Sanatani Balika🚩
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माँ पीतांबरा, माता बगलामुखी महारानी के आज के नित्य दर्शन

प्राप्त : कालीन दर्शन...!

दिनांक...01-03-2026

माता रानी का आशीर्वाद हम सब पर बना रहे....

सर्व सिद्ध पीठ माँ बगलामुखी माता नल अनुविभागीय अधिकारी आगर मालवा मध्य प्रदेश।

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राधे राधे 🙏🌼🚩

🙏संत भगवान द्वारा आज के श्री वचन :-

" रात-दिन नाम और मंत्र जपना ही गुरु का आश्रय है।"

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🌷🙏जय श्री कृष्णा🙏🌷
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः
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ओ मेरे प्यारे कान्हा जी...🙏❣️
जब सारे रास्ते बंद हो गए तब तुम्हारे
ही श्री चरणों में आकर बैठ गई अब
ना कोई प्रश्न बचा अब ना कोई उत्तर
बस अधरों पे मौन और आंखों में नमी
सी ठहर गई प्यारे....हरि बोल🙏❣️
🙏श्री कुंज बिहारी श्री हरिदास🙏
🌷🙏जय जय श्री राधे🙏🌷
राधे राधे राधे राधे राधे राधे राधे राधे
राधे राधे राधे राधे राधे राधे राधे राधे
🌷🙏राधे राधे जी🙏🌷
🦚🦚🦚🦚🦚🦚🦚🦚🦚
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Sanatani Balika🚩
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हर महीने की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत किया जाता है। हालांकि, अलग-अलग दिन प्रदोष व्रत होने से इसका नाम अलग हो जाता है। जैसे रविवार के दिन रवि प्रदोष व्रत। इस व्रत को करने से व्यक्ति पर भगवान शिव की विशेष कृपा होती है साथ ही उसकी सारी मनोकामाएं पूरी होती हैं। इस दिन व्रत के साथ साथ कथा का पौराणिक कथा का पाठ करने से व्यक्ति को व्रत का पूरा लाभ मिलता है। पढ़ें रवि प्रदोष व्रत की संपूर्ण कथा।

श्री सूतजी कहते हैं, हे विद्वानों और शिवभक्तों! आप सभी भगवान शिव के परम भक्त हैं। आपकी भक्ति को देखकर मैं आज एक व्रती ब्राह्मण की कथा कहता हूं, जिसे सुनना और उसका स्मरण करना हर भक्त के लिए कल्याणकारी होता है।

एक समय की बात है, एक गांव में अत्यंत निर्धन ब्राह्मण परिवार निवास करता था। उस ब्राह्मण की पत्नी अत्यंत धार्मिक और साध्वी थी, जो श्रद्धा पूर्वक नियमित रूप से प्रदोष व्रत किया करती थी। इस दंपत्ति का एकमात्र पुत्र था, जो उनका परम प्रिय था। एक दिन वह बालक गंगा स्नान के लिए अकेले ही निकल पड़ा।
रास्ते में दुर्भाग्यवश कुछ डाकुओं ने उसे घेर लिया। उन्होंने बालक को धमकाते हुए कहा, "हम तुझे हानि नहीं पहुंचाएंगे, लेकिन तू हमें अपने पिता के छिपे हुए धन के बारे में बता दे।" बालक ने डरते हुए और विनम्रता से उत्तर दिया, "बंधुओं! हम अत्यंत निर्धन हैं। हमारे पास छिपाने योग्य कुछ भी नहीं है।" चोरों ने संदेहपूर्वक पूछा, "फिर तेरे पास यह पोटली किसलिए है?" बालक ने सरलता से उत्तर दिया, "मेरी मां ने मेरे लिए इसमें रोटियां रखी हैं।" यह सुनकर डाकु आपस में बोले, "यह तो सचमुच गरीब है, इससे कुछ नहीं मिलेगा। चलो किसी और को ढूंढ़ते हैं।" और वे उसे बिना हानि पहुंचाए छोड़कर चले गए।

बालक आगे बढ़ते हुए एक नगर पहुंचा। नगर के बाहर एक विशाल बरगद का वृक्ष था। थकावट के कारण वह बालक उसी वृक्ष की छांव में लेट गया और वहीं सो गया। उसी समय नगर के सिपाही डाकुओं की खोज में वहां पहुंचे। उन्होंने उस सोते हुए बालक को देखकर संदेहवश उसे चोर समझ लिया और बंदी बनाकर राजा के समक्ष प्रस्तुत किया। राजा ने बिना जांच-पड़ताल किए बालक को कारावास में डालने का आदेश दे दिया।

इधर, उसी रात बालक की मां ने प्रदोष व्रत किया और भगवान शिव की भक्ति में लीन रही। उसी रात्रि राजा को स्वप्न में भगवान शिव ने दर्शन दिए और कहा, "जिस बालक को तुमने बंदी बनाया है, वह निर्दोष है। यदि प्रातःकाल उसे मुक्त नहीं किया गया, तो तुम्हारा राज्य और वैभव समाप्त हो जाएगा।"
सुबह होते ही राजा भयभीत होकर उठा और बालक को बुलवाकर उससे पूरी घटना पूछी। बालक ने रोते हुए सारी सच्चाई कह सुनाई। राजा ने सत्य जानने के बाद सिपाहियों को आदेश दिया कि बालक के माता-पिता को नगर में बुलवाया जाए।
जब वे पहुंचे, तो राजा ने उन्हें सांत्वना दी और कहा, "तुम निश्चिंत रहो, तुम्हारा पुत्र निर्दोष है। शिव की कृपा से तुम पर संकट आया था, लेकिन अब वह टल गया है।" राजा ने उनकी दरिद्रता देखकर उन्हें पांच गांव दान में दे दिए। इसके बाद वह ब्राह्मण परिवार सुख और समृद्धि से भर गया। शिव की कृपा और प्रदोष व्रत के प्रभाव से उनका जीवन आनंदमय हो गया।

अत: जो भी मनुष्य रवि प्रदोष व्रत को करता है, वह सुखपूर्वक और निरोगी होकर अपना पूर्ण जीवन व्यतीत करता है।

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ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे

माँ गढ़कालिका माता जी का आज 01 मार्च 2026 दिन रविवार प्रातः आरती श्रृंगार दर्शन 🙏🔱🌺

मेरी प्यारी माँ🙏❤️

जय माँ गढ़कालिका 🙏🔱

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03 मार्च 2026 दिन मंगलवार को है " पूर्ण चंद्रग्रहण "

ग्रहण प्रारंभ - शाम 06:26 से
ग्रहण समाप्ति - शाम 06:49 तक रहेगा
सूतक काल प्रारंभ होगा ग्रहण काल से 9 घंटे पूर्व

ग्रहण के दौरान क्या करना चाहिए और क्या नहीं? .... विशेष कर गर्भवती महिलाओं को ग्रहण काल में क्या करना चाहिए?
👆जाने वीडियो के माध्यम से

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❤️मेरी सुन्दरी माई और मेरे महाकाल ❤️

🔱 जगत पिता अवंतिका नरेश अनंत कोटि ब्रह्मांड नायक राजाधिराज योगिराज मृत्यलोकाधिपति कालों के काल बाबा महाकाल

🔱जगत जननी आदि शक्ति भगवती भवानी मां हरसिद्धि माता
🙏🪷

दिनांक 01 मार्च 2026 राजसंध्याकालीन आरती श्रृंगार दर्शन उज्जैन

🕉सांब सदाशिव 🙏🔱🚩
🕉जय मां हरसिद्धि जय श्री महाकाल🔱🚩

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🚩 जय सत्य सनातन 🚩

🚩 आज का पञ्चाङ्ग 🚩

🌥️ 🚩युगाब्द-५१२७
🌥️ 🚩विक्रम संवत-२०८२
⛅ 🚩तिथि - चतुर्दशी शाम ०५:५५ तक तत्पश्चात् पूर्णिमा


https://t.me/sanatanibalika

⛅ दिनांक - ०२ मार्च २०२६
⛅ दिन - सोमवार
⛅ अयन - उत्तरायण
⛅ ऋतु - वसंत
⛅ मास - फाल्गुन
⛅ पक्ष - शुक्ल
⛅ नक्षत्र - अश्लेशा प्रातः ०७:५१ तक तत्पश्चात् मघा
⛅ योग - अतिगण्ड दोपहर १२:१९ तक तत्पश्चात् सुकर्मा
⛅ राहुकाल - सुबह ०८:१६ से  सुबह ०९:४४ तक (उज्जैन मानक समयानुसार)
⛅ सूर्योदय - ०६:४८
⛅ सूर्यास्त - ०६:३० (सूर्योदय एवं सूर्यास्त उज्जैन मानक समयानुसार)
⛅ दिशा शूल - पूर्व दिशा में
⛅ ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः ०५:१० से प्रातः ०५:५९ तक (उज्जैन मानक समयानुसार)
⛅ अभिजीत मुहूर्त - दोपहर १२:१६ से दोपहर ०१:०३ तक (उज्जैन मानक समयानुसार)
⛅ निशिता मुहूर्त - मध्यरात्रि १२:१४ से मध्यरात्रि ०१:०३ तक (उज्जैन मानक समयानुसार)
🌥️ व्रत पर्व विवरण - हुताशनी पूर्णिमा, होलिका दहन
🌥️ विशेष - चतुर्दशी, पूर्णिमा और व्रत के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: २७.२९-३४)


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🔹गार्हस्थ्य ब्रह्मचर्य🔹

🔸श्री मनु महाराज ने गृहस्थाश्रम में ब्रह्मचर्य की व्याख्या इस प्रकार की हैः

🔸अपनी धर्मपत्नी के साथ केवल ऋतुकाल में समागम करना, इसे गार्हस्थ्य ब्रह्मचर्य कहते हैं।

🔸रजोदर्शन के प्रथम दिन से सोलहवें दिन तक ऋतुकाल माना जाता हैं। इसमें मासिक धर्म की चार रात्रियाँ तथा ग्यारहवीं व तेरहवीं रात्रि निषिद्ध हैं। शेष दस रात्रियों से दो सुयोग्य रात्रियों में स्वस्त्री-गमन करने वाला व्यक्ति गृहस्थ ब्रह्मचारी हैं।

🔸इस प्रकार आहार, निद्रा व ब्रह्मचर्य का युक्तिपूर्वक सेवन व्यक्ति को स्वस्थ, सुखी व सम्मानित जीवन की प्राप्ति में सहायक होता हैं।


            जय श्री राम
    🚩  हिन्दू राष्ट्र भारत 🚩


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🙏🏻🙏🏻🚩 आज दिनांक - 02 मार्च 2026 (सोमवार) प्रातःकाल भस्म आरती श्रृंगार दर्शन श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग उज्जैन मध्यप्रदेश से   🚩🙏🏻

ॐ जय श्री महाकालेश्वराय नमः🙏

श्री शिवाय नमस्तुभ्यं
जय श्री महाकाल 🙏🔱🚩

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🌸🕉🙏🔱श्री काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग के आज के मंगला आरती श्रृंगार के दिव्य दर्शन 02/03/2026 श्री काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग मंदिर से 🔱🚩🙏

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🌹🙏जय श्री कृष्णा🙏🌹
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः
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श्री राधे.....🙏❣️🙏
!!...श्री कृष्ण कहते है...!!
जीवन में अगर तुम खुश रहना
चाहते हो तो स्वयं को वह शांत
सरोवर बनाओ.....जिसमें कोई
अंगार भी फेंके तो व खुद-ब-खुद
बुझ जाए...हरेकृष्णा हरिबोल🙏❣️
🙏श्री कुंज बिहारी श्री हरिदास🙏
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आपको एवं आपके समस्त परिवार
को होलिका दहन की बहुत बहुत
हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई
☺️🙏हैप्पी होली🙏☺️
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🌹🙏जय जय श्री राधे🙏🌹
राधे राधे राधे राधे राधे राधे राधे राधे
राधे राधे राधे राधे राधे राधे राधे राधे
🌹🙏राधे राधे जी🙏🌹
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ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे

माँ गढ़कालिका माता जी का आज 02 मार्च 2026 दिन सोमवार प्रातः आरती श्रृंगार दर्शन 🙏🔱🌺

मेरी प्यारी माँ🙏❤️

जय माँ गढ़कालिका 🙏🔱

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जय माँ हरसिद्धि माता 🙏🌺

जगत जननी माँ श्री शिवपटरानी सिद्ध शक्तिपीठ माँ हरसिद्धि माता मंगला आरती श्रृंगार दर्शन आज दिनांक 02 मार्च 2026 दिन सोमवार

🌺🌸जय माता दी🌸🌺

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जगत जननी राजराजेश्वरी माँ शारदा भवानी जी के आज दिनांक 02 मार्च 2026 दिन सोमवार के मंगला आरती श्रृंगार दर्शन
मैहर,मध्यप्रदेश

जय हो माई की
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राधे राधे 🙏🌼🚩

🙏संत भगवान द्वारा आज के श्री वचन :-

" भगवान जी ने भजन के लिए सुविधा दी है।"

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होलिका पूजन मुहूर्त (भद्रा-काल विवरण सहित)

02 मार्च 2026, सोमवार

जेलपोणी- सन्ध्याकाल 5.57 से पहले (भद्रा प्रारम्भ होने से पहले)

भद्रा-प्रारम्भ- सन्ध्याकाल 5.57 से प्रारम्भ

भद्रा-पुच्छ- रात्रि 1.25 से 1.37 के मध्य

होलिका दहन- भद्रा-पुच्छ काल में (रात्रि 1.25 से 2.37 के मध्य)

चन्द्र-ग्रहण काल विवरण

03 मार्च 2026, मंगलवार

सूतक प्रारम्भ-प्रातः 6.20 से

ग्रहण-स्पर्श- अपरान्ह 3.20 से

ग्रहण-मोक्ष- सन्ध्याकाल 6.47 पर

ग्रहणपर्वकाल- क्षेत्रानुसार चन्द्रोदयकाल से सन्ध्याकाल 6.47 पर्यन्त

नोट- सामान्येन सूतककाल में बालक, वृद्ध, रोगी को छोड़कर, अन्य सभी के लिये भोजन निषिद्ध है। बालक, वृद्ध, रोगी को पथ्याहार अपनी-अपनी विवशतानुसार ग्रहण कर सकते हैं। ग्रहणकाल में अपने-अपने श्रीआचार्यदेव (श्रीसद्‌गुरुदेव) की आज्ञानुसार जप, सङ्कीर्तनादि करना चाहिये।

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