने के लिए वह पूरी उम्र गुज़ार देता है,
उसी सुख की अनुभूति के लिए
वह आपके चरणों में कुछ पल बिताना चाहता है......
पर माधव,
आपकी शरण में आकर ही तो समझ आता है
कि जिसे हम पूरी दुनिया में खोजते रहे,
वह सुकून तो आपके प्रेम में ही छिपा था......
जिस खुशी के लिए उम्र भर भटकते रहे,
वह आपके नाम में मिली......
जिस शांति के लिए न जाने कितने रास्ते चुने,
वह आपके चरणों में आकर मिली......
आख़िर में समझ आया, माधव,
कि ज़िंदगी भर जिस सुख की तलाश थी,
वह कोई मंज़िल नहीं,
बस आपका सान्निध्य था...... ❤️🥹🙏
राधे राधे!
❤7🫡1
बस इतना याद रखना
जो तुमसे है वो किसी और से नही
तुमसे बात करके जो सुकून मिलता है
वो किसी और की बातों मे नही
तुम्हारी फिक्र दिल खुद करता है
तुम्हारी कमी बिना कहे महसूस होती है
तुम पास रहो या दूर
दिल मे तुम्हारी जगह वही रहेगी
कुछ एहसास सिर्फ एक शख्स से होते है
और मेरे लिए वो शख्स तुम हो
जो तुमसे है वो किसी और से नही
तुमसे बात करके जो सुकून मिलता है
वो किसी और की बातों मे नही
तुम्हारी फिक्र दिल खुद करता है
तुम्हारी कमी बिना कहे महसूस होती है
तुम पास रहो या दूर
दिल मे तुम्हारी जगह वही रहेगी
कुछ एहसास सिर्फ एक शख्स से होते है
और मेरे लिए वो शख्स तुम हो
❤10🕊2
माधव बहुत हार गयी हूँ,
बुला लो मुझे अपने पास।
मैं अब जीने लायक नहीं बची हूँ।माधव ने
हल्कि सी बांसुरी की धुन
सुनाई और कहा, थक कर
बैठ जाना ये कोई हल नहीं।
हर बात में खुदको कोसना ये कोई समझदारी
वाली बात नहीं।
फिर भी तुम्हे लगे कभी कुछ अधूरा
सखी,तो देखना दर्पण में।
आंखे मैंने तुम्हे शरीफ दो नहीं, एक तीसरी आँख
भी दी है सखी,ताकि
तुम अपने भीतर के प्रकाश को
पहचान सको।हो कभी
शंका खुद पर, तो मेरा
नाम ले लेना। मैं प्रेम
से भरा ईश्वर हूँ, काल
का विरोधी।आने वाला कल्कि
अवतार भी हूँ।तुम्हारे इस
दुनिया में आने की बहुत सी वजहें है।
कुछ कर्म पूरे हो चुके है,
कुछ कर्म अभी बाकि हैँ सखी।
कुछ तुम्हे पूरा मिल गया, तो कुछ अधूरा भी रह गया।
अब उस अधरे को पूरा करना
तुम्हारा धर्म है सखी।
राधे का नाम लेकर आगे बढ़ो।
हार मान लेने से मोक्ष नहीं मिलता।
अगर यूँही डर कर हार जाओगी,
तो फिर से यही जन्म यही परीक्षाये
तुम्हारा इंतजार करेंगी।
जब तक इस युग मे तुम्हारा कार्य
पूर्ण नहीं होता,
तबतक तुम्हारी कहानी का कोई विराम
नहीं होगा।
तुम बस मुझे याद करो और अपना कर्म करती
करती जाओ सखी।
जिस दिन तुम लड़ना सीख जाओगी।
जिस दिन हार मानना छोड़ दोगी,
उस दिन मैं स्वयं राधे को भेजूंगा
वो तुम्हारा हाँथ थाम कर मेरे पास लेकर
आएंगी सखी,और तब मोक्ष
और यूँ हार कर प्राण लेने की बात करना
इनका अंतर तुम्हे स्वयं
समझाएँगी सखी।
कान्हा का उत्तर...
बुला लो मुझे अपने पास।
मैं अब जीने लायक नहीं बची हूँ।माधव ने
हल्कि सी बांसुरी की धुन
सुनाई और कहा, थक कर
बैठ जाना ये कोई हल नहीं।
हर बात में खुदको कोसना ये कोई समझदारी
वाली बात नहीं।
फिर भी तुम्हे लगे कभी कुछ अधूरा
सखी,तो देखना दर्पण में।
आंखे मैंने तुम्हे शरीफ दो नहीं, एक तीसरी आँख
भी दी है सखी,ताकि
तुम अपने भीतर के प्रकाश को
पहचान सको।हो कभी
शंका खुद पर, तो मेरा
नाम ले लेना। मैं प्रेम
से भरा ईश्वर हूँ, काल
का विरोधी।आने वाला कल्कि
अवतार भी हूँ।तुम्हारे इस
दुनिया में आने की बहुत सी वजहें है।
कुछ कर्म पूरे हो चुके है,
कुछ कर्म अभी बाकि हैँ सखी।
कुछ तुम्हे पूरा मिल गया, तो कुछ अधूरा भी रह गया।
अब उस अधरे को पूरा करना
तुम्हारा धर्म है सखी।
राधे का नाम लेकर आगे बढ़ो।
हार मान लेने से मोक्ष नहीं मिलता।
अगर यूँही डर कर हार जाओगी,
तो फिर से यही जन्म यही परीक्षाये
तुम्हारा इंतजार करेंगी।
जब तक इस युग मे तुम्हारा कार्य
पूर्ण नहीं होता,
तबतक तुम्हारी कहानी का कोई विराम
नहीं होगा।
तुम बस मुझे याद करो और अपना कर्म करती
करती जाओ सखी।
जिस दिन तुम लड़ना सीख जाओगी।
जिस दिन हार मानना छोड़ दोगी,
उस दिन मैं स्वयं राधे को भेजूंगा
वो तुम्हारा हाँथ थाम कर मेरे पास लेकर
आएंगी सखी,और तब मोक्ष
और यूँ हार कर प्राण लेने की बात करना
इनका अंतर तुम्हे स्वयं
समझाएँगी सखी।
कान्हा का उत्तर...
❤6😢2❤🔥2
Yeh raat aur iski baatein kuch alag si hain, janaab…
Yun toh raatein hoti rehti hain......
Lekin aaj ki raat mein kuch baat alag hai…...
Khamoshi bhi zor-zor se chilla rahi hai, janaab,
Jaise andar hi andar koi dard phir se jag raha hai…
Kya phir se andar se toot jayenge hum?
Kya phir se khud ko sambhaal paayenge?
Badi mushkil se toh hausla jutaaya hai,
Kahin phir se bikhar kar apna hausla na kho dein, janaab…........
Yun toh raatein hoti rehti hain......
Lekin aaj ki raat mein kuch baat alag hai…...
Khamoshi bhi zor-zor se chilla rahi hai, janaab,
Jaise andar hi andar koi dard phir se jag raha hai…
Kya phir se andar se toot jayenge hum?
Kya phir se khud ko sambhaal paayenge?
Badi mushkil se toh hausla jutaaya hai,
Kahin phir se bikhar kar apna hausla na kho dein, janaab…........
❤13👍1😈1
Yeh bechaini mujhe andar hi andar ghutti ja rahi hai, janaab,
Na jaane kyun zindagi mujhse roothi ja rahi hai….....
Kabhi dil udaas, toh kabhi aankhein nam hain,
Na jaane mere andar kitne dard dafan hain…
Kya mere aansu kabhi tham payenge?
Kya is dil ko kabhi sukoon mil payega?
Ek sawaal hai, janaab, kya koi aisa bhi milega,
Jo bina kahe mere dil ka haal samajh lega…
Ki humein dil mein ek malaal reh jaayega, janaab,
Kabhi manzil na mili, iska khayaal aur malaal dono reh jaayega…
Na jaane kyun zindagi mujhse roothi ja rahi hai….....
Kabhi dil udaas, toh kabhi aankhein nam hain,
Na jaane mere andar kitne dard dafan hain…
Kya mere aansu kabhi tham payenge?
Kya is dil ko kabhi sukoon mil payega?
Ek sawaal hai, janaab, kya koi aisa bhi milega,
Jo bina kahe mere dil ka haal samajh lega…
Ki humein dil mein ek malaal reh jaayega, janaab,
Kabhi manzil na mili, iska khayaal aur malaal dono reh jaayega…
❤8🔥1
मेरी लाश को कहीं वीराने में सड़ने दो
मुक्ति की गुंजाइश न रहे, मुझे मेरे कुकर्म भुगतने दो
कुछ बेहतर कर सको तो हर तरह के कीड़े छोड़ दो लाश पर
हो सके तो किसी पैनी चीज़ से वार कर दो कंकाल पर
मेरे अपनों की स्मृतियां भी वहां छोड़ देना
जिसे याद कर मेरी आत्मा तड़पनी चाहिए
पिंडदान नहीं करो मेरा
मेरी आत्मा जन्मों-जन्मांतर भटकनी चाहिए
मेरे काले कर्मों से काला शैतान ही जन्म लेगा
तो उसे हर तरह से तड़पाना है
विश्वास करो वह डरेगा पवित्र चीजों से
तो उसे कैद कर किसी पवित्र स्थान पर ही ले जाना है
उसे चीखने दो, चिल्लाने दो और पाप की आग में जलने दो
इसीलिए
मेरी लाश को कहीं वीराने में सड़ने दो
मेरी लाश को कहीं वीराने में सड़ने दो
मुक्ति की गुंजाइश न रहे, मुझे मेरे कुकर्म भुगतने दो
कुछ बेहतर कर सको तो हर तरह के कीड़े छोड़ दो लाश पर
हो सके तो किसी पैनी चीज़ से वार कर दो कंकाल पर
मेरे अपनों की स्मृतियां भी वहां छोड़ देना
जिसे याद कर मेरी आत्मा तड़पनी चाहिए
पिंडदान नहीं करो मेरा
मेरी आत्मा जन्मों-जन्मांतर भटकनी चाहिए
मेरे काले कर्मों से काला शैतान ही जन्म लेगा
तो उसे हर तरह से तड़पाना है
विश्वास करो वह डरेगा पवित्र चीजों से
तो उसे कैद कर किसी पवित्र स्थान पर ही ले जाना है
उसे चीखने दो, चिल्लाने दो और पाप की आग में जलने दो
इसीलिए
मेरी लाश को कहीं वीराने में सड़ने दो
मेरी लाश को कहीं वीराने में सड़ने दो
❤7❤🔥4
Is saal ki sabse badi seekh yahi mili ki.......
Life bahut khoobsurat hai, koshish karo akele jeene ki.......
Yahan har pal dhokha hai,
Kabhi dosti ka, toh kabhi saath ka,
Kabhi meethi baaton ka, toh kabhi jazbaaton ka...
Jinhe apna samjha, wahi ajnabi ban gaye,
Jin par bharosa kiya, wahi bharosa tod gaye...
Ab na kisi se koi ummeed rakhni hai,
Na kisi ke liye khud ko badalna hai,
Bas apni zindagi apne liye jeeni hai.....
Aur khud ke saath khush rehna seekhna hai...
Kyunki Janab,
Akele jeena seekh lijiye,
Yahan log zaroorat ke hisaab se badalte hain,
Aur waqt aane par apne bhi saath chhod jaate hain......
Life bahut khoobsurat hai, koshish karo akele jeene ki.......
Yahan har pal dhokha hai,
Kabhi dosti ka, toh kabhi saath ka,
Kabhi meethi baaton ka, toh kabhi jazbaaton ka...
Jinhe apna samjha, wahi ajnabi ban gaye,
Jin par bharosa kiya, wahi bharosa tod gaye...
Ab na kisi se koi ummeed rakhni hai,
Na kisi ke liye khud ko badalna hai,
Bas apni zindagi apne liye jeeni hai.....
Aur khud ke saath khush rehna seekhna hai...
Kyunki Janab,
Akele jeena seekh lijiye,
Yahan log zaroorat ke hisaab se badalte hain,
Aur waqt aane par apne bhi saath chhod jaate hain......
❤7😍1
माधव........❤️🙏
आप मेरे लिए क्या हो,
यह शब्दों में नहीं बता सकती मैं......
क्योंकि आपको बताने के लिए
शब्द भी कम पड़ जाएँगे......
आप मेरी शांति हो,
मेरे सुख का एहसास हो,
मेरे बेचैन मन का सुकून हो,
और मेरी मुस्कान की वजह हो......
माधव,
यह मन वीराने की तरह तड़पता रहता है,
लेकिन आप इसमें शांति बनकर आते हो......
जब मन में आग की तरह बेचैनी उठती है,
जब दिल में न जाने कितने तूफ़ान आते हैं,
तब आप पानी की तरह
मेरे मन को शीतल कर देते हो......
माधव........!
आप मेरे लिए क्या हो,
यह शायद मैं कभी शब्दों में नहीं बता पाऊँगी......
बस इतना जानती हूँ कि
जब मन कहीं भी शांति नहीं पाता,
तो आपका नाम लेकर सुकून मिलता है......
मुझे आपसे दुनिया की कोई बड़ी चीज़ नहीं चाहिए,
न कोई सुख, न कोई धन-दौलत......
बस आपके चरणों में
थोड़ी-सी जगह मिल जाए, माधव,
तो मेरी ज़िंदगी की सबसे बड़ी खुशी वही होगी......
आपके चरणों में थोड़ी-सी जगह हो,
आपके नाम का सहारा हो,
और मेरे मन में हमेशा आपका वास हो......
बस इतनी-सी कृपा कर दीजिए, माधव,
कि जीवन की हर राह पर
मेरा मन आपसे जुड़ा रहे......
राधे राधे 🙏
आप मेरे लिए क्या हो,
यह शब्दों में नहीं बता सकती मैं......
क्योंकि आपको बताने के लिए
शब्द भी कम पड़ जाएँगे......
आप मेरी शांति हो,
मेरे सुख का एहसास हो,
मेरे बेचैन मन का सुकून हो,
और मेरी मुस्कान की वजह हो......
माधव,
यह मन वीराने की तरह तड़पता रहता है,
लेकिन आप इसमें शांति बनकर आते हो......
जब मन में आग की तरह बेचैनी उठती है,
जब दिल में न जाने कितने तूफ़ान आते हैं,
तब आप पानी की तरह
मेरे मन को शीतल कर देते हो......
माधव........!
आप मेरे लिए क्या हो,
यह शायद मैं कभी शब्दों में नहीं बता पाऊँगी......
बस इतना जानती हूँ कि
जब मन कहीं भी शांति नहीं पाता,
तो आपका नाम लेकर सुकून मिलता है......
मुझे आपसे दुनिया की कोई बड़ी चीज़ नहीं चाहिए,
न कोई सुख, न कोई धन-दौलत......
बस आपके चरणों में
थोड़ी-सी जगह मिल जाए, माधव,
तो मेरी ज़िंदगी की सबसे बड़ी खुशी वही होगी......
आपके चरणों में थोड़ी-सी जगह हो,
आपके नाम का सहारा हो,
और मेरे मन में हमेशा आपका वास हो......
बस इतनी-सी कृपा कर दीजिए, माधव,
कि जीवन की हर राह पर
मेरा मन आपसे जुड़ा रहे......
राधे राधे 🙏
❤8
लिखना तो बहुत चाहती हूँ,
लेकिन क्या लिखूँ, समझ नहीं आता।
कुछ अधूरे अल्फ़ाज़ लिखूँ,
या कुछ अधूरे ख़्वाब लिखूँ।
दिल में जो बातें दफ़्न हैं,
उन्हें काग़ज़ पर उतारूँ या नहीं,
कुछ अनकहे एहसास लिखूँ,
या अपनी खामोशियों का हिसाब लिखूँ।
शायद कुछ भी पूरा लिखना संभव नहीं,
क्योंकि कुछ कहानियाँ अधूरी रहकर ही खूबसूरत लगती हैं।
लेकिन क्या लिखूँ, समझ नहीं आता।
कुछ अधूरे अल्फ़ाज़ लिखूँ,
या कुछ अधूरे ख़्वाब लिखूँ।
दिल में जो बातें दफ़्न हैं,
उन्हें काग़ज़ पर उतारूँ या नहीं,
कुछ अनकहे एहसास लिखूँ,
या अपनी खामोशियों का हिसाब लिखूँ।
शायद कुछ भी पूरा लिखना संभव नहीं,
क्योंकि कुछ कहानियाँ अधूरी रहकर ही खूबसूरत लगती हैं।
🔥4
ख़्वाहिश…❤️
मैं तो तुमसे हद से ज़्यादा प्यार करूँगी,
क्या तुम भी मुझसे उतना प्यार कर पाओगे?
मैं तुम्हारा ज़िंदगी भर साथ निभाने के लिए भी तैयार हूँ,
क्या तुम भी ज़िंदगी भर मेरा हाथ थामने के लिए तैयार हो?
सुना है, वक़्त आने पर प्यार बदल जाता है,
यार बदल जाता है, एहसास बदल जाता है,
क्या तुम मेरे लिए वैसे ही रह पाओगे,
जैसे तुमने मुझे चाहा था?
क्या तुम मुझे पाकर उतने ही ख़ुश हो पाओगे,
जितनी ख़ुश मैं तुम्हें पाकर हो जाऊँगी?
क्या तुम मेरे प्यार का मान हमेशा रख पाओगे?
क्या तुम भी मुझसे पागलों जैसा प्यार कर पाओगे,
जैसा प्यार मैं तुमसे करना चाहती हूँ?
मैं तो तुमसे पागलों जैसा प्यार कर लूँगी,
क्या तुम भी मुझसे वैसा ही प्यार कर पाओगे?
❤5
दिल में रहकर दिल पर वार करते हो,
मोहब्बत है हमसे आशिक़ों की तरह....
ये बात बार-बार कहते हो।
फिर भी न जाने कितनी जगह
मुँह मारते फिरते हो,
ज़रा ये तो बताओ........
आख़िर इसे कौन-सा प्यार कहते हो?
मोहब्बत है हमसे आशिक़ों की तरह....
ये बात बार-बार कहते हो।
फिर भी न जाने कितनी जगह
मुँह मारते फिरते हो,
ज़रा ये तो बताओ........
आख़िर इसे कौन-सा प्यार कहते हो?
💔🥀
🔥4
प्रेम से भागता हुआ पुरुष,
इश्क़ से नहीं, उस वीराने से डरता है,
जो किसी के जाने के बाद
उसकी रूह में खाली छूट जाता है।
वह बखूबी जानता है यह फ़रेब-ए-वफ़ा,
कि जिसे भी वह सौंपेगा अपना दिल,
वही शख्स एक रोज़
उसकी सबसे दुखती रग बन जाएगा।
इसलिए अब वह महफ़िलों से किनारा कर लेता है,
लफ़्ज़ों को होंठों के पीछे ही क़ैद रखता है,
बस एक सादी-सी मुस्कुराहट उछाल कर
ख़ामोशी से अपनी तन्हाई में लौट आता है।
क्योंकि वह देख चुका है यह तिलिस्म करीब से—
इश्क़ जितना हसीन दिखता है बाहर से,
अंदर से इंसान को उतना ही बेदर्दी से तोड़ देता है।
इश्क़ से नहीं, उस वीराने से डरता है,
जो किसी के जाने के बाद
उसकी रूह में खाली छूट जाता है।
वह बखूबी जानता है यह फ़रेब-ए-वफ़ा,
कि जिसे भी वह सौंपेगा अपना दिल,
वही शख्स एक रोज़
उसकी सबसे दुखती रग बन जाएगा।
इसलिए अब वह महफ़िलों से किनारा कर लेता है,
लफ़्ज़ों को होंठों के पीछे ही क़ैद रखता है,
बस एक सादी-सी मुस्कुराहट उछाल कर
ख़ामोशी से अपनी तन्हाई में लौट आता है।
क्योंकि वह देख चुका है यह तिलिस्म करीब से—
इश्क़ जितना हसीन दिखता है बाहर से,
अंदर से इंसान को उतना ही बेदर्दी से तोड़ देता है।
❤5🔥3💯1
वो कहते हैं कि हम आपसे मोहब्बत करते हैं, लेकिन न जाने क्यों, उनके होंठों पर बार-बार किसी और का ज़िक्र रहता है।
ये कैसा इश्क़ है जनाब, जहाँ आँखों में हमारे लिए मोहब्बत और लफ़्ज़ों में किसी और का इज़हार रहता है।
ये कैसा इश्क़ है जनाब, जहाँ आँखों में हमारे लिए मोहब्बत और लफ़्ज़ों में किसी और का इज़हार रहता है।
🥀💔
❤6🔥5😁3👏2
जुल्मी जब-जब जुल्म करेगा सत्ता के गलियारों से,
चप्पा-चप्पा गूंज उठेगा इंकलाब के नारों से!"
जो देश के काम न आए वो बेकार जवानी है,
जो क्रांति की राह पर चले वही असली हिंदुस्तानी है।
चप्पा-चप्पा गूंज उठेगा इंकलाब के नारों से!"
जो देश के काम न आए वो बेकार जवानी है,
जो क्रांति की राह पर चले वही असली हिंदुस्तानी है।
❤16
अब शिकायत भी आख़िर किससे करें,
जिसे हमारे आँसू तक दिखाई नहीं देते,
वो हमारे दर्द को क्या समझेंगे…....
जो हमारी ख़ामोशी को नहीं पढ़ सके, वो हमारी तकलीफ़ को क्या महसूस करेंगे।
जिसे हमारे आँसू तक दिखाई नहीं देते,
वो हमारे दर्द को क्या समझेंगे…....
जो हमारी ख़ामोशी को नहीं पढ़ सके, वो हमारी तकलीफ़ को क्या महसूस करेंगे।
🥀💔
❤6🔥4
माधव... 🦚
अगर यह पिछले जन्म के पापों का फल है, तो मुझे हर परिणाम मंज़ूर है, माधव। लेकिन एक प्रश्न है, जिसका उत्तर मुझे आज तक नहीं मिला.......
मुझे तो याद ही नहीं कि मैंने पिछले जन्म में किसके साथ क्या किया था, कौन-सा पाप किया था, किसका दिल दुखाया था। फिर मेरे कर्मों का हिसाब मुझे याद क्यों नहीं है, माधव?
जब मुझे अपने ही अपराध का बोध नहीं, तो क्या मुझे दोषी ठहराना उचित है? क्या बिना गलती जाने, बिना अपराध समझे, इतना सब सहना उचित है?
माधव, अगर यह मेरे कर्मों का फल है, तो मुझे इतना तो बता दीजिए कि आखिर मेरा अपराध क्या है?
यह कैसी न्याय की रीति है, माधव, जहाँ सज़ा तो मिल रही है, लेकिन गुनाह याद ही नहीं है?
मैं आपके न्याय पर प्रश्न नहीं उठाना चाहती, माधव, बस अपने मन में उठते इन सवालों का उत्तर चाहती हूँ।
आखिर ऐसा कौन-सा हिसाब बाकी है, जिसे चुकाते-चुकाते मेरा मन थक गया है?
बताइए न, माधव... क्या हर पीड़ा सहना ही मेरे भाग्य में लिखा है, या कभी मेरे हिस्से में भी शांति आएगी?
❤11